जालौन जिले में आम आदमी पार्टी के नेताओं का प्रदर्शन और दिया गया ज्ञापन SLUG:- महंगाई और गैस कीमतों के विरोध में ज्ञापन ANK:- जनपद जालौन में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की। V/O:- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल ही में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति लागू की जाए। साथ ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी देने की मांग भी की गईlकार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट और जवाबदेह नीति लागू करने की मांग की है।
जालौन जिले में आम आदमी पार्टी के नेताओं का प्रदर्शन और दिया गया ज्ञापन SLUG:- महंगाई और गैस कीमतों के विरोध में ज्ञापन ANK:- जनपद जालौन में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की। V/O:- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता
और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल ही में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति लागू की जाए। साथ ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी देने की मांग भी की गईlकार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट और जवाबदेह नीति लागू करने की मांग की है।
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- SLUG:- महंगाई और गैस कीमतों के विरोध में ज्ञापन ANK:- जनपद जालौन में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की। V/O:- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल ही में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति लागू की जाए। साथ ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी देने की मांग भी की गईlकार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट और जवाबदेह नीति लागू करने की मांग की है।2
- जालौन, 14 मार्च 2026 आज आम आदमी पार्टी, जनपद जालौन द्वारा देश में बढ़ती महंगाई और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में की गई बेतहाशा वृद्धि के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष एड. विनय चौरसिया ने कहा कि सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में ₹60 की बढ़ोतरी कर आम आदमी की कमर तोड़ दी है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई से त्रस्त हैं, ऐसे में यह वृद्धि उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी प्रदान की जाए। प्रदेश सचिव रूपा सिंह राजपूत और प्रांत सचिव प्रखर बाजपेयी ने संयुक्त रूप से कहा कि केवल गैस ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी नियंत्रण से बाहर हो रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह ठोस और पारदर्शी नीति लागू कर आम जनता को इस आर्थिक बोझ से राहत दिलाए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से विपिन कुमार, घनश्याम कुमार, अनूप पांचाल, किशोर सिंह मामा सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आम आदमी पार्टी की मुख्य मांगें: घरेलू गैस सिलेंडर पर की गई ₹60 की बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए। पेट्रोल और डीजल के दामों पर सरकार ठोस नियंत्रण लागू करे। गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी दी जाए।1
- सेना व पुलिस ने दी अंतिम सलामी, नम आंखों से दी गई विदाई रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13 मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठते हैं।4
- जालौन : उरई शहर के रामनगर लक्ष्मी मंदिर के पास ये साहब exipre सामान बेचते हैं। और कहते हैं आपने बोतल खोल दी तो पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही दूसरी बोतल देंगे!!, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, क्या है सच्चाई जांच के बाद मामला खुलकर आएगा सामने!!!!!1
- औरैया,सदर बिकास खंड के ग्राम कस्बा खानपुर में स्ट्रीट लाइट लगाने की जल्दबाजी से पानी लाइन तोड़ी गांव भर में जल भराव व पानी की किल्ल्त से ग्रामीण परेशान, जिला प्रशासन लगातार समस्याओं की करता आ रहा है,अनदेखी1
- रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13 मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठे हैं।2
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