आम आदमी पार्टी (आप) की डिंडौरी जिला इकाई ने तहसील शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट स्थापित किए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जबलपुर संभाग के कमिश्नर के नाम संबोधित करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शाहपुरा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि शहपुरा डिंडौरी जिले की सबसे बड़ी और प्राचीन तहसीलों में से एक है। शहपुरा से जिला मुख्यालय डिंडौरी की दूरी लगभग 57 किलोमीटर है, जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 90 किलोमीटर तक पहुँच जाती है। ऐसे में राजस्व संबंधी मामलों के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। पार्टी ने उल्लेख किया है कि शहपुरा तहसील के अंतर्गत 200 से अधिक गाँव आते हैं, जिनमें अधिकांश आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण नागरिकों को राजस्व अपील, त्रुटि सुधार, आँगनबाड़ी अपील, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र सहित अन्य मामलों में सुनवाई हेतु डिंडौरी जाने में समय, धन एवं आवागमन की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट स्थापित की जाती है, तो स्थानीय नागरिकों को न्यायिक एवं प्रशासनिक सेवाएँ उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे अनावश्यक आर्थिक बोझ एवं समय की बचत होगी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए तहसील शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट की स्थापना शीघ्र कराए जाने की मांग की गई है, जिससे आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। इस ज्ञापन पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष निर्मल कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष विनय कुमार झरिया, लीगल विंग जिलाध्यक्ष लवकुश झारिया, अधिवक्ता अभय राय और अधिवक्ता नवनीत झारिया सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। यह मांग क्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को रेखांकित करती है।
आम आदमी पार्टी (आप) की डिंडौरी जिला इकाई ने तहसील शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट स्थापित किए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जबलपुर संभाग के कमिश्नर के नाम संबोधित करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शाहपुरा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि शहपुरा डिंडौरी जिले की सबसे बड़ी और प्राचीन तहसीलों में से एक है। शहपुरा से जिला मुख्यालय डिंडौरी की दूरी लगभग 57 किलोमीटर है, जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 90 किलोमीटर तक पहुँच जाती है। ऐसे में राजस्व संबंधी मामलों के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। पार्टी ने उल्लेख किया है कि शहपुरा तहसील के अंतर्गत 200 से अधिक गाँव आते हैं, जिनमें अधिकांश आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण नागरिकों को राजस्व अपील, त्रुटि सुधार, आँगनबाड़ी अपील, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र सहित अन्य मामलों में सुनवाई हेतु डिंडौरी जाने में समय, धन एवं आवागमन की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट स्थापित की जाती है, तो स्थानीय नागरिकों को न्यायिक एवं प्रशासनिक सेवाएँ उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे अनावश्यक आर्थिक बोझ एवं समय की बचत होगी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए तहसील शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट की स्थापना शीघ्र कराए जाने की मांग की गई है, जिससे आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। इस ज्ञापन पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष निर्मल कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष विनय कुमार झरिया, लीगल विंग जिलाध्यक्ष लवकुश झारिया, अधिवक्ता अभय राय और अधिवक्ता नवनीत झारिया सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। यह मांग क्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को रेखांकित करती है।
- आम आदमी पार्टी (आप) की डिंडौरी जिला इकाई ने तहसील शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट स्थापित किए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जबलपुर संभाग के कमिश्नर के नाम संबोधित करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शाहपुरा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि शहपुरा डिंडौरी जिले की सबसे बड़ी और प्राचीन तहसीलों में से एक है। शहपुरा से जिला मुख्यालय डिंडौरी की दूरी लगभग 57 किलोमीटर है, जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 90 किलोमीटर तक पहुँच जाती है। ऐसे में राजस्व संबंधी मामलों के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। पार्टी ने उल्लेख किया है कि शहपुरा तहसील के अंतर्गत 200 से अधिक गाँव आते हैं, जिनमें अधिकांश आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण नागरिकों को राजस्व अपील, त्रुटि सुधार, आँगनबाड़ी अपील, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र सहित अन्य मामलों में सुनवाई हेतु डिंडौरी जाने में समय, धन एवं आवागमन की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट स्थापित की जाती है, तो स्थानीय नागरिकों को न्यायिक एवं प्रशासनिक सेवाएँ उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे अनावश्यक आर्थिक बोझ एवं समय की बचत होगी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए तहसील शहपुरा में अपर कलेक्टर की लिंक कोर्ट की स्थापना शीघ्र कराए जाने की मांग की गई है, जिससे आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। इस ज्ञापन पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष निर्मल कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष विनय कुमार झरिया, लीगल विंग जिलाध्यक्ष लवकुश झारिया, अधिवक्ता अभय राय और अधिवक्ता नवनीत झारिया सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। यह मांग क्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को रेखांकित करती है।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के नौरोज़ाबाद और आसपास के इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया, जहाँ आज शाम तेज आंधी-तूफान और हल्की बारिश के कारण नगर पालिका के दावों की पोल खुल गई। इस अचानक आई आंधी-बारिश की वजह से शहर के कई निचले इलाकों, मकानों और मुख्य बाजार की दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों और आम जनता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, आज शाम नौरोज़ाबाद में आसमान में अचानक काले बादल छा गए और इसके तुरंत बाद करीब दो घंटे तक धूलभरी तेज आंधी चली। आंधी इतनी तीव्र थी कि सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई और लोग जगह-जगह छिपने को मजबूर हुए। आंधी थमने के ठीक बाद शुरू हुई हल्की लेकिन लगातार बारिश ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाने के कारण नालियों का गंदा पानी उफनकर सड़कों पर आ गया। नौरोज़ाबाद के मुख्य बाजार, बस स्टैंड और कई वार्डों में पानी भर गया, जहाँ किराना, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों के अंदर पानी घुस जाने से दुकानदारों का कीमती सामान भीगकर खराब हो गया है। वहीं, निचले इलाकों में स्थित घरों के कमरों और रसोइयों में भी पानी घुसने की खबर है, जिसके बाद लोगों को बाल्टियों से पानी बाहर निकालते देखा गया।4
- उमरिया के बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका के विकास के बड़े-बड़े दावे और साफ-सफाई के लंबे-चौड़े अभियान पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गए हैं। इस पहली बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी, जिसके कारण बस स्टैंड क्षेत्र और आसपास की दुकानें पानी में डूब गईं, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कुछ ही देर की बारिश के बाद नगर के बस स्टैंड के पास की दुकानों में पानी घुस गया और उनमें रखा सामान भीगकर खराब हो गया, जिससे व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई। व्यापारियों का कहना है कि यह स्थिति हर साल बनती है, लेकिन नगर पालिका ठोस समाधान की बजाय सिर्फ कागजी दावे करती है। बारिश के दौरान मुख्य नाली उफान पर आ गई, जिसका पानी सीधे दुकानों के अंदर जा घुसा। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि दोपहिया वाहनों के आधे पहिए डूब गए और राहगीरों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ स्थानों पर तो घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि बस स्टैंड का नजारा किसी सड़क या बाजार से ज्यादा एक अस्थायी स्विमिंग पूल जैसा दिख रहा था, जहां बच्चे उत्साहित थे, वहीं दुकानदारों और आम नागरिकों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दी। लोगों ने मजाकिया लहजे में कहा कि नगर पालिका चाहे तो इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित कर सकती है, क्योंकि पहली बारिश में ही यहां जलाशय जैसी स्थिति बन जाती है। स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नालियों की नियमित सफाई न होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या हर वर्ष आती है। उनकी कई शिकायतें और मांगें अनसुनी रही हैं, और अब वे पूछ रहे हैं कि बारिश से हुए नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। नगरवासियों का कहना है कि विकास केवल विज्ञापनों, बैनरों और बैठकों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। फिलहाल, पहली बारिश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नगर पालिका की मानसून की तैयारियां नाकाफी साबित हुई हैं। अब देखना होगा कि नगर पालिका इस समस्या को गंभीरता से लेती है और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाती है, या फिर हर साल की तरह शिकायतों का सिलसिला भी बारिश के पानी के साथ बहता रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले को 'मिनी ब्राज़ील' के रूप में पहचान मिल रही है, जहाँ फुटबॉल खिलाड़ियों की हर किक में फीफा में खेलने का सपना बसता है। यह क्षेत्र भारतीय फुटबॉल के लिए एक नई कहानी लिख रहा है।1
- जय श्री राम के पावन भाव से प्रेरित श्री राम रक्तदान समिति के एक सदस्य ने मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए 14 वर्षीय बच्ची वंशिका सिंह परस्ते के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समिति को सूचना प्राप्त हुई थी कि बच्ची वंशिका को मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान रक्त की अत्यधिक आवश्यकता थी, और उसके परिवार के समक्ष रक्त की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। यह जानकारी मिलते ही समिति के सक्रिय सदस्य और रक्तवीर नितिन जी तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुँचे और स्वेच्छा से रक्तदान कर बच्ची के उपचार में अमूल्य सहयोग प्रदान किया। उनके इस मानवीय कार्य की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। श्री राम रक्तदान समिति लगातार जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के अपने नेक कार्य में जुटी है, और समाज के सभी लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की भावुक अपील करती है। समिति का मानना है कि रक्तदान महादान है और यह करके देखिए, अच्छा लगता है, क्योंकि वास्तव में एक यूनिट रक्त किसी के जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।2
- मंडला जिले के महाराजपुर क्षेत्र के कारीकोंन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज चक्रवर्ती के घर से भारी मात्रा में देसी और विदेशी शराब जब्त की है। यह शराब सोफे के अंदर छिपाकर रखी गई थी। आबकारी उपनिरीक्षक सर्वेश नागवंशी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 10 नग एमडी व्हिस्की, 12 नग आरएस व्हिस्की, 10 नग एमडी रम और 30 नग देसी मदिरा प्लेन बरामद की। इसी क्रम में, ग्राम पेटेगांव में एक अन्य घर की तलाशी ली गई, जहाँ से 10 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की गई। जब्त की गई कुल शराब की अनुमानित कीमत 9,900 रुपये बताई गई है। अवैध शराब विक्रय के मामले में आरोपियों के विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सर्वेश नागवंशी के साथ आरक्षक भानु पुसम, सत्यपाल मरावी, शकुंतला सैयाम और नेतराम ककोटिया शामिल रहे।1
- मंडला के दो पुलिस अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट विवेचना और अपराधों के त्वरित खुलासे के लिए प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तमजी अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। थाना प्रभारी वेदराम हिनोते और सब इंस्पेक्टर प्रीति वर्मा का चयन इस सम्मान के लिए किया गया है। उनके इस कार्य से मंडला पुलिस ने प्रदेश स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाया है।1
- डिंडौरी जिले में नर्मदांचल गौ सेवा समिति, बी आर सी ढोंढ़ा, जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू के नेतृत्व में जैविक खेती को बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य कर रही है। श्री साहू पिछले 10 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं, न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों के किसानों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से जैविक खेती के प्रति जागरूकता भी फैला रहे हैं। उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिसमें जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की उर्वरता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। हाल ही में, दिनांक 11 जून 2026 को आत्मा परियोजना उपसंचालक श्री आर पी एस नायक और ए एस डी ओ गुमान सिंह चौहान ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति, बी आर सी ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली और साझा की। उन्होंने जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियों और फसलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। आत्मा परियोजना संचालक श्री नायक ने किसानों को प्राकृतिक/जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित और जागरूक करने की बात कही, साथ ही उन्हें कम से कम आधा एकड़ भूमि पर अपने परिवार की आवश्यकतानुसार सब्जी या अनाज की प्राकृतिक/गौवंश आधारित जैविक खेती करने का आह्वान किया। अधिकारियों ने गोबर गैस या बायोगैस संयंत्र का भी अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने स्वयं गैस जलाकर देखा। इस संयंत्र में पशुओं के गोबर को घोलकर डाला जाता है, जिससे जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर गैस बनती है। यह प्लास्टिक का टांका 6 फीट चौड़ा और 10 फीट लंबा है, जिसमें एक 4 इंच का पाइप गोबर घोलने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी एक उत्कृष्ट जैविक खाद का काम करती है। एक अन्य पाइप गैस को चूल्हे तक ले जाता है, जहाँ वह जलती है। इस बायोगैस में 55-65% मीथेन (CH4) और 30-40% कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होती है और यह एक बार स्थापित होने के बाद कई वर्षों तक चलती रहती है। आत्मा परियोजना के तहत डिंडौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को यह सुविधा प्रदान की गई है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार के तत्वावधान में, जैव आदान संसाधन केंद्र प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस अवसर पर, जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने जोर देकर कहा कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता व पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। इस कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू के साथ आयुष साहू और सुनैना साहू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1