चम्पावत में हरेश्वर महादेव मंदिर में तोड़फोड़, अराजक तत्वों ने मचाया उत्पात। चम्पावत। क्षेत्र के प्रसिद्ध हरेश्वर महादेव मंदिर में बीती रात अराजक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में कई स्थानों पर आग लगा दी, मंदिर में रखी नगदी को भी जला दिया तथा पूजन सामग्री और अन्य सामान को इधर-उधर फेंक कर भारी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह कृत्य आस्था पर सीधा आघात है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
चम्पावत में हरेश्वर महादेव मंदिर में तोड़फोड़, अराजक तत्वों ने मचाया उत्पात। चम्पावत। क्षेत्र के प्रसिद्ध हरेश्वर महादेव मंदिर में बीती रात अराजक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में कई स्थानों पर आग लगा दी, मंदिर में रखी नगदी को भी जला दिया तथा पूजन सामग्री और अन्य सामान को इधर-उधर फेंक कर भारी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह कृत्य आस्था पर सीधा आघात है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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- चम्पावत। क्षेत्र के प्रसिद्ध हरेश्वर महादेव मंदिर में बीती रात अराजक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में कई स्थानों पर आग लगा दी, मंदिर में रखी नगदी को भी जला दिया तथा पूजन सामग्री और अन्य सामान को इधर-उधर फेंक कर भारी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह कृत्य आस्था पर सीधा आघात है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- चम्पावत:*“देवीधुरा में प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर जिलाधिकारी ने तैयारियों का लिया जायजा,1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma1
- गरुड़ के लौबांज गांव में कालिका मन्दिर में ज्योनार का आरम्भ देवी देवता हुए अवतरित।1
- विडियो देखें- ऊधमसिहंनगर(उत्तराखंड) गोलापुल पुलभट्टा पर एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना में एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मृत्यु हो गई। उक्त युवक बाइक संख्या UK18R6844 से यात्रा कर रहा था। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। जनसूचना- यदि किसी भी व्यक्ति को इस बाइक अथवा युवक के संबंध में कोई जानकारी हो, तो कृपया तत्काल संबंधित परिजनों तक सूचना पहुंचाने का कष्ट करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही एवं सूचना प्रदान की जा सके।1
- ग्लोबल वार्मिंग कहां लेकर जाएगी, इस वीडियो से कुछ तो समझ आएगा। वीडियो में कमी कमेंट बॉक्स में बताइएगा।1
- कालाढूंगी। नगर पालिका कार्यालय के निकट वाल्मीकि मंदिर और उससे जुड़े परिसर को वाल्मीकि समाज के नाम किए जाने की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज ने गुरुवार को धरना प्रदर्शन किया। धरने के समर्थन में नगर पालिका से जुड़े सफाई कर्मियों ने भी कार्य बहिष्कार कर दिया, जिसके चलते शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार के नाम पर परिसर में पार्किंग बनाने की योजना बनाई जा रही है। उनका कहना है कि मंदिर और उससे लगी पूरी भूमि का स्वामित्व समाज को सौंप दिया जाए। परिसर में पार्किंग न बनाई जाए, उक्त भूमि को पालिका अधिकार से हटाया जाए, ताकि वे स्वयं इसके संरक्षण और विकास का कार्य कर सकें। गुस्साए लोगों का कहना था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने उनकी मांगे सुन इन आरोपों को गलतफहमी बताते हुए कहा कि मंदिर के चारों ओर और शेष भूमि में केवल जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है, किसी प्रकार की पार्किंग योजना नहीं है। कहा कि उनकी मांगों को बोर्ड की बैठक में रखकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। धरने में सरपंच राजू, सचिन कुमार, जीवन वाल्मीकि, अक्षय वाल्मीकि, कैलाश वाल्मीकि, मुराद भारती, अमन वाल्मीकि, सुनीता, जीवन, आकाश वाल्मीकि, विक्रम कुमार, दौलत राम, सुनील कुमार, सुमन, दीपक, अजय वाल्मीकि, अर्जुन वाल्मीकि, अंकुल, सौरभ, जय वाल्मीकि, रोहित वाल्मीकि, सुमित सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- चम्पावत 20 मार्च 2026, सूवि। लगभग 15 करोड़ की लागत से माँ वाराही शक्तिपीठ का होगा कायाकल्प, क्षेत्रीय पर्यटन और आस्था को मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम के जरिए जनपद चम्पावत के सुप्रसिद्ध माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा के भव्य नवनिर्माण कार्य के शिलान्यास में प्रतिभाग किया। प्रतिकूल मौसम के कारण प्रस्तावित भ्रमण स्थगित होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक अवसर की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि माँ वाराही धाम सदियों से अटूट श्रद्धा, शक्ति और लोकआस्था का केंद्र रहा है। उन्होंने इसे न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का भी प्रमुख केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध बग्वाल मेले को वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे राजकीय मेला घोषित किया जाना राज्य सरकार की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मंदिर के भव्य नवनिर्माण से यह धाम राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के चारधाम, शक्तिपीठों और सिद्धपीठों का संरक्षण एवं पुनरुत्थान तेजी से किया जा रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “विकास भी और विरासत भी” राज्य सरकार का मूल मंत्र है, जिसके तहत धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के समग्र विकास का खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु शारदा कॉरिडोर के अंतर्गत 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोहाघाट के छमनिया में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अत्याधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक तथा 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन एवं छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सड़क एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रीठा साहिब क्षेत्र में 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का नवीनीकरण पूर्ण हो चुका है, जबकि शहीद शिरोमणि चिल्कोटी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है। साथ ही लोहाघाट में फायर स्टेशन और देवीधुरा में नई पुलिस चौकी के निर्माण से क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अब डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुँच रहा है। उल्लेखनीय है कि माँ वाराही मंदिर के इस भव्य नवनिर्माण कार्य की अनुमानित लागत 15 करोड़ रुपये है, जिसे चार खाम सात थोक व माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट, देवीधुरा द्वारा 2 से 3 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य में राजस्थान से विशेष पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। मंदिर की मुख्य मूर्ति का निर्माण बाबा कल्याण दास जी महाराज द्वारा तथा संपूर्ण स्थापत्य कार्य का पर्यवेक्षण सोनपुर ग्रुप, गुजरात के विशेषज्ञ विपुल त्रिवेदी द्वारा किया जाएगा। शिलान्यास से पूर्व क्षेत्र की महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेश-भूषा एवं वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, मा0 दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, मा0 उपाध्यक्ष सेतु/ राज्य आयोग श्री राजशेखर जोशी, मा विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश मंत्री निर्मल महारा, कार्यकारिणी सदस्य सतीश पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष लोहाघाट गोविंद वर्मा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिला उपाध्यक्ष राजू बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, माँ वाराही मंदिर समिति के संरक्षक/संस्थापक श्री लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, कोषाध्यक्ष दिनेश जोशी सहित समिति के सदस्य, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी एस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।2