पडकुला का मुर्दाघाट या भ्रष्टाचार का स्मारक? ₹48 लाख के अंत्येष्टि स्थल पर उठ रहे सवालों पर जालौन प्रशासन संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराए—आखिर सरकारी धन का हिसाब कौन देगा? पडकुला में सरकारी रिकॉर्ड में बना अंत्येष्टि स्थल, जमीन पर पहुंचने का रास्ता तक नहीं! जनपद जालौन में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। माधौगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत पडकुला (LGD Code 68941) में बनाए गए अंत्येष्टि स्थल को लेकर ग्रामीणों और मौके पर पहुंची पत्रकारों की टीम ने कई सवाल उठाए हैं। मेरी पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार Antesthi Sthal Ka Nirman नाम से दर्ज इस कार्य की अनुमानित लागत ₹48 लाख दिखाई गई है। रिकॉर्ड में ₹25,66,250 व्यय भी दर्ज है। वहीं भुगतान विवरण में अलग-अलग मदों में ठेकेदार/सप्लायर सहित अन्य भुगतान दर्ज दिखाई दे रहे हैं। यानी सरकारी पोर्टल पर काम और भुगतान का पूरा हिसाब नजर आ रहा है, लेकिन मौके की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—अंत्येष्टि स्थल तक रास्ता कहां है? मौके पर पहुंची टीम के अनुसार अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता नजर नहीं आया। बरसात के मौसम में आसपास खेतों में पानी और घास-फूस के बीच पत्रकारों की टीम को भी बेहद कठिनाई से मौके तक पहुंचना पड़ा। टीम को तार की फेंसिंग, खेतों की मेड़ों और पानी भरे रास्तों के बीच से होकर जाना पड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो शव को इस अंत्येष्टि स्थल तक आखिर ले जाया कैसे जाएगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण आज भी मजबूरी में अपने-अपने खेतों या पुराने स्थानों पर अंतिम संस्कार करते हैं। यदि यह स्थिति सही है तो इतनी बड़ी धनराशि खर्च करके बनाया गया अंत्येष्टि स्थल आखिर किस उपयोग के लिए है? निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल मौके पर निर्माण में दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। करीब 40–48 लाख रुपये की लागत वाले कार्य में यदि निर्माण कुछ ही समय में खराब होने लगे तो उसकी गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिकॉर्ड में निर्माण कार्य Completion of work यानी पूर्ण दर्शाया गया है, जबकि जमीनी स्थिति और उपयोगिता को लेकर सवाल बने हुए हैं। भुगतान के रिकॉर्ड ने बढ़ाए सवाल पोर्टल के स्क्रीनशॉट में MS FOUJI CONTRACTER AND SUPPLAYER के नाम से कई भुगतान दिखाई दे रहे हैं। एक भुगतान ₹10,05,515, दूसरा ₹2,50,000, इसके अलावा ₹1,00,000, ₹4,50,000 और अन्य भुगतान भी रिकॉर्ड में दिखाई देते हैं। एक अन्य प्रविष्टि में ₹24,360 इंजीनियर के नाम से दर्ज है। अब सवाल यह है कि कुल कितना भुगतान हुआ, किस-किस मद में हुआ, कौन-कौन से कार्य कराए गए और मौके पर वास्तव में कितना निर्माण हुआ? इन सभी बिंदुओं की तकनीकी एवं वित्तीय जांच ही तस्वीर साफ कर सकती है। सवाल सीधे जिम्मेदारों से ₹48 लाख की अनुमानित लागत क्यों? अंत्येष्टि स्थल तक पक्का रास्ता क्यों नहीं? निर्माण पूरा दिखाने के बाद भी स्थल उपयोगी क्यों नहीं? निर्माण में दरारें क्यों आईं? भुगतान की अलग-अलग किस्तों का पूरा विवरण क्या है? क्या कार्य का तकनीकी सत्यापन और गुणवत्ता जांच हुई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया? यह खबर उपलब्ध सरकारी पोर्टल के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति पर आधारित सवालों को सामने रखती है। भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि सक्षम विभाग की जांच के बाद ही होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी धन के एक-एक रुपये का हिसाब सामने लाता है या फिर फाइलों में काम पूरा लिखकर मामला बंद कर दिया जाता है। वीडियो को अंत तक जरूर देखें और कमेंट बॉक्स में अपनी राय बताएं—क्या आपके गांव में भी अंत्येष्टि स्थल बना है? अगर बना है तो उसकी हालत कैसी है? और आपके आसपास किसी सरकारी निर्माण में गड़बड़ी है तो हमें जानकारी दें। #जिलाधिकारीजालौन #DMJalaun #राजेश_कुमार_पाण्डेय #मुख्यविकासअधिकारीजालौन #CDOJalaun #जिलापंचायत_राज_अधिकारी #DPROJalaun #खंडविकासअधिकारी #BDOमाधौगढ़ #उपजिलाधिकारीमाधौगढ़ #SDMमाधौगढ़ #तहसीलदारमाधौगढ़ #ग्रामपंचायतपटकुला #ग्रामप्रधानमधुदेवी #ग्रामसचिवसुमितकुमार #पंचायतसचिव #ग्रामपंचायतअधिकारी #पंचायतीराजविभाग #विकासखंडमाधौगढ़ #जालौनप्रशासन #जालौनपुलिस #JalaunNews #MadhogarhNews #JalaunAdministration #GroundReport #CorruptionExposed #BreakingNews
पडकुला का मुर्दाघाट या भ्रष्टाचार का स्मारक? ₹48 लाख के अंत्येष्टि स्थल पर उठ रहे सवालों पर जालौन प्रशासन संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराए—आखिर सरकारी धन का हिसाब कौन देगा? पडकुला में सरकारी रिकॉर्ड में बना अंत्येष्टि स्थल, जमीन पर पहुंचने का रास्ता तक नहीं! जनपद जालौन में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। माधौगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत पडकुला (LGD Code 68941) में बनाए गए अंत्येष्टि स्थल को लेकर ग्रामीणों और मौके पर पहुंची पत्रकारों की टीम ने कई सवाल उठाए हैं। मेरी पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार Antesthi Sthal Ka Nirman नाम से दर्ज इस कार्य की अनुमानित लागत ₹48 लाख दिखाई गई है। रिकॉर्ड में ₹25,66,250 व्यय भी दर्ज है। वहीं भुगतान विवरण में अलग-अलग मदों में ठेकेदार/सप्लायर सहित अन्य भुगतान दर्ज दिखाई दे रहे हैं। यानी सरकारी पोर्टल पर काम और भुगतान का पूरा हिसाब नजर आ रहा है, लेकिन मौके की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—अंत्येष्टि स्थल तक रास्ता कहां है? मौके पर पहुंची टीम के अनुसार अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता नजर नहीं आया। बरसात के मौसम में आसपास खेतों में पानी और घास-फूस के बीच पत्रकारों की टीम को भी बेहद कठिनाई से मौके तक पहुंचना पड़ा। टीम को तार की फेंसिंग, खेतों की मेड़ों और पानी भरे रास्तों के बीच से होकर जाना पड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो शव को इस अंत्येष्टि स्थल तक आखिर ले जाया कैसे जाएगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण आज भी मजबूरी में अपने-अपने खेतों या पुराने स्थानों पर अंतिम संस्कार करते हैं। यदि यह स्थिति सही है तो इतनी बड़ी धनराशि खर्च करके बनाया गया अंत्येष्टि स्थल आखिर किस उपयोग के लिए है? निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल मौके पर निर्माण में दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। करीब 40–48 लाख रुपये की लागत वाले कार्य में यदि निर्माण कुछ ही समय में खराब होने लगे तो उसकी गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिकॉर्ड में निर्माण कार्य Completion of work यानी पूर्ण दर्शाया गया है, जबकि जमीनी स्थिति और उपयोगिता को लेकर सवाल बने हुए हैं। भुगतान के रिकॉर्ड ने बढ़ाए सवाल पोर्टल के स्क्रीनशॉट में MS FOUJI CONTRACTER AND SUPPLAYER के नाम से कई भुगतान दिखाई दे रहे हैं। एक भुगतान ₹10,05,515, दूसरा ₹2,50,000, इसके अलावा ₹1,00,000, ₹4,50,000 और अन्य भुगतान भी रिकॉर्ड में दिखाई देते हैं। एक अन्य प्रविष्टि में ₹24,360 इंजीनियर के नाम से दर्ज है। अब सवाल यह है कि कुल कितना भुगतान हुआ, किस-किस मद में हुआ, कौन-कौन से कार्य कराए गए और मौके पर वास्तव में कितना निर्माण हुआ? इन सभी बिंदुओं की तकनीकी एवं वित्तीय जांच ही तस्वीर साफ कर सकती है। सवाल सीधे जिम्मेदारों से ₹48 लाख की अनुमानित लागत क्यों? अंत्येष्टि स्थल तक पक्का रास्ता क्यों नहीं? निर्माण पूरा दिखाने के बाद भी स्थल उपयोगी क्यों नहीं? निर्माण में दरारें क्यों आईं? भुगतान की अलग-अलग किस्तों का पूरा विवरण क्या है? क्या कार्य का तकनीकी सत्यापन और गुणवत्ता जांच हुई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया? यह खबर उपलब्ध सरकारी पोर्टल के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति पर आधारित सवालों को सामने रखती है। भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि सक्षम विभाग की जांच के बाद ही होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी धन के एक-एक रुपये का हिसाब सामने लाता है या फिर फाइलों में काम पूरा लिखकर मामला बंद कर दिया जाता है। वीडियो को अंत तक जरूर देखें और कमेंट बॉक्स में अपनी राय बताएं—क्या आपके गांव में भी अंत्येष्टि स्थल बना है? अगर बना है तो उसकी हालत कैसी है? और आपके आसपास किसी सरकारी निर्माण में गड़बड़ी है तो हमें जानकारी दें। #जिलाधिकारीजालौन #DMJalaun #राजेश_कुमार_पाण्डेय #मुख्यविकासअधिकारीजालौन #CDOJalaun #जिलापंचायत_राज_अधिकारी #DPROJalaun #खंडविकासअधिकारी #BDOमाधौगढ़ #उपजिलाधिकारीमाधौगढ़ #SDMमाधौगढ़ #तहसीलदारमाधौगढ़ #ग्रामपंचायतपटकुला #ग्रामप्रधानमधुदेवी #ग्रामसचिवसुमितकुमार #पंचायतसचिव #ग्रामपंचायतअधिकारी #पंचायतीराजविभाग #विकासखंडमाधौगढ़ #जालौनप्रशासन #जालौनपुलिस #JalaunNews #MadhogarhNews #JalaunAdministration #GroundReport #CorruptionExposed #BreakingNews
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- *हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तहसील मैथा में निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा* कानपुर देहात 11 अगस्त 2026 हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आज तहसील मैथा में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के तहत तहसील परिसर मैथा से बैरी तिराहा तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा आमजन को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों एवं राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत रहा। इस अवसर पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन भी किया गया। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे सम्मान एवं उत्साह के साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सशक्त करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी मैथा प्रतिभा मिश्रा सहित तहसील के समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हर घर तिरंगा अभियान के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए बैरी तिराहा पहुंची, जहां कार्यक्रम का सकुशल समापन हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, गरिमामयी एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हुआ।3
- *हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली गई तिरंगा रैली* जिला क्रीड़ाधिकारी नीलम सिद्धिकी ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल के मार्गदर्शन में आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को जिला खेल कार्यालय, कानपुर देहात में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली में कानपुर देहात के लगभग 300 बच्चों, अध्यापकों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं जनमानस ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। तिरंगा रैली का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक बृजभूषण, जिला युवा अधिकारी प्रिया तिवारी, क्रीड़ा सचिव संजय मिश्रा तथा डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर कटियार जी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। तिरंगा रैली के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया।1
- राजपुर आरोग्य मेले में बढ़े त्वचा-आंख के मरीज बारिश की नमी से बढ़ी बीमारियां, पर्यवेक्षक ने दिए रक्त जांच के निर्देश राजपुर आरोग्य मेले में बढ़े त्वचा-आंख के मरीज बारिश की नमी से बढ़ी बीमारियां, पर्यवेक्षक ने दिए रक्त जांच के निर्देश कानपुर देहात। राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर अपना इलाज कराया। डॉक्टरों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दीं। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने के कारण मेले में त्वचा और आंख के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई। आयोजित आरोग्य मेले में कुल 33 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से अधिकांश मरीज खुजली, खांसी, जुकाम, बुखार, तथा त्वचा और आंख के संक्रमण से ग्रस्त पाए गए। खासवरा गांव निवासी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि उन्हें पिछले तीन दिनों से आंख में खुजली की समस्या थी, जिसके लिए उन्हें आई ड्रॉप और दवाएं दी गईं। इसी प्रकार, 15 वर्षीय युग को त्वचा रोग और बर्षा को बुखार के लिए चिकित्सकों ने जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। इस दौरान डॉ. अनूप द्विवेदी और डॉ. आकांक्षा मिश्रा ने मरीजों का परीक्षण कर दवाइयां वितरित कीं। मेले में वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, खुजली और त्वचा संबंधी रोगों के रोगियों की संख्या अधिक रही। दोपहर में पर्यवेक्षक डॉ. अरुणेन्द्र प्रताप सिंह ने मेले का निरीक्षण किया और मरीजों को दिए जा रहे इलाज की गुणवत्ता परखी। उन्होंने बुखार से पीड़ित सभी मरीजों की खून की जांच कराने के निर्देश दिए। डॉ. आकांक्षा मिश्रा ने बदलते मौसम में लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी। मेले में 14 वर्ष आयु की दो किशोरियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) का टीका भी लगाया गया।1
- 🇮🇳 सिकंदरा में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा खबर कानपुर देहात | पत्रकार इकबाल अहमद 🇮🇳 सिकंदरा में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा खबर कानपुर देहात | पत्रकार इकबाल अहमद कानपुर देहात। कस्बा सिकंदरा में आज नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल एवं उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत पाल की अगुवाई में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में कस्बे के हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया और देशभक्ति के नारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ नगर पंचायत सिकंदरा से हुआ। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पटेल चौक पहुंची, जहां लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद तिरंगा यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान राज्य मंत्री अजीत पाल ने कुछ समय पूर्व गांव में जर्जर दीवार गिरने से दबकर हुई बालक की मृत्यु के मामले में मृतक की माता कृष्णा देवी को आपदा प्रबंधन कोष से चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। तिरंगा यात्रा में नगर पंचायत के सभी सभासदों के साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार अनिरुद्ध सिंह, एसडीएम उषा सिंह, लेखपाल विमल कुमार शुक्ला, नितेश मिश्रा, मेराज अंसारी, बउआ ठाकुर, राजू अली, प्रधान शिवहरा मंगल सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं थाना प्रभारी सिकंदरा सुधाकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस एवं प्रशासन की टीम ने शांतिपूर्ण ढंग से विशाल तिरंगा यात्रा को संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान लोगों में देशभक्ति का जोश देखने को मिला और पूरे कस्बे में राष्ट्रध्वज के साथ उत्साहपूर्ण माहौल नजर आया।3
- सिकंदरा में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा खबर कानपुर देहात | पत्रकार shabanam 🇮🇳 सिकंदरा में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा खबर कानपुर देहात | पत्रकार इकबाल अहमद कानपुर देहात। कस्बा सिकंदरा में आज नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा पाल एवं उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत पाल की अगुवाई में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में कस्बे के हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया और देशभक्ति के नारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ नगर पंचायत सिकंदरा से हुआ। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पटेल चौक पहुंची, जहां लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद तिरंगा यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान राज्य मंत्री अजीत पाल ने कुछ समय पूर्व गांव में जर्जर दीवार गिरने से दबकर हुई बालक की मृत्यु के मामले में मृतक की माता कृष्णा देवी को आपदा प्रबंधन कोष से चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। तिरंगा यात्रा में नगर पंचायत के सभी सभासदों के साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार अनिरुद्ध सिंह, एसडीएम उषा सिंह, लेखपाल विमल कुमार शुक्ला, नितेश मिश्रा, मेराज अंसारी, बउआ ठाकुर, राजू अली, प्रधान शिवहरा मंगल सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं थाना प्रभारी सिकंदरा सुधाकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस एवं प्रशासन की टीम ने शांतिपूर्ण ढंग से विशाल तिरंगा यात्रा को संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान लोगों में देशभक्ति का जोश देखने को मिला और पूरे कस्बे में राष्ट्रध्वज के साथ उत्साहपूर्ण माहौल नजर आया।3
- कीचड़ में फंसी स्कूल बस, पैदल निकलने को मजबूर बच्चे! उरई की करमेर रोड पर करोड़ों की सड़क पर उठे सवाल उरई की करमेर रोड से शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सड़क निर्माण के बीच बारिश के बाद रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया, जिससे स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सड़क लंबे समय से बदहाल थी और निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें राहत की उम्मीद थी। लेकिन बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब हो गई। बच्चों को इसी कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है और कीचड़ में बस फंसने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। वहीं आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक इस सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत 4317.20 लाख रुपये यानी करीब 43.17 करोड़ रुपये बताई गई है। अनुबंध 25 फरवरी 2026 को हुआ और कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 24 मई 2027 है। अब सवाल यह है कि निर्माणाधीन सड़क पर जल निकासी और आवागमन की सुरक्षित व्यवस्था क्यों नहीं है? क्या निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच हो रही है? क्या लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे? हालांकि सड़क निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए अंतिम गुणवत्ता पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन बारिश के दौरान सामने आई इन तस्वीरों और स्थानीय लोगों की शिकायतों की जांच जरूर होनी चाहिए। करमेर रोड की इस तस्वीर पर आपकी क्या राय है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए? कमेंट में बताइए।2
- जालौन के आटा थाना क्षेत्र के ग्राम परासन के मजरा कुइयाझोर में सोमवार शाम जंगली सियार जालौन के आटा थाना क्षेत्र के ग्राम परासन के मजरा कुइयाझोर में सोमवार शाम जंगली सियार ने अलग-अलग स्थानों पर एक महिला और 13 वर्षीय बालक पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों और चरवाहों ने दोनों को सियार से बचाया1