पत्नी को बचाने के प्रयास में झुलसे सेना के जवान की भी मौत, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब सेना व पुलिस ने दी अंतिम सलामी, नम आंखों से दी गई विदाई रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13 मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठते हैं।
पत्नी को बचाने के प्रयास में झुलसे सेना के जवान की भी मौत, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब सेना व पुलिस ने दी अंतिम सलामी, नम आंखों से दी गई विदाई रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते
आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13
मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र
सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठते हैं।
- उरई (जालौन)। जनपद में एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने उरई स्थित भारत गैस एजेंसी छीरसागर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गैस सिलेंडरों के भंडारण, वितरण व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी परिसर में मौजूद उपभोक्ताओं से बातचीत कर गैस आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली और उनसे फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था निर्बाध बनी रहे।जिलाधिकारी ने बताया कि कई बार उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त न होने से गैस बुकिंग में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए उपभोक्ताओं के लिए आईवीआरएस, मिस्ड कॉल, गूगल पे, फोन पे और व्हाट्सएप के माध्यम से वैकल्पिक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि कोई भी उपभोक्ता गैस बुकिंग से वंचित न रहे।उन्होंने एजेंसी संचालकों को गैस वितरण व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित रखने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी और एजेंसी के कर्मचारी मौजूद रहे।2
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- SLUG:- महंगाई और गैस कीमतों के विरोध में ज्ञापन ANK:- जनपद जालौन में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की। V/O:- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल ही में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति लागू की जाए। साथ ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी देने की मांग भी की गईlकार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट और जवाबदेह नीति लागू करने की मांग की है।2
- जिला जालौन नगर जालौन का मामला है जिलाधिकारी महोदय चुप बैठे हुए है सुबह से बिक रही ब्लैक में ठेके पर दारू 70 बाला क्वार्टर 100 रुपए में सुबह से पीने वालों से दुकानदार परेशान दारू पीकर क्वार्टर व गिलास दुकानों के सामने फेक देते है जिससे लोगों को दुकान खोलने से पहले झूठे गिलास व क्वार्टर को फेंकना पड़ता है दुकानदार बहुत ज्यादा परेशान है लगे हुए नल में झूठे गिलास को लगा कर पीते है नल को गंदा करते हैं और क्वार्टर को वही पीकर फेंक देते हैं जिससे नाली में पड़े क्वार्टरों से दिन भर दुकान खोलने वाले को बदबू का दिन भर सामना करना पड़ता है4
- उरई (जालौन)। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जनपद में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। जिलाधिकारी ने बताया कि गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए एसडीएम, सीओ तथा आपूर्ति निरीक्षक की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम गैस एजेंसियों और वितरण व्यवस्था की लगातार जांच कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही तेल कंपनियों से समन्वय बनाकर जनपद में पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम नंबर 05162-257090 पर संपर्क करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि उपभोक्ता निर्धारित 25 दिन की साइकिल के अनुसार ही गैस बुकिंग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। डीएम ने चेतावनी दी कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनावश्यक रूप से सिलेंडर लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट: अखिलेश सोनी, पत्रकार जालौन ✍️1
- लखना/इटावा। विकास खंड महेवा के ग्राम ईकरी में शनिवार की देर रात तक पारंपरिक फाग गायन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन समाजवादी पार्टी के नेता गपोचे त्रिपाठी द्वारा कराया गया, जिसमें आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मड़ौली, असदपुर, ईकरी, नगला श्रीराम और धुंबयाई सहित विभिन्न गांवों से आए लोगों ने फाग गायन का आनंद लिया और इस विलुप्त होती परंपरा को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया। यह परंपरा ब्रज और बुंदेलखंड अंचल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। कार्यक्रम के दौरान ईकरी की फाग टोली ने ढोलक और झीका की थाप पर पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत किए। कलाकारों ने देहाती अंदाज में फाग गाकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फाग गीतों के माध्यम से आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि ईकरी की फाग टोली ने न केवल अपने गांव बल्कि आसपास के कई गांवों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। हर वर्ष होली के अवसर पर लोग उनकी प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार करते हैं। फाग गायन में सर्वेश तिवारी, रामविलास तिवारी, पप्पू तिवारी, अशोक त्रिपाठी, गोविंद दुबे, श्याम सरोवर त्रिपाठी, रविंद्र त्रिपाठी, राजीव त्रिपाठी, सोम तिवारी, हरिओम त्रिपाठी, अन्नू तिवारी, बल्लन शुक्ला, प्रीतम त्रिपाठी, पंकज शुक्ला, विनीत दुबे, ललुआ शुक्ला, चक्रेश त्रिपाठी सहित मड़ौली से मोहर सिंह, प्रमोद और असदपुर से बसंती दिवाकर,नगला श्री राम से बड़े लला, धुबयाई से बबलू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से न केवल हमारी लोक परंपराएं जीवित रहती हैं, बल्कि गांवों में आपसी मेलजोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।2
- रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13 मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठे हैं।2
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- नमस्कार दोस्तों आज़ हम बात करेंगे उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर समूचे उत्तर प्रदेश में यह परीक्षा आयोजित हो रही है देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ शुरू एप्प पर1