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एक मामले में, एक पति अपनी पत्नी के साथ लगातार मारपीट करता था। इस बर्ताव से तंग आकर पत्नी ने अपने पति की हरकतों का एक वीडियो बनाया। इसके बाद, उसने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
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एक मामले में, एक पति अपनी पत्नी के साथ लगातार मारपीट करता था। इस बर्ताव से तंग आकर पत्नी ने अपने पति की हरकतों का एक वीडियो बनाया। इसके बाद, उसने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
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- ग्वालियर में एक महिला ने अपने पति द्वारा की जा रही लगातार मारपीट से परेशान होकर एक वीडियो बनाया और फिर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। यह घटना पति के हिंसक व्यवहार से तंग आई पत्नी की आपबीती को उजागर करती है, जिसने अपनी व्यथा को रिकॉर्ड कर न्याय की गुहार लगाई है।1
- ग्वालियर के इंदिरा कॉलोनी में रंजिश के चलते एक घर में पेट्रोल डालकर आगजनी की कोशिश का मामला सामने आया है। फरियादिया मोना गुप्ता ने बहोड़ापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 4 जून की सुबह करीब 3:30 बजे उनके घर के बाहर खड़ी बाइक और कूलर पर पेट्रोल डाली गई, और कुछ पेट्रोल खिड़की पर भी फेंकी गई। पेट्रोल की गंध से जागने पर उन्होंने देखा कि मोहल्ले के अजय उर्फ भोंदू कुशवाह और समीर खान मुँह बांधे उनके घर में आग लगाने का प्रयास कर रहे थे। फरियादिया को देखकर दोनों आरोपी बिना आग लगाए मौके से भाग गए। यह घटना फरियादिया के बेटे के आरोपियों के साथ हुए विवाद की रंजिश के कारण हुई। बहोड़ापुर पुलिस ने इस संबंध में अप0क्र0-201/26 धारा 326(जी), 62 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मध्य/यातायात) श्रीमती अनु बेनीवाल (भापुसे) को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। सीएसपी ग्वालियर श्री कृष्ण पाल सिंह (रापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बहोड़ापुर, निरीक्षक आलोक सिंह परिहार ने पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया। विवेचना के दौरान, पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें अजय और समीर के अलावा उनका एक और साथी शिवम रजक दिखा। 5 जून को पुलिस टीम ने इसी फुटेज के आधार पर आरोपी शिवम रजक पुत्र राकेश रजक (उम्र 20 साल, निवासी इंदिरा कॉलोनी) को गिरफ्तार कर लिया। गहन पूछताछ में शिवम रजक ने अपने दो अन्य साथियों, अजय उर्फ भोंदू कुशवाह और समीर खान के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी शिवम रजक को वैधानिक रूप से हिरासत में ले लिया है और अब अन्य दो वांछित आरोपियों की तलाश जारी है। थाना बहोड़ापुर पुलिस ने इस आगजनी के प्रयास के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा किया। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी बहोड़ापुर निरीक्षक आलोक सिंह परिहार के साथ उनि0 अतुल सिंह, सउनि0 शिवपाल, प्र.आर0 अरविंद, प्र.आर0 मक्खन, आर0 आकाश और आर0 गिर्राज शर्मा की भूमिका सराहनीय रही।1
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- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ग्वालियर पुलिस की भाषा शैली और उनके असली चेहरे को सामने लाया गया है। इस पोस्ट के माध्यम से ग्वालियर की पुलिस के प्रति तीखी नाराजगी व्यक्त की गई है, जहाँ उनकी कार्यप्रणाली और संवाद शैली पर सीधा प्रहार किया गया है।1
- डबरा सिटी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक मारुति वैगनआर कार से 35 पेटी अवैध शराब बरामद की है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत, पुलिस ने तत्काल शराब से लदी इस गाड़ी को जब्त कर लिया। पुलिस ने मौके से शेखर शाक्य नामक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और अब आगे की जांच जारी है।1
- चंदोखर गांव में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला झाबलपुरा की टीम ने 6 रनों से जीत लिया। इस अवसर पर भाजपा नेता अशोक तोमर ने पहुंचकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका मनोबल बढ़ाया। यह फाइनल मैच चंदोखर और झाबलपुरा की टीमों के बीच खेला गया। इसमें झाबलपुरा की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और कुल 141 रन बनाए। इसके जवाब में, चंदोखर की टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 135 रन ही बना सकी। झाबलपुरा की टीम को उनकी जीत के लिए प्रथम पुरस्कार और जीत की ट्रॉफी प्रदान की गई, तथा विजेता टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी गई।1
- मध्य प्रदेश के डबरा में चर्चा का विषय बने कथित लाखों रुपये के लूटकांड का ग्वालियर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की साजिश का खुलासा करते हुए बताया कि जिस महिला को पूरे मामले में पीड़िता माना जा रहा था, वह अपने पति और उसके साथियों के साथ मिलकर इस पूरी फर्जी लूट की मुख्य किरदार निकली। पुलिस ने इस मामले में लगभग 49.50 लाख रुपये का पूरा लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है। घटना 4 जून 2026 की है, जब डबरा सिटी थाना क्षेत्र की मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी भाभी पिंकी श्रीवास्तव घर पर अकेली थीं। तभी एसी सर्विसिंग के बहाने दो युवक घर में घुसे, उन्होंने मारपीट की, पिंकी को बंधक बनाया और अलमारी से 2.50 लाख रुपये नकद व लाखों के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए। इस खबर से शहर में हड़कंप मच गया और सोशल मीडिया व मीडिया में यह प्रमुखता से प्रसारित हुई। जनदबाव को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। डबरा अनुभाग, क्राइम ब्रांच और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण करने पर पुलिस को कथित लूट की कहानी पर संदेह हुआ। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए संदिग्धों की पहचान शुभम श्रीवास्तव और सोनू जाटव के रूप में हुई। पुलिस ने जब शुभम श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। शुभम ने बताया कि वह अपनी पत्नी पिंकी के साथ पिछले तीन महीनों से अपनी बहन मोनिका के घर रह रहा था। इसी दौरान पिंकी ने मोनिका को अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी और जेवर रखते हुए देख लिया, जिसके बाद दोनों ने संपत्ति हड़पने की योजना बनाई। योजना के तहत शुभम ने अपने दोस्त सोनू जाटव को साथ लिया। घटना वाले दिन जब मोनिका अपने बच्चों के साथ घर से बाहर थीं, तब शुभम और सोनू घर पहुंचे। पिंकी ने खुद दरवाजा खोला और सीसीटीवी कैमरे के सामने सामान्य बातचीत का नाटक किया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद घर के अंदर लोहे की रॉड से अलमारी तोड़ी गई और उसमें रखे 2.50 लाख रुपये नकद तथा लाखों के जेवर निकाल लिए गए। साजिश को असली लूट जैसा दिखाने के लिए ड्रेसिंग टेबल का कांच तोड़ा गया और पिंकी के माथे पर हल्की चोट भी पहुंचाई गई। फिर खुद को पीड़िता साबित करने के लिए पिंकी के हाथ-पैर बांध दिए गए। लूट की रकम में से एक लाख रुपये पिंकी के बैग में छिपाकर रख दिए गए, जबकि डेढ़ लाख रुपये सोनू जाटव को दे दिए गए। करोड़ों के बराबर महत्व रखने वाले जेवरातों को एक बैग में भरकर ग्वालियर निवासी आशिफ खान के घर छिपाया गया था। पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के दबाव में आरोपियों की कहानी टूट गई। पुलिस ने शुभम की निशानदेही पर सोनू जाटव को गिरफ्तार किया और उसके घर से 1.50 लाख रुपये बरामद किए। इसके बाद आशिफ खान के घर छापा मारकर सोने-चांदी के सभी जेवरात बरामद कर लिए गए और पिंकी के बैग से भी एक लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 252.82 ग्राम सोने के जेवर, लगभग 1.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 2.50 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त डिस्कवर मोटरसाइकिल जब्त की है, जिनकी कुल कीमत लगभग 49 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इस पूरे मामले को सुलझाने में डबरा सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शर्मा, एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार, डीएसपी अपराध नागेंद्र सिंह सिकरवार, डीएसपी मनीष यादव, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल तथा डबरा, पिछोर और गिजौरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच के दम पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस हाई-प्रोफाइल मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया, यह साबित करते हुए कि अपराधी चाहे कितनी भी शातिर योजना क्यों न बना लें, पुलिस की सतर्कता और जांच के सामने सच्चाई ज्यादा देर तक छिप नहीं सकती।3
- एक मामले में, एक पति अपनी पत्नी के साथ लगातार मारपीट करता था। इस बर्ताव से तंग आकर पत्नी ने अपने पति की हरकतों का एक वीडियो बनाया। इसके बाद, उसने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।1