विजयपुर में आवारा सांडों का आतंक: जिम्मेदारों की चुप्पी के बीच भय में जी रहे राहगीर विजयपुर- विकासखंड विजयपुर में आवारा सांडों की समस्या अब केवल आम परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बनती जा रही है। नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों और बस स्टैंड के आसपास खुलेआम घूम रहे सांड कभी भी राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठा रहा है मंगलवार सुबह नगर परिषद के समीप स्थित बस स्टैंड पर दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। दोनों सांड एक-दूसरे पर हमला करते हुए दुकानों की ओर पहुंच गए। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना में दो दुकानों को नुकसान होने की बात सामने आई है। बस स्टैंड क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। ऐसे व्यस्त स्थान पर आवारा सांडों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सांडों के बीच लड़ाई या उनके अचानक आक्रामक होने की स्थिति में लोगों के पास बचने का पर्याप्त समय भी नहीं होता।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नियमित अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा? क्या किसी गंभीर दुर्घटना या जनहानि के बाद ही जिम्मेदार विभाग सक्रिय होगा स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन ठोस और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। श्योपुर जिले में आवारा गोवंश का मुद्दा पहले भी गंभीर रूप से उठ चुका है। वर्ष 2025 की एक जमीनी रिपोर्ट में सड़कों पर घूमते गोवंश को हादसों का कारण बताया गया था और गौशालाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तत्काल अभियान चलाकर आवारा सांडों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। साथ ही, पशुपालकों द्वारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करती है या फिर विजयपुर के राहगीर इसी तरह भय के साये में सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे।
विजयपुर में आवारा सांडों का आतंक: जिम्मेदारों की चुप्पी के बीच भय में जी रहे राहगीर विजयपुर- विकासखंड विजयपुर में आवारा सांडों की समस्या अब केवल आम परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बनती जा रही है। नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों और बस स्टैंड के आसपास खुलेआम घूम रहे सांड कभी भी राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठा रहा है मंगलवार सुबह नगर परिषद के समीप स्थित बस स्टैंड पर दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। दोनों सांड एक-दूसरे पर हमला करते हुए दुकानों की ओर पहुंच गए। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना में दो दुकानों को नुकसान होने की बात सामने आई है। बस स्टैंड क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। ऐसे व्यस्त स्थान पर आवारा सांडों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सांडों के बीच लड़ाई या उनके अचानक आक्रामक होने की स्थिति में लोगों के पास बचने का पर्याप्त समय भी नहीं होता।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नियमित अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा? क्या किसी गंभीर दुर्घटना या जनहानि के बाद ही जिम्मेदार विभाग सक्रिय होगा स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन ठोस और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। श्योपुर जिले में आवारा गोवंश का मुद्दा पहले भी गंभीर रूप से उठ चुका है। वर्ष 2025 की एक जमीनी रिपोर्ट में सड़कों पर घूमते गोवंश को हादसों का कारण बताया गया था और गौशालाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तत्काल अभियान चलाकर आवारा सांडों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। साथ ही, पशुपालकों द्वारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करती है या फिर विजयपुर के राहगीर इसी तरह भय के साये में सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे।
- ग्वालियर किरार धाकड़ समाज किसी की बापोती नहीं:-डा. गुलाब सिंह किरार धाकड़ समाज किसी की बापोती नहीं है यह भाषण किरार समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.गुलाब सिंह किरार का बहुत वायरल हो रहा है । वीडियो में वह किरार धाकड़ समाज के आज ग्वालियर में हुए समारोह में कह रहे हैं जो पार्टी समाज को ज्यादा टिकट देगी समाज उसका साथ देगा1
- विजयपुर में आवारा सांडों का आतंक: जिम्मेदारों की चुप्पी के बीच भय में जी रहे राहगीर विजयपुर- विकासखंड विजयपुर में आवारा सांडों की समस्या अब केवल आम परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बनती जा रही है। नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों और बस स्टैंड के आसपास खुलेआम घूम रहे सांड कभी भी राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठा रहा है मंगलवार सुबह नगर परिषद के समीप स्थित बस स्टैंड पर दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। दोनों सांड एक-दूसरे पर हमला करते हुए दुकानों की ओर पहुंच गए। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना में दो दुकानों को नुकसान होने की बात सामने आई है। बस स्टैंड क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। ऐसे व्यस्त स्थान पर आवारा सांडों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सांडों के बीच लड़ाई या उनके अचानक आक्रामक होने की स्थिति में लोगों के पास बचने का पर्याप्त समय भी नहीं होता।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नियमित अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा? क्या किसी गंभीर दुर्घटना या जनहानि के बाद ही जिम्मेदार विभाग सक्रिय होगा स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन ठोस और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। श्योपुर जिले में आवारा गोवंश का मुद्दा पहले भी गंभीर रूप से उठ चुका है। वर्ष 2025 की एक जमीनी रिपोर्ट में सड़कों पर घूमते गोवंश को हादसों का कारण बताया गया था और गौशालाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तत्काल अभियान चलाकर आवारा सांडों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। साथ ही, पशुपालकों द्वारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करती है या फिर विजयपुर के राहगीर इसी तरह भय के साये में सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे।1
- शेओपुर के विजयपुर थाना क्षेत्र में एक बच्ची मिली है, जिसका नाम परी है। बच्ची ने बताया कि उसकी माता का नाम शशि और पिता का नाम अनिल है। पुलिस ने बच्ची को बाड़खेड़ा रोड से बरामद किया और उसे सुरक्षित विजयपुर थाना लाई। फिलहाल, बच्ची विजयपुर थाने में है। यदि कोई व्यक्ति इस बच्ची को पहचानता है या उसके परिवार, रिश्तेदारी या परिचित का है, तो उसे तत्काल विजयपुर थाना पहुंचकर आवश्यक पहचान और औपचारिकताओं के बाद बच्ची को अपने साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि बच्ची जल्द से जल्द अपने परिजनों से मिल सके। #सूचना2
- बाबा खाटू श्याम जी महाराज के परम श्रद्धालु निशान (झंडा) लेकर आस्था, विश्वास और भक्ति के साथ पैदल यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। माना जाता है कि बाबा श्याम के चरणों में निशान अर्पित करना भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। बल्लू टी स्टॉल, जो श्योपुर (मध्य प्रदेश) में प्रसिद्ध है, ने सभी श्याम भक्तों का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया है। बल्लू टी स्टॉल की ओर से सभी पदयात्रियों के लिए प्रेमपूर्वक चाय सेवा समर्पित की गई है। बाबा श्याम जी से प्रार्थना की गई है कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और सफल हो तथा सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण हों। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!1
- मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कर्ण सिंह वर्मा ने सबलगढ़ में नवनिर्मित शासकीय संदीपनी विद्यालय का लोकार्पण किया। इस भव्य कार्यक्रम में मुरैना-श्योपुर लोकसभा के सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री कमलेश कुशवाह, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष, थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह विद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ शिक्षा प्राप्त कर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। लोकार्पण के बाद अतिथियों ने विद्यालय भवन का अवलोकन कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा तथा क्षेत्रवासियों ने इसे सबलगढ़ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।3
- जौरा शहर की न्यू आवास कॉलोनी पर ट्रांसफार्मर न बदलने के कारण क्रोधित सभी लोग उतरे सड़कों पर। जौरा शहर की न्यू आवास कॉलोनी में रखा हुआ ट्रांसफार्मर लगभग दो माह पहले से फुका हुआ पड़ा है दो माह से सभी लोग दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन बावजूद उसके भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला तो सभी लोग क्रोधित होकर उतरे सड़कों पर और भूक हड़ताल पर ट्रांसफार्मर के पास ही टेंट लगाकर बैठे।1
- पेपर लीक का घोटाला करके,22 बच्चों की आत्महत्या के बाद 40 दिन के आंदोलन के दबाव में इस्तीफा देखर धर्मेंद्र प्रधान जब संसद पहुंचे तो उनका स्वागत हो रहा है BJP की बेशर्मी देखिए, बैक टू बैक पेपर लीक का घोटाला करके,22 बच्चों की आत्महत्या के बाद 40 दिन के आंदोलन के दबाव में इस्तीफा देखर धर्मेंद्र प्रधान जब संसद पहुंचे तो उनका स्वागत हो रहा है, बस हेलीकॉप्ट से पुष्पवर्षा की कमी रह गई।1
- विजयपुर आधे घंटे में बिछड़ी मासूम पहुंची मां की गोद, डायल-112 की मुस्तैदी ने जीता दिल बाडखेड़ा रोड पर अकेली मिली ढाई वर्षीय बच्ची, विजयपुर पुलिस की तत्परता से सकुशल परिजनों के सुपुर्द*2