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लोकेशन तहसील सवायजपुर पाली रिपोर्टर कृष्ण मोहन बाजपेई पाली और बिवियापुर शिव मंदिर से निकाली महिला जनाक्रोश पद यात्रा, विपक्ष के खिलाफ दिखा आक्रोश लोकेशन तहसील सवायजपुर पाली रिपोर्टर कृष्ण मोहन बाजपेई पाली और बिवियापुर शिव मंदिर से निकाली महिला जनाक्रोश पद यात्रा, विपक्ष के खिलाफ दिखा आक्रोश पाली, हरदोई। पाली मंडल और अनंगपुर मंडल में गुरुवार को महिला जनाक्रोश पद यात्रा निकाली गई। यात्रा बिवियापुर स्थित शिव मंदिर प्रांगण से शुरू हुई, पद यात्रा धानी नगला गांव तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख भरखनी अंजू सिंह मौजूद रहीं। पद यात्रा का जगह-जगह महिलाओं ने स्वागत कर समर्थन जताया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के प्रति नाराजगी और आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। महिला आरक्षण बिल का विरोध किए जाने को लेकर महिलाओं ने अपनी असहमति जताई और सरकार के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान रुचि शर्मा, बबली शर्मा, रेनू भारती आदि महिलाएं प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

17 hrs ago
user_Om Bajpai
Om Bajpai
Newspaper publisher शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

लोकेशन तहसील सवायजपुर पाली रिपोर्टर कृष्ण मोहन बाजपेई पाली और बिवियापुर शिव मंदिर से निकाली महिला जनाक्रोश पद यात्रा, विपक्ष के खिलाफ दिखा आक्रोश लोकेशन तहसील सवायजपुर पाली रिपोर्टर कृष्ण मोहन बाजपेई पाली और बिवियापुर शिव मंदिर से निकाली महिला जनाक्रोश पद यात्रा, विपक्ष के खिलाफ दिखा आक्रोश पाली, हरदोई। पाली मंडल और अनंगपुर मंडल में गुरुवार को महिला जनाक्रोश पद यात्रा निकाली गई। यात्रा बिवियापुर स्थित शिव मंदिर प्रांगण से शुरू हुई, पद यात्रा धानी नगला गांव तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख भरखनी अंजू सिंह मौजूद रहीं। पद यात्रा का जगह-जगह महिलाओं ने स्वागत कर समर्थन जताया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के प्रति नाराजगी और आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। महिला आरक्षण बिल का विरोध किए जाने को लेकर महिलाओं ने अपनी असहमति जताई और सरकार के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान रुचि शर्मा, बबली शर्मा, रेनू भारती आदि महिलाएं प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

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  • भैंसी नगला में रास्ते की गंदगी को लेकर दो पक्षों में भिड़ंत, तीन युवक घायल, वीडियो वायरल
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    भैंसी नगला में रास्ते की गंदगी को लेकर दो पक्षों में भिड़ंत, तीन युवक घायल, वीडियो वायरल
    user_Om Bajpai
    Om Bajpai
    Newspaper publisher शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    53 min ago
  • हरदोई (टोडरपुर)। विकासखंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत हैदरपुर (मजरा खुमारी पुर) में सरकारी भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल और यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कटवाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि जिस भूमि पर यह फसल खड़ी थी, उसका पट्टा वर्षों पहले कुछ लोगों के नाम आवंटित हुआ था, लेकिन बाद में शासन द्वारा वह पट्टा निरस्त कर दिया गया। ऐसे में जमीन पुनः सरकारी श्रेणी में आ गई थी। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में खड़ी फसल का निस्तारण पारदर्शी प्रक्रिया—जैसे सार्वजनिक नीलामी—के माध्यम से किया जाना चाहिए था, ताकि राजस्व सीधे सरकारी खाते में जाए। प्रधान का पक्ष: इस पूरे मामले पर ग्राम प्रधान ने सफाई देते हुए कहा कि “करीब 15-20 साल पहले कुछ लोगों के नाम इस जमीन का पट्टा हुआ था, जिसे अब सरकार ने निरस्त कर दिया है। फसल एक बार के लिए काटी गई है, सवालों के घेरे में प्रक्रिया: प्रधान के इस बयान के बाद भी कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं— जब भूमि सरकारी घोषित हो चुकी थी, तो फसल की नीलामी क्यों नहीं कराई गई? कटान की प्रक्रिया किसके आदेश से और किसकी निगरानी में हुई? यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई से प्राप्त लकड़ी का हिसाब किसके पास है? क्या ग्राम पंचायत या राजस्व विभाग को इसकी सूचना दी गई थी? प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में लाखों रुपये के गड़बड़झाले की आशंका जताई जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सरकारी संपत्ति की हानि का मामला है, बल्कि पंचायत स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करना सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। निष्कर्ष: यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पंचायत तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर जांच करता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा।
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    हरदोई (टोडरपुर)।
विकासखंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत हैदरपुर (मजरा खुमारी पुर) में सरकारी भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल और यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कटवाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया।
ग्रामीणों का दावा है कि जिस भूमि पर यह फसल खड़ी थी, उसका पट्टा वर्षों पहले कुछ लोगों के नाम आवंटित हुआ था, लेकिन बाद में शासन द्वारा वह पट्टा निरस्त कर दिया गया। ऐसे में जमीन पुनः सरकारी श्रेणी में आ गई थी। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में खड़ी फसल का निस्तारण पारदर्शी प्रक्रिया—जैसे सार्वजनिक नीलामी—के माध्यम से किया जाना चाहिए था, ताकि राजस्व सीधे सरकारी खाते में जाए।
प्रधान का पक्ष:
इस पूरे मामले पर ग्राम प्रधान ने सफाई देते हुए कहा कि “करीब 15-20 साल पहले कुछ लोगों के नाम इस जमीन का पट्टा हुआ था, जिसे अब सरकार ने निरस्त कर दिया है। फसल एक बार के लिए काटी गई है,
सवालों के घेरे में प्रक्रिया:
प्रधान के इस बयान के बाद भी कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं—
जब भूमि सरकारी घोषित हो चुकी थी, तो फसल की नीलामी क्यों नहीं कराई गई?
कटान की प्रक्रिया किसके आदेश से और किसकी निगरानी में हुई?
यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई से प्राप्त लकड़ी का हिसाब किसके पास है?
क्या ग्राम पंचायत या राजस्व विभाग को इसकी सूचना दी गई थी?
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल:
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में लाखों रुपये के गड़बड़झाले की आशंका जताई जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सरकारी संपत्ति की हानि का मामला है, बल्कि पंचायत स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
ग्रामीणों की मांग:
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करना सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
निष्कर्ष:
यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पंचायत तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर जांच करता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा।
    user_Ashish Kumar mishra
    Ashish Kumar mishra
    Local News Reporter शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • punjabi hardoi me aake gunda ban raha hai gram Bari post pihani tahshil shahabad thana pihani
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    punjabi hardoi me aake gunda ban raha hai gram Bari post pihani tahshil shahabad thana pihani
    user_Riyasat ali
    Riyasat ali
    Farmer Shahabad, Hardoi•
    5 hrs ago
  • Post by Deepak Pandey संवाददाता
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    Post by Deepak Pandey संवाददाता
    user_Deepak Pandey संवाददाता
    Deepak Pandey संवाददाता
    Newspaper advertising department शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शाहाबाद बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई, सवारियों से मारपीट का वीडियो वायरल— ओवरस्पीड व ओवरलोडिंग से बढ़ रहा खतरा, पुलिस पर उठे सवाल तहसील संवाददाता हरदोई/शाहाबाद: शाहाबाद कस्बे के बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई का मामला सामने आया है, जहां सवारियों के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं क्षेत्र में चल रहे थ्री व्हीलर ऑटो के अनियंत्रित संचालन की गंभीर समस्या को भी उजागर कर दिया है। जानकारी के अनुसार, ऑटो संख्या UP 30BT 9532 में सवार यात्रियों ने चालक से वाहन धीमी गति से चलाने को कहा। आरोप है कि इससे नाराज होकर चालक ने बस अड्डे पर ऑटो रोककर सवारियों को उतार दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूरी घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन हस्तक्षेप करने के बजाय मूकदर्शक बनी रही। इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी के साथ स्थानीय लोगों ने एक और बड़ी समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। शाहाबाद बस स्टैंड से हरदोई की ओर जाने वाले थ्री व्हीलर ऑटो में ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड आम बात हो गई है। कई ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं और तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, जिससे रोजाना दुर्घटनाएं होते-होते बचती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि “हादसे अब बस होने ही वाले हैं,” हालात इतने खराब हो चुके हैं। यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनमाना किराया वसूलना, अभद्र व्यवहार करना और विरोध करने पर धमकी देना—ये सब अब आम हो गया है। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस अराजकता पर लगाम लगाने में असमर्थ है? बस अड्डे जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी अगर यात्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम रास्तों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दोषी ऑटो चालक पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पूरे रूट पर चलने वाले थ्री व्हीलर वाहनों की जांच की जाए, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड पर सख्ती से रोक लगाई जाए और बस अड्डों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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    शाहाबाद बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई, सवारियों से मारपीट का वीडियो वायरल—
ओवरस्पीड व ओवरलोडिंग से बढ़ रहा खतरा, पुलिस पर उठे सवाल
तहसील संवाददाता
हरदोई/शाहाबाद:
शाहाबाद कस्बे के बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई का मामला सामने आया है, जहां सवारियों के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं क्षेत्र में चल रहे थ्री व्हीलर ऑटो के अनियंत्रित संचालन की गंभीर समस्या को भी उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, ऑटो संख्या UP 30BT 9532 में सवार यात्रियों ने चालक से वाहन धीमी गति से चलाने को कहा। आरोप है कि इससे नाराज होकर चालक ने बस अड्डे पर ऑटो रोककर सवारियों को उतार दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूरी घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन हस्तक्षेप करने के बजाय मूकदर्शक बनी रही। इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इसी के साथ स्थानीय लोगों ने एक और बड़ी समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। शाहाबाद बस स्टैंड से हरदोई की ओर जाने वाले थ्री व्हीलर ऑटो में ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड आम बात हो गई है। कई ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं और तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, जिससे रोजाना दुर्घटनाएं होते-होते बचती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि “हादसे अब बस होने ही वाले हैं,” हालात इतने खराब हो चुके हैं।
यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनमाना किराया वसूलना, अभद्र व्यवहार करना और विरोध करने पर धमकी देना—ये सब अब आम हो गया है। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस अराजकता पर लगाम लगाने में असमर्थ है? बस अड्डे जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी अगर यात्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम रास्तों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दोषी ऑटो चालक पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पूरे रूट पर चलने वाले थ्री व्हीलर वाहनों की जांच की जाए, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड पर सख्ती से रोक लगाई जाए और बस अड्डों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
    user_रवि प्रकाश शुक्ला
    रवि प्रकाश शुक्ला
    Shahabad, Hardoi•
    19 hrs ago
  • शिल्पी हत्याकांड पर सियासी घमासान तेज शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में हुए चर्चित शिल्पी हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक चली बातचीत के दौरान उन्होंने मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार ने मामले की CBI जांच, दोषियों को फांसी की सजा और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग दोहराई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना से पहले कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े और यह घटना घटित हो गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। परिवार का कहना है कि जब अन्य मामलों में “ऑपरेशन लंगड़ा” और बुलडोजर जैसी कार्रवाई होती है, तो इस मामले में वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही। उनका कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कठोर और उदाहरण पेश करने वाली सजा चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है और न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। इस कदम के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में पीड़ित परिवार को निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिल पाएगा या फिर यह मामला भी सियासी बहस तक ही सीमित रह जाएगा।
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    शिल्पी हत्याकांड पर सियासी घमासान तेज
शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल
हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में हुए चर्चित शिल्पी हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
करीब 45 मिनट तक चली बातचीत के दौरान उन्होंने मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार ने मामले की CBI जांच, दोषियों को फांसी की सजा और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग दोहराई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना से पहले कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े और यह घटना घटित हो गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं।
परिवार का कहना है कि जब अन्य मामलों में “ऑपरेशन लंगड़ा” और बुलडोजर जैसी कार्रवाई होती है, तो इस मामले में वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही। उनका कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कठोर और उदाहरण पेश करने वाली सजा चाहिए।
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है और न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। इस कदम के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में पीड़ित परिवार को निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिल पाएगा या फिर यह मामला भी सियासी बहस तक ही सीमित रह जाएगा।
    user_Journalist,Abdheshkumar
    Journalist,Abdheshkumar
    Graphic designer Shahabad, Hardoi•
    19 hrs ago
  • Post by User5028
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    Post by User5028
    user_User5028
    User5028
    पत्रकार शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
  • बिवियापुर शिव मंदिर से निकली महिला जनाक्रोश पद यात्रा, बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
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    बिवियापुर शिव मंदिर से निकली महिला जनाक्रोश पद यात्रा, बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
    user_Om Bajpai
    Om Bajpai
    Newspaper publisher शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
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