डुंगरपुर में भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल ने 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' के तहत अपने शक्ति केंद्रों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल और जिला प्रभारी डॉ. जोगेंद्र राजपुरोहित के निर्देशों पर हुआ, जिनकी कार्ययोजना नगर मंडल कार्यकारिणी की पूर्व बैठक में ही तय की गई थी। 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' और 'शक्ति केंद्र की बैठकें' भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रसार करना, युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ स्वरोजगार व सरकारी योजनाओं पर चर्चा करना है। साथ ही, चुनावी और संगठनात्मक रणनीतियाँ बनाना, आगामी अभियानों की समीक्षा करना, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विचार-विमर्श करना और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ तय करना भी इन बैठकों के एजेंडे में शामिल था। भाजपा नगर उपाध्यक्ष प्रकाश लबाना ने बताया कि इन बैठकों की विस्तृत कार्ययोजना नवीन भाजपा कार्यालय में हुई नगर मंडल कार्यकारिणी की बैठक में तैयार की गई थी। इसका प्राथमिक एजेंडा निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाना था। इसी क्रम में, नगर मंडल के सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र और महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठकें हुईं, जिनमें शक्ति केंद्र संयोजक, शक्ति केंद्र प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र महिला संयोजक, विधानसभा विस्तारक और नगर मंडल कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठक में मनोहर पटेल, रीटा कुंवर, भरत जोशी, गोपाल पंचाल, राजेश जैन, शीनैश जैन, जयंतीलाल पंचाल, प्रकाश लबाना, तरुण भावसार, हिम्मत सिंह चौहान और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र पर सुनील चौबीसा, शंकर भाई श्रीमाल, रीटा कुंवर चौहान, भूपेंद्रसिंह राठौड़, शैलेश मेहता, मदनसिंह चौहान, धर्मिष्ठा श्रीमाल, प्रीति जैन, जयश कंसारा और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी ने भागीदारी की। इन बैठकों का संचालन नगर उपाध्यक्ष शंकर भाई श्रीमाल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम प्रभारी, पूर्व जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा एवं पूर्व पार्षद रीटा कुंवर चौहान ने किया।
डुंगरपुर में भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल ने 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' के तहत अपने शक्ति केंद्रों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल और जिला प्रभारी डॉ. जोगेंद्र राजपुरोहित के निर्देशों पर हुआ, जिनकी कार्ययोजना नगर मंडल कार्यकारिणी की पूर्व बैठक में ही तय की गई थी। 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' और 'शक्ति केंद्र की बैठकें' भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रसार करना, युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ स्वरोजगार व सरकारी योजनाओं पर चर्चा करना है। साथ ही, चुनावी और संगठनात्मक रणनीतियाँ बनाना, आगामी अभियानों की समीक्षा करना, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विचार-विमर्श करना और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ तय करना भी इन बैठकों के एजेंडे में शामिल था। भाजपा नगर उपाध्यक्ष प्रकाश लबाना ने बताया कि इन बैठकों की विस्तृत कार्ययोजना नवीन भाजपा कार्यालय में हुई नगर मंडल कार्यकारिणी की बैठक में तैयार की गई थी। इसका प्राथमिक एजेंडा निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाना था। इसी क्रम में, नगर मंडल के सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र और महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठकें हुईं, जिनमें शक्ति केंद्र संयोजक, शक्ति केंद्र प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र महिला संयोजक, विधानसभा विस्तारक और नगर मंडल कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठक में मनोहर पटेल, रीटा कुंवर, भरत जोशी, गोपाल पंचाल, राजेश जैन, शीनैश जैन, जयंतीलाल पंचाल, प्रकाश लबाना, तरुण भावसार, हिम्मत सिंह चौहान और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र पर सुनील चौबीसा, शंकर भाई श्रीमाल, रीटा कुंवर चौहान, भूपेंद्रसिंह राठौड़, शैलेश मेहता, मदनसिंह चौहान, धर्मिष्ठा श्रीमाल, प्रीति जैन, जयश कंसारा और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी ने भागीदारी की। इन बैठकों का संचालन नगर उपाध्यक्ष शंकर भाई श्रीमाल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम प्रभारी, पूर्व जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा एवं पूर्व पार्षद रीटा कुंवर चौहान ने किया।
- डूंगरपुर में जिला स्पेशल टीम (DST) ने अवैध सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 77 ग्राम सोना बरामद किया है। इस सोने की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। तस्करों ने एयरपोर्ट सुरक्षा और स्कैनर को चकमा देने के लिए इस सोने को विशेष रिंगनुमा स्पेस बनाकर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे में छिपाया था। एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर गठित DST टीम को कुवैत से गुजरात के रास्ते राजस्थान में अवैध सोने की तस्करी की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र की लेहना घाटी में नाकाबंदी की गई, जहां आर्टिगा कार RJ03UA7036 को रोका गया। कार में सवार राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार से पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे बॉक्स खोलने पर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे मिले। इन चूल्हों के अंदर धातु की स्प्रिंग की जगह विशेष रूप से तैयार किए गए रिंगनुमा सेक्शन में सोने के टुकड़े छिपाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर इलेक्ट्रॉनिक सामान के धातु पार्ट्स की जगह सोने को उसी आकार में ढालकर फिट करते थे, ताकि एयरपोर्ट स्कैनर और कस्टम जांच से बचा जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और कार जब्त कर ली है। इस मामले की सूचना GST, कस्टम और आयकर विभाग को भी दी गई है, ताकि सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। DST टीम ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नगर मंडल ने 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' के निर्देशानुसार अपने शक्ति केंद्रों की बैठकें आयोजित कीं। यह पहल भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल और जिला प्रभारी डॉ. जोगेंद्र राजपुरोहित के निर्देश पर की गई थी, जिसकी कार्ययोजना नगर मंडल कार्यकारिणी की बैठक में तय हुई थी। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना, जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना, युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ स्वरोजगार एवं सरकारी योजनाओं पर चर्चा करना था। इन संगठनात्मक बैठकों में चुनावी और संगठनात्मक रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया, साथ ही आगामी अभियानों की समीक्षा, मतदाता सूची पुनरीक्षण, कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओं के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियां भी तय की गईं। भाजपा नगर उपाध्यक्ष प्रकाश लबाना ने बताया कि इन बैठकों की कार्ययोजना नवीन भाजपा कार्यालय में नगर मंडल कार्यकारिणी की बैठक में बनाई गई थी, जिसका मुख्य एजेंडा निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संगठन को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के तहत नगर मंडल के सुभाष चंद्र बोस शक्ति केंद्र और महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र में बैठकें आयोजित हुईं। इन बैठकों में शक्ति केंद्र संयोजक, शक्ति केंद्र प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र महिला संयोजक, विधानसभा विस्तारक और नगर मंडल कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र पर मनोहर पटेल, रीटा कुंवर, भरत जोशी, गोपाल पंचाल, राजेश जैन, शीनैश जैन, जयंतीलाल पंचाल, प्रकाश लबाना, तरुण भावसार, हिम्मत सिंह चौहान और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी उपस्थित थे। इसी प्रकार, सुभाष चंद्र बोस शक्ति केंद्र पर सुनील चौबीसा, शंकर भाई श्रीमाल, रीटा कुंवर चौहान, भूपेंद्र सिंह राठौड़, शैलेश मेहता, मदन सिंह चौहान, धर्मिष्ठा श्रीमाल, प्रीति जैन, जयश कंसारा और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी मौजूद रहे। मीटिंग का संचालन नगर उपाध्यक्ष शंकर भाई श्रीमाल ने किया, जबकि आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम प्रभारी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा व पूर्व पार्षद रीटा कुंवर चौहान ने आभार व्यक्त किया।1
- डुंगरपुर में भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल ने 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' के तहत अपने शक्ति केंद्रों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल और जिला प्रभारी डॉ. जोगेंद्र राजपुरोहित के निर्देशों पर हुआ, जिनकी कार्ययोजना नगर मंडल कार्यकारिणी की पूर्व बैठक में ही तय की गई थी। 'आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम' और 'शक्ति केंद्र की बैठकें' भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रसार करना, युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ स्वरोजगार व सरकारी योजनाओं पर चर्चा करना है। साथ ही, चुनावी और संगठनात्मक रणनीतियाँ बनाना, आगामी अभियानों की समीक्षा करना, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विचार-विमर्श करना और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ तय करना भी इन बैठकों के एजेंडे में शामिल था। भाजपा नगर उपाध्यक्ष प्रकाश लबाना ने बताया कि इन बैठकों की विस्तृत कार्ययोजना नवीन भाजपा कार्यालय में हुई नगर मंडल कार्यकारिणी की बैठक में तैयार की गई थी। इसका प्राथमिक एजेंडा निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाना था। इसी क्रम में, नगर मंडल के सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र और महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठकें हुईं, जिनमें शक्ति केंद्र संयोजक, शक्ति केंद्र प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र महिला संयोजक, विधानसभा विस्तारक और नगर मंडल कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महाराणा प्रताप शक्ति केंद्र की बैठक में मनोहर पटेल, रीटा कुंवर, भरत जोशी, गोपाल पंचाल, राजेश जैन, शीनैश जैन, जयंतीलाल पंचाल, प्रकाश लबाना, तरुण भावसार, हिम्मत सिंह चौहान और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, सुभाषचंद्र बोस शक्ति केंद्र पर सुनील चौबीसा, शंकर भाई श्रीमाल, रीटा कुंवर चौहान, भूपेंद्रसिंह राठौड़, शैलेश मेहता, मदनसिंह चौहान, धर्मिष्ठा श्रीमाल, प्रीति जैन, जयश कंसारा और विधानसभा विस्तारक रमेश चौधरी ने भागीदारी की। इन बैठकों का संचालन नगर उपाध्यक्ष शंकर भाई श्रीमाल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आत्मनिर्भर मंडल कार्यक्रम प्रभारी, पूर्व जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा एवं पूर्व पार्षद रीटा कुंवर चौहान ने किया।1
- डूंगरपुर में एक महिला मरीज को अस्पताल में दो महीने पहले एक्सपायर हो चुकी ड्रिप चढ़ाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। निवर्तमान पार्षद नरेश यादव, जो महिला मरीज के पति हैं, ने इस लापरवाही को उजागर करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को एक्सपायरी ड्रिप दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी पत्नी को कुछ भी होता है तो इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ही पूरी तरह जिम्मेदार होगा। इस घटना के बाद अस्पताल के स्टॉक रूम की जांच की गई, जहाँ से एक्सपायरी डेट की कई अन्य दवाइयां भी मिली हैं।4
- देश के गृह मंत्री द्वारा आदिवासियों को 'वनवासी' कहे जाने के विरोध में ब्लॉक झोथरी में पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री अमित शाह से 15 करोड़ आदिवासियों से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे 'वनवासी' नहीं, बल्कि 'आदिवासी' हैं और इस देश के मूल मालिक भी वही हैं।1
- मुंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने के बाद, दामड़ी गांव के मूल निवासी और वासुदेव जोशी के सुपुत्र रोहित जोशी का पहली बार डूंगरपुर आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। प्रियंकांत पंड्या के आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पंड्या परिवार ने न्यायाधीश जोशी का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रोहित जोशी की उपलब्धि को वागड़ अंचल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी करार दिया। अतिथियों ने न्यायाधीश जोशी को पुष्पमालाएं भेंट कर और सम्मान स्वरूप शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया, जिससे यह स्वागत समारोह गौरव और आत्मीयता का प्रतीक बन गया। अपने प्रति मिले इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए, न्यायाधीश रोहित जोशी ने कहा कि व्यक्ति को अपने क्षेत्र और समाज से जुड़ाव ही आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, अथक परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई सामाजिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने न्यायाधीश पद पर उनकी नियुक्ति को क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।1
- पोस्टर ने राजस्थान रॉयल्स (RR) की गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ हार पर गहरी निराशा व्यक्त की है, यह सुझाव देते हुए कि RR ने जीत का एक स्पष्ट अवसर गंवा दिया। उनके अनुसार, यदि शुभमन गिल, साईं सुदर्शन और 'बटर' तीनों के विकेट 4 से 5 ओवर के भीतर गिर जाते, तो RR यह मैच जीत जाता। हार के अन्य काल्पनिक कारणों में यह भी शामिल है कि यदि आर्चर 3 विकेट निकाल देते, या 'पूजां' और 'बीरजेश' में से कोई भी 2 विकेट लेता, तो जीत पक्की थी। पोस्टर का कहना है कि RR ने अपनी मेहनत पानी में मिला ली और यदि टीम थोड़ा और 'सेवन' करती तथा '6:00' खेलती, तो जीत सकती थी, लेकिन वे ऐसा भी नहीं कर पाए। पोस्टर का मानना है कि यदि RR ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को हरा दिया होता, तो ट्रॉफी उसके नाम हो जाती, लेकिन टीम GT से हार गई। इस हार के बाद मुख्य प्रश्न यही है कि RR की जीत हो सकती थी, तो आखिर किस वजह से RR हार गया?1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के झोंथरी ब्लॉक में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बैनर तले आदिवासी समाज ने देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर संबोधित करने के विरोध में सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। समाज का आरोप है कि यह उनकी ऐतिहासिक पहचान को मिटाने की एक गहरी साजिश है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित आदिवासियों ने अमित शाह का पुतला दहन किया। समाज का कहना है कि वे सदियों से अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा और जल-जंगल-जमीन की परंपराओं के साथ इस देश में रहते आए हैं, और उन्हें जानबूझकर उनकी वास्तविक पहचान से दूर करने की कोशिश की जा रही है। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब समाज जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों तथा संवैधानिक संरक्षण के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करेगा। एक प्रदर्शनकारी नेता ने बयान देते हुए कहा कि 'वनवासी' कहकर उनकी पहचान को छोटा नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि वे इस देश के मालिक और आदिवासी हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि अमित शाह को अपने इस बयान के लिए पूरे देश के आदिवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।2