मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ सतना के एक वन परिक्षेत्र अधिकारी को उनकी पत्नी ने एक निजी होटल के कमरे में किसी अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि आक्रोशित वन अधिकारी ने अपनी प्रेमिका को मौके से सुरक्षित भगाने के लिए अपनी ही पत्नी के साथ मारपीट की। मिली जानकारी के अनुसार, सतना के वन परिक्षेत्र अधिकारी रीवा के 'रॉयल इन' नामक निजी होटल में ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी को किसी तरह इसकी भनक लग गई, जिसके बाद वे सीधे मौके पर पहुँच गईं और कमरे का दरवाजा खुलने पर पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि मौके पर पकड़ी गई महिला भी शादीशुदा है। होटल के कमरे में पकड़े जाने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और यह विवाद होटल से लेकर सड़क तक पहुँच गया, जिससे वहाँ भारी हंगामा मच गया। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग में काफी चर्चा है, लेकिन फिलहाल इस मामले पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ सतना के एक वन परिक्षेत्र अधिकारी को उनकी पत्नी ने एक निजी होटल के कमरे में किसी अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि आक्रोशित वन अधिकारी ने अपनी प्रेमिका को मौके से सुरक्षित भगाने के लिए अपनी ही पत्नी के साथ मारपीट की। मिली जानकारी के अनुसार, सतना के वन परिक्षेत्र अधिकारी रीवा के 'रॉयल इन' नामक निजी होटल में ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी को किसी तरह इसकी भनक लग गई, जिसके बाद वे सीधे मौके पर पहुँच गईं और कमरे का दरवाजा खुलने पर पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि मौके पर पकड़ी गई महिला भी शादीशुदा है। होटल के कमरे में पकड़े जाने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और यह विवाद होटल से लेकर सड़क तक पहुँच गया, जिससे वहाँ भारी हंगामा मच गया। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग में काफी चर्चा है, लेकिन फिलहाल इस मामले पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ सतना के एक वन परिक्षेत्र अधिकारी को उनकी पत्नी ने एक निजी होटल के कमरे में किसी अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि आक्रोशित वन अधिकारी ने अपनी प्रेमिका को मौके से सुरक्षित भगाने के लिए अपनी ही पत्नी के साथ मारपीट की। मिली जानकारी के अनुसार, सतना के वन परिक्षेत्र अधिकारी रीवा के 'रॉयल इन' नामक निजी होटल में ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी को किसी तरह इसकी भनक लग गई, जिसके बाद वे सीधे मौके पर पहुँच गईं और कमरे का दरवाजा खुलने पर पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि मौके पर पकड़ी गई महिला भी शादीशुदा है। होटल के कमरे में पकड़े जाने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और यह विवाद होटल से लेकर सड़क तक पहुँच गया, जिससे वहाँ भारी हंगामा मच गया। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग में काफी चर्चा है, लेकिन फिलहाल इस मामले पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा स्थित एक निजी होटल रॉयल इन के कमरे में सतना जिले के बरौंधा सर्किल रेंजर ब्रिजेंद्र पाण्डेय को उनकी पत्नी ने एक गैर महिला के साथ रंगरलियां मनाते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। यह गैर महिला भी शादीशुदा बताई जा रही है। इस घटना के बाद रेंजर ब्रिजेंद्र पाण्डेय ने अपनी प्रेमिका को मौके से भगाने के प्रयास में अपनी पत्नी से मारपीट की। होटल के बाहर सड़क पर भी इस मामले को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला।1
- मैहर में जगह-जगह शराब माफियाओं के पनपने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूछा जा रहा है कि आखिर किसकी शरण में ये शराब माफिया इतने सक्रिय हैं। इसके साथ ही, आबकारी विभाग की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया जा रहा है, और लोग जानना चाहते हैं कि इस स्थिति में विभाग क्या कार्रवाई कर रहा है।1
- सतना जिले के बरौंधा सर्किल में रेंजर के पद पर पदस्थ बृजेंद्र पाण्डेय को उनकी पत्नी ने एक कथित महिला के साथ होटल में रंगे हाथ पकड़ा है। रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय ने इस पर दावा किया है कि वह वन विभाग के काम से रीवा गए थे और उक्त महिला उनके स्टाफ की सदस्य है। अब यह मामला जांच का विषय बन गया है कि बृजेंद्र पाण्डेय वन विभाग के किस अधिकारी की अनुमति से और किस काम के लिए रीवा गए थे। साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि वह किस महिला सहयोगी स्टाफ के साथ होटल में रुके थे।1
- मैहर के परसमनिया गढ़ी गोली कांड की घटना के वक्त का एक और लाइव वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कमरे के अंदर से सुनीता सिंह ने बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह को निशाना बनाकर गोलियां दागीं। यह वीडियो स्पष्ट करता है कि परसमनिया में हुए इस गोली कांड में गोली कैसे चलाई गई, और इसे देखने का आग्रह किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित प्रसिद्ध तिघरा डैम से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। गजराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के दो एमबीबीएस (MBBS) छात्रों के शवों को प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद डैम के प्रतिबंधित 'कच्ची पार' इलाके से बाहर निकाल लिया है। इस दुखद हादसे के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज और छात्र जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों के शवों को निकालने के लिए यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे 19 घंटे तक चला। डैम का 'कच्ची पार' इलाका बेहद खतरनाक और प्रतिबंधित है, जिसके कारण रेस्क्यू टीम को छात्रों की तलाश करने में काफी कठिनाई हुई। पानी की अत्यधिक गहराई और मुश्किल भौगोलिक स्थिति के बावजूद एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम लगातार जुटी रही। अंततः पानी के भीतर लगभग 50 फीट की गहराई से पहले एक छात्र का शव बरामद किया गया, जिसके बाद दूसरे छात्र के शव को भी खोज निकाला गया। हादसे का शिकार हुए दोनों छात्र ग्वालियर के प्रतिष्ठित गजराजा मेडिकल कॉलेज के थे। जैसे ही दोनों छात्रों के शवों के मिलने की पुष्टि हुई, पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में सन्नाटा पसर गया और सहपाठियों व कॉलेज प्रबंधन का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे डैम के प्रतिबंधित और खतरनाक किनारों पर जाने से बचें, क्योंकि 'कच्ची पार' जैसे गहरे और असुरक्षित क्षेत्रों में जाना जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।1
- सतना के खेरमाई रोड क्षेत्र में स्थित पुरुस्वानी बसों की गैराज अब स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी और गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। जगत देव तालाब के पास संचालित इस गैराज में दिनभर बसों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे सड़क पर लगातार और भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका सीधा खामियाजा आम राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से लेकर देर शाम तक बसों की निरंतर आवाजाही के कारण सड़क पर बार-बार यातायात बाधित होता है। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस जाम के कारण व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्लेवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर यातायात विभाग और डीएसपी यातायात से शिकायतें भी की हैं, लेकिन उनके अनुसार, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी से बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं, और वे नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आम जनता की परेशानी कब सुनी जाएगी, और क्या खेरमाई रोड के लोगों को रोजाना जाम के इस अभिशाप के साथ ही जीना पड़ेगा, या फिर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा? अब सभी की निगाहें प्रशासन और यातायात विभाग पर टिकी हैं कि वे जनता की इस जायज मांग पर कब तक कार्रवाई करते हैं।1
- मैहर जिले के अमरपाटन नगर परिषद क्षेत्र में घनी आबादी और रिहायशी कॉलोनियों के बिल्कुल सामने शराब दुकान के संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आबकारी विभाग की अनुमति से चल रही यह दुकान क्षेत्र के लोगों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं के लिए भारी असुविधा का कारण बन रही है। रहवासियों का कहना है कि दुकान के आसपास अक्सर असामाजिक गतिविधियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र का शांतिपूर्ण माहौल खतरे में है। यह भी बताया गया कि कुछ समय पहले इसी स्थान पर शराब दुकान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया था, उस दौरान दुकान को आबादी वाले क्षेत्र से हटाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई थी। तब अधिकारियों ने इस स्थान को शराब दुकान के लिए 'अनुपयुक्त' भी माना था। हालांकि, अब दुकान के दोबारा शुरू होने के बाद विरोध के स्वर अचानक शांत दिखाई दे रहे हैं, जिस पर स्थानीय लोग हैरानी जता रहे हैं। वे प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बदलीं कि इस स्थान को फिर से अनुमति दे दी गई। स्थानीय नागरिक अब प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने और दुकान को वहां से हटाने की मांग कर रहे हैं।1