Shuru
Apke Nagar Ki App…
शिकायतकर्ता का कहना है कि फतेहगढ़ उपखंड के ग्राम दवाडा स्थित नंदी पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से आवागमन प्रभावित हो रहा है तथा कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अतः संबंधित विभाग से अनुरोध है कि जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नंदी पुल का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि आमजन का सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।
Aima media
शिकायतकर्ता का कहना है कि फतेहगढ़ उपखंड के ग्राम दवाडा स्थित नंदी पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से आवागमन प्रभावित हो रहा है तथा कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अतः संबंधित विभाग से अनुरोध है कि जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नंदी पुल का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि आमजन का सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।
More news from राजस्थान and nearby areas
- प्रीति पवार भारत की प्रमुख महिला मुक्केबाज़ (बॉक्सर) हैं, जो 54 किलोग्राम (बैंटमवेट) वर्ग में खेलती हैं। उन्होंने अपनी तेज़ गति, सटीक पंच और शानदार तकनीक के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। 2026 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाज़ी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। व्यक्तिगत जानकारी पूरा नाम: प्रीति पवार जन्म: 23 अक्टूबर 2003 जन्मस्थान: भिवानी, हरियाणा देश: भारत खेल: मुक्केबाज़ी (Boxing) भार वर्ग: 54 किग्रा (Bantamweight) विकिपीडिया +1 परिवार प्रीति का परिवार खेलों से जुड़ा रहा है। उनके पिता हरियाणा पुलिस में कार्यरत रहे और कबड्डी खेलते थे। उनके चाचा विनोद साई पवार राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर रहे। उनके परदादा भी पहलवान थे। उनकी माता गृहिणी हैं। परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। � शिक्षा प्रीति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भिवानी में पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने बॉक्सिंग का अभ्यास जारी रखा। बाद में उनका पूरा ध्यान अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी पर केंद्रित हो गया। � संघर्ष की कहानी शुरुआत में प्रीति बॉक्सिंग नहीं खेलना चाहती थीं। वे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहती थीं, लेकिन उनके पिता और चाचा ने उन्हें बॉक्सिंग आज़माने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने कड़ी मेहनत शुरू की। 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद उन्हें हेपेटाइटिस-A हुआ, जिससे वे कई महीनों तक रिंग से दूर रहीं। फिटनेस दोबारा हासिल करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने वापसी की और लगातार बड़े खिताब जीते। � करियर राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह बनाई। 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर सीधे नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनीं। 2025 और 2026 में कई अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतकर विश्व की शीर्ष मुक्केबाज़ों में अपनी पहचान बनाई। � प्रमुख पदक वर्ष प्रतियोगिता पदक 2022 एशियाई खेल (54 किग्रा) 🥉 कांस्य 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल 🥇 स्वर्ण 2026 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 🥇 स्वर्ण 2026 EUBC गोल्ड ग्रां प्री 🥇 स्वर्ण 2026 राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स), 54 किग्रा 🥇 स्वर्ण 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की ऐतिहासिक जीत ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के महिला 54 किग्रा फाइनल में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत के लिए प्रतियोगिता में बॉक्सिंग का पहला स्वर्ण पदक था। � प्रेरणा प्रीति ने कई साक्षात्कारों में बताया है कि फिल्म "दंगल" और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक की सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। �1
- 48 घंटे में चोरी का किया पर्दाफाश जोधपुर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना की त्वरित कार्रवाई l मात्र 48 घंटे में चोरी का किया पर्दाफाश l रूपनगर द्वितीय साईं बाबा मंदिर के पीछे लाखों रुपए के जेवर और कैश ले गए थे चोर l तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद दो नाबालिग को लिया गया संरक्षण में l पूछताछ कर माल किया गया बरामद l दिनदहाड़े घर में से लाखों रुपए के जेवर और कैश ले गए थे चोर l एडीसीपी नतीशा जाखड़, थाना अधिकारी गोविंद व्यास और उनकी टीम ने दिखाई तत्परता l1
- स्व. श्री राजकुमार सिंह भण्डारी की प्रतिमा अनावरण समारोह दिव्यलोक सेवा संस्थान, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर में स्वर्गीय श्री राजकुमार सिंह भण्डारी की प्रतिमा का अनावरण अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। दिव्यलोक सेवा संस्थान, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर में स्वर्गीय श्री राजकुमार सिंह भण्डारी की प्रतिमा का अनावरण अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व के आदर्शों, सेवा-भाव और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करने का था, जिन्होंने अपने जीवन से अनेक लोगों को प्रेरणा प्रदान की। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने स्व. भण्डारी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, समर्पण, सादगी और मानवीय मूल्यों का अनुपम उदाहरण था। वक्ताओं ने उनके द्वारा समाजहित में किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियाँ और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।1
- BREAKING NEWS | जालौर कनियागिरी तपोभूमि से निकली चातुर्मास की भव्य शोभायात्रा, देवनगरी बैरठ में होगा मंगलमय चातुर्मास प्रवेश जालोर, 1 अगस्त 2026। नाथ संप्रदाय की अति प्राचीन तपोभूमि कनियागिरी पर्वत पर विराजमान श्री शिवावतारी महासिद्ध जालन्धरनाथजी महाराज की पावन सिद्धपीठ तथा शिवस्वरूप पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 पीर श्री गंगानाथ जी महाराज, सिरे मंदिर धाम एवं श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर के सान्निध्य में शनिवार को चातुर्मास भव्य शोभायात्रा–2026 श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। प्रातःकाल श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, ध्वज-पताकाओं और "जय गुरुदेव" के गगनभेदी जयघोष के बीच निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, नाथ संप्रदाय के अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया। शोभायात्रा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच वंदनीय श्री केशरनाथ जी महाराज की तपोस्थली देवनगरी बैरठ पहुँची, जहाँ गुरु भगवान का मंगलमय चातुर्मास प्रवेश वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर क्षेत्रभर से आए श्रद्धालुओं ने गुरु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। संतों के सान्निध्य में निकली इस शोभायात्रा ने क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। चातुर्मास के शुभारंभ के साथ ही आगामी चार माह तक धर्म, साधना, सत्संग, प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं जनकल्याणकारी धार्मिक आयोजनों का क्रम निरंतर जारी रहेगा। नाथ संप्रदाय के अनुयायियों ने इसे आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से चातुर्मास के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।1
- सिवान आंदोलन के दौरान पुलिस की AK-47 से घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका व परिवार का हाल जाना। बुलेट कुमार गौड़, आकाश और आरिफ जैसे युवाओं की पीड़ा केवल उनकी नहीं, पूरे देश के छात्रों की आवाज़ है। जो सरकार छात्रों की आवाज़ का जवाब गोलियों और लाठियों से देती है, उसे जवाब देना होगा। कांग्रेस पार्टी हर घायल छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी। सिवान आंदोलन के दौरान पुलिस की AK-47 से घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका व परिवार का हाल जाना। बुलेट कुमार गौड़, आकाश और आरिफ जैसे युवाओं की पीड़ा केवल उनकी नहीं, पूरे देश के छात्रों की आवाज़ है। जो सरकार छात्रों की आवाज़ का जवाब गोलियों और लाठियों से देती है, उसे जवाब देना होगा। कांग्रेस पार्टी हर घायल छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी।1
- बेंगलुरु से लिखी जाएगी प्रवासी राजस्थानियों के स्वर्णिम भविष्य की नई इबारत 60 दिनों के सामूहिक संकल्प ने रचा इतिहास, पहली बार एक मंच पर आएंगे वैश्विक राजस्थानी, सरकार, उद्योग और समाज; ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश को मिलेगी नई दिशा बेंगलुरु/दलपतसिंह भायल। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर की पहल पर बेंगलुरु में पहली बार देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धर्मों एवं समाजों के प्रतिनिधियों तथा राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का ऐतिहासिक महासंगम आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि राजस्थान के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और वैश्विक भविष्य को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है। महज 60 दिनों की अथक मेहनत, सुनियोजित रणनीति और सामूहिक संकल्प के बल पर इस विशाल आयोजन को साकार किया गया है। सीमित समय में हजारों लोगों को एक मंच से जोड़ते हुए व्यापक तैयारियां पूरी करना अपने आप में एक मिसाल है। आयोजन यह संदेश देता है कि जब समाज किसी बड़े उद्देश्य के लिए एकजुट होता है, तब समय और संसाधन भी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनते। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के प्रमुख सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, नीति-निर्माता तथा देश-विदेश से आए प्रवासी राजस्थानी भाग लेंगे। इस दौरान लगभग ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे राजस्थान में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांडिया ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों लोगों के सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि समाज ने केवल एक संदेश और एक फोन कॉल पर भरोसा जताते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके अनुसार समाज का विश्वास और नैतिक समर्थन ही इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का संदेश 'संगच्छध्वं संवदध्वं' अर्थात साथ चलने और मिलकर आगे बढ़ने की भावना इस आयोजन की आधारशिला है। समाज जब परिवार बनकर कार्य करता है, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त हो जाते हैं। आयोजन को सफल बनाने में बेंगलुरु की युवा टीम, महिला टीम, विभिन्न समितियों के सदस्य तथा 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवकों ने दिन-रात मेहनत की है। हजारों लोगों की सहभागिता और लाखों प्रवासी राजस्थानी परिवारों का उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी पूंजी बनकर उभरा है। सचिन पांडिया ने आयोजन में सहयोग देने वाले उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों, दानदाताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सहयोग समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला अमूल्य योगदान है। उन्होंने मीडिया सहयोगी ज़ी टीवी राजस्थान, गंगौर टीवी और सिम्प्लिसिटी मैगज़ीन का भी विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने आयोजन को देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों तक पहुंचाने और लाइव प्रसारण के माध्यम से इसकी वैश्विक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आयोजन केवल निवेश और उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और प्रवासी समाज की एकजुटता का भी भव्य उत्सव बनेगा। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर का उद्देश्य समाज को जोड़ना, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराना तथा राजस्थान के समग्र विकास के लिए एक सशक्त और स्थायी मंच तैयार करना है। बेंगलुरु से शुरू हो रही यह पहल आने वाले वर्षों में प्रवासी राजस्थानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। यदि यह अभियान अपने उद्देश्यों को प्राप्त करता है, तो यह पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा कि जब समाज, सरकार और उद्योग एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तब विकास केवल योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बन जाता है। प्रवासी राजस्थानियों के इतिहास में यह आयोजन एक नए स्वर्णिम अध्याय का सूत्रपात करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- फ्रेंडशिप डे पर हादसा – दो परिवारों में मातम विशाखापट्टनम तट पर दर्दनाक घटना फ्रेंडशिप डे की खुशियाँ दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुःख बन गईं। रविवार सुबह छह दोस्तों का समूह समुद्र तट पर घूमने पहुँचा। तस्वीरें खींचते समय अचानक तेज़ लहरें उठीं और सबको समुद्र की ओर खींच ले गईं। - नितु – पेड़जालरिपेट की रहने वाली युवती लहरों में बह गई। - रामु – नितु को बचाने के लिए समुद्र में उतरे, लेकिन खुद भी बाहर नहीं निकल पाए। - बाकी चार दोस्त किसी तरह किनारे तक पहुँचने में सफल रहे। पुलिस और बचाव अभियान घबराए दोस्तों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बचाव दल और गज-ईतगाहक (लाइफगार्ड्स) नावों के सहारे समुद्र में उतरे और गुमशुदा युवती व युवक की तलाश शुरू की। परिवारों में शोक खुशियों के दिन पर हुई इस दुर्घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। फ्रेंडशिप डे की यादें अब उनके लिए हमेशा दर्दनाक रहेंगी।1