प्रतापगढ़ के कटरा गुलाब सिंह क्षेत्र में सरकार के 'हर सिर पर छत' और 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के दावों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई है। पिछले 3 सालों में कटरा गुलाब सिंह नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 1,500 से अधिक परिवारों को सरकारी आवास आवंटित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सबसे अधिक पात्रता रखने वाले गरीब परिवार आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। क्षेत्र में प्रजापति का परिवार कच्चे, जर्जर झोपड़े और बांस-तिरपाल के सहारे जीने को विवश है। बारिश होते ही घर के अंदर पानी भर जाता है और मूसलाधार बारिश के दौरान परिवार के सदस्य सूखी जगह की तलाश में कुर्सियों और खाट पर शरण लेते हैं। जर्जर कच्चे छप्पर के ऊपर तिरपाल बांधने के लिए जान जोखिम में डालकर चढ़ना पड़ता है और हवा-तूफान आते ही हमेशा किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय चेयरमैन और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि 1,500 मकान बंटने के बाद भी इस पात्र परिवार को सूची से बाहर क्यों रखा गया। नगर पंचायत निवासियों ने जिला प्रशासन से मामले का तुरंत संज्ञान लेने, पीड़ित परिवार को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पक्का आवास स्वीकृत करने और पिछले 3 वर्षों में बांटे गए 1,500 आवासों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि पता चल सके कि वास्तविक पात्रों को हक मिला या अपात्रों को।
प्रतापगढ़ के कटरा गुलाब सिंह क्षेत्र में सरकार के 'हर सिर पर छत' और 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के दावों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई है। पिछले 3 सालों में कटरा गुलाब सिंह नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 1,500 से अधिक परिवारों को सरकारी आवास आवंटित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सबसे अधिक पात्रता रखने वाले गरीब परिवार आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। क्षेत्र में प्रजापति का परिवार कच्चे, जर्जर झोपड़े और बांस-तिरपाल के सहारे जीने को विवश है। बारिश होते ही घर के अंदर पानी भर जाता है और मूसलाधार बारिश के दौरान परिवार के सदस्य सूखी जगह की तलाश में कुर्सियों और खाट पर शरण लेते हैं। जर्जर कच्चे छप्पर के ऊपर तिरपाल बांधने के लिए जान जोखिम में डालकर चढ़ना पड़ता है और हवा-तूफान आते ही हमेशा किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय चेयरमैन और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि 1,500 मकान बंटने के बाद भी इस पात्र परिवार को सूची से बाहर क्यों रखा गया। नगर पंचायत निवासियों ने जिला प्रशासन से मामले का तुरंत संज्ञान लेने, पीड़ित परिवार को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पक्का आवास स्वीकृत करने और पिछले 3 वर्षों में बांटे गए 1,500 आवासों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि पता चल सके कि वास्तविक पात्रों को हक मिला या अपात्रों को।
- प्रतापगढ़ के कटरा गुलाब सिंह क्षेत्र में सरकार के 'हर सिर पर छत' और 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के दावों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई है। पिछले 3 सालों में कटरा गुलाब सिंह नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 1,500 से अधिक परिवारों को सरकारी आवास आवंटित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सबसे अधिक पात्रता रखने वाले गरीब परिवार आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। क्षेत्र में प्रजापति का परिवार कच्चे, जर्जर झोपड़े और बांस-तिरपाल के सहारे जीने को विवश है। बारिश होते ही घर के अंदर पानी भर जाता है और मूसलाधार बारिश के दौरान परिवार के सदस्य सूखी जगह की तलाश में कुर्सियों और खाट पर शरण लेते हैं। जर्जर कच्चे छप्पर के ऊपर तिरपाल बांधने के लिए जान जोखिम में डालकर चढ़ना पड़ता है और हवा-तूफान आते ही हमेशा किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय चेयरमैन और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि 1,500 मकान बंटने के बाद भी इस पात्र परिवार को सूची से बाहर क्यों रखा गया। नगर पंचायत निवासियों ने जिला प्रशासन से मामले का तुरंत संज्ञान लेने, पीड़ित परिवार को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पक्का आवास स्वीकृत करने और पिछले 3 वर्षों में बांटे गए 1,500 आवासों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि पता चल सके कि वास्तविक पात्रों को हक मिला या अपात्रों को।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी क्षेत्र स्थित बंधवा बाजार के सूर्य सेवा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने नर्सिंग होम प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद जांच कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली क्षेत्र स्थित देनवा गांव में पड़ोसी से गुटखा मांगना एक युवक को भारी पड़ गया। पीड़ित राहुल गौतम के मुताबिक, मंगलवार की शाम उन्होंने अपने पड़ोसी से गुटखा मांगा था, जिसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश के चलते बुधवार की सुबह करीब 8:00 बजे तीन-चार की संख्या में लोग लाठी-डंडा लेकर राहुल के घर आ पहुंचे। घर पहुंचते ही आरोपियों ने मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब राहुल ने इसका विरोध किया, तो लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई कर दी गई, जिससे उनका सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गए। हल्ला-गुहार मचाने पर तमाम लोग दौड़े, तब जाकर युवक की जान बच सकी। आरोपी पीड़ित को जान से मारने की ऐलानियत धमकी देते हुए वहां से चले गए। घटना के बाद लहूलुहान हालत में युवक ने बुधवार दोपहर 12:00 बजे पट्टी कोतवाली पहुंचकर पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। मामले में पट्टी कोतवाली के इंस्पेक्टर शुभनाथ साहनी ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है, जांच कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है।1
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- जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर स्थित द्विवेदी पैराडाइज स्कूल एंड कॉलेज में पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के जन्मदिवस के अवसर पर सम्मान समारोह एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस उपाधीक्षक परमानंद कुशवाहा एवं समाजसेवी अभिषेक शुक्ला ने 51 मेधावी छात्राओं को साइकिल वितरित की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संदेश देना था। साइकिल प्राप्त करने के बाद छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। अतिथियों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की सबसे मजबूत नींव है और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन न केवल छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत करने की प्रेरणा भी देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता द्विवेदी पैराडाइज स्कूल एंड कॉलेज के प्रिंसिपल मनीष मिश्रा ने की, जिन्होंने विद्यार्थियों को लगन और अनुशासन के साथ मेहनत करने का आह्वान किया। मंच संचालन राकेश मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर पवारा थानाध्यक्ष अश्विन दुबे, थानाध्यक्ष विनोद कुमार, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।1
- जौनपुर के मछलीशहर में अधिवक्ता संघ ने दिल्ली में छात्रों के ऊपर हुए बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा है। वकीलों ने स्पष्ट किया है कि देश के भविष्य छात्रों के ऊपर हुए इस बर्बरतापूर्वक अन्याय के खिलाफ वे पूरी तरह से छात्रों के साथ हैं। इसके साथ ही मछलीशहर अधिवक्ता संघ ने छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।1
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- सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार शाम 5 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टॉप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकाली। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकता, कार्यकर्ताओं ने अर्थी को आग के हवाले कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला सचिव मोहम्मद अब्बास ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार हो रही धांधली से छात्र बेहद परेशान हैं और जंतर-मंतर पर उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही यह पुतला दहन किया गया है। अब्बास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों और बिना नेम प्लेट के पहुंचे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता थे और यह भाजपा की पूरी तरह से रची गई साजिश थी। जब अब्बास से पूछा गया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से धांधली रुक जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह सरकार सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 2027 में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1