जामताड़ा जिले के करमाटांड थाना क्षेत्र अंतर्गत कालाझरिया के समीप जामुनतर गांव में सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जामुनतर गांव के समीप अचानक तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की, जिसके दौरान झाड़ियों के बीच यह अज्ञात शव पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल करमाटांड थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल भेज दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी, हालांकि शव कब से वहां पड़ा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है।
जामताड़ा जिले के करमाटांड थाना क्षेत्र अंतर्गत कालाझरिया के समीप जामुनतर गांव में सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जामुनतर गांव के समीप अचानक तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की, जिसके दौरान झाड़ियों के बीच यह अज्ञात शव पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल करमाटांड थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल भेज दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी, हालांकि शव कब से वहां पड़ा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है।
- जामताड़ा में 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता आनंद टुडू ने सभी व्यवस्थाएँ पूरी होने की घोषणा की है। उन्होंने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और अन्य आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे छात्र-छात्राओं की प्रभात फेरी से होगी, जिसके बाद जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। दोपहर 2 बजे, झामुमो जिला कार्यालय से गाजे-बाजे के साथ एक भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जो सिद्धू-कान्हू चौक पहुंचेगा और इसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। माल्यार्पण और झंडोत्तोलन के उपरांत गांधी मैदान में आदिवासी संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। पूरे जिले में हूल दिवस को लेकर उत्साह का माहौल है और आयोजकों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।1
- झारखंड के जामताड़ा जिले में एक अज्ञात शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद हुआ है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- करमाटांड़ इलाके में एक झाड़ी के भीतर एक शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना के कारण गांव में दहशत का माहौल बन गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई है।1
- पचरुखी के मेले में एक जलपरी आई है, जिसके आगमन को लेकर उत्सुकता का माहौल है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द आएं और इस जलपरी को देखने का अनुभव करें।1
- उत्तर प्रदेश में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला खुलने लगा है।1
- क्षेत्र की सड़कों पर बारिश के दौरान पानी जमा हो जाने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है, जिससे यातायात में लगातार बाधाएं आ रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें। मांग की गई है कि सड़कों की मरम्मत करवाई जाए और जल्द से जल्द उचित जल निकासी (नाली) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले का दो दिवसीय 14वां जिला सम्मेलन 28 जून 2026 को झारखंड के गिरिडीह स्थित मधुवन में धूमधाम से शुरू हो गया। 'कॉमरेड लालधन महतो मंच' (कॉमरेड महेंद्र सिंह सभागार, कॉ. ए. केशव नगर) पर आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शहीदों को याद करते हुए लाल झंडे और वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर निरसा के लोकप्रिय विधायक अरूप चटर्जी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए मज़दूरों और स्थानीय जनता के अधिकारों की लड़ाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि एक मजबूत संगठन ही प्रशासन को बात सुनने और सरकार को जनता के हकों को पूरा करने के लिए बाध्य कर सकता है। विधायक अरूप चटर्जी ने क्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों और उद्योगों में मज़दूरों की दुर्दशा पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय मज़दूरों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मज़दूर न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई और पीएफ जैसे अपने कानूनी अधिकारों की मांग करता है, तो प्रबंधन द्वारा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। अरूप चटर्जी ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि भाकपा-माले मज़दूरों के इस दमन के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगी। सम्मेलन के पहले दिन गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मज़दूरों, किसानों और विशेषकर महिलाओं ने शिरकत की। मंच पर भाकपा-माले के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें बिहार के सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक अरूप चटर्जी और चन्द्रदेव महतो, पूर्व विधायक बिनोद सिंह व राज कुमार यादव, तथा वरिष्ठ नेता हलधर महतो प्रमुख थे। सभी उपस्थित सम्मानित अतिथियों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सांप्रदायिक व फासीवादी ताकतों को ध्वस्त करने तथा संविधान व जन-अधिकारों की रक्षा करने का साझा संकल्प लिया। यह महत्वपूर्ण जिला सम्मेलन 29 जून तक जारी रहेगा, जिसमें आगामी आंदोलनों और संघर्षों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।2
- जामताड़ा जिले के करमाटांड थाना क्षेत्र अंतर्गत कालाझरिया के समीप जामुनतर गांव में सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जामुनतर गांव के समीप अचानक तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की, जिसके दौरान झाड़ियों के बीच यह अज्ञात शव पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल करमाटांड थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल भेज दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी, हालांकि शव कब से वहां पड़ा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है।1