सुल्तानपुर के चांदा कोतवाली क्षेत्र के सोनावां गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई है। इस मामले ने गंभीर रूप ले लिया है और पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर संबंधित प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक किसान की पहचान चंद्रशेखर मिश्र के रूप में हुई है, जिनकी मंगलवार सुबह करीब 11:50 से 12:10 बजे के बीच अपने खेत में काम करते समय मौत हो गई। उनके बेटे अजय कुमार मिश्र द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, ट्यूबवेल के पास लगे बिजली पोल के स्टे वायर में अचानक करंट उतर आया था, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान खेत पर मौजूद नन्हकऊ निषाद भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए, जिनका उपचार चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों (एसडीओ और संबंधित जेई) को स्टे वायर में करंट उतरने की शिकायत पहले भी कई बार फोन और लिखित रूप से दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। परिवार ने बिजली विभाग के एसडीओ, संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को इस घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि सोनावां क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही किसान का शव गांव पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद गोमती नदी के किनारे स्थित प्रतापगढ़ के इब्राहिमपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां मृतक के बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान कोतवाली प्रभारी राजकुमार वर्मा सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कोतवाली प्रभारी राजकुमार वर्मा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुल्तानपुर के चांदा कोतवाली क्षेत्र के सोनावां गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई है। इस मामले ने गंभीर रूप ले लिया है और पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर संबंधित प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक किसान की पहचान चंद्रशेखर मिश्र के रूप में हुई है, जिनकी मंगलवार सुबह करीब 11:50 से 12:10 बजे के बीच अपने खेत में काम करते समय मौत हो गई। उनके बेटे अजय कुमार मिश्र द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के
अनुसार, ट्यूबवेल के पास लगे बिजली पोल के स्टे वायर में अचानक करंट उतर आया था, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान खेत पर मौजूद नन्हकऊ निषाद भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए, जिनका उपचार चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों (एसडीओ और संबंधित जेई) को स्टे वायर में करंट उतरने की शिकायत पहले भी कई बार फोन और लिखित रूप से दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। परिवार ने बिजली विभाग के
एसडीओ, संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को इस घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि सोनावां क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही किसान का शव गांव पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों की चीख-पुकार से
माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद गोमती नदी के किनारे स्थित प्रतापगढ़ के इब्राहिमपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां मृतक के बड़े पुत्र ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान कोतवाली प्रभारी राजकुमार वर्मा सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कोतवाली प्रभारी राजकुमार वर्मा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- सुल्तानपुर के लम्भुआ स्थित डकाही गांव के पास वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्कूली बच्चों को सुरक्षित सड़क पार कराने की कोशिश कर रहे एक बस चालक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसने पूरे स्कूल परिवहन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार दंपति भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, और प्रत्यक्षदर्शियों व स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि स्कूलों की मनमानी, परिवहन विभाग की चुप्पी और प्रशासन की घोर लापरवाही का सीधा नतीजा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन कई निजी स्कूलों की बसें राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़ी होकर बच्चों को उतारती हैं, जिससे बच्चे तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने को मजबूर होते हैं, जबकि थोड़ी दूरी पर सुरक्षित कट उपलब्ध है जिसका उपयोग नहीं किया जाता। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कई बसों में क्षमता से कहीं अधिक, लगभग 75 से 80 बच्चों को बैठाया जाता है, जो मोटर वाहन नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस पर परिवहन विभाग की औचक निरीक्षण और कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही, सुबह से दोपहर तक हाईवे किनारे स्कूल बसों की लंबी कतारों को देखकर राष्ट्रीय राजमार्ग को पार्किंग स्थल बनने देने और एनएचएआई, परिवहन विभाग व स्थानीय पुलिस की कथित अनदेखी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं। इस घटना को केवल एक बस चालक की मौत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी की कहानी बताते हुए, जनता अब जवाब चाहती है। मांग की गई है कि जिला प्रशासन सभी निजी स्कूल बसों का विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण करे, ओवरलोडिंग करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे, हाईवे पर बच्चों को उतारने पर तत्काल रोक लगाए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं की जवाबदेही तय करे।2
- नई दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी के निजी आवास पर अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश त्रिवेदी के साथ एक शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी चुनावों की तैयारियों एवं रणनीति को लेकर सकारात्मक और सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर सुल्तानपुर के संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष के.पी. बाबा ने भी भेंट की और संगठनात्मक विषयों पर अपने विचार साझा किए। यह बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें जनसंपर्क को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के समन्वय स्थापित करने और आगामी चुनावों में संगठन की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पर, सभी उपस्थित सदस्यों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई।1
- सुल्तानपुर जनपद के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में एक स्कूली बस चालक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब चालक स्कूल से छुट्टी होने के बाद बच्चों को सड़क पार करवा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार लोगों ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इस सड़क दुर्घटना में स्कूली बस चालक की मौत हो गई, जिसके संबंध में क्षेत्राधिकारी लंभुआ ने जानकारी दी है।1
- प्रतापगढ़ के कंधई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोनी में भूमि विवाद को लेकर दो पट्टीदारों के बीच मारपीट हुई, जिसमें प्रवेश पटेल नामक एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान प्रयागराज में उसकी मृत्यु हो गई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राप्त तहरीर के आधार पर कंधई थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। स्थानीय पुलिस ने 3 अभियुक्तों को हिरासत में लिया है और विधिक कार्रवाई जारी है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, प्रतापगढ़ आलोक कुमार द्वारा दी गई है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शिक्षा और शिक्षक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' की शुरुआत की, जिसके तहत प्रदेश के 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाएगी। इसी कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से प्रति विद्यार्थी ₹1,200 की धनराशि अंतरित की। यह राशि विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से दी गई है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ, हरित और गुणवत्तापूर्ण विद्यालयों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला बताया और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान, 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिससे इन शिक्षकों और कर्मचारियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान, स्वास्थ्य सुरक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि "शिक्षक सशक्त होंगे तो विद्यार्थी समर्थ बनेंगे और शिक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा," विश्वास व्यक्त करते हुए कि इन योजनाओं से शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा, विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।1
- सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र के आनापुर नारायणगंज (देवलहा) गांव में महुआ के पेड़ से गिरने के कारण एक किसान की दुखद मृत्यु हो गई है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है, वहीं पूरे गांव में भी शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम 62 वर्षीय रामदीन पुत्र सुखई अपने घर के सामने स्थित बगीचे में महुआ के पेड़ पर चढ़कर पत्तियां तोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे पेड़ से नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिसके फलस्वरूप वे मौके पर ही अचेत हो गए। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ ले गए। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि गिरने से लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बुधवार सुबह परिजनों और ग्राम प्रधान ने इस घटना की सूचना चांदा थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। मृतक रामदीन खेती-बाड़ी के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा संतोष कुमार है, जो मजदूरी करता है, जबकि उनकी चारों बेटियों का विवाह हो चुका है। रामदीन की इस असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी है।4