बेरमा में किसान पुत्र ने पेश की समाज सेवा की मिसाल, 8 गरीब बेटियों का कराया सामूहिक विवाह बेरमा में किसान पुत्र ने पेश की समाज सेवा की मिसाल, 8 गरीब बेटियों का कराया सामूहिक विवाह मैहर । मैहर जिले के बेरमा निवासी किसान पुत्र युवा नेता अशोक साहू ने समाज में दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची पर प्रहार करते हुए अनुकरणीय पहल की है। अशोक साहू द्वारा 21 अप्रैल को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन करवाकर आठ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्पन्न कराया गया। *आयोजन की खास बातें:* - *स्थान*: कार्यक्रम का आयोजन टमाटर मंडी बेरमा स्थिति अपने निज निवास में किया गया - *व्यवस्था*: सभी आठ जोड़ों के लिए विवाह का पूरा खर्च, कपड़े, घर-गृहस्थी का जरूरी सामान और भोजन की व्यवस्था अशोक साहू ने स्वयं की - *सहभागिता*: विवाह समारोह में गांव के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और दोनों पक्षों के परिजन शामिल हुए *बड़ा संदेश*: अशोक साहू ने कहा कि समाज में बेटियों को बोझ न समझा जाए। सामूहिक विवाह से गरीब परिवारों पर आर्थिक दबाव कम होता है और दहेज जैसी कुरीति को भी रोका जा सकता है। ग्रामीणों ने अशोक साहू के इस कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
बेरमा में किसान पुत्र ने पेश की समाज सेवा की मिसाल, 8 गरीब बेटियों का कराया सामूहिक विवाह बेरमा में किसान पुत्र ने पेश की समाज सेवा की मिसाल, 8 गरीब बेटियों का कराया सामूहिक विवाह मैहर । मैहर जिले के बेरमा निवासी किसान पुत्र युवा नेता अशोक साहू ने समाज में
दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची पर प्रहार करते हुए अनुकरणीय पहल की है। अशोक साहू द्वारा 21 अप्रैल को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन करवाकर आठ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्पन्न कराया गया। *आयोजन की खास बातें:* - *स्थान*: कार्यक्रम का आयोजन टमाटर मंडी बेरमा स्थिति अपने निज
निवास में किया गया - *व्यवस्था*: सभी आठ जोड़ों के लिए विवाह का पूरा खर्च, कपड़े, घर-गृहस्थी का जरूरी सामान और भोजन की व्यवस्था अशोक साहू ने स्वयं की - *सहभागिता*: विवाह समारोह में गांव के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और दोनों पक्षों के परिजन शामिल हुए *बड़ा संदेश*: अशोक साहू ने कहा कि
समाज में बेटियों को बोझ न समझा जाए। सामूहिक विवाह से गरीब परिवारों पर आर्थिक दबाव कम होता है और दहेज जैसी कुरीति को भी रोका जा सकता है। ग्रामीणों ने अशोक साहू के इस कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
- केजेएस सीमेंट प्रबंधन की लापरवाही ने ली मासूम की जान आम आदमी पार्टी के संघर्ष के आगे झुका प्लांट, 6 लाख मुआवजे का ऐलान मैहर क्षेत्र में संचालित केजेएस सीमेंट प्लांट की खुली खदानें अब मासूमों के लिए काल साबित हो रही हैं। ताजा मामला गिरगिटा गांव का है, जहां प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण 8 वर्षीय मासूम रघुराज द्विवेदी की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने मोर्चेबंदी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया। *खुली खदान बनी 'मौत का कुआं'* ग्रामीणों का आरोप है कि KJS सीमेंट प्लांट द्वारा खदानों की सुरक्षा के लिए जरूरी बैरीकेटिंग नहीं की गई है। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर खदानों को खुला छोड़ दिया गया है, जो आए दिन गरीब और असहाय लोगों की जान ले रही हैं। इतना ही नहीं, प्लांट से निकलने वाले ओवरलोड ट्रक भी क्षेत्र में हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। *AAP की हुंकार 20 मिनट में पलटा फैसला* घटना के बाद मुआवजे को लेकर प्लांट प्रबंधन का रवैया बेहद उदासीन रहा। शाम 4:00 बजे तक केवल 1 लाख रुपये मुआवजे की बात कही जा रही थी। खबर मिलते ही आम आदमी पार्टी की टीम मैदान में उतर आई। *उमेश चौधरी* (प्रदेश सह सचिव, आम आदमी पार्टी) *पुष्पेंद्र सिंह* (जिला अध्यक्ष) *आनंद श्रीवास्तव* (जिला अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ) 'आप' नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्लांट के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी के इस कड़े तेवर और भारी जन दबाव के आगे प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। प्रदर्शन शुरू होने के ठीक 20 मिनट बाद ही प्रबंधन ने मुआवजे की राशि बढ़ाकर *6 लाख रुपये* करने की घोषणा की। *परिजनों ने किया समझौता* मुआवजे की घोषणा और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने समझौता किया। हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर अब भी रोष है कि आखिर कब तक प्रबंधन की लापरवाही मासूमों की जान लेता रहेगा आम आदमी पार्टी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि खदानों की बैरीकेटिंग और ओवरलोड ट्रकों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आगामी समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा1
- Post by Sharda Shrivastava1
- *KJS सीमेंट प्रबंधन की लापरवाही ने ली मासूम की जान AAP के संघर्ष के आगे झुका प्लांट, 6 लाख मुआवजे का ऐलान* खबर/मैहर क्षेत्र में संचालित KJS सीमेंट प्लांट की खुली खदानें अब मासूमों के लिए काल साबित हो रही हैं। ताजा मामला गिरगिटा गांव का है, जहां प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण 8 वर्षीय मासूम रघुराज द्विवेदी की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने मोर्चेबंदी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया। *खुली खदान बनी 'मौत का कुआं'* ग्रामीणों का आरोप है कि KJS सीमेंट प्लांट द्वारा खदानों की सुरक्षा के लिए जरूरी बैरीकेटिंग नहीं की गई है। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर खदानों को खुला छोड़ दिया गया है, जो आए दिन गरीब और असहाय लोगों की जान ले रही हैं। इतना ही नहीं, प्लांट से निकलने वाले ओवरलोड ट्रक भी क्षेत्र में हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। *AAP की हुंकार 20 मिनट में पलटा फैसला* घटना के बाद मुआवजे को लेकर प्लांट प्रबंधन का रवैया बेहद उदासीन रहा। शाम 4:00 बजे तक केवल 1 लाख रुपये मुआवजे की बात कही जा रही थी। खबर मिलते ही आम आदमी पार्टी की टीम मैदान में उतर आई। *उमेश चौधरी* (प्रदेश सह सचिव, आम आदमी पार्टी) *पुष्पेंद्र सिंह* (जिला अध्यक्ष) *आनंद श्रीवास्तव* (जिला अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ) 'आप' नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्लांट के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी के इस कड़े तेवर और भारी जन दबाव के आगे प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। प्रदर्शन शुरू होने के ठीक 20 मिनट बाद ही प्रबंधन ने मुआवजे की राशि बढ़ाकर *6 लाख रुपये* करने की घोषणा की। *परिजनों ने किया समझौता* मुआवजे की घोषणा और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने समझौता किया। हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर अब भी रोष है कि आखिर कब तक प्रबंधन की लापरवाही मासूमों की जान लेती रहेगी। आम आदमी पार्टी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि खदानों की बैरीकेटिंग और ओवरलोड ट्रकों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आगामी समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियाँ 💯 लापरवाही या हत्या जिम्मेदार कौन? 8 वर्ष के मासूम की जान 📍1
- स्थान: उचेहरा (सतना) ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़ सतना। जिले के उचेहरा तहसील अंतर्गत आने वाले लालपुर गांव में बुधवार दोपहर एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। खेतों में लगी नरवाई की आग इतनी विकराल हो गई कि देखते ही देखते उसने गांव को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में करीब 10 मवेशियों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। तेज हवाओं ने आग को बनाया बेकाबू मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत खेतों में कटी फसल के अवशेष (नरवाई) में जलने से हुई थी। तेज हवाओं के कारण लपटें तेजी से फैलती हुई रिहायशी इलाके तक पहुंच गईं। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक आग ने कई घरों और मवेशी शेड (तबेले) को अपनी गिरफ्त में ले लिया। लाखों का नुकसान, दाने-दाने को मोहताज किसान इस अग्निकांड में न केवल बेजुबान जानवरों की जान गई, बल्कि किसानों की मेहनत की कमाई भी राख हो गई। मवेशी शेड में बंधे पशुओं को बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला। साथ ही, घरों में रखा भारी मात्रा में अनाज और भूसा पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। प्रभावित किसानों का कहना है कि उनके पास अब न तो पशु बचे हैं और न ही परिवार के पेट पालने के लिए अनाज। प्रशासन से मुआवजे की मांग घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसानों के नुकसान का उचित आकलन किया जाए और उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस भारी संकट से उबर सकें। ताजा खबरों के लिए बने रहें 'मध्य भारत न्यूज़' के साथ।1
- कच्चे मकान की दीवार गिरी, चार युवक घायल, खेलने के दौरान हुआ हादसा, दो गंभीर रीवा रेफर मैहर। जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुम्हारी में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक कच्चे और जर्जर मकान की दीवार अचानक गिरने से चार युवक घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, कुम्हारी निवासी रंजीत दाहिया का कच्चा मकान लंबे समय से खाली पड़ा था। इसी मकान के पास चार युवक कंचा खेल रहे थे, तभी मकान की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और सभी युवक मलबे में दब गए।हादसा करीब 4 के आसपास हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे युवकों को बाहर निकाला। तत्पश्चात 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को सिविल अस्पताल अमरपाटन भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में राहुल कुमार लोनी (24 वर्ष), प्रेम साहू (18 वर्ष), सतीश लोनी (17 वर्ष) और अरविंद लोनी (17 वर्ष) शामिल हैं। इनमें से राहुल कुमार लोनी और प्रेम साहू की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर कर दिया है।कच्चा मकान रंजीत दाहिया का बताया जा रहा है।घर मे कोई नही रहता था क्योंकि रंजीत का मकान वही पर बना हुआ है जहाँ सभी लोग रहते है। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी विजय सिंह पारस्ते और तहसीलदार आरडी साकेत भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है।1
- Post by Neeraj Ravi2
- Post by Sharda Shrivastava1