60 वर्षीय वृद्ध को सांप ने डसा, झाड़-फूंक के चक्कर में हुई मौत* सदर थाना क्षेत्र के कोटाम पतगच्छा गांव निवासी भिखवा उरांव (60 वर्ष) की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार भिखवा उरांव अपने घर में टांगी (लकड़ी का औजार) की बेंत बनाने के लिए छज्जे पर रखे रंदा को उतार रहा था। इसी दौरान छिपे हुए सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने के बाद वह तत्काल अस्पताल जाने के बजाय गांव के एक भगत के पास झाड़-फूंक कराने चला गया। कुछ समय बाद घर लौटने पर उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना गुमला के एएसआई अरविंद कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम हेतु भेजा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस तरह के किसी भी हादसे में झाड़ फूंक का सहारा ना ले और तत्काल चिकित्सा का परामर्श ले।
60 वर्षीय वृद्ध को सांप ने डसा, झाड़-फूंक के चक्कर में हुई मौत* सदर थाना क्षेत्र के कोटाम पतगच्छा गांव निवासी भिखवा उरांव (60 वर्ष) की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार भिखवा उरांव अपने घर में टांगी (लकड़ी का औजार) की बेंत बनाने के लिए छज्जे पर रखे रंदा को उतार रहा था। इसी दौरान छिपे हुए सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने के बाद वह तत्काल अस्पताल जाने के बजाय गांव के एक भगत के पास झाड़-फूंक कराने चला गया। कुछ समय बाद घर लौटने पर उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना गुमला के एएसआई अरविंद कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम हेतु भेजा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस तरह के किसी भी हादसे में झाड़ फूंक का सहारा ना ले और तत्काल चिकित्सा का परामर्श ले।
- इंदिरा आवास ढहने से बुजुर्ग की मौत, गांव में शोक और आक्रोश डुमरी (गुमला): डुमरी प्रखंड के खेतली पंचायत अंतर्गत बरटोली गांव में मंगलवार देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। प्राकृतिक आपदा के बीच एक प्रधानमंत्री आवास (इंदिरा आवास) के अचानक ढह जाने से उसमें सो रहे 72 वर्षीय भोवा झोरा की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी के मुताबिक, रात करीब 1 बजे तेज हवा और लगातार बारिश के कारण जर्जर स्थिति में बना आवास अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय भोवा झोरा घर के अंदर सो रहे थे और मलबे में दब गए। घटना की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया। ग्रामीण लिली टोप्पो के अनुसार, बाहर निकालने के बाद कुछ समय तक उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। ग्राम पंचायत के मुखिया जवाहर कवर ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि मृतक के पास एक पुराना कच्चा मकान सुरक्षित था, जबकि सरकारी योजना के तहत बना आवास घटिया निर्माण के कारण जर्जर हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दलालों के जरिए घटिया निर्माण कराए जाने से यह हादसा हुआ। मुखिया ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना के बाद बरटोली गांव में मातम के साथ-साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर आवासों की जांच और मरम्मत की जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से राहत और कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।1
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- Post by AAM JANATA1
- Post by Salim Dungdung1
- Post by हमर जशपुर1
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव काउंटिंग के बीच बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त झड़प देखने को मिला, पुलिस का हालत पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज करनी पड़ी।1
- सड़क हादसे ने खोली चैनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, डॉक्टर और एंबुलेंस के अभाव में गई एक जान चैनपुर को अनुमंडल का दर्जा मिले लंबा समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी देते हुए मंगलवार शाम पांच बजे बताया गया कि चैनपुर थाना क्षेत्र के पाराहटोली के समीप हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार सुग्गासरवा निवासी अलबिनुस लकड़ा (पिता जॉर्ज लकड़ा) और अभय एक्का (पिता जोसेफ एक्का) स्कूटी से पैनसो बाजार से गाय खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पाराहटोली के समीप पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं रहने के कारण घायल अलबिनुस लकड़ा को मृत घोषित तक नहीं किया जा सका। अस्पताल पहुंचने के क्रम में ही उनकी मौत हो गई, जिसके बाद कागजी प्रक्रिया के लिए शव को गुमला सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा। बताया गया कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस खड़ी तो है, लेकिन लंबे समय से कंडम घोषित होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मौके पर पहुंचे प्रखंड उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने बताया कि घायल अभय एक्का की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई बार एक सौ आठ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः मजबूर होकर परिजनों को निजी व्यवस्था से मृतक और घायल को अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अनुमंडल बनने के बावजूद यदि समय पर डॉक्टर और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।1
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