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पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत जेल भेजे गए हाई स्कूल में साइकिल वितरण का किया था विरोध,गुणवत्ता पर भी उठाए थे सवाल।
Raigarh Chhattisgarh
पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत जेल भेजे गए हाई स्कूल में साइकिल वितरण का किया था विरोध,गुणवत्ता पर भी उठाए थे सवाल।
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- पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत जेल भेजे गए हाई स्कूल में साइकिल वितरण का किया था विरोध,गुणवत्ता पर भी उठाए थे सवाल।1
- स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। * इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। * स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। * कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - * छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। * ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।3
- अध्याय 11 श्लोक 47 में पवित्र गीता जी को बोलने वाले प्रभु काल ने कहा है कि 'हे अर्जुन ! यह मेरा वास्तविक काल रूप है, जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था।' सिद्ध हुआ कि कौरवों की सभा में विराट रूप श्री कृष्ण जी ने दिखाया था तथा कुरूक्षेत्र में युद्ध के मैदान में विराट रूप काल ने दिखाया था। नहीं तो यह नहीं कहता कि यह विराट रूप तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा है। अध्याय 11 श्लोक 47 में पवित्र गीता जी को बोलने वाले प्रभु काल ने कहा है कि 'हे अर्जुन ! यह मेरा वास्तविक काल रूप है, जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था।' सिद्ध हुआ कि कौरवों की सभा में विराट रूप श्री कृष्ण जी ने दिखाया था तथा कुरूक्षेत्र में युद्ध के मैदान में विराट रूप काल ने दिखाया था। नहीं तो यह नहीं कहता कि यह विराट रूप तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा है।1
- *✰अन्नपूर्णा मुहिम की शुरुआत कैसे हुई?✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *SA NEWS* YouTube Channel पर *✰अन्नपूर्णा मुहिम की शुरुआत कैसे हुई?✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *SA NEWS* YouTube Channel पर1
- शराब के लिए पैसे मांगकर गैरेज संचालक पर हमला करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार।1
- सक्ती पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन किया जप्त, सक्ती पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन किया जप्त, शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में सक्ती पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विशाल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जप्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार थाना सक्ती में अपराध क्रमांक 319/2026 धारा 69 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण में पीड़िता ने थाना सिविल लाइन बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी विशाल वर्मा ने उससे शादी करने का झांसा देकर प्रवंचना की और सक्ती थाना क्षेत्र स्थित एक लॉज में उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना का क्षेत्र थाना सक्ती अंतर्गत आने के कारण केस डायरी प्राप्त होने के बाद सक्ती पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश कर दबिश दी और आरोपी विशाल वर्मा, पिता ओमप्रकाश लोधी, उम्र 28 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 7, मस्जिद के पीछे, सक्ती को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कीपैड मोबाइल फोन को विधिवत जप्त किया। आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सक्ती डॉ भुवनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में थाना सक्ती पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। सक्ती पुलिस ने बताया कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1