चित्रकूट रामायण मेला परिसर में भीषण अग्निकांड, दो दुकानें जलकर खाक, एक दुकानदार गंभीर चित्रकूट जनपद के रामायण मेला परिसर में देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब प्रदर्शनी की दुकानों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इस अग्निकांड में कपड़े की एक दुकान और कपड़ा प्रिंटिंग प्रेस पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि दुकान के अंदर सो रहा दुकानदार गंभीर रूप से झुलस गया। घटना सीतापुर चौकी क्षेत्र स्थित रामायण मेला परिसर की है, जहां 5 दिवसीय प्रदर्शनी मेले का आयोजन किया गया है। मेले में एक सैकड़ा से अधिक दुकानें लगी हुई हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कहीं भी अग्नि शमन यंत्र या अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद नहीं थे। बीती रात करीब 3 बजे अचानक निलेश गुप्ता की कपड़े की दुकान में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के अंदर सो रहे निलेश गुप्ता उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। आग ने बगल में स्थित कपड़ा प्रिंटिंग प्रेस को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रिंटिंग मशीनें, लैपटॉप और तैयार कपड़े जलकर राख हो गए। दुकानदारों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक करीब 10 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े प्रदर्शनी मेले में बुनियादी सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
चित्रकूट रामायण मेला परिसर में भीषण अग्निकांड, दो दुकानें जलकर खाक, एक दुकानदार गंभीर चित्रकूट जनपद के रामायण मेला परिसर में देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब प्रदर्शनी की दुकानों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इस अग्निकांड में कपड़े की एक दुकान और कपड़ा प्रिंटिंग प्रेस पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि दुकान के अंदर सो रहा दुकानदार गंभीर रूप से झुलस गया। घटना सीतापुर चौकी क्षेत्र
स्थित रामायण मेला परिसर की है, जहां 5 दिवसीय प्रदर्शनी मेले का आयोजन किया गया है। मेले में एक सैकड़ा से अधिक दुकानें लगी हुई हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कहीं भी अग्नि शमन यंत्र या अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद नहीं थे। बीती रात करीब 3 बजे अचानक निलेश गुप्ता की कपड़े की दुकान में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के अंदर सो
रहे निलेश गुप्ता उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। आग ने बगल में स्थित कपड़ा प्रिंटिंग प्रेस को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रिंटिंग मशीनें, लैपटॉप और तैयार कपड़े जलकर राख हो गए। दुकानदारों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक करीब 10 लाख रुपये
से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े प्रदर्शनी मेले में बुनियादी सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
- चित्रकूट जनपद के रामायण मेला परिसर में देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब प्रदर्शनी की दुकानों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इस अग्निकांड में कपड़े की एक दुकान और कपड़ा प्रिंटिंग प्रेस पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि दुकान के अंदर सो रहा दुकानदार गंभीर रूप से झुलस गया। घटना सीतापुर चौकी क्षेत्र स्थित रामायण मेला परिसर की है, जहां 5 दिवसीय प्रदर्शनी मेले का आयोजन किया गया है। मेले में एक सैकड़ा से अधिक दुकानें लगी हुई हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कहीं भी अग्नि शमन यंत्र या अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद नहीं थे। बीती रात करीब 3 बजे अचानक निलेश गुप्ता की कपड़े की दुकान में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के अंदर सो रहे निलेश गुप्ता उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। आग ने बगल में स्थित कपड़ा प्रिंटिंग प्रेस को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रिंटिंग मशीनें, लैपटॉप और तैयार कपड़े जलकर राख हो गए। दुकानदारों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक करीब 10 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े प्रदर्शनी मेले में बुनियादी सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।4
- Post by ओम प्रकाश पत्रकार1
- *कौशाम्बी में भीषण हादसा: तेल भरा टैंकर बिजली के पोल से टकराया, लगी आग* कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रहा तेल से भरा एक टैंकर सैनी थाना क्षेत्र के लोहन्दा मोड़ स्थित नेशनल हाईवे के पास अचानक अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही क्षणों में टैंकर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा टैंकर धू-धू कर जलने लगा। आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही सैनी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार टैंकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।1
- Post by Deepak kumar4
- *कौशाम्बी में भीषण हादसा: तेल भरा टैंकर बिजली के पोल से टकराया, लगी आग* *कौशाम्बी संदेश* कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रहा तेल से भरा एक टैंकर सैनी थाना क्षेत्र के लोहन्दा मोड़ स्थित नेशनल हाईवे के पास अचानक अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही क्षणों में टैंकर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा टैंकर धू-धू कर जलने लगा। आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही सैनी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार टैंकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।1
- कौशांबी...सुने अजय कुमार की जुबानी, अजय कुमार ने किया सनसनीखेज खुलासा।पूर्व विधायक संजय गुप्ता के ऊपर लगाया गया आरोप सरासर गलत, इनका कोई लेना देना नहीं, मकान से। गौरतलब हो कि एक मामला कोखराज थाना क्षेत्र का है,जहां एक मकान पर जबरन कब्जा करने और फर्जी कागजात बनाने का आरोप है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीते 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी।इसमें चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के तीन पूर्व चेयरमैन सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- कौशाम्बी न्यूज1
- हरदोई जिले के शाहाबाद में दिनदहाड़े महिला से कुंडल लूट की वारदात ने एक बार फिर पुलिस-प्रशासन की सक्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। भीड़-भाड़ वाले इलाके में बाइक सवार बदमाश महिला के कान से कुंडल नोचकर फरार हो गए, और पुलिस महज मौके पर पहुंचकर खानापूर्ति करती नजर आई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता कोई आम महिला नहीं, बल्कि स्थानीय सभासद की बहू बताई जा रही है। जब जनप्रतिनिधि के परिवार तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का दावा कैसे किया जा सकता है? दिनदहाड़े हुई इस घटना ने शाहाबाद कोतवाली पुलिस की गश्त व्यवस्था, निगरानी तंत्र और अपराध नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 👉 क्या पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सीमित है? 👉 क्या बदमाशों में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया? 👉 क्या अपराधियों को खुली छूट मिल चुकी है? घटना के बाद पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाने की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अभियान हर वारदात के बाद सिर्फ दिखावे के लिए किए जाते हैं, नतीजा शून्य रहता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस अपराध होने के बाद ही हरकत में आएगी? या फिर प्रशासन अपराधियों पर लगाम कसने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा?4