ब्यावर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, लांबिया ग्राम में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। गांव के कई घरों में नलों से गंदा, मटमैला और तेज बदबूदार पानी आने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। इस दूषित पानी के कारण उनमें बीमारियों का भय बढ़ गया है, साथ ही स्वच्छ पेयजल के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी उपयोग योग्य नहीं है और उन्हें इसे नालियों में बहाना पड़ रहा है। ग्रामीण जेठाराम लिंबा ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनके घर की पेयजल लाइन से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत जलदाय विभाग को देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। पीने योग्य न होने के कारण उनके परिवार को अन्य स्रोतों से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। संवाददाता नेमदास वैष्णव ने भी मौके पर पानी का जायजा लिया, जो रंगीन और अत्यधिक बदबूदार था, जिसके पास थोड़ी देर खड़ा रहना भी मुश्किल था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और उन्हें मुंहमांगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि जल जीवन मिशन और जलदाय विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन में बार-बार लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति लगातार प्रभावित होती रहती है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत कई अधूरे कार्यों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य मार्गों को खोदा गया था, लेकिन ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई, जिससे जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पेयजल पाइपलाइन की तकनीकी जांच करवाकर दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, लीकेज को दूर किया जाए और अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस मामले में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि किसी उपभोक्ता के पुराने पेयजल कनेक्शन में लीकेज है, जिससे आपूर्ति के दौरान गंदा पानी मिल रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग जल्द ही संबंधित लीकेज को ठीक करके पेयजल आपूर्ति को सुचारु और स्वच्छ बनाएगा।
ब्यावर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, लांबिया ग्राम में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। गांव के कई घरों में नलों से गंदा, मटमैला और तेज बदबूदार पानी आने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। इस दूषित पानी के कारण उनमें बीमारियों का भय बढ़ गया है, साथ ही स्वच्छ पेयजल के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी उपयोग योग्य नहीं है और उन्हें इसे नालियों में बहाना पड़ रहा है। ग्रामीण जेठाराम लिंबा ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनके घर की पेयजल लाइन से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत जलदाय विभाग को देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। पीने योग्य न होने के कारण उनके परिवार को अन्य स्रोतों से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। संवाददाता नेमदास वैष्णव ने भी मौके पर पानी का जायजा लिया, जो रंगीन और अत्यधिक बदबूदार था, जिसके पास थोड़ी देर खड़ा रहना भी मुश्किल था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और उन्हें मुंहमांगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि जल जीवन मिशन और जलदाय विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन में बार-बार लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति लगातार प्रभावित होती रहती है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत कई अधूरे कार्यों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य मार्गों को खोदा गया था, लेकिन ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई, जिससे जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पेयजल पाइपलाइन की तकनीकी जांच करवाकर दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, लीकेज को दूर किया जाए और अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस मामले में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि किसी उपभोक्ता के पुराने पेयजल कनेक्शन में लीकेज है, जिससे आपूर्ति के दौरान गंदा पानी मिल रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग जल्द ही संबंधित लीकेज को ठीक करके पेयजल आपूर्ति को सुचारु और स्वच्छ बनाएगा।
- ब्यावर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, लांबिया ग्राम में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। गांव के कई घरों में नलों से गंदा, मटमैला और तेज बदबूदार पानी आने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। इस दूषित पानी के कारण उनमें बीमारियों का भय बढ़ गया है, साथ ही स्वच्छ पेयजल के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी उपयोग योग्य नहीं है और उन्हें इसे नालियों में बहाना पड़ रहा है। ग्रामीण जेठाराम लिंबा ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनके घर की पेयजल लाइन से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत जलदाय विभाग को देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। पीने योग्य न होने के कारण उनके परिवार को अन्य स्रोतों से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। संवाददाता नेमदास वैष्णव ने भी मौके पर पानी का जायजा लिया, जो रंगीन और अत्यधिक बदबूदार था, जिसके पास थोड़ी देर खड़ा रहना भी मुश्किल था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और उन्हें मुंहमांगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि जल जीवन मिशन और जलदाय विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन में बार-बार लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति लगातार प्रभावित होती रहती है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत कई अधूरे कार्यों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य मार्गों को खोदा गया था, लेकिन ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई, जिससे जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पेयजल पाइपलाइन की तकनीकी जांच करवाकर दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, लीकेज को दूर किया जाए और अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस मामले में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि किसी उपभोक्ता के पुराने पेयजल कनेक्शन में लीकेज है, जिससे आपूर्ति के दौरान गंदा पानी मिल रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग जल्द ही संबंधित लीकेज को ठीक करके पेयजल आपूर्ति को सुचारु और स्वच्छ बनाएगा।1
- डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल एक वृद्ध महिला को बिना एंबुलेंस का इंतजार किए अपनी सरकारी गाड़ी से तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया। यह घटना तब हुई जब शहर के अऊ गेट निवासी 70 वर्षीय वीरवती पत्नी रघुवीर भरतपुर रोड स्थित पुलिस लाइन के पास अपनी गाय को लेकर घर लौट रही थीं और एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। संयोगवश उसी समय उसी मार्ग से गुजर रहे पुलिस अधीक्षक कांबले ने दुर्घटना देखते ही अपनी गाड़ी रुकवाई और घायल वृद्धा को तत्काल अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गए। अस्पताल में भी वे उपचार शुरू होने तक मौजूद रहे और चिकित्सकों से घायल महिला के इलाज की जानकारी लेते रहे। उनकी तत्परता के कारण वृद्धा को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी, जिससे उनकी स्थिति को संभालने में मदद मिली। पुलिस अधीक्षक की इस संवेदनशील और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खुले दिल से सराहना की, उनका कहना था कि यह घटना पुलिस के मानवीय और जनसेवा वाले चेहरे को भी उजागर करती है। यह भी बताया गया कि एसपी कांबले जनसेवा के तहत 84 कोस के तीर्थ यात्रियों की भी खुद सेवा करते नजर आए हैं।4
- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ लालच में रिश्तों को शर्मसार करते हुए सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों, कुमारी संध्या और चांदनी, का हक छीन लिया। इन बच्चियों को पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया गया है। अनाथ बच्चियों की संपत्ति हड़पने के लिए उनके दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पूर्व मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद, उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां हैं, जो अपने पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गई हैं। नियम और नैतिकता के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौज नौगांव, खसरा संख्या 683 के संबंध में एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली। इस फर्जी वसीयत में वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि, "जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है। बच्चियों को जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है।" इस धोखाधड़ी के बाद, तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं; उनके पास न तो रहने के लिए छत है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- भरतपुर के भोलू का नगला और नगला श्याम रोड पर भीषण गंदगी फैलाई हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों को अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, क्षेत्रवासी प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस गंदगी को जल्द से जल्द साफ करवाए जाने की पुरज़ोर मांग कर रहे हैं।1
- नरेगा भुगतान से संबंधित एक ऐबी (AB) पर प्रशासक के पुत्र द्वारा नोट लगाए जाने के कारण एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस घटना के परिणामस्वरूप विवाद बढ़ गया और इसने एक बड़े बवाल का रूप ले लिया।1
- पाली के मारवाड़ जंक्शन स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ कर विद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का मामला सामने आया है। विद्यालय प्रधानाचार्य घनश्याम सापेला ने बताया कि चार-पांच अज्ञात और असामाजिक तत्वों ने दीवार फांदकर विद्यालय परिसर में प्रवेश किया और तोड़फोड़ की। इन असामाजिक तत्वों ने विद्यालय की पानी की टंकी को नुकसान पहुँचाया, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और पाइपलाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। यह पूरी वारदात विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ कैद हो गई है, जिसमें चार-पांच युवक तोड़फोड़ करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद विद्यालय प्रशासन ने मारवाड़ जंक्शन पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई है और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। विद्यालय प्रशासन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी इस तरह की अनेक घटनाएँ हो चुकी हैं।1
- मथुरा के गोवर्धन चौराहे पर मंगलवार को एक डंफर और कार की टक्कर के बाद ज़ोरदार हंगामा हो गया, जहाँ बीच सड़क पर लोगों ने जमकर लात-घूंसे चलाए। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राधा सिटी निवासी पूजा नाम की महिला ने आरोप लगाया है कि डंफर चालक ने उनकी कार में टक्कर मारने के बाद उनके साथ मारपीट और अभद्रता की। पीड़ित महिला पूजा को बीच सड़क पर ही बुरी तरह पीटा गया, जिसके दृश्य वायरल हुए एक वीडियो में कैद हो गए हैं। इस मामले में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर भी अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हंगामे और मारपीट का यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1