डेरापुर थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक, अंबेडकर जयंती को लेकर दिशा-निर्देश जारी कानपुरदेहात,डेरापुर थाना परिसर में सोमवार शाम 3 बजे पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिखा शंखवार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद, कांधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र, मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज अरविंद तिवारी, बिहार घाट चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित उप निरीक्षक विभूति प्रसाद, रामकृपाल और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम केवल उन्हीं स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां पूर्व में होते रहे हैं। किसी भी नई जगह पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई आयोजन नहीं होगा। जिग्नेश गांव में जयंती के बाद प्रस्तावित बौद्ध कथा कार्यक्रम पर प्रशासन ने रोक लगाते हुए केवल जयंती मनाने की अनुमति दी है। रैली के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस टीम गठित कर क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की बात कही गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए अम्बेडकर जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।
डेरापुर थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक, अंबेडकर जयंती को लेकर दिशा-निर्देश जारी कानपुरदेहात,डेरापुर थाना परिसर में सोमवार शाम 3 बजे पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिखा शंखवार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद, कांधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र, मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज अरविंद तिवारी, बिहार घाट चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित उप निरीक्षक विभूति प्रसाद, रामकृपाल और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम केवल उन्हीं स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां पूर्व में होते रहे हैं। किसी भी नई जगह पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई आयोजन नहीं होगा। जिग्नेश गांव में जयंती के बाद प्रस्तावित बौद्ध कथा कार्यक्रम पर प्रशासन ने रोक लगाते हुए केवल जयंती मनाने की अनुमति दी है। रैली के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस टीम गठित कर क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की बात कही गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए अम्बेडकर जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।
- कानपुरदेहात,डेरापुर थाना परिसर में सोमवार शाम 3 बजे पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिखा शंखवार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद, कांधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र, मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज अरविंद तिवारी, बिहार घाट चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित उप निरीक्षक विभूति प्रसाद, रामकृपाल और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम केवल उन्हीं स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां पूर्व में होते रहे हैं। किसी भी नई जगह पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई आयोजन नहीं होगा। जिग्नेश गांव में जयंती के बाद प्रस्तावित बौद्ध कथा कार्यक्रम पर प्रशासन ने रोक लगाते हुए केवल जयंती मनाने की अनुमति दी है। रैली के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस टीम गठित कर क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की बात कही गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए अम्बेडकर जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।1
- डेरापुर थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक, अंबेडकर जयंती को लेकर दिशा-निर्देश जारी डेरापुर थाना परिसर में सोमवार शाम 3 बजे पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिखा शंखवार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद, कांधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र, मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज अरविंद तिवारी, बिहार घाट चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित उप निरीक्षक विभूति प्रसाद, रामकृपाल और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम केवल उन्हीं स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां पूर्व में होते रहे हैं। किसी भी नई जगह पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई आयोजन नहीं होगा। जिग्नेश गांव में जयंती के बाद प्रस्तावित बौद्ध कथा कार्यक्रम पर प्रशासन ने रोक लगाते हुए केवल जयंती मनाने की अनुमति दी है। रैली के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस टीम गठित कर क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की बात कही गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए अम्बेडकर जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।1
- खबर कानपुर देहात पत्रकार इकबाल अहमद सिकंदरा में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, सवारी परमिट के बावजूद ढो रहे सरिया व भारी सामान जनपद कानपुर देहात के थाना सिकंदरा क्षेत्र में बैटरी ई-रिक्शा चालकों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है। जहां एक ओर इन वाहनों को केवल सवारी ढोने का परमिट दिया गया है, वहीं दूसरी ओर चालक खुलेआम सरिया, लोहे के एंगल और अन्य भारी सामान ढोते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से ओवरलोडिंग और खतरनाक सामान ले जाने से सड़क पर चलने वाले बाइक व कार सवारों की जान को गंभीर खतरा बना रहता है। कई बार हादसे की स्थिति भी बन चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अनदेखी कर रहा है। बताया जा रहा है कि पास के जनपद औरैया में ई-रिक्शाओं से भाड़ा ढोने पर रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन सिकंदरा क्षेत्र में इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। हैरानी की बात यह भी है कि अधिकांश ई-रिक्शा बिना पूरे कागजात और आवश्यक परमिशन के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस और न ही स्थानीय थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब प्रशासन इन लापरवाह ई-रिक्शा चालकों पर सख्ती करेगा, या फिर इसी तरह लोगों की जान जोखिम में डालकर यह खेल चलता रहेगा।4
- सिकंदरा थाना क्षेत्र के घसमऊ गांव में शनिवार देर रात घर में घुसकर महिला और उसके बेटे के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में महिला घायल हो गई, जिसे परिजनों ने एंबुलेंस की मदद से सीएचसी सिकंदरा में भर्ती कराया। सूचना पर डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार घसमऊ गांव निवासी नीरज प्रभा पत्नी भगवान स्वरूप ने थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शनिवार रात करीब 9:30 बजे सहजपुर निवासी सोहित, अंकित समेत चार अज्ञात लोग उनके घर में घुस आए और उनके पुत्र आनंद कुमार के साथ मारपीट करने लगे। बेटे को बचाने पहुंची महिला के साथ भी आरोपियों ने मारपीट कर दी, जिससे वह घायल हो गई। घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए सीएचसी सिकंदरा में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने रविवार को करीब 6बजे बताया कि मामले की सूचना मिली है। तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है, जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- अजीतमल (औरैया)। अजीतमल क्षेत्र के ग्राम अमावता में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक व्यास पं. सागर दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण रसपान कराया। कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल्य लीलाएं, कंस वध एवं कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक ने बताया कि श्रीकृष्ण की बाल्य लीलाएं हमें प्रेम, सरलता और भक्ति का संदेश देती हैं, वहीं कंस वध की कथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। रुक्मिणी विवाह प्रसंग के माध्यम से भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण की भावना को समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी विशेष रूप से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इस अवसर पर कथा के यजमान के रूप में परीक्षित पार्वती देवी एवं जयकरन सिंह सेंगर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच का संचालन गजराम सिंह गुर्जर ने किया।कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और कथा का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित किया।1
- औरैया के अयाना थाना क्षेत्र के ग्राम महारतपुर में पानी की टंकी में संदिग्ध कंकाल मिलने से इलाके में मचा हड़कंप, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू।1
- औरैया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को महिलाओं ने सामूहिक रूप से सुना। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत संसद व विधानसभा में 50% आरक्षण की दी गई जानकारी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष डॉ. सर्वेश कठेरिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष ने कहा यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम। भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी से कार्यक्रम रहा सफल1
- 📍 खबर कानपुर देहात | भोगनीपुर उधारी विवाद में युवक पर जानलेवा हमला, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र में उधारी के विवाद को लेकर एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत अमरौधा निवासी अशोक कुमार (पुत्र रामबाबू) मेहनत-मजदूरी और सटरिंग का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पीड़ित के मुताबिक, दिनांक 3 अप्रैल 2026 को वह अपने काम से जा रहा था, तभी हिमांशु, प्रशांत व अन्य लोग उसके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने 27 हजार रुपये की उधारी को लेकर विवाद करते हुए अशोक कुमार पर सटरिंग में इस्तेमाल होने वाली लोहे की बल्लियों से हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि उसने उसी दिन भोगनीपुर थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि अगले दिन 4 अप्रैल को आरोपी फिर से एक कथित स्थानीय भाजपा नेता संजय संखवार के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर उसके घर पहुंचे और दोबारा मारपीट व धमकी दी। अशोक कुमार का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि उसे ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि शिकायत के बावजूद पुलिस कब कार्रवाई करेगी और पीड़ित को न्याय कब मिलेगा?3