नागौर के मकराना में राजकीय महाविद्यालय मकराना के छात्र नेताओं और विद्यार्थियों ने मंगलवार को प्राचार्य/नोडल अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में महाविद्यालय की नियमित कक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियां तुरंत शुरू करने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए एक स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। छात्रों ने यह कदम लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक अनिश्चितता के कारण उठाया है। ज्ञापन में बताया गया है कि राजकीय महाविद्यालय मकराना काफी समय से अपने स्थायी भवन और भूमि से वंचित है। पहले यह कॉलेज एक सरकारी विद्यालय के मात्र 4 कमरों में संचालित हो रहा था, लेकिन वर्ष 2025 के अंत में भारी वर्षा के चलते सुरक्षा कारणों से इसे वहां से हटाना पड़ा, जिससे नियमित पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई। इसके बाद महाविद्यालय लगभग 6 महीने तक बंद रहा। छात्रों को बाद में मकराना से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित मंगलाना महाविद्यालय जाने के लिए कहा गया, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन आने-जाने में ₹100 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ ग्रामीण, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। हालाँकि, छात्रों की सुविधा के लिए कॉलेज को बोरावड़ क्षेत्र में संचालित करने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वहाँ भी अभी तक नियमित रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। कॉलेज बंद रहने और शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने से करीब 450 से अधिक पुराने और नए प्रवेशित विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है, जिससे उनमें चिंता और निराशा का माहौल है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि मकराना महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएँ, विद्यार्थियों के हित में एक स्थायी और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जाए और ग्रामीण व गरीब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। ज्ञापन सौंपते समय युवा कांग्रेस मकराना के ब्लॉक अध्यक्ष उम्मीदवार व छात्र नेता फैजान चौहान, एनएसयूआई के डीडवाना-कुचामन जिला महासचिव तथा युवा नेता मोहसिन खान खिलजी सहित बड़ी संख्या में छात्र और विद्यार्थी मौजूद थे।
नागौर के मकराना में राजकीय महाविद्यालय मकराना के छात्र नेताओं और विद्यार्थियों ने मंगलवार को प्राचार्य/नोडल अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में महाविद्यालय की नियमित कक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियां तुरंत शुरू करने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए एक स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। छात्रों ने यह कदम लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक अनिश्चितता के कारण उठाया है। ज्ञापन में बताया गया है कि राजकीय महाविद्यालय मकराना काफी समय से अपने स्थायी भवन और भूमि से वंचित है।
पहले यह कॉलेज एक सरकारी विद्यालय के मात्र 4 कमरों में संचालित हो रहा था, लेकिन वर्ष 2025 के अंत में भारी वर्षा के चलते सुरक्षा कारणों से इसे वहां से हटाना पड़ा, जिससे नियमित पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई। इसके बाद महाविद्यालय लगभग 6 महीने तक बंद रहा। छात्रों को बाद में मकराना से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित मंगलाना महाविद्यालय जाने के लिए कहा गया, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन आने-जाने में ₹100 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। यह
अतिरिक्त आर्थिक बोझ ग्रामीण, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। हालाँकि, छात्रों की सुविधा के लिए कॉलेज को बोरावड़ क्षेत्र में संचालित करने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वहाँ भी अभी तक नियमित रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। कॉलेज बंद रहने और शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने से करीब 450 से अधिक पुराने और नए प्रवेशित विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है, जिससे उनमें चिंता और निराशा का
माहौल है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि मकराना महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएँ, विद्यार्थियों के हित में एक स्थायी और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जाए और ग्रामीण व गरीब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। ज्ञापन सौंपते समय युवा कांग्रेस मकराना के ब्लॉक अध्यक्ष उम्मीदवार व छात्र नेता फैजान चौहान, एनएसयूआई के डीडवाना-कुचामन जिला महासचिव तथा युवा नेता मोहसिन खान खिलजी सहित बड़ी संख्या में छात्र और विद्यार्थी मौजूद थे।
- नागौर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त नागौर अभियान' के तहत अवैध मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशा राम चौधरी के निर्देशन और वृत्ताधिकारी जतिन जैन के निकटतम सुपरविजन में श्रीबालाजी थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए सरहद अलाय से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4.10 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक और इसके परिवहन में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल जब्त की है। यह कार्रवाई मुखबिर की पुख्ता सूचना पर अंजाम दी गई। थानाधिकारी ओमप्रकाश मय टीम लोकल व स्पेशल एक्ट की कार्रवाई के लिए थाना हल्का क्षेत्र में गश्त के दौरान अलाय पहुंचे थे, तभी उन्हें एक खास मुखबिर से जानकारी मिली। सूचना के अनुसार, नागौर से बीकानेर रोड एनएच-62 पर अलाय पुलिये के नीचे रोड पर एक व्यक्ति बिना नम्बरी मोटरसाइकिल खड़ी करके बैठा था, जिसके पास अवैध मादक पदार्थ स्मैक होने की पूरी संभावना थी। सूचना विश्वसनीय होने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अभियुक्त अशोक को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 4.10 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसे पुलिस ने बिना नम्बरी मोटरसाइकिल सहित जब्त कर लिया। इस संबंध में पुलिस थाना श्रीबालाजी में आरोपी अशोक के खिलाफ मु.नं. 89/2026 दिनांक 16 जून 2026 को धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झींटिया में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेशभर में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर में संभागीय आयुक्त अजमेर शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू भी उपस्थित रहे। शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा 16 आवासीय पट्टों का वितरण किया गया, जबकि राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा पत्र जारी किए। कृषि विभाग ने 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए, और चिकित्सा विभाग ने 2 आयुष्मान कार्ड जारी कर लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इनके अतिरिक्त, अन्य विभागों ने भी पात्र व्यक्तियों को अपनी-अपनी योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया। विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है, और इन शिविरों के माध्यम से लोगों के लंबे समय से लंबित कार्यों का त्वरित निस्तारण हो रहा है। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने भी बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों में न केवल नियमित सेवाएं दी जा रही हैं, बल्कि वर्षों से लंबित कृषि भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों का भी समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, बीसीएमओ डॉ. चेनाराम, डॉ. हेमंत, पशु चिकित्सक डॉ. सचिन चौधरी, पटवारी शिमला मीणा, ग्राम विकास अधिकारी रमेश मीणा, प्रशासक हरसूक गराम ककड़ावा सरपंच, पटवारी जोरा राम, भँवर सिंह, महेंद्र नाथ योगी, लिखमाराम माली, जसराम मेघवाल, कृषि सुपरवाइजर जोगाराम और रमेश मेघवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- जोधपुर जिले के ओसियां विधानसभा क्षेत्र के बेगड़ियां गांव की भीलों की ढाणीया में पिछले 4-5 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां बिजली के खंबे और डीपी खराब हो गए हैं, जिसके चलते लगातार बिजली संकट बना हुआ है। कई दिन पहले शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, बिजली विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं और ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस गंभीर स्थिति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया है।1
- आप अपने मोबाइल का उपयोग करके घर बैठे ही अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं, जहाँ प्रतिदिन ₹3,000 से ₹4,000 तक आसानी से कमाए जा सकते हैं। इस कार्य के लिए कंपनी आपको 15 से 20 फोन नंबर उपलब्ध कराती है, जिन पर आपको कॉल करनी होती है। आपको उन नंबरों पर कंपनी द्वारा दिए गए डेटा के बारे में जानकारी देनी होती है। इस काम से जो भी आपका कमीशन बनता है, वह शाम को सीधे आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।1
- सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग ने एक 58 वर्षीय महिला को सात वर्षों की पीड़ा से मुक्ति दिलाते हुए नया जीवन दिया है। रामदेवरा निवासी यह महिला लगातार खांसी, निमोनिया, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके पीछे का कारण बेहद जटिल और दुर्लभ निकला। महिला ने लंबे समय तक इन श्वास संबंधी तकलीफों का सामना किया और कई बार उपचार के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उसने जोधपुर और फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों से परामर्श लिया। उसकी सीटी स्कैन रिपोर्ट मुंबई भी भेजी गई थी, जहाँ के चिकित्सकों ने उसे टीबी होने की संभावना जताई थी, लेकिन उसकी वास्तविक समस्या अनसुलझी रही। रिश्तेदारों से जानकारी मिलने पर महिला पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग पहुंची। यहाँ विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. गुंजन सोनी ने उसकी विस्तृत जांच की, जिससे चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि महिला के फेफड़े में करीब एक इंच लंबी सुपारी फंसी हुई थी, जो पिछले सात वर्षों से उसकी तमाम परेशानियों का मूल कारण बनी हुई थी। डॉ. गुंजन सोनी और उनकी विशेषज्ञ टीम ने ब्रोंकोस्कोपी (दूरबीन) का उपयोग कर लगभग डेढ़ घंटे तक चले एक जटिल प्रोसीजर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें फेफड़े में फंसी सुपारी को सावधानीपूर्वक क्रश करके बाहर निकाला गया। इस सफल प्रक्रिया के बाद महिला को तत्काल राहत मिली और उसकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा। महिला के पति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि कई अस्पतालों और अनेक चिकित्सकों के चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला, तब पीबीएम के डॉ. गुंजन सोनी उनके लिए आशा की किरण बनकर सामने आए। उन्होंने पूरी चिकित्सा टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि चिकित्सकों की अथक मेहनत से उनकी पत्नी को मानो नया जीवन मिल गया है।1
- बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ में एक कैबिनेट मंत्री ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई के दौरान जानकारी प्रदान की गई।1
- गुरु तीर्थ श्री कोलायत जी में ज्येष्ठ अधिक मास सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र कपिल सरोवर की मनमोहक झलकियाँ देखने को मिलीं।1
- नागौर के मकराना में राजकीय महाविद्यालय मकराना के छात्र नेताओं और विद्यार्थियों ने मंगलवार को प्राचार्य/नोडल अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में महाविद्यालय की नियमित कक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियां तुरंत शुरू करने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए एक स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। छात्रों ने यह कदम लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक अनिश्चितता के कारण उठाया है। ज्ञापन में बताया गया है कि राजकीय महाविद्यालय मकराना काफी समय से अपने स्थायी भवन और भूमि से वंचित है। पहले यह कॉलेज एक सरकारी विद्यालय के मात्र 4 कमरों में संचालित हो रहा था, लेकिन वर्ष 2025 के अंत में भारी वर्षा के चलते सुरक्षा कारणों से इसे वहां से हटाना पड़ा, जिससे नियमित पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई। इसके बाद महाविद्यालय लगभग 6 महीने तक बंद रहा। छात्रों को बाद में मकराना से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित मंगलाना महाविद्यालय जाने के लिए कहा गया, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन आने-जाने में ₹100 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ ग्रामीण, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। हालाँकि, छात्रों की सुविधा के लिए कॉलेज को बोरावड़ क्षेत्र में संचालित करने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वहाँ भी अभी तक नियमित रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। कॉलेज बंद रहने और शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने से करीब 450 से अधिक पुराने और नए प्रवेशित विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है, जिससे उनमें चिंता और निराशा का माहौल है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि मकराना महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएँ, विद्यार्थियों के हित में एक स्थायी और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जाए और ग्रामीण व गरीब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। ज्ञापन सौंपते समय युवा कांग्रेस मकराना के ब्लॉक अध्यक्ष उम्मीदवार व छात्र नेता फैजान चौहान, एनएसयूआई के डीडवाना-कुचामन जिला महासचिव तथा युवा नेता मोहसिन खान खिलजी सहित बड़ी संख्या में छात्र और विद्यार्थी मौजूद थे।4