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ambikapur nager nigam chetr antergat ward krmank -41 nawagarh ambikapur ka jaha bhari gandgi ka aalam aj bhi bana hua hai.ward parshad k dhyan nahi dene se janta ko pareshaniyo ka samna karna pad raha hai.nager nigam k dawo ki poll kholti taswire ,vidio hai.jo ground reporting k dauran li ga yi hai.nigam prashan bhi udasin bana hua hai.nager nigam maiyer ji se mera anurodh hai ki ward ki samshya ko jald se jald dur karawe .khas report himanshu raj patrkar ambikapur ,gao seva parishad district.precident surguja cg.7805838076.

8 hrs ago
user_Himanshu raj
Himanshu raj
Political party office Ambikapur, Surguja•
8 hrs ago

ambikapur nager nigam chetr antergat ward krmank -41 nawagarh ambikapur ka jaha bhari gandgi ka aalam aj bhi bana hua hai.ward parshad k dhyan nahi dene se janta ko pareshaniyo ka samna karna pad raha hai.nager nigam k dawo ki poll kholti taswire ,vidio hai.jo ground reporting k dauran li ga yi hai.nigam prashan bhi udasin bana hua hai.nager nigam maiyer ji se mera anurodh hai ki ward ki samshya ko jald se jald dur karawe .khas report himanshu raj patrkar ambikapur ,gao seva parishad district.precident surguja cg.7805838076.

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने ली केवीके चलता में विधानसभा क्षेत्र के किसानों की बैठक,, बैठक का मुख्य उद्देश्य रहा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को विशेष रूप उन्नत खेती एवं पशु पालन के क्षेत्र में बढ़ावा देना विधानसभा क्षेत्र के किसानों को उन्नत खेती करने एवं पशु पालन करने के लिए ये बैठक आयोजित की गई जिसका मुख्य उद्देश्य था कि किसानों को प्रशिक्षित किया जाए जिसके लिए विधानसभा क्षेत्र के चिन्हित किसानों को प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर भेजा जाएगा जिसमें क्षेत्र के किसान पारंपरिक खेती के अलावा अन्य खेती जैसे अंगूर की खेती ,अनार की खेती ,केला की खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन ,सुकर पालन का विशेष प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा, जिससे आने वाले समय सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के किसान विकसित खेती करेंगे, आने वाले समय में सीतापुर के किसान भी एक विशेष रूप से फसल का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जन कर पाएंगे, जिससे क्षेत्र में रोजगार के साथ ही विकास की रफ्तार आगे बढ़ेगा ,, जिसके लिए केवीके चलता में विधानसभा क्षेत्र के सभी ब्लॉक के चिन्हित किसानों को बुलाकर बैठक विधायक जी के द्वारा लिया गया, विधायक जी के इस पहल से सभा में उपस्थित सभी किसानों में एक अलग उत्साह देखने को मिला विधायक जी के द्वारा किए जा रहे इस कार्य से किसानों को बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा,और प्रशिक्षण प्राप्त किसान क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण देकर उन्नत खेती को क्षेत्र में बढ़ावा दे पाएंगे,और उनकी आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी,, जब हमने विधायक रामकुमार टोप्पो जी से इस विषय पर बात की तो उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि, सीतापुर विधानसभा में किसानों को अलग अलग खेती में बढ़ावा देने के लिए चिन्हित किसानों का बैठक लिया गया, फूल की खेती ,पशु पालन,मत्स्य पालन, के शिक्षण के लिए विभाग के द्वारा दूसरे राज्यों में भेजना है जिससे यह खेती की बारीकियों को सिख कर हमारे विधानसभा में खेती करे, उर धान के अलावा दूसरी खेती को भी बढ़ावा मिले ,, और इनकी खेती को देख कर दूसरे किसान भी प्रभावित होकर खेती करे,,
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    सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने ली केवीके चलता में विधानसभा क्षेत्र के किसानों की बैठक,,
बैठक का मुख्य उद्देश्य रहा विधानसभा क्षेत्र के किसानों
को विशेष रूप उन्नत खेती एवं पशु पालन के क्षेत्र में बढ़ावा देना 
विधानसभा क्षेत्र के किसानों को उन्नत खेती करने एवं पशु पालन करने के लिए ये बैठक आयोजित की गई जिसका मुख्य उद्देश्य था कि किसानों को प्रशिक्षित किया जाए जिसके लिए विधानसभा क्षेत्र के चिन्हित किसानों को प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर भेजा जाएगा जिसमें क्षेत्र के किसान पारंपरिक खेती के अलावा अन्य खेती जैसे अंगूर की खेती ,अनार की खेती ,केला की खेती,
पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन ,सुकर पालन का विशेष प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा, जिससे आने वाले समय सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के किसान विकसित खेती करेंगे, आने वाले समय में सीतापुर  के किसान भी एक विशेष रूप से फसल का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जन कर पाएंगे, जिससे क्षेत्र में रोजगार के साथ ही विकास 
की रफ्तार आगे बढ़ेगा ,,
जिसके लिए केवीके चलता में विधानसभा क्षेत्र के सभी ब्लॉक के चिन्हित किसानों को 
बुलाकर बैठक विधायक जी के द्वारा लिया गया,
विधायक जी के इस पहल से 
सभा में उपस्थित सभी किसानों में एक अलग उत्साह देखने को मिला विधायक जी के द्वारा किए जा रहे इस कार्य से किसानों को बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा,और प्रशिक्षण प्राप्त किसान क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण देकर उन्नत खेती को क्षेत्र में बढ़ावा दे पाएंगे,और उनकी आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी,,
जब हमने विधायक रामकुमार टोप्पो जी से इस विषय पर बात की तो उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि,
सीतापुर विधानसभा में किसानों को अलग अलग खेती में बढ़ावा देने के लिए
चिन्हित किसानों का बैठक लिया गया,
फूल की खेती ,पशु पालन,मत्स्य पालन, के शिक्षण के लिए विभाग के द्वारा दूसरे राज्यों में भेजना है 
जिससे यह खेती की बारीकियों को सिख कर हमारे 
विधानसभा में खेती करे,
उर धान के अलावा दूसरी खेती को भी बढ़ावा मिले ,,
और इनकी खेती को देख कर दूसरे किसान भी प्रभावित होकर खेती करे,,
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • चिरमिरी नगर पालिक निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
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    चिरमिरी नगर पालिक निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
    user_Sushant Biswas
    Sushant Biswas
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • डुमरी प्रखंड के कुटलू गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय भवन की छतें बारिश के समय टपकती हैं और कई जगहों पर दीवारें टूटने की कगार पर हैं। भवन नीचले स्तर पर होने के कारण बरसात में पूरा स्कूल परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में शौचालय की हालत भी काफी खराब है और पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। दो हैंडपंप में से एक पूरी तरह खराब है, जबकि दूसरे से गंदा पानी निकलता है। पारा शिक्षक देवकुमार शाही और संयोजिका चिंता देवी ने बताया कि किचन की सुविधा नहीं होने से मध्यान्ह भोजन बनाने में दिक्कत होती है और पानी के लिए दूर जाना पड़ता है। इसके अलावा विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क भी जर्जर है, जिससे खासकर बरसात के दिनों में बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से जल्द मरम्मत कार्य कराकर मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।
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    डुमरी प्रखंड के कुटलू गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय भवन की छतें बारिश के समय टपकती हैं और कई जगहों पर दीवारें टूटने की कगार पर हैं। भवन नीचले स्तर पर होने के कारण बरसात में पूरा स्कूल परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विद्यालय में शौचालय की हालत भी काफी खराब है और पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। दो हैंडपंप में से एक पूरी तरह खराब है, जबकि दूसरे से गंदा पानी निकलता है। पारा शिक्षक देवकुमार शाही और संयोजिका चिंता देवी ने बताया कि किचन की सुविधा नहीं होने से मध्यान्ह भोजन बनाने में दिक्कत होती है और पानी के लिए दूर जाना पड़ता है।
इसके अलावा विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क भी जर्जर है, जिससे खासकर बरसात के दिनों में बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से जल्द मरम्मत कार्य कराकर मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।
    user_Shiwam Kumar
    Shiwam Kumar
    Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • झोलाछाप इलाज ने बिगाड़ी युवक की हालत: गलत उपचार से जिंदगी–मौत से जूझ रहा डंडई का मजदूर, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड में झोलाछाप चिकित्सकों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। रारो गांव अंतर्गत बाघीझरिया टोला निवासी उमेश भुइयां (35 वर्ष), पिता स्व. लौटन भुइयां, कथित गलत इलाज का शिकार हो गया है और इस समय जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। शुक्रवार दोपहर 1:00 परिजनो ने जानकारी देते हुए बताया कि उमेश बाहर रहकर मजदूरी करता था। करीब दो माह पहले काम के दौरान उसके गाल में एक छोटी सी फुंसी हो गई थी, जिसमें हल्की सूजन थी। इलाज के लिए वह घर लौटा, लेकिन बेहतर अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाने के बजाय गांव के लोगों की सलाह पर लवाही कला गांव में स्थित कथित झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र रजक के पास चला गया। आरोप है कि बिना किसी जांच के डॉक्टर ने फुंसी को सामान्य सूजन बताकर पकने देने की सलाह दी। बाद में फुंसी पकने पर गाल को चीरकर मवाद निकाला गया, वहां बाती लगाई गई और लगातार इंजेक्शन दिए जाने लगे। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद न तो मरीज की हालत सुधरी और न ही दर्द में कोई कमी आई। उल्टे जख्म बढ़ता चला गया और पीड़ा असहनीय होती गई। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मरीज को बाहर किसी बड़े अस्पताल में दिखाने की बात कही, तो कथित डॉक्टर ने यह कहकर रोक दिया कि वही इलाज कर देगा और कहीं ले जाने की जरूरत नहीं है। इस दौरान इलाज के नाम पर करीब 7 हजार रुपये खर्च कराए गए। वर्तमान में उमेश के गाल का जख्म काफी बड़ा और गंभीर हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार जख्म की स्थिति बेहद चिंताजनक है और किसी गंभीर बीमारी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का यह भी आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद कथित डॉक्टर अब भी इलाज के नाम पर 4500 रुपये की मांग कर रहा है और जड़ी-बूटी देने की बात कह रहा है। मरीज की पत्नी सुनीता देवी और मां सानती कुंवर ने बताया कि अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। उमेश ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसके दो छोटे बच्चे—एक बेटी और एक बेटा—हैं। परिजनों का कहना है कि यदि कथित डॉक्टर को सही इलाज की जानकारी नहीं थी, तो समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल भेजने की सलाह देनी चाहिए थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर झोलाछाप चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में कथित डॉक्टर राजेंद्र रजक ने स्वीकार किया है कि मरीज के गाल में फुंसी थी। उसने बताया कि फुंसी को चीरकर मवाद निकाला गया और करीब आठ दिनों तक सुबह-शाम कुल 16 इंजेक्शन (डेक्सोना सहित) लगाए गए। वहीं मामलेमें पूछे जाने पर सिविल सर्जन जॉन एफ. केनेडी ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं है, तो उसे इलाज करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज को तत्काल डंडई अस्पताल या गढ़वा सदर अस्पताल रेफर किया जाना चाहिए था। झोलाछाप द्वारा इस तरह इलाज करना नियमों के विरुद्ध है और मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    झोलाछाप इलाज ने बिगाड़ी युवक की हालत: गलत उपचार से जिंदगी–मौत से जूझ रहा डंडई का मजदूर, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
हेमंत कुमार की रिपोर्ट
डंडई प्रखंड में झोलाछाप चिकित्सकों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। रारो गांव अंतर्गत बाघीझरिया टोला निवासी उमेश भुइयां (35 वर्ष), पिता स्व. लौटन भुइयां, कथित गलत इलाज का शिकार हो गया है और इस समय जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। शुक्रवार दोपहर 1:00 परिजनो ने जानकारी देते हुए बताया कि उमेश बाहर रहकर मजदूरी करता था। करीब दो माह पहले काम के दौरान उसके गाल में एक छोटी सी फुंसी हो गई थी, जिसमें हल्की सूजन थी। इलाज के लिए वह घर लौटा, लेकिन बेहतर अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाने के बजाय गांव के लोगों की सलाह पर लवाही कला गांव में स्थित कथित झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र रजक के पास चला गया।
आरोप है कि बिना किसी जांच के डॉक्टर ने फुंसी को सामान्य सूजन बताकर पकने देने की सलाह दी। बाद में फुंसी पकने पर गाल को चीरकर मवाद निकाला गया, वहां बाती लगाई गई और लगातार इंजेक्शन दिए जाने लगे। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद न तो मरीज की हालत सुधरी और न ही दर्द में कोई कमी आई। उल्टे जख्म बढ़ता चला गया और पीड़ा असहनीय होती गई।
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मरीज को बाहर किसी बड़े अस्पताल में दिखाने की बात कही, तो कथित डॉक्टर ने यह कहकर रोक दिया कि वही इलाज कर देगा और कहीं ले जाने की जरूरत नहीं है। इस दौरान इलाज के नाम पर करीब 7 हजार रुपये खर्च कराए गए।
वर्तमान में उमेश के गाल का जख्म काफी बड़ा और गंभीर हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार जख्म की स्थिति बेहद चिंताजनक है और किसी गंभीर बीमारी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का यह भी आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद कथित डॉक्टर अब भी इलाज के नाम पर 4500 रुपये की मांग कर रहा है और जड़ी-बूटी देने की बात कह रहा है। मरीज की पत्नी सुनीता देवी और मां सानती कुंवर ने बताया कि अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। उमेश ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसके दो छोटे बच्चे—एक बेटी और एक बेटा—हैं। परिजनों का कहना है कि यदि कथित डॉक्टर को सही इलाज की जानकारी नहीं थी, तो समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल भेजने की सलाह देनी चाहिए थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर झोलाछाप चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में कथित डॉक्टर राजेंद्र रजक ने स्वीकार किया है कि मरीज के गाल में फुंसी थी। उसने बताया कि फुंसी को चीरकर मवाद निकाला गया और करीब आठ दिनों तक सुबह-शाम कुल 16 इंजेक्शन (डेक्सोना सहित) लगाए गए।
वहीं मामलेमें पूछे जाने पर सिविल सर्जन जॉन एफ. केनेडी ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं है, तो उसे इलाज करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज को तत्काल डंडई अस्पताल या गढ़वा सदर अस्पताल रेफर किया जाना चाहिए था। झोलाछाप द्वारा इस तरह इलाज करना नियमों के विरुद्ध है और मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    Government Officer चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • रंका के उभरते कलाकार पवन कुमार पांडेय छत्तीसगढ़ के ताता पानी मेला महोत्सव में रंका गढवा का बढाया मान
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    रंका के उभरते कलाकार पवन कुमार पांडेय छत्तीसगढ़ के ताता पानी मेला महोत्सव में रंका गढवा का बढाया मान
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Reporter Ranka, Garhwa•
    9 hrs ago
  • Post by Men of jharkhand
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    Post by Men of jharkhand
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Journalist Dhurki, Garhwa•
    15 hrs ago
  • अंबिकापुर में सरेराह युवती का अपहरण: NH-43 पर 100 किमी तक पीछा, पुलिस ने गाड़ियां अड़ाकर चारों आरोपियों को दबोचा… अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार की रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। शहर के एक प्रतिष्ठित फर्नीचर शो-रूम में काम करने वाली युवती को कार सवार चार युवकों ने उस समय अगवा कर लिया जब वह अपनी शिफ्ट खत्म कर पैदल निवास की ओर जा रही थी। हालांकि, पुलिस की त्वरित सक्रियता और अंतर-जिला तालमेल के कारण आरोपियों के मंसूबे नाकाम रहे। सरगुजा और मनेंद्रगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे पर घेराबंदी कर युवती को सुरक्षित बरामद किया और मध्य प्रदेश के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से कोरिया जिले की निवासी पीड़िता अंबिकापुर के गांधीनगर इलाके में रहकर एक निजी फर्नीचर शोरूम में अपनी सेवाएं देती है। गुरुवार (15 जनवरी) की रात वह कार्यस्थल से निकलकर पैदल अपने घर की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान गांधीनगर क्षेत्र के एक सुनसान हिस्से में पीछे से आए कार सवार युवकों ने उसका रास्ता रोका और एक युवक ने नीचे उतरकर उसे जबरन कार के भीतर खींच लिया। युवती की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी युवती को लेकर तेज रफ्तार में फरार हो चुके थे। सीसीटीवी से मिली लोकेशन, हाईवे पर हाई-अलर्ट घटना की सूचना मिलते ही सरगुजा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर नाकाबंदी की। गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जब शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो संदिग्ध कार नेशनल हाईवे 43 पर मनेंद्रगढ़ की दिशा में तेजी से भागती नजर आई। इसके बाद अंबिकापुर पुलिस ने तुरंत मनेंद्रगढ़ जिले के थानों को अलर्ट किया और आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। फिल्मी अंदाज में रोड ब्लॉक कर पकड़े गए किडनैपर अंबिकापुर से मिली सटीक सूचना के बाद मनेंद्रगढ़ पुलिस ने नेशनल हाईवे पर अपनी गाड़ियां तिरछी खड़ी कर ‘रोड ब्लॉक’ लगा दिया। जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुंची, खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपियों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने कार की पिछली सीट से बदहवास युवती को सकुशल बाहर निकाला। पकड़े गए चारों युवक मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। सरगुजा पुलिस की टीम देर रात मनेंद्रगढ़ पहुंची और युवती सहित चारों आरोपियों को वापस अंबिकापुर लेकर आई। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि मुख्य आरोपी की युवती से फेसबुक के माध्यम से पुरानी जान-पहचान थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने संभवतः इसी परिचय का फायदा उठाकर अपहरण की साजिश रची। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है कि क्या यह मामला प्रेम प्रसंग का है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश थी। फिलहाल, पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
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    अंबिकापुर में सरेराह युवती का अपहरण: NH-43 पर 100 किमी तक पीछा, पुलिस ने गाड़ियां अड़ाकर चारों आरोपियों को दबोचा…
अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार की रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। शहर के एक प्रतिष्ठित फर्नीचर शो-रूम में काम करने वाली युवती को कार सवार चार युवकों ने उस समय अगवा कर लिया जब वह अपनी शिफ्ट खत्म कर पैदल निवास की ओर जा रही थी। हालांकि, पुलिस की त्वरित सक्रियता और अंतर-जिला तालमेल के कारण आरोपियों के मंसूबे नाकाम रहे। सरगुजा और मनेंद्रगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे पर घेराबंदी कर युवती को सुरक्षित बरामद किया और मध्य प्रदेश के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से कोरिया जिले की निवासी पीड़िता अंबिकापुर के गांधीनगर इलाके में रहकर एक निजी फर्नीचर शोरूम में अपनी सेवाएं देती है। गुरुवार (15 जनवरी) की रात वह कार्यस्थल से निकलकर पैदल अपने घर की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान गांधीनगर क्षेत्र के एक सुनसान हिस्से में पीछे से आए कार सवार युवकों ने उसका रास्ता रोका और एक युवक ने नीचे उतरकर उसे जबरन कार के भीतर खींच लिया। युवती की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी युवती को लेकर तेज रफ्तार में फरार हो चुके थे।
सीसीटीवी से मिली लोकेशन, हाईवे पर हाई-अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही सरगुजा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर नाकाबंदी की। गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जब शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो संदिग्ध कार नेशनल हाईवे 43 पर मनेंद्रगढ़ की दिशा में तेजी से भागती नजर आई। इसके बाद अंबिकापुर पुलिस ने तुरंत मनेंद्रगढ़ जिले के थानों को अलर्ट किया और आरोपियों का पीछा करना शुरू किया।
फिल्मी अंदाज में रोड ब्लॉक कर पकड़े गए किडनैपर
अंबिकापुर से मिली सटीक सूचना के बाद मनेंद्रगढ़ पुलिस ने नेशनल हाईवे पर अपनी गाड़ियां तिरछी खड़ी कर ‘रोड ब्लॉक’ लगा दिया। जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुंची, खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपियों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने कार की पिछली सीट से बदहवास युवती को सकुशल बाहर निकाला। पकड़े गए चारों युवक मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। सरगुजा पुलिस की टीम देर रात मनेंद्रगढ़ पहुंची और युवती सहित चारों आरोपियों को वापस अंबिकापुर लेकर आई।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि मुख्य आरोपी की युवती से फेसबुक के माध्यम से पुरानी जान-पहचान थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने संभवतः इसी परिचय का फायदा उठाकर अपहरण की साजिश रची। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है कि क्या यह मामला प्रेम प्रसंग का है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश थी। फिलहाल, पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • जारी थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव के समीप शुक्रवार की शाम एक सड़क दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार दोनों युवक किसी कार्यवश शाम में मगरूतला गए थे। रात करीब 8 बजे वापस लौटने के दौरान हरिहरपुर के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को अपनी गाड़ी से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद एनएम एवं जेएनएम द्वारा दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्साकर्मियों के अनुसार दुर्घटना के बाद दोनों युवक बेहोश अवस्था में अस्पताल लाए गए थे, जिस कारण उनका नाम और पता समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। फिलहाल दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है। घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
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    जारी थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव के समीप शुक्रवार की शाम एक सड़क दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार दोनों युवक किसी कार्यवश शाम में मगरूतला गए थे। रात करीब 8 बजे वापस लौटने के दौरान हरिहरपुर के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को अपनी गाड़ी से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद एनएम एवं जेएनएम द्वारा दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया।
चिकित्साकर्मियों के अनुसार दुर्घटना के बाद दोनों युवक बेहोश अवस्था में अस्पताल लाए गए थे, जिस कारण उनका नाम और पता समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। फिलहाल दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
    user_Shiwam Kumar
    Shiwam Kumar
    Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • पलायन की कीमत मौत! गुजरात में मजदूरी के दौरान चिनियां के युवक की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम चिनियां से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी तूफानी रवि (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता स्व. अजय राम, की दूसरे राज्य में मजदूरी के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार तूफानी रवि 5 जनवरी को अपने कुछ साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में गुजरात के भरूच जिले स्थित इस्कॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सरिया सेटिंग का काम करने गया था। जहां बीते मंगलवार की रात करीब 11 बजे, रात्रि ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले तो उसे उल्टी हुई और देखते ही देखते वह खून की उल्टी करने लगा। साथ में काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के सहयोग से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही साथियों के होश उड़ गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से आज शुक्रवार सुबह 7:00 बजे शव को उसके पैतृक गांव बरवाडीह पहुंचवाया। जैसे ही शव गांव में पहुंचा की परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। गांव की हर आंखे नम थी। ग्रामीणों ने बताया कि तूफानी रवि के पिता अजय राम का निधन महज एक महीने पहले ही हुआ था। पिता के अंतिम संस्कार और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर ही तूफानी को दूसरे राज्य में पलायन करना पड़ा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीछे मां, पत्नी, एक छोटा भाई और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है। खबर मिलते ही मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल है और लोग इस घटना को पलायन की मार बता रहे हैं। वही यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।
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    पलायन की कीमत मौत! गुजरात में मजदूरी के दौरान चिनियां के युवक की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
चिनियां से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट 
चिनियां थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी तूफानी रवि (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता स्व. अजय राम, की दूसरे राज्य में मजदूरी के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार तूफानी रवि 5 जनवरी को अपने कुछ साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में गुजरात के भरूच जिले स्थित इस्कॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सरिया सेटिंग का काम करने गया था। जहां बीते मंगलवार की रात करीब 11 बजे, रात्रि ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले तो उसे उल्टी हुई और देखते ही देखते वह खून की उल्टी करने लगा।
साथ में काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के सहयोग से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही साथियों के होश उड़ गए।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से आज शुक्रवार सुबह 7:00 बजे शव को उसके पैतृक गांव बरवाडीह पहुंचवाया। जैसे ही शव गांव में पहुंचा की परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। गांव की हर आंखे नम थी।
ग्रामीणों ने बताया कि तूफानी रवि के पिता अजय राम का निधन महज एक महीने पहले ही हुआ था। पिता के अंतिम संस्कार और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर ही तूफानी को दूसरे राज्य में पलायन करना पड़ा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीछे मां, पत्नी, एक छोटा भाई और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है।
खबर मिलते ही मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल है और लोग इस घटना को पलायन की मार बता रहे हैं। वही
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    Government Officer चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
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