सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत पचमढ़ी के पगरा और अंबा माई मार्ग के बीच शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एक बाघ दिखाई देने से पर्यटकों में काफी उत्साह का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, एक पर्यटक ने सड़क किनारे घूमते हुए इस बाघ का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल हुए इस वीडियो में बाघ सड़क के पास शांत मुद्रा में विचरण करता दिखाई दे रहा है। हालांकि पचमढ़ी और उसके आसपास के जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी सामान्य बात है, लेकिन सड़क के इतने निकट बाघ का दिखना पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव रहा। वन विभाग की ओर से पर्यटकों को लगातार जंगल क्षेत्रों में सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती रही है। हालांकि वन विभाग ने इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दृश्य पगरा और अंबा माई के बीच का ही है।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत पचमढ़ी के पगरा और अंबा माई मार्ग के बीच शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एक बाघ दिखाई देने से पर्यटकों में काफी उत्साह का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, एक पर्यटक ने सड़क किनारे घूमते हुए इस बाघ का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल हुए इस वीडियो में बाघ सड़क के पास शांत मुद्रा में विचरण करता दिखाई दे रहा है। हालांकि पचमढ़ी और उसके आसपास के जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी सामान्य बात है, लेकिन सड़क के इतने निकट बाघ का दिखना पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव रहा। वन विभाग की ओर से पर्यटकों को लगातार जंगल क्षेत्रों में सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती रही है। हालांकि वन विभाग ने इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दृश्य पगरा और अंबा माई के बीच का ही है।
- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत पचमढ़ी के पगरा और अंबा माई मार्ग के बीच शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एक बाघ दिखाई देने से पर्यटकों में काफी उत्साह का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, एक पर्यटक ने सड़क किनारे घूमते हुए इस बाघ का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल हुए इस वीडियो में बाघ सड़क के पास शांत मुद्रा में विचरण करता दिखाई दे रहा है। हालांकि पचमढ़ी और उसके आसपास के जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी सामान्य बात है, लेकिन सड़क के इतने निकट बाघ का दिखना पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव रहा। वन विभाग की ओर से पर्यटकों को लगातार जंगल क्षेत्रों में सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती रही है। हालांकि वन विभाग ने इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दृश्य पगरा और अंबा माई के बीच का ही है।1
- माखननगर क्षेत्र में प्री-मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने शनिवार को महज 15 मिनट के भीतर भारी असर दिखाया। तेज हवाओं और तूफानी मौसम के कारण साकेत वेयरहाउस के सामने एक विशाल शीशम का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे माखननगर-पिपरिया मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज आंधी के साथ अचानक बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए। साकेत वेयरहाउस के सामने गिरे इस पेड़ ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र के अन्य हिस्सों से भी पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, किसी जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन अचानक बदले मौसम ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। मौसम विभाग ने पहले ही प्रदेश में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन पहली ही बारिश ने प्रशासन की तैयारियों और पेड़ों के रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों के किनारे मौजूद जर्जर और जोखिमपूर्ण पेड़ों की पहचान कर समय रहते उनकी छंटाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, प्रशासन और स्थानीय अमला मार्ग से पेड़ हटाने के प्रयास में जुटा हुआ है, ताकि यातायात को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।3
- आज इटारसी शहर को बिजली और पानी के दोहरे संकट का सामना करना पड़ा। सुबह 33केवी फीडर पर मिडस्पान पोल लगाने के लिए 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी गई थी। जैसे ही दोपहर में लाइट आई, एक तेज आंधी-तूफान ने पथरोटा से सीपी नहर क्षेत्र तक भारी तबाही मचा दी। इस दौरान पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके परिणामस्वरूप पूरे दिन शहर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। इस गंभीर बिजली संकट के कारण अब शहर के कई इलाकों में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। बिजली विभाग इस नुकसान का आकलन करने और सुधार कार्य में तेजी से जुटा हुआ है। नागरिक अपनी शिकायतें टोल-फ्री नंबर 1912, व्हाट्सएप नंबर 07552551222 और उपाय ऐप (Upay App) के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि इस जरूरी जानकारी को अधिक से अधिक साझा करें।1
- नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर स्थित जवाहर वार्ड निवासी, स्वर्गीय श्री हरगोविंद चौरसिया जी की धर्मपत्नी और मेडिकल स्टोर संचालक श्री मनीष चौरसिया जी की पूज्यनीय माताजी, स्वर्गीय श्रीमती उर्मिला बाई चौरसिया की गंगाजली पूजन (तेरहवीं) का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के पश्चात, राम रहीम रोटी बैंक के माध्यम से जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा लोगों और नर्मदा परिक्रमावासियों को स्वादिष्ट एवं गरमा गरम भोजन कराकर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। इस सेवाकार्य के लिए समिति ने सेवाभावी चौरसिया परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे माताजी की दिवंगत पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें और उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहीर खान ने बावे अली ग्राउंड में वृक्षारोपण किया। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर पौधे लगाए और इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- फिल्म एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच अब अंतिम चरण में है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह केवल दहेज से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि अन्य कई पहलू भी इसमें शामिल हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा के डिप्रेशन की वजह और ड्रग्स लेने के आरोपों की भी पड़ताल की है। अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि समर्थ और ट्विशा के बीच प्रेग्नेंसी सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी थी। सीबीआई की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि समर्थ सिंह ने अपनी पत्नी से स्पष्ट शब्दों में सवाल किया था कि 'यह बच्चा किसका है!' इस घटना के बाद दोनों के संबंधों में ऐसी खटास आई कि स्थिति फिर कभी सामान्य नहीं हो सकी, जिसका कथित रूप से अंत ट्विशा की फांसी लगाने से हुआ। सीबीआई जांच में अहम परतें खुली हैं, जिसके अनुसार ट्विशा की प्रेग्नेंसी पर समर्थ सिंह ने सवाल उठाए थे, जो दोनों के बीच झगड़े की सबसे बड़ी वजह थी। समर्थ ने ट्विशा से स्पष्ट पूछा था, 'तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह किसका बच्चा है?' इस प्रश्न से ट्विशा क्षुब्ध हो गई थीं और उन्होंने अपनी मां को भी यह बात बताई थी। मां के इसे इग्नोर करने के लिए कहने के बाद भी ट्विशा शांत नहीं रह सकीं। जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और डिजिटल एविडेंस ने इस तथ्य को पूर्णतः स्पष्ट कर दिया है कि प्रेग्नेंसी पर उठा यह विवाद इतना बढ़ा कि आखिरकार ट्विशा ने कथित रूप से आत्मघाती कदम उठा लिया। सीबीआई की जांच में आपसी सहमति से गर्भपात कराने की बात भी शामिल है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने ट्विशा की संदिग्ध मौत के सभी अहम पहलुओं की पड़ताल पूरी कर ली है। अब सीबीआई चार्जशीट तैयार करने की तैयारी में है, जिसके लिए केस से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। इसमें आरोपियों के बयानों का मिलान, वारदात से संबंधित सभी सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट के तथ्यों को शामिल किया जा रहा है। सीबीआई अधिकारी केस को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों की राय भी ले रहे हैं।1
- भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, आदेश राजपूत पहली बार सैनिक वर्दी में अपने गृह नगर पिपरिया पहुंचे, जहाँ शनिवार को रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं, विद्यार्थियों और समाजसेवियों ने पुष्पहार पहनाकर और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया, जिससे 'भारत माता के जयघोष' से पूरा माहौल गूंज उठा। ग्राम सहलवाड़ा निवासी आदेश राजपूत ने संकल्प फाउंडेशन के मार्गदर्शन में सेना भर्ती की तैयारी की थी और वर्ष 2025 में उनका भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयन हुआ था। करीब आठ माह का सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर राजपूत रेजीमेंट से पास आउट होने के बाद वे राजकोट एक्सप्रेस से पिपरिया रेलवे स्टेशन पहुंचे। इस दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और उपस्थित लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस स्वागत कार्यक्रम में संकल्प फाउंडेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) बाबू खान, अध्यक्ष केसर सिंह चौधरी, आनंद चौरसिया, लीलाधर राय, लाखन सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह पुर्विया, सुखदेव सिंह कालोटी, कैलाश बाथरे, श्यामलाल कहार, बलराम पाटर, निरंजन वैष्णव और रूपेश राय सहित बड़ी संख्या में युवा व विद्यार्थी मौजूद रहे। आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक राजेश दुबे एवं अन्य समाजसेवियों ने भी इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता की। आयोजकों ने आदेश राजपूत की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया, जिससे सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा करने की भावना को बल मिलेगा। कार्यक्रम का समापन भी 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ हुआ।2
- पिपरिया ब्लॉक के 10 गांवों में एकिडना फाउंडेशन और एकलव्य फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एग्री प्रोजेक्ट के तहत आयोजित पांच दिवसीय समर कैंप आज, 6 जून को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस शिविर में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप के दौरान बच्चों ने खेल, आर्ट-क्राफ्ट, कहानी लेखन, चित्रकला, विज्ञान प्रयोग, प्रकृति भ्रमण और कई अन्य रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान सीखने और उनके रचनात्मक विकास के लिए अवसर प्रदान करना था। स्थानीय युवा संचालिकाओं और एकलव्य फाउंडेशन की टीम ने इस कैंप के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन पर, अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों ने बच्चों की प्रतिभा और उनके उत्साह की भरपूर सराहना की।1