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जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।
Dev Patel
जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।
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- जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।1
- जालौन जिले की कालपी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं। इस अवसर पर, जिलाधिकारी (डीएम) राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में, मौके पर ही 28 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शेष कई शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।1
- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और राजस्व व जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पत्रावलियाँ श्रेणीबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संरक्षित की जाएँ ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हों। उन्होंने नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जाँच की और निर्देश दिए कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह दोहराते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, तथा राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संधारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों को श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हो सकें। नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जांच करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- Rastri ya... Mahla... Ayoog.. Jari... Mahla on... Ke.. Lia... Khash.. Ayoog.. Md.. Anish.. Kuraishi.. Fattepur.. Mushangar.. Kanpur.. Dihat.. U. P1
- सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर निवासी मोहम्मद रियाज ने शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एक सार्वजनिक मार्ग पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में उक्त मार्ग पर खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने उसी सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि मार्ग पर दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कालपी तहसील में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ उन्होंने जन समस्याओं के निस्तारण पर कड़ी सख्ती दिखाई। इस दौरान फरियादियों द्वारा कुल 145 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से जिलाधिकारी ने मौके पर ही 28 शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया। बची हुई समस्याओं के समाधान के लिए, सात अलग-अलग टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया। समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश भी दिए। उन्होंने नगर पालिका कालपी के रिक्त चल रहे अधिशासी अधिकारी (ईओ) के पद का कार्यवाहक दायित्व उप जिलाधिकारी कालपी अमित शेखर को सौंपा। साथ ही, भूमि संरक्षण अधिकारी के खाली पड़े पद की जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारी को सौंपने के निर्देश भी जारी किए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1