जौनपुर बक्शा सड़ेरी सिटकहवा पुष्पांजलि मां दुर्गा पूजा समिति में दूसरे दिन श्रद्धालुओं के भारी भीड़ जौनपुर बक्शा थाना क्षेत्र के सड़ेरी सिटकहवा में पुष्पांजली मां दुर्गा पूजा समिति पंडाल में शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का दर्शन पूजन किया गया तृप्ति पूजा समिति शम्भूगंज के पंडाल में भक्तों ने माता रानी के दर्शन और आरती में शामिल हुए इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना की मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और देवी को प्रिय भोग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, प्रिय भोग, मंत्र और पूजा के जरूरी नियम। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस वर्ष 12 अक्टूबर, सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। देवी का यह स्वरूप तप, त्याग, साधना और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को धैर्य, मानसिक शांति और मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने की प्रेरणा मिलती है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप, पूजा विधि, प्रिय फूल, भोग, मंत्र और शुभ रंग। मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल सुशोभित रहता है। माता का यह रूप कठोर तपस्या, पवित्रता, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देता है। ‘ब्रह्मचारिणी’ शब्द का संबंध ब्रह्म के मार्ग पर चलने और तप-साधना करने से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की आराधना से व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, संयम बनाए रखने और कठिन समय में धैर्य से काम लेने की प्रेरणा मिलती है। पंडित राम सूरत तिवारी ने महारानी का भाग श्रृंगार कर आरती और पूजन किया दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी दर्शनार्थी बारी-बारी से माता रानी के दर्शन में पूजन करते दिखे। दूर दराज से आए भक्तों ने फल फूल और प्रसाद चढ़कर माता रानी का पूजन किया माता रानी की जयकारों से पूरा वातावरण भक्ति में हो गया।इस अवसर पर भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
जौनपुर बक्शा सड़ेरी सिटकहवा पुष्पांजलि मां दुर्गा पूजा समिति में दूसरे दिन श्रद्धालुओं के भारी भीड़ जौनपुर बक्शा थाना क्षेत्र के सड़ेरी सिटकहवा में पुष्पांजली मां दुर्गा पूजा समिति पंडाल में शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का दर्शन पूजन किया गया तृप्ति पूजा समिति शम्भूगंज के पंडाल में भक्तों ने माता रानी के दर्शन और आरती में शामिल हुए इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना की मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और देवी को प्रिय भोग अर्पित
करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, प्रिय भोग, मंत्र और पूजा के जरूरी नियम। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस वर्ष 12 अक्टूबर, सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। देवी का यह स्वरूप तप, त्याग, साधना और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को धैर्य, मानसिक शांति और मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने
की प्रेरणा मिलती है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप, पूजा विधि, प्रिय फूल, भोग, मंत्र और शुभ रंग। मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल सुशोभित रहता है। माता का यह रूप कठोर तपस्या, पवित्रता, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देता है। ‘ब्रह्मचारिणी’ शब्द का संबंध ब्रह्म के मार्ग पर चलने और तप-साधना करने से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की आराधना से व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित
रहने, संयम बनाए रखने और कठिन समय में धैर्य से काम लेने की प्रेरणा मिलती है। पंडित राम सूरत तिवारी ने महारानी का भाग श्रृंगार कर आरती और पूजन किया दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी दर्शनार्थी बारी-बारी से माता रानी के दर्शन में पूजन करते दिखे। दूर दराज से आए भक्तों ने फल फूल और प्रसाद चढ़कर माता रानी का पूजन किया माता रानी की जयकारों से पूरा वातावरण भक्ति में हो गया।इस अवसर पर भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
- जौनपुर बक्शा सड़ेरी सिटकहवा पुष्पांजलि मां दुर्गा पूजा समिति में दूसरे दिन श्रद्धालुओं के भारी भीड़ जौनपुर बक्शा थाना क्षेत्र के सड़ेरी सिटकहवा में पुष्पांजली मां दुर्गा पूजा समिति पंडाल में शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का दर्शन पूजन किया गया तृप्ति पूजा समिति शम्भूगंज के पंडाल में भक्तों ने माता रानी के दर्शन और आरती में शामिल हुए इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना की मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और देवी को प्रिय भोग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, प्रिय भोग, मंत्र और पूजा के जरूरी नियम। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस वर्ष 12 अक्टूबर, सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। देवी का यह स्वरूप तप, त्याग, साधना और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को धैर्य, मानसिक शांति और मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने की प्रेरणा मिलती है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप, पूजा विधि, प्रिय फूल, भोग, मंत्र और शुभ रंग। मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल सुशोभित रहता है। माता का यह रूप कठोर तपस्या, पवित्रता, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देता है। ‘ब्रह्मचारिणी’ शब्द का संबंध ब्रह्म के मार्ग पर चलने और तप-साधना करने से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की आराधना से व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, संयम बनाए रखने और कठिन समय में धैर्य से काम लेने की प्रेरणा मिलती है। पंडित राम सूरत तिवारी ने महारानी का भाग श्रृंगार कर आरती और पूजन किया दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी दर्शनार्थी बारी-बारी से माता रानी के दर्शन में पूजन करते दिखे। दूर दराज से आए भक्तों ने फल फूल और प्रसाद चढ़कर माता रानी का पूजन किया माता रानी की जयकारों से पूरा वातावरण भक्ति में हो गया।इस अवसर पर भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।4
- Dhara motor ke rewinding ki ja rahi hai aap log sochne ke liye humse Jude Dhara motor ki winding 1 horse power1
- मां दुर्गा का पावन दर्शन नवरात्रि की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं1
- मछली शहर क्षेत्र अधिकारी परमानंद कुशवाहा ने पूजा पंडालो का देर रात्रि रविवार को किया निरीक्षण मछली शहर क्षेत्र अधिकारी परमानंद कुशवाहा ने रविवार की देर रात्रि पूजा पंडालो का किया निरीक्षण पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह के निर्देश पर सभी क्षेत्राधिकार को निर्देशित किया गया है कि नवरात्रि के दौरान व पूजा पंडालो का निरीक्षण करें और पुलिस को सतर्कता बदलने के लिए तत्पर करें1
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- नए एसपी यशवीर सिंह से मिलने पहुंचीं सौम्या बिंद, बोलीं—‘मुझे लोगों ने ठगा, अब मेरे साथ कोई खड़ा नहीं’ जौनपुर। जनपद में नए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह से मिलने पहुंचीं सौम्या बिंद ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लोगों ने ठगा है और अब उनके साथ कोई खड़ा नहीं है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि इस मुश्किल घड़ी में जनता और पत्रकार ही उनके साथ खड़े हैं, बाकी कोई उनका साथ देने वाला नहीं है। सौम्या बिंद के इस बयान ने उनके संघर्ष और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नए एसपी से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी बात रखी और न्याय की उम्मीद जताई। अब देखना होगा कि सौम्या बिंद की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- दुर्गा पूजा पंडाल में टेंट के पाइप में उतरा करंट, सात वर्षीय मासूम की मौत से गांव में मातम केराकत (जौनपुर)। केराकत कोतवाली क्षेत्र के खटहरा गांव में दुर्गा पूजा पंडाल के पास करंट की चपेट में आने से सात वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पंडाल में लगाए गए टेंट के लोहे के पाइप में बिजली का करंट उतर आया था, जिसकी चपेट में आने से मासूम की जान चली गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई, वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृत बालक की पहचान खटहरा गांव निवासी नीरज सरोज के सात वर्षीय बेटे रिव्यांश सरोज उर्फ कल्लू के रूप में हुई है। वह मुर्तजाबाद-बगथरी स्थित माइक्रोटेक विद्यालय में एलकेजी का छात्र था। रिव्यांश अपनी दो वर्षीय बहन से बड़ा और परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी असामयिक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जाता है कि रिव्यांश के पिता नीरज सरोज महाराष्ट्र के मुंबई-नासिक क्षेत्र में एक डेयरी कंपनी में काम करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मासूम को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में दुर्गा पूजा पंडाल लगाने की जिम्मेदारी गोलू टेंट हाउस को दी गई थी। पंडाल में टेंट का पाइप लगाते समय उसमें करंट उतरने की बात सामने आई है। इसी दौरान बालक के करंट की चपेट में आने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। एक मासूम की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक आयोजनों में बिजली की सुरक्षित व्यवस्था, टेंट के लोहे के पाइपों की अर्थिंग और विद्युत तारों की उचित सुरक्षा बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।1
- जौनपुर में बड़ा हादसा टला! 35 बच्चों से भरी स्कूल बस नहर में घुसी, सभी सुरक्षित। जौनपुर के बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सराय त्रिलोकी चौराहे के पास एक निजी स्कूल की बस अनियंत्रित होकर नहर में जा घुसी। बताया जा रहा है कि बस में 30 से 35 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि किसी बच्चे के हताहत होने की सूचना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, सेंट जेवियर स्कूल की एक बस पहले से खराब खड़ी थी। उसमें सवार बच्चों को घर पहुंचाने के लिए दूसरी बस भेजी गई थी। आरोप है कि इसी दौरान चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और बस पुलिया से टकराकर नहर में उतर गई। वहीं, घटना के दौरान एक शिक्षक का कथित बयान भी कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। वायरल वीडियो में शिक्षक की टिप्पणी को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। हालांकि, वीडियो और बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस घटना ने स्कूल बसों की सुरक्षा और बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।1