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जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया गया है। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस मामले में, पीड़ित युवक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर, पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरी घटना की जाँच में जुटी हुई है।
Dev Patel
जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया गया है। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस मामले में, पीड़ित युवक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर, पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरी घटना की जाँच में जुटी हुई है।
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- जालौन जिले की कालपी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं। इस अवसर पर, जिलाधिकारी (डीएम) राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में, मौके पर ही 28 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शेष कई शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।1
- जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों, मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न हूटर और फाल्टी नंबर प्लेट का उपयोग करने वालों, तथा विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके लिए यातायात पुलिस और थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसी क्रम में यातायात पुलिस, थाना पुलिस बल और परिवहन विभाग ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से चालकों की गहन जांच की। इस विशेष अभियान के परिणामस्वरूप, कुल 164 वाहनों का चालान किया गया और उनसे तेरह लाख पचानवें हजार रुपए का सम्मन शुल्क वसूला गया। अभियान के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पाए गए चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई। यह सख्त कार्यवाही यातायात और थाना पुलिस द्वारा संयुक्त टीम बनाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा थी।1
- कानपुर देहात के गलुआपुर गांव के पास रूरा-डेरापुर मार्ग पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही डेरापुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह रूरा-डेरापुर मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों में आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार कई फीट दूर जा गिरे। इस हादसे में राजपुर थाना क्षेत्र के बदनपुर मजरा पैलावर निवासी 35 वर्षीय चिंटू नायक (पुत्र रघुनाथ सिंह) और डेरापुर थाना क्षेत्र के बलदीपुरवा मजरा सिहुंठा निवासी 52 वर्षीय जयप्रकाश (पुत्र रूपलाल) ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया और घरों में मातम छा गया। वहीं, इस दुर्घटना में राजपुर थाना क्षेत्र के सरदारपुर निवासी रोहित नायक (पुत्र केदार) गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डेरापुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ उसका उपचार जारी है। डेरापुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने रविवार दोपहर 1 बजे बताया कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। इस भीषण हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- इटावा से समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र कुमार दोहरे पर इंस्टाग्राम पर 'sughar_singh_saifai_official' नामक आईडी पर एक व्यक्ति ने खुद, अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करवाए जाने की गंभीर शंका व्यक्त की है। कानपुर देहात से मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में व्यक्ति ने सीधे-सीधे सांसद जितेंद्र दोहरे पर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में उसने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी समय उसकी और उसके परिवार की हत्या हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केवल सांसद दोहरे की होगी। इस व्यक्ति ने वीडियो के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी रखी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इटावा लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीणों में हलचल मच गई है। हालांकि, हमारा शुरू ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर निवासी मोहम्मद रियाज ने शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एक सार्वजनिक मार्ग पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में उक्त मार्ग पर खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने उसी सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि मार्ग पर दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहम्मद रियाज नामक व्यक्ति ने जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि कस्बे के गांधी नगर स्थित यह मार्ग नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क के रूप में निर्मित कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने इस सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने मार्ग पर एक दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।3
- जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को माती पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में एक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति विशेष रही। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing (योगा फॉर हेल्दी एजिंग)” निर्धारित की गई थी, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योग के ज़रिए स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवनशैली अपनाई जाए तथा बढ़ती आयु में भी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जाए। योगाभ्यास के दौरान यह बताया गया कि योग से शरीर, मन एवं आत्मा को संतुलित किया जा सकता है, जो न केवल शारीरिक लचीलेपन और आत्मबल में वृद्धि करता है, बल्कि मानसिक अनुशासन और शांति भी प्रदान करता है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।1