*हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली गई तिरंगा रैली* जिला क्रीड़ाधिकारी नीलम सिद्धिकी ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल के मार्गदर्शन में आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को जिला खेल कार्यालय, कानपुर देहात में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली में कानपुर देहात के लगभग 300 बच्चों, अध्यापकों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं जनमानस ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। तिरंगा रैली का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक बृजभूषण, जिला युवा अधिकारी प्रिया तिवारी, क्रीड़ा सचिव संजय मिश्रा तथा डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर कटियार जी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। तिरंगा रैली के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया।
*हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली गई तिरंगा रैली* जिला क्रीड़ाधिकारी नीलम सिद्धिकी ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल के मार्गदर्शन में आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को जिला खेल कार्यालय, कानपुर देहात में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली में कानपुर देहात के लगभग 300 बच्चों, अध्यापकों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं जनमानस ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। तिरंगा रैली का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक बृजभूषण, जिला युवा अधिकारी प्रिया तिवारी, क्रीड़ा सचिव संजय मिश्रा तथा डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर कटियार जी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। तिरंगा रैली के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया।
- बच्चों की सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रबंधकों एवं प्रधानाचायो की बैठक संपन्न हुई आज दिनांक 10 अगस्त 2026 को "मिशन सेफ़ फ़्यूचर 2.0" के अंतर्गत तहसील अकबरपुर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में विकास खंड अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यो की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, भवन की स्थिति तथा विद्यालयीय वाहनों के सुरक्षित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपजिलाधिकारी महोदय राज कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विद्यालय में जर्जर भवन में शिक्षण कार्य न कराया जाए तथा कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। आरटीओ महोदय ने विद्यालयीय वाहनों की सुरक्षा के संबंध में कहा कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों का नियमानुसार पंजीकरण/पुनः पंजीकरण कराया जाए तथा एम-परिवहन (m-Parivahan) एप का प्रयोग स्कूली वाहन की फिटनेस एवं वैद्यता स्थिति की जाँच के लिए किया जाए। उन्होंने वाहन चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण को भी अनिवार्य रूप से कराए जाने पर बल दिया, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। क्षेत्राधिकारी (CO) अकबरपुर महोदय ने निर्देशित किया कि विद्यालयीय वाहन चालकों का चरित्र प्रमाण-पत्र अवश्य बनवाया जाए तथा चालक की पृष्ठभूमि का समुचित सत्यापन किया जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी विद्यालयीय वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रत्येक बार वाहन के संचालन से पूर्व उसकी नियमित जाँच करने तथा ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने एवं नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा उनके अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयीय वाहनों में एक अटेंडेंट की अनिवार्यता पर भी ज़ोर दिया। साथ ही बच्चों को गुड टच एवं बैड टच के संबंध में जागरूक किए जाने की आवश्यकता बताई। ज़िला सड़क सुरक्षा नोडल सन्त कुमार दीक्षित ने विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति एवं रोड सेफ्टी क्लब के गठन की व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा संबंधी गतिविधियों, वाहन सुरक्षा एवं विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता को प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि विद्यालयीय बच्चों की सुरक्षित यात्रा एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों एवं विद्यालय प्रबंधन की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। सभी विद्यालयों को शासन एवं विभागीय निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि एस एन कटियार, ब्लॉक सड़क सुरक्षा नोडल अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा महाराज सिंह तथा अंकित मिश्रा भी उपस्थित रहे।1
- निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्व. श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए आवासीय पट्टों के संबंध में न तो खुली बैठक की गई और न ही आमजन को इसकी सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पात्र लोगों को दरकिनार कर कथित रूप से अपात्र लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए। शिकायत में शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल और कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह जैसी महिलाओं को पात्र होने के बावजूद पट्टे से वंचित किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में ग्राम प्रधान और लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को आवासीय पट्टा दे दिया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवकान्ती के नाम आवासीय पट्टा किए जाने के बावजूद वह संपन्न परिवार से हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक उनके पति संपन्न हैं, ससुर के नाम करीब 20 बीघा जमीन और तीन मकान हैं। इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल— क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी? यदि दी गई थी तो उसकी कार्यवाही और प्रस्ताव कहां है? क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं? यदि किसी के पास पहले से जमीन और पक्का मकान है तो उसे आवासीय पट्टा किस आधार पर मिला? पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया? क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई? क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया? यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। #जालौन #कालपी #निवाड़ी #बरदौली #आवासीयपट्टा #पट्टाआवंटन #डीएमजालौन #ग्रामपंचायत #ग्रामप्रधान #लेखपाल #राजस्वविभाग #सरकारीजमीन #पट्टाघोटाला #जांचकीमांग #JalaunNews #KalpiNews #BreakingNews #UPNews1
- अटरिया गांव में रास्ते को लेकर विवाद, लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कालपी। थाना आटा क्षेत्र के ग्राम अटरिया में रास्ते से निकलने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद मारपीट हो गई। विवाद के दौरान शैलेन्द्र निरंजन द्वारा अपनी लाइसेंसी बंदूक से दो फायर किए जाने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही थाना आटा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त कर अभियोग पंजीकृत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और मामले में अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी कालपी द्वारा जानकारी दी गई है।1
- निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर ग्रामीण ने की डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्व. श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए आवासीय पट्टों के संबंध में न तो खुली बैठक की गई और न ही आमजन को इसकी सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पात्र लोगों को दरकिनार कर कथित रूप से अपात्र लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए। शिकायत में शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल और कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह जैसी महिलाओं को पात्र होने के बावजूद पट्टे से वंचित किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में ग्राम प्रधान और लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को आवासीय पट्टा दे दिया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवकान्ती के नाम आवासीय पट्टा किए जाने के बावजूद वह संपन्न परिवार से हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक उनके पति संपन्न हैं, ससुर के नाम करीब 20 बीघा जमीन और तीन मकान हैं। इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल— क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी? यदि दी गई थी तो उसकी कार्यवाही और प्रस्ताव कहां है? क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं? यदि किसी के पास पहले से जमीन और पक्का मकान है तो उसे आवासीय पट्टा किस आधार पर मिला? पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया? क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई? क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया? यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।1
- रूरा अकबरपुर मार्ग पर ओवर ब्रिज के समीप एक ट्रेलर नाली की पटिया तोड़कर नाले में जा घुसा, यातायात हुआ बाधित कस्बा रुरा में रूरा अकबरपुर मार्ग पर ओवर ब्रिज के समीप बैक करने के दौरान ट्रेलर का अगला हिस्सा नाली की पटिया तोड़कर नाले में जा घुसा और सड़क के बीचो-बीच खड़ा हो गया जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा।वहीं क्रेन की मदद से उसको बाहर निकाला गया।जिससे यातायात सुचारू रूप से बहाल हो गया।1
- कृमि मुक्त रहने से बेहतर होता है बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास: बीईओ मनोज कुमार सिंह कानपुर देहात। पीएमश्री विद्यालय बढ़ापुर अकबरपुर में सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का अत्यंत उत्साहपूर्वक और सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने बच्चों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि पेट के कीड़ों से मुक्त रहने से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होता है। साथ ही इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास तेज होता है और उनकी पढ़ाई-लिखाई (पठन-पाठन) की क्षमता भी बेहतर होती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कंचन यादव के कुशल दिशा-निर्देशन में बच्चों ने विद्यालय मंच पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति से संबंधित विभिन्न विषयों पर बेहद सुंदर और संदेशप्रद प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के इस प्रयास को सभी ने खूब सराहा। विद्यालय के सभी बच्चों ने अपने-अपने कक्षा अध्यापक की देखरेख में एल्बेंडाजोल की गोलियां खाई। बच्चों के साथ-साथ विद्यालय के सभी उपस्थित शिक्षकों और शिक्षणेत्तर स्टाफ ने भी गोलियां खाकर इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका कंचन यादव, सुमन यादव, सुलेखा, दिव्या सक्सेना, दिनेश पाठक एवं शिक्षामित्र उमा सहित समस्त विद्यालय परिवार सक्रिय रूप से मौजूद रहा।1
- दबंग मकान मालिक का कारनामा, एग्रीमेंट के वावजूद कार्यालय में जड़ा ताला, ब्रेकिंग जालौन किराएदार को निकालकर किया बेदखल, पुलिस चौकी में हुए सुलह समझौते के बाद भी दिखाई दबंगई, कार्यालय की चाबी मांगने पर की अभद्रता, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, उरई के सुशील नगर शिवा पैलेस के पास का मामला।1
- जालौन ; छेड़खानी का विरोध करना पडा। पिता को भारी । जालौन ; छेड़खानी का विरोध करना पिता को पड़ा भारी ➡️दबंगों ने व्यक्ति को लाठी और डंडों से पीटा ➡️मारपीट की घटना का वीडियो हुआ वायरल ➡️कालपी के मैनूपुर गांव का पूरा मामला ।1