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रसधान ओवर ब्रिज के पास ब्रेकर बना हादसे की वजह, अनियंत्रित होकर फिसली स्कूटी, औरैया निवासी युवक गंभीर रूप से घायल सिकंदरा थाना क्षेत्र के रसधान ओवर ब्रिज के पास सोमवार शाम करीब 5 बजे एक स्कूटी सवार युवक ब्रेकर के कारण अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया, जिससे वह घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार औरैया जनपद निवासी अमित द्विवेदी किसी काम से अकबरपुर गए थे। वहां से लौटते समय जैसे ही वह रसधान ओवर ब्रिज के पास सर्विस लेन में बने ब्रेकर के पास पहुंचे, अचानक उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना की सूचना पर रसधान चौकी प्रभारी रजनीश कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार किया गया।
Journalist Sonu singh
रसधान ओवर ब्रिज के पास ब्रेकर बना हादसे की वजह, अनियंत्रित होकर फिसली स्कूटी, औरैया निवासी युवक गंभीर रूप से घायल सिकंदरा थाना क्षेत्र के रसधान ओवर ब्रिज के पास सोमवार शाम करीब 5 बजे एक स्कूटी सवार युवक ब्रेकर के कारण अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया, जिससे वह घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार औरैया जनपद निवासी अमित द्विवेदी किसी काम से अकबरपुर गए थे। वहां से लौटते समय जैसे ही वह रसधान ओवर ब्रिज के पास सर्विस लेन में बने ब्रेकर के पास पहुंचे, अचानक उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना की सूचना पर रसधान चौकी प्रभारी रजनीश कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार किया गया।
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- सिकंदरा क्षेत्र के पटेल नगर निवासी भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री विनोद नायक का रविवार को गांव चलो अभियान के दौरान परौख गांव में अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। बताया गया कि कार्यक्रम के दौरान संबोधन देते समय उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। विनोद नायक परौख गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर कार्यकर्ताओं ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया था। इसके बाद जैसे ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करना शुरू किया, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी ने इसे बड़ी क्षति बताया है। सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे यमुना नदी तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- कानपुरदेहात,डेरापुर थाना परिसर में सोमवार शाम 3 बजे पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिखा शंखवार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद, कांधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र, मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज अरविंद तिवारी, बिहार घाट चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित उप निरीक्षक विभूति प्रसाद, रामकृपाल और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम केवल उन्हीं स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां पूर्व में होते रहे हैं। किसी भी नई जगह पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई आयोजन नहीं होगा। जिग्नेश गांव में जयंती के बाद प्रस्तावित बौद्ध कथा कार्यक्रम पर प्रशासन ने रोक लगाते हुए केवल जयंती मनाने की अनुमति दी है। रैली के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस टीम गठित कर क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की बात कही गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए अम्बेडकर जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।1
- डेरापुर थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक, अंबेडकर जयंती को लेकर दिशा-निर्देश जारी डेरापुर थाना परिसर में सोमवार शाम 3 बजे पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम शिखा शंखवार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज दस्तमपुर गिरीश चंद, कांधी चौकी इंचार्ज मलोक चंद्र, मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज अरविंद तिवारी, बिहार घाट चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित उप निरीक्षक विभूति प्रसाद, रामकृपाल और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम केवल उन्हीं स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, जहां पूर्व में होते रहे हैं। किसी भी नई जगह पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई आयोजन नहीं होगा। जिग्नेश गांव में जयंती के बाद प्रस्तावित बौद्ध कथा कार्यक्रम पर प्रशासन ने रोक लगाते हुए केवल जयंती मनाने की अनुमति दी है। रैली के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस टीम गठित कर क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने की बात कही गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए अम्बेडकर जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।1
- खबर कानपुर देहात पत्रकार इकबाल अहमद सिकंदरा में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, सवारी परमिट के बावजूद ढो रहे सरिया व भारी सामान जनपद कानपुर देहात के थाना सिकंदरा क्षेत्र में बैटरी ई-रिक्शा चालकों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है। जहां एक ओर इन वाहनों को केवल सवारी ढोने का परमिट दिया गया है, वहीं दूसरी ओर चालक खुलेआम सरिया, लोहे के एंगल और अन्य भारी सामान ढोते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से ओवरलोडिंग और खतरनाक सामान ले जाने से सड़क पर चलने वाले बाइक व कार सवारों की जान को गंभीर खतरा बना रहता है। कई बार हादसे की स्थिति भी बन चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अनदेखी कर रहा है। बताया जा रहा है कि पास के जनपद औरैया में ई-रिक्शाओं से भाड़ा ढोने पर रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन सिकंदरा क्षेत्र में इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। हैरानी की बात यह भी है कि अधिकांश ई-रिक्शा बिना पूरे कागजात और आवश्यक परमिशन के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस और न ही स्थानीय थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब प्रशासन इन लापरवाह ई-रिक्शा चालकों पर सख्ती करेगा, या फिर इसी तरह लोगों की जान जोखिम में डालकर यह खेल चलता रहेगा।4
- औरैया जिला अधिकारी के निर्देश पर सदर तहसील की राजस्व टीम ने ग्राम इकौरापुर में ग्राम सभा की दो महत्वपूर्ण भूमियों पर हुए अवैध अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटा दिया। कुल 1.226 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया, जिसका बाजार मूल्य लगभग 90 लाख रुपये है।1
- श्री संकट मोचन मंदिर, औरैया मन्दिर स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में पांच दिवसीय भव्य आयोजन श्री संकट मोचन मंदिर समिति द्वारा किया जा रहा है संगीतमय श्री रामचरितमानस पाठ सुंदरकांड भजन कीर्तन के साथ आज बाबा के दरबार में छप्पन भोग प्रसाद लगाया गया 14 अप्रैल 2026 को श्री संकट मोचन महाराज मंदिर के 50 वर्ष पुर्ण होंगे जनपद औरैया में औरैया नगर का बहुत ही प्रतिष्ठित एवं शक्तिशाली बाबा बजरंगबली का दरबार है जिसमें मंदिर में एवं धर्मशाला में समस्त प्रमुख देवी देवताओं को विराजमान किया गया है एवं नियमित पूजा आरती होती है समिति द्वारा मंदिर एवं धर्मशाला का भव्य सौंदर्य करण निर्माण कराया गया है एवं लगातार सौंदर्य करण निर्माण कार्य जारी है जिसमें बाहर के कारीगरों के द्वारा भगवान जी के लिए लकड़ी की डिजाइन के मंडप आसन बनाए गए हैं जो बेहद ही आकर्षक एवं सुंदर है3
- नाबालिग से गलत हरकत के बाद किशोरी ने दी जान, आरोपी हिरासत में कानपुर देहात: रसूलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम अटियारायपुर में एक नाबालिग लड़की ने कथित गलत हरकत से आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।1
- सिकंदरा क्षेत्र में बैटरी चालित ई-रिक्शा चालकों की मनमानी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। नियमानुसार इन वाहनों को केवल सवारियां ढोने के लिए परमिट दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई चालक खुलेआम सरिया, लोहे के एंगल और अन्य भारी सामान लादकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह की ओवरलोडिंग और खतरनाक सामान ले जाने से सड़क पर चलने वाले बाइक और कार सवारों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। कई बार दुर्घटना की स्थिति भी बन चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारी के अनुसार, पड़ोसी जनपद औरैया में ई-रिक्शा से माल ढुलाई पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है, लेकिन सिकंदरा क्षेत्र में इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। यहां अब भी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। इतना ही नहीं, कई ई-रिक्शा बिना पूरे कागजात और आवश्यक परमिशन के ही सड़कों पर संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस और न ही स्थानीय थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई दे रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब इन नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर सख्ती करेगा, या फिर लोगों की जान जोखिम में डालकर यह सिलसिला यूं ही चलता1