सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के भरहुत मंडल के गोवराव खुर्द में शनिवार को सांसद गणेश सिंह ने ग्रामीणों के साथ संवाद किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत “एक पेड़ के नाम” पौधरोपण अभियान से हुई, जिसके अंतर्गत सांसद ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। सांसद गणेश सिंह ने अनुच्छेद-370 हटाने, राम मंदिर निर्माण और मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता पंकज सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रिषभ सिंह, राजेन्द्र दाहिया, रावेन्द्र सिंह पटवारी, ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, रजनीश लोधी, गीतेश्वर सिंह, शिवम बडगइया, कृष जासवाल, विष्णु प्रताप सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के भरहुत मंडल के गोवराव खुर्द में शनिवार को सांसद गणेश सिंह ने ग्रामीणों के साथ संवाद किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत “एक पेड़ के नाम” पौधरोपण अभियान से हुई, जिसके अंतर्गत सांसद ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। सांसद गणेश सिंह ने अनुच्छेद-370 हटाने, राम मंदिर निर्माण और मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता पंकज सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रिषभ सिंह, राजेन्द्र दाहिया, रावेन्द्र सिंह पटवारी, ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, रजनीश लोधी, गीतेश्वर सिंह, शिवम बडगइया, कृष जासवाल, विष्णु प्रताप सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
- सतना के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “पेंट पर पेंट” का खेल चलने का मामला सामने आया है, जहाँ एक आरटीआई से मिली जानकारी ने जनता के पैसों के दुरुपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस जानकारी से पता चला है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाहरी गैलरी, फोकल प्वाइंट, बाउंड्री, स्टोर, कक्षों और बाथरूम की साफ-सफाई व पेंट-पुताई के नाम पर लगातार भुगतान किए जा रहे हैं। नमो हार्डवेयर एंड ट्रेडर्स नामक वेंडर को इन अलग-अलग कार्यों के नाम पर कुल ₹1,44,560 के बिलों का भुगतान किया गया है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि कई कार्यों के लिए अन्य वेंडरों से कोटेशन मंगाए बिना ही सीधे आदेश जारी कर दिए गए। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि जिस अस्पताल में पहले से ही पेंट हो चुका था, वहां बार-बार पेंट-पुताई की इतनी आवश्यकता क्यों पड़ रही है। यह संदेह व्यक्त किया गया है कि क्या सच में हर कुछ महीनों में अस्पताल में नया पेंट हो रहा है, या फिर पुराने पेंट के ऊपर केवल बिलों का नया रंग चढ़ाया जा रहा है। यह स्पष्ट किया गया है कि यह पैसा कोई निजी खजाना नहीं, बल्कि रोगी कल्याण समिति की राशि है, जो सीधे मरीजों से ली जाती है, और इसलिए इसके एक-एक रुपये का सही इस्तेमाल जनता के सामने होना चाहिए। जनता ने मांग की है कि पिछले तीन वर्षों में हुए सभी पेंट, पुट्टी, मरम्मत और साफ-सफाई कार्यों का एक स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। यह जांच होनी चाहिए कि कहां-कहां काम हुआ, कितना काम हुआ और जमीन पर वह कितना दिखाई दे रहा है। यह चेतावनी दी गई है कि जनता के पैसों का हिसाब देना ही होगा और अगर सवाल उठेंगे तो उनके जवाब भी देने होंगे। लोगों से आवाज उठाने और सवाल पूछने का आह्वान किया गया है ताकि सच ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।1
- सतना जिले के बरौंधा सर्किल में रेंजर के पद पर पदस्थ बृजेंद्र पाण्डेय को उनकी पत्नी ने एक कथित महिला के साथ होटल में रंगे हाथ पकड़ा है। रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय ने इस पर दावा किया है कि वह वन विभाग के काम से रीवा गए थे और उक्त महिला उनके स्टाफ की सदस्य है। अब यह मामला जांच का विषय बन गया है कि बृजेंद्र पाण्डेय वन विभाग के किस अधिकारी की अनुमति से और किस काम के लिए रीवा गए थे। साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि वह किस महिला सहयोगी स्टाफ के साथ होटल में रुके थे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ सतना के एक वन परिक्षेत्र अधिकारी को उनकी पत्नी ने एक निजी होटल के कमरे में किसी अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि आक्रोशित वन अधिकारी ने अपनी प्रेमिका को मौके से सुरक्षित भगाने के लिए अपनी ही पत्नी के साथ मारपीट की। मिली जानकारी के अनुसार, सतना के वन परिक्षेत्र अधिकारी रीवा के 'रॉयल इन' नामक निजी होटल में ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी को किसी तरह इसकी भनक लग गई, जिसके बाद वे सीधे मौके पर पहुँच गईं और कमरे का दरवाजा खुलने पर पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि मौके पर पकड़ी गई महिला भी शादीशुदा है। होटल के कमरे में पकड़े जाने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और यह विवाद होटल से लेकर सड़क तक पहुँच गया, जिससे वहाँ भारी हंगामा मच गया। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग में काफी चर्चा है, लेकिन फिलहाल इस मामले पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- मैहर के परसमनिया गढ़ी गोली कांड की घटना के वक्त का एक और लाइव वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कमरे के अंदर से सुनीता सिंह ने बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह को निशाना बनाकर गोलियां दागीं। यह वीडियो स्पष्ट करता है कि परसमनिया में हुए इस गोली कांड में गोली कैसे चलाई गई, और इसे देखने का आग्रह किया गया है।1
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात का एक खास वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसे उन्होंने खुद तैयार करवाया था। इस वीडियो के बैकग्राउंड में बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' का सुपरहिट रीमेक गाना 'आरी-आरी' (यारी यारी यारी) बज रहा है, और यह कूटनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी आधिकारिक यात्रा पर फ्रांस के नीस शहर पहुंचे थे, जहाँ राष्ट्रपति मैक्रों ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। वीडियो में दोनों वैश्विक नेता गले मिलते, हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए साथ चलते नजर आ रहे हैं। रविवार को हुई इस बैठक में भारत और फ्रांस के बीच कुल 13 महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है, जिनमें रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसमें अगले पाँच वर्षों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।1
- सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के भरहुत मंडल के गोवराव खुर्द में शनिवार को सांसद गणेश सिंह ने ग्रामीणों के साथ संवाद किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत “एक पेड़ के नाम” पौधरोपण अभियान से हुई, जिसके अंतर्गत सांसद ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। सांसद गणेश सिंह ने अनुच्छेद-370 हटाने, राम मंदिर निर्माण और मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता पंकज सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रिषभ सिंह, राजेन्द्र दाहिया, रावेन्द्र सिंह पटवारी, ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, रजनीश लोधी, गीतेश्वर सिंह, शिवम बडगइया, कृष जासवाल, विष्णु प्रताप सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।1
- एक स्वास्थ्य शिविर में किए गए खर्च को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका खुलासा एक आरटीआई (RTI) आवेदन से मिली जानकारी के बाद हुआ है। जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आयोजित इस शिविर में, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की व्यवस्थाओं, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल था, के नाम पर कुल 20,100 रुपये के भुगतान की जानकारी सामने आई है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, इस कार्य का सीधा आदेश श्रीराम स्वीट या एक संबंधित वेंडर को दिया गया था। बिल के विवरण में 155 चाय के लिए 1500 रुपये, 50 कॉफी के लिए 1000 रुपये, 3 बिस्कुट पैकेट के लिए 450 रुपये, 1 लीटर पानी की 25 बोतलों के लिए 500 रुपये, 250 एमएल पानी की 150 बोतलों के लिए 1500 रुपये, 160 समोसे के लिए 1600 रुपये और 90 लंच पैकेट के लिए 13500 रुपये का उल्लेख है, जिससे कुल व्यय 20,100 रुपये होता है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी (GST) नंबर का उल्लेख नहीं है, और ऐसा प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, सरकारी खरीद और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में, स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे यह सवाल पूछा गया है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई थी, और क्या इस व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले प्रत्येक खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, खासकर जब 'चाय-समोसा और लंच पैकेट' जैसे मदों पर इतनी बड़ी राशि पर सवाल उठ रहे हों, जिससे यह पूरा मामला एक 'खर्च के खेल' जैसा दिखने लगा है।1
- रामपुर बाघेलन बाईपास पर स्थित एक शराब दुकान पर हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में दिख रहा है कि एक स्कॉर्पियो वाहन से आए कुछ लोग दुकान कर्मचारियों के साथ विवाद और हाथापाई कर रहे हैं। हालांकि, स्कॉर्पियो में सवार व्यक्तियों की पहचान की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने बताया है कि वीडियो की सत्यता और घटना के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1