ब्रैकिग मुरैना मुरैना - मुरैना में बारिश के बाद, सड़को पर जल भराव की समस्या को लेकर, मुरैना महापौर शारदा सोलंकी सड़कों पर उतरीं। महापौर और नगर निगम कमिश्नर से तीखी नोक झोंक। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल। मुरैना। शहर में हुई बारिश के बाद एमएस रोड पर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं महापौर शारदा सोलंकी नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज नजर आईं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम कमिश्नर से नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर निगम कमिश्नर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया जा रहा है कि कमिश्नर ने कहा, “मैं अपने हिसाब से काम करूंगा।” इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए जवाब दिया, “अगर अपने हिसाब से काम करना है तो मुझे लिखकर दे दीजिए।” बारिश के बाद एमएस रोड पर जलभराव और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर हुई यह बहस अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी।
ब्रैकिग मुरैना मुरैना - मुरैना में बारिश के बाद, सड़को पर जल भराव की समस्या को लेकर, मुरैना महापौर शारदा सोलंकी सड़कों पर उतरीं। महापौर और नगर निगम कमिश्नर से तीखी नोक झोंक। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल। मुरैना। शहर में हुई बारिश के बाद एमएस रोड पर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं महापौर शारदा सोलंकी नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज नजर आईं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम कमिश्नर से नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर निगम कमिश्नर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया जा रहा है कि कमिश्नर ने कहा, “मैं अपने हिसाब से काम करूंगा।” इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए जवाब दिया, “अगर अपने हिसाब से काम करना है तो मुझे लिखकर दे दीजिए।” बारिश के बाद एमएस रोड पर जलभराव और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर हुई यह बहस अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी।
- ब्रैकिग मुरैना मुरैना - मुरैना में बारिश के बाद, सड़को पर जल भराव की समस्या को लेकर, मुरैना महापौर शारदा सोलंकी सड़कों पर उतरीं। महापौर और नगर निगम कमिश्नर से तीखी नोक झोंक। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल। मुरैना। शहर में हुई बारिश के बाद एमएस रोड पर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं महापौर शारदा सोलंकी नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज नजर आईं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम कमिश्नर से नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर निगम कमिश्नर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया जा रहा है कि कमिश्नर ने कहा, “मैं अपने हिसाब से काम करूंगा।” इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए जवाब दिया, “अगर अपने हिसाब से काम करना है तो मुझे लिखकर दे दीजिए।” बारिश के बाद एमएस रोड पर जलभराव और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर हुई यह बहस अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी।1
- जौरा शहर के न्यू आवास कॉलोनी में ट्रांसफार्मर को लेकर चल रहे आंदोलन को आश्वासन के बाद किया बंद। जौरा शहर की न्यू आवास कॉलोनी के पास रखा हुआ ट्रांसफार्मर फुंका जाने के कारण स्थानीय लोग आंदोलन पर बैठे आंदोलन को समर्थन देने के लिए गए राहुल रविंद्र सिकरवार सभी को लेकर बिजली घर पहुंचा जहां पर जेई से बात कर ट्रांसफार्मर बदलने की बात कही गई जेई ने 10 परसेंट पैसे जमा करो या नए कनेक्शन की रसीद काटाओ इसके बाद 2 घंटे में बदल जाएगा ट्रांसफार्मर आश्वासन के बाद आंदोलन हुआ बंद।1
- तीन माह से राशन से वंचित गरीब परिवार, उचित मूल्य की दुकान संचालकों पर लगाए गंभीर आरोप* लोकेशन- सबलगढ़ *तीन माह से राशन से वंचित गरीब परिवार, उचित मूल्य की दुकान संचालकों पर लगाए गंभीर आरोप* सबलगढ़। तहसील सबलगढ़ के ग्राम बटेश्वरा, चोखपुरा, बुद्धापुरा, सीतापुरा, नरेकापुरा, टोटपुर, धनुआपुरा, रतियापुरा एवं भ्याना पंचायत के बीपीएल राशन कार्डधारी परिवारों ने तीन माह से राशन नहीं मिलने की शिकायत करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें चोखपुरा स्थित उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलता था, लेकिन पिछले तीन माह से निर्धारित खाद्यान्न का वितरण बंद कर दिया गया है। जब हितग्राहियों ने दुकान संचालक मुरारीलाल पुत्र देवीलाल केवट एवं रोशन पुत्र करन कुशवाह, निवासी खोह से जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम का राशन बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने से गरीब परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके हिस्से का खाद्यान्न अनियमित तरीके से अन्य लोगों को वितरित किया जा रहा है या फिर खुले बाजार में बेचा जा रहा है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने तथा तीन माह से लंबित राशन का शीघ्र वितरण सुनिश्चित कराने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन गरीब परिवारों की इस गंभीर शिकायत पर कितनी जल्द कार्रवाई करता है और पात्र हितग्राहियों को उनका हक कब तक दिला पाता है।4
- आज धौलपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देते हुए ₹ 176.95 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और आमजन का जीवन अधिक सुगम बनेगा। धौलपुर सहित सम्पूर्ण राजस्थान के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आज धौलपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देते हुए ₹ 176.95 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और आमजन का जीवन अधिक सुगम बनेगा। धौलपुर सहित सम्पूर्ण राजस्थान के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।1
- बैंनीपुरा में झमाझम बारिश ने दी राहत, लेकिन विजयपुर नगर अब भी बारिश का इंतजार कर रहा है। आखिर कब बरसेंगे बादल?1
- *अस्पताल नाम का तमका, लेकिन सीएचसी से भी बदतर, एक्सरे रूम में मशीन और एसी लेब के कलेक्शन रूम में स्टाफ की कमी से मरीजों की भीड़* *अस्पताल नाम का तमका, लेकिन सीएचसी से भी बदतर, एक्सरे रूम में मशीन और एसी खराब* *लेब के कलेक्शन रूम में स्टाफ की कमी से मरीजों की भीड़*3
- विजयपुर में आवारा सांडों का आतंक: जिम्मेदारों की चुप्पी के बीच भय में जी रहे राहगीर विजयपुर- विकासखंड विजयपुर में आवारा सांडों की समस्या अब केवल आम परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बनती जा रही है। नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों और बस स्टैंड के आसपास खुलेआम घूम रहे सांड कभी भी राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठा रहा है मंगलवार सुबह नगर परिषद के समीप स्थित बस स्टैंड पर दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। दोनों सांड एक-दूसरे पर हमला करते हुए दुकानों की ओर पहुंच गए। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना में दो दुकानों को नुकसान होने की बात सामने आई है। बस स्टैंड क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। ऐसे व्यस्त स्थान पर आवारा सांडों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सांडों के बीच लड़ाई या उनके अचानक आक्रामक होने की स्थिति में लोगों के पास बचने का पर्याप्त समय भी नहीं होता।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नियमित अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा? क्या किसी गंभीर दुर्घटना या जनहानि के बाद ही जिम्मेदार विभाग सक्रिय होगा स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन ठोस और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। श्योपुर जिले में आवारा गोवंश का मुद्दा पहले भी गंभीर रूप से उठ चुका है। वर्ष 2025 की एक जमीनी रिपोर्ट में सड़कों पर घूमते गोवंश को हादसों का कारण बताया गया था और गौशालाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तत्काल अभियान चलाकर आवारा सांडों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। साथ ही, पशुपालकों द्वारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करती है या फिर विजयपुर के राहगीर इसी तरह भय के साये में सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे।1
- जौरा शहर की न्यू आवास कॉलोनी पर ट्रांसफार्मर न बदलने के कारण क्रोधित सभी लोग उतरे सड़कों पर। जौरा शहर की न्यू आवास कॉलोनी में रखा हुआ ट्रांसफार्मर लगभग दो माह पहले से फुका हुआ पड़ा है दो माह से सभी लोग दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन बावजूद उसके भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला तो सभी लोग क्रोधित होकर उतरे सड़कों पर और भूक हड़ताल पर ट्रांसफार्मर के पास ही टेंट लगाकर बैठे।1