डूंगरपुर में जिला स्पेशल टीम (DST) ने अवैध सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 77 ग्राम सोना बरामद किया है। इस सोने की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। तस्करों ने एयरपोर्ट सुरक्षा और स्कैनर को चकमा देने के लिए इस सोने को विशेष रिंगनुमा स्पेस बनाकर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे में छिपाया था। एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर गठित DST टीम को कुवैत से गुजरात के रास्ते राजस्थान में अवैध सोने की तस्करी की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र की लेहना घाटी में नाकाबंदी की गई, जहां आर्टिगा कार RJ03UA7036 को रोका गया। कार में सवार राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार से पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे बॉक्स खोलने पर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे मिले। इन चूल्हों के अंदर धातु की स्प्रिंग की जगह विशेष रूप से तैयार किए गए रिंगनुमा सेक्शन में सोने के टुकड़े छिपाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर इलेक्ट्रॉनिक सामान के धातु पार्ट्स की जगह सोने को उसी आकार में ढालकर फिट करते थे, ताकि एयरपोर्ट स्कैनर और कस्टम जांच से बचा जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और कार जब्त कर ली है। इस मामले की सूचना GST, कस्टम और आयकर विभाग को भी दी गई है, ताकि सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। DST टीम ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई है।
डूंगरपुर में जिला स्पेशल टीम (DST) ने अवैध सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 77 ग्राम सोना बरामद किया है। इस सोने की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। तस्करों ने एयरपोर्ट सुरक्षा और स्कैनर को चकमा देने के लिए इस सोने को विशेष रिंगनुमा स्पेस बनाकर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे में छिपाया था। एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर गठित DST टीम को कुवैत से गुजरात के रास्ते राजस्थान में अवैध सोने की तस्करी की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र की लेहना घाटी में नाकाबंदी की गई, जहां आर्टिगा कार RJ03UA7036 को रोका गया। कार में सवार राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार से पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे बॉक्स खोलने पर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे मिले। इन चूल्हों के अंदर धातु की स्प्रिंग की जगह विशेष रूप से तैयार किए गए रिंगनुमा सेक्शन में सोने के टुकड़े छिपाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर इलेक्ट्रॉनिक सामान के धातु पार्ट्स की जगह सोने को उसी आकार में ढालकर फिट करते थे, ताकि एयरपोर्ट स्कैनर और कस्टम जांच से बचा जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और कार जब्त कर ली है। इस मामले की सूचना GST, कस्टम और आयकर विभाग को भी दी गई है, ताकि सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। DST टीम ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई है।
- मुंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने के बाद, दामड़ी गांव के मूल निवासी और वासुदेव जोशी के सुपुत्र रोहित जोशी का पहली बार डूंगरपुर आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। प्रियंकांत पंड्या के आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पंड्या परिवार ने न्यायाधीश जोशी का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रोहित जोशी की उपलब्धि को वागड़ अंचल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी करार दिया। अतिथियों ने न्यायाधीश जोशी को पुष्पमालाएं भेंट कर और सम्मान स्वरूप शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया, जिससे यह स्वागत समारोह गौरव और आत्मीयता का प्रतीक बन गया। अपने प्रति मिले इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए, न्यायाधीश रोहित जोशी ने कहा कि व्यक्ति को अपने क्षेत्र और समाज से जुड़ाव ही आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, अथक परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई सामाजिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने न्यायाधीश पद पर उनकी नियुक्ति को क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।1
- पोस्टर ने राजस्थान रॉयल्स (RR) की गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ हार पर गहरी निराशा व्यक्त की है, यह सुझाव देते हुए कि RR ने जीत का एक स्पष्ट अवसर गंवा दिया। उनके अनुसार, यदि शुभमन गिल, साईं सुदर्शन और 'बटर' तीनों के विकेट 4 से 5 ओवर के भीतर गिर जाते, तो RR यह मैच जीत जाता। हार के अन्य काल्पनिक कारणों में यह भी शामिल है कि यदि आर्चर 3 विकेट निकाल देते, या 'पूजां' और 'बीरजेश' में से कोई भी 2 विकेट लेता, तो जीत पक्की थी। पोस्टर का कहना है कि RR ने अपनी मेहनत पानी में मिला ली और यदि टीम थोड़ा और 'सेवन' करती तथा '6:00' खेलती, तो जीत सकती थी, लेकिन वे ऐसा भी नहीं कर पाए। पोस्टर का मानना है कि यदि RR ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को हरा दिया होता, तो ट्रॉफी उसके नाम हो जाती, लेकिन टीम GT से हार गई। इस हार के बाद मुख्य प्रश्न यही है कि RR की जीत हो सकती थी, तो आखिर किस वजह से RR हार गया?1
- धम्बोला कस्बेवासियों को शनिवार सुबह मई माह की भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। 30 मई को सुबह करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में काले घने बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने उमस भरी गर्मी से काफी सुकून महसूस किया। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, लेकिन इस बदली हुई सुबह ने लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी। बारिश के कारण सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया। सुबह की सैर पर निकले लोगों ने इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं किसानों ने भी इसे आगामी खरीफ सीजन के लिए एक शुभ संकेत माना। बच्चों ने भी बारिश में भीगकर मौसम का भरपूर लुत्फ उठाया। अचानक हुई इस बारिश से पेड़-पौधों को नई ताजगी मिली और पूरे वातावरण में हरियाली का एहसास बढ़ गया। मौसम में आए इस बदलाव से पूरे धम्बोला कस्बे में गर्मी से राहत का माहौल रहा। लोगों ने कहा कि मई की तपती दोपहरों के बीच सुबह हुई यह बारिश किसी राहत भरे उपहार से कम नहीं थी। बारिश के बाद धम्बोला का मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया और लोगों ने चैन की सांस ली।4
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए पुराने बस स्टैंड के पास दुकानों के बाहर बने कई पक्के निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को लोगों ने सराहा है। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका सागवाड़ा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोगों द्वारा नगर पालिका द्वारा योजना अंतर्गत आवंटित और नीलाम की गई दुकानों के बाहर अवैध रूप से सेफ्टी टैंक, सीढ़ियां और अन्य पक्के निर्माण करके अतिक्रमण किया गया है। इन अवैध कब्जों के कारण आमजन को आवाजाही में परेशानी हो रही थी और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बढ़ रहा था। इन शिकायतों के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। नगर पालिका सागवाड़ा अतिक्रमण शाखा प्रभारी अमृतलाल मीणा के नेतृत्व में बुलडोजर की मदद से इन अवैध निर्माणों को हटाया गया। इस दौरान तहसीलदार रमेश चंद्र वढेरा भी मौके पर मौजूद रहे। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सोहेल शेख ने बताया कि अवैध निर्माणों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर पालिका क्षेत्र में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी तथा सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बुलडोजर कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे आमजन को राहत मिलेगी और बाजार क्षेत्र व्यवस्थित दिखाई देगा।1
- Post by Bapulal Ahari1
- डुंगरपुर में भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल ने 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' के तहत अपने शक्ति केंद्रों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल और जिला प्रभारी डॉ. जोगेंद्र राजपुरोहित के निर्देशों पर हुआ, जिनकी कार्ययोजना नगर मंडल कार्यकारिणी की पूर्व बैठक में ही तय की गई थी। 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' और 'शक्ति केंद्र की बैठकें' भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रसार करना, युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ स्वरोजगार व सरकारी योजनाओं पर चर्चा करना है। साथ ही, चुनावी और संगठनात्मक रणनीतियाँ बनाना, आगामी अभियानों की समीक्षा करना, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विचार-विमर्श करना और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ तय करना भी इन बैठकों के एजेंडे में शामिल था। भाजपा नगर उपाध्यक्ष प्रकाश लबाना ने बताया कि इन बैठकों की विस्तृत कार्ययोजना नवीन भाजपा कार्यालय में हुई नगर मंडल कार्यकारिणी की बैठक में तैयार की गई थी। इसका प्राथमिक एजेंडा निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाना था। इसी क्रम में, नगर मंडल के सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र और महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठकें हुईं, जिनमें शक्ति केंद्र संयोजक, शक्ति केंद्र प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र महिला संयोजक, विधानसभा विस्तारक और नगर मंडल कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठक में मनोहर पटेल, रीटा कुंवर, भरत जोशी, गोपाल पंचाल, राजेश जैन, शीनैश जैन, जयंतीलाल पंचाल, प्रकाश लबाना, तरुण भावसार, हिम्मत सिंह चौहान और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र पर सुनील चौबीसा, शंकर भाई श्रीमाल, रीटा कुंवर चौहान, भूपेंद्रसिंह राठौड़, शैलेश मेहता, मदनसिंह चौहान, धर्मिष्ठा श्रीमाल, प्रीति जैन, जयश कंसारा और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी ने भागीदारी की। इन बैठकों का संचालन नगर उपाध्यक्ष शंकर भाई श्रीमाल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम प्रभारी, पूर्व जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा एवं पूर्व पार्षद रीटा कुंवर चौहान ने किया।1
- अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक आस्था का विशेष वातावरण बना हुआ है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के पश्चात, इन महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु तथा पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के तहत सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित कर भगवान का पूजन किया, वहीं कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।4
- अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में एक विशेष धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद, महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु एवं पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामना की। सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के चलते सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान कर दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित करते हुए भगवान का पूजन किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पुण्य प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सुख-शांति का वास होता है। क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, और धार्मिक अनुष्ठानों तथा भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।4
- सीमलवाड़ा में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की झोथरी ब्लॉक इकाई ने शुक्रवार को विभिन्न जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय सदस्य पोपट खोखरिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पार्टी पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 'वनवासी' शब्द के उपयोग का कड़ा विरोध करते हुए उनका पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके उपरांत, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। उन्होंने नरेगा योजना में आ रही परेशानियों, मेट कारीगरों की समस्याओं और अन्य लंबित स्वीकृतियों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया। वहीं, देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि महंगाई से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में बनी लगातार बिजली समस्या और विद्युत विभाग की लापरवाही के आरोप लगाते हुए सहायक अभियंता (विद्युत विभाग) को भी ज्ञापन दिया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने बार-बार बिजली कटौती और तकनीकी खामियों से ग्रामीण उपभोक्ताओं के परेशान होने का मुद्दा उठाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सदस्य पोपट खोखरिया ने दोहराया कि भारत आदिवासी पार्टी हमेशा जनहित और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सक्रिय रहने का आह्वान भी किया। इस प्रदर्शन में पोपट खोखरिया के साथ लालकृष्ण सरपोटा, बापूलाल डामोर, नरेंद्र रोत, अरविंद रोत, राजेश मनात, मुकेश आमलिया, बसंत डामोर, गोतम रोत, विनोद परमार, बसंत रोत, गोविंद रंगोत, चंदू लाल खराड़ी, ईश्वर भगोरा और योगेश रोत जैसे कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1