झंझारपुर के लखनौर थाना क्षेत्र के गंगापुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कमला बलान नदी में डूबने से 65 वर्षीय किसान नारायण यादव लापता हो गए हैं। यह हादसा शुक्रवार को तब हुआ जब नारायण यादव अपनी भैंस को नदी के पार बघार ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक भैंस की रस्सी उनके हाथ से छूट गई, जिसके बाद वे खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में डूब गए। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बीडीओ राजेश्वर राम व लखनौर थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, अनुमंडल स्तर पर आपदा से निपटने के लिए त्वरित बचाव संसाधनों की भारी कमी देखने को मिली, जिसके कारण SDRF की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 5 घंटे की लंबी देरी हुई। इस भारी विलंब को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, उनका आरोप है कि यदि अनुमंडल स्तर पर ही आपदा राहत एवं बचाव की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत पहले शुरू किया जा सकता था। ग्रामीण अब प्रशासन की इस लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद, SDRF की टीम आखिरकार मौके पर पहुंची और तुरंत नदी में लापता किसान नारायण यादव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मायूसी का माहौल छाया हुआ है और सभी की निगाहें नदी किनारे चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं, ग्रामीण ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि किसान का जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।
झंझारपुर के लखनौर थाना क्षेत्र के गंगापुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कमला बलान नदी में डूबने से 65 वर्षीय किसान नारायण यादव लापता हो गए हैं। यह हादसा शुक्रवार को तब हुआ जब नारायण यादव अपनी भैंस को नदी के पार बघार ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक भैंस की रस्सी उनके हाथ से छूट गई, जिसके बाद वे खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में डूब गए। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बीडीओ राजेश्वर राम व लखनौर थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, अनुमंडल स्तर पर आपदा से निपटने के लिए त्वरित बचाव संसाधनों की भारी कमी देखने को मिली, जिसके कारण SDRF की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 5 घंटे की लंबी देरी हुई। इस भारी विलंब को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, उनका आरोप है कि यदि अनुमंडल स्तर पर ही आपदा राहत एवं बचाव की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत पहले शुरू किया जा सकता था। ग्रामीण अब प्रशासन की इस लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद, SDRF की टीम आखिरकार मौके पर पहुंची और तुरंत नदी में लापता किसान नारायण यादव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मायूसी का माहौल छाया हुआ है और सभी की निगाहें नदी किनारे चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं, ग्रामीण ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि किसान का जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।
- मधुबनी जिले के भैरवस्थान थानाक्षेत्र के नारायणपुर चौक पर एक अनोखे बाइक चोर को रंगे हाथों पकड़ा गया। यह घटना उस समय सामने आई जब एक युवक बाइक चुराने की कोशिश कर रहा था, जिसे खुद बाइक चलाना भी नहीं आता था। वाहन मालिक ने उस युवक को बाइक ले जाते हुए देख लिया और बिना आगे-पीछे देखे, उसे भागकर पकड़ लिया। इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि वह युवक कौन था, कहां का रहने वाला था, भैरवस्थान थानाक्षेत्र में क्यों आया था, और उसने भीड़-भाड़ वाले बाजार में किसी और दुकान की बजाय उसी दुकान से चोरी करने का प्रयास क्यों किया। इस पूरे मामले का माजरा जानने का प्रयास किया जा रहा है।1
- दरभंगा न्यायालय में ताड़ीह प्रखंड और महथौर पंचायत में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने से रोकने के प्रयासों, जान से मारने की धमकी तथा जान से मारने की कोशिश से जुड़े एक मामले में सीआर केस दायर किया गया है। यह कानूनी कार्रवाई उन कथित दोषियों के विरुद्ध की गई है, जिन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े सच को सामने आने से रोकने का प्रयास किया। इस मामले के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि सच की लड़ाई कानून के दायरे में जारी रहेगी। दायरकर्ता ने न्यायपालिका पर अपना पूर्ण विश्वास जताया है और उम्मीद व्यक्त की है कि इस मामले में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट कहा गया है कि सच रुकेगा नहीं और अंततः सामने आकर रहेगा।1
- मुहर्रम को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में पूरे जिले में फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसके माध्यम से नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया गया। इस फ्लैग मार्च में DM आनंद कुमार शर्मा, SP योगेन्द्र कुमार, मुख्यालय DSP रश्मि कुमारी और सदर DSP अमित कुमार पुलिस बल के साथ शामिल थे। उन्होंने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मार्च किया, जिसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा जगाना और असामाजिक तत्वों को चेतावनी देना था। जिला पदाधिकारी आनंद कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि जिले भर में अब तक 158 डीजे जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुहर्रम जुलूस निकालने के लिए सभी कमेटियों को प्रशासन से लाइसेंस लेना अनिवार्य है, और बिना लाइसेंस के जुलूस निकालने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि नियम सभी के लिए बराबर हैं। पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, फोटो या वीडियो शेयर करने वालों पर साइबर सेल की कड़ी नज़र है। SP ने कहा कि मुहर्रम शांति, संयम और भाईचारे का पर्व है, और इसे उसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि प्रत्येक जुलूस मार्ग पर 24x7 पुलिस की निगरानी रहेगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मधुबनी की गंगा-जमुनी तहज़ीब को कोई भी खराब नहीं कर सकता और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन जनता से सहयोग की अपील कर रहा है ताकि मुहर्रम का पर्व सौहार्द और शांति के साथ संपन्न हो।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहारवासी नाखुश और दुखी बताए जा रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह राज्य में लगातार हो रहे एनकाउंटर हैं। इस संबंध में भारत भूषण जी का जिक्र किया गया है, जिन्हें एक देशभक्त और गरीबों का मसीहा बताया गया है। बिहार में चल रहे विभिन्न मुद्दों और लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए, लोगों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति गहरी नाराजगी है। बिहार के लोग सीएम से काफी दुखी हैं और आने वाले समय में राज्य में और क्या-क्या देखने को मिलेगा, इस बात को लेकर भी चिंता जताई गई है। पाठकों से इस खबर को लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- मुहर्रम के पर्व से पहले मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में, प्रशासन ने जिले भर से 158 डीजे जब्त किए हैं। जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं फ्लैग मार्च का नेतृत्व कर लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइसेंस के निकाले जाने वाले किसी भी जुलूस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के अवसर पर मधुबनी के समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में एक व्यापक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही सभी उपस्थित लोगों से नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता फैलाने और समाज में नशा के विरुद्ध वातावरण तैयार करने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल प्रशासनिक प्रयासों से सफल नहीं हो सकता; इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से नशे के कारोबार और सेवन के विरुद्ध जागरूक रहने तथा प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक तथा सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ने नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों, इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों, तथा नशा मुक्ति के उपायों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पूर्व में नशे की लत का शिकार रहे और वर्तमान में उससे पूर्णतः मुक्त हो चुके व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और नशा मुक्ति केंद्रों की सहायता से उन्होंने अपनी बुरी आदतों पर विजय प्राप्त की, जिससे उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने का प्रेरणादायक संदेश मिला। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक विजय कुमार ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। मधुबनी के जिलाधिकारी ने अंत में इस बात पर बल दिया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जन भागीदारी ही सबसे बड़ी शक्ति है।4
- मोहर्रम से पहले मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इस कड़ी में प्रशासन ने कड़ी सख्ती दिखाते हुए अब तक कुल 158 डीजे सेट जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने फ्लैग मार्च भी निकाला है, जिसके माध्यम से लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि बिना लाइसेंस के निकाले जाने वाले किसी भी जुलूस पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, मधुबनी के एसपी ने जिले के निवासियों से शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और आपसी भाईचारा बनाए रखें ताकि मोहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।1
- झंझारपुर के लखनौर थाना क्षेत्र के गंगापुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कमला बलान नदी में डूबने से 65 वर्षीय किसान नारायण यादव लापता हो गए हैं। यह हादसा शुक्रवार को तब हुआ जब नारायण यादव अपनी भैंस को नदी के पार बघार ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक भैंस की रस्सी उनके हाथ से छूट गई, जिसके बाद वे खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में डूब गए। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बीडीओ राजेश्वर राम व लखनौर थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, अनुमंडल स्तर पर आपदा से निपटने के लिए त्वरित बचाव संसाधनों की भारी कमी देखने को मिली, जिसके कारण SDRF की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 5 घंटे की लंबी देरी हुई। इस भारी विलंब को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, उनका आरोप है कि यदि अनुमंडल स्तर पर ही आपदा राहत एवं बचाव की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत पहले शुरू किया जा सकता था। ग्रामीण अब प्रशासन की इस लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद, SDRF की टीम आखिरकार मौके पर पहुंची और तुरंत नदी में लापता किसान नारायण यादव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मायूसी का माहौल छाया हुआ है और सभी की निगाहें नदी किनारे चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं, ग्रामीण ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि किसान का जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।1