जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, तथा राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संधारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों को श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हो सकें। नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जांच करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, तथा राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संधारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों को श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हो सकें। नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जांच करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और राजस्व व जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पत्रावलियाँ श्रेणीबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संरक्षित की जाएँ ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हों। उन्होंने नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जाँच की और निर्देश दिए कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह दोहराते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, तथा राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संधारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों को श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हो सकें। नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जांच करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।1
- जालौन जिले की कालपी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं। इस अवसर पर, जिलाधिकारी (डीएम) राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में, मौके पर ही 28 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शेष कई शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।1
- प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।1
- माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। 23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक नया विवाद सामने आया है। ग्राम खकसीस निवासी शिवपाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी से मुलाकात, विवाह संबंधी साक्ष्यों के सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है। शिवपाल सिंह ने न्याय की गुहार लगाई है। शिवपाल सिंह का दावा है कि उनका विवाह वर्ष 2016 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था, लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियाँ बनीं कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। उन्होंने इस अलगाव के पीछे बाहरी हस्तक्षेप और दबाव की भूमिका का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि हाल ही में एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को उनकी पत्नी का पति बताते हुए उन्हें कथित रूप से धमकाया, जिससे यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। शिवपाल सिंह ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवाह से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं तथ्यों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। उनकी प्राथमिक मांग केवल यह जानने की है कि उनकी पत्नी वर्तमान में अपनी स्वतंत्र इच्छा से किस परिस्थिति में रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष वातावरण में मुलाकात कराने का भी आग्रह किया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। यह उल्लेखनीय है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिवपाल सिंह के प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी।1
- थाना गजनेर पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान ग्राम पतरा सड़वा, थाना गजनेर निवासी रामजी पुत्र छोटेलाल (उम्र करीब 24 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसे उसके गांव के पास से पकड़ा गया। थाना प्रभारी सनत कुमार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई है।1