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वायरल ऑडियो से हिला बाड़ी थाना,बड़ा यू-टर्न,दो आवेदन,दो कहानियां,किस पर भरोसा करे? #viralaudio रायसेन जिले के बाड़ी थाना वायरल ऑडियो मामले में बड़ा मोड़ आया है। नाबालिग के दो अलग-अलग आवेदन सामने आने से केस उलझ गया है। पहले आरोप, अब खंडन—सच क्या है, यह फैसला अब फॉरेंसिक जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट पर टिका है।

5 hrs ago
user_KKREPORTER
KKREPORTER
पत्रकार रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

वायरल ऑडियो से हिला बाड़ी थाना,बड़ा यू-टर्न,दो आवेदन,दो कहानियां,किस पर भरोसा करे? #viralaudio रायसेन जिले के बाड़ी थाना वायरल ऑडियो मामले में बड़ा मोड़ आया है। नाबालिग के दो अलग-अलग आवेदन सामने आने से केस उलझ गया है। पहले आरोप, अब खंडन—सच क्या है, यह फैसला अब फॉरेंसिक जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट पर टिका है।

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  • रायसेन जिले के बाड़ी थाना वायरल ऑडियो मामले में बड़ा मोड़ आया है। नाबालिग के दो अलग-अलग आवेदन सामने आने से केस उलझ गया है। पहले आरोप, अब खंडन—सच क्या है, यह फैसला अब फॉरेंसिक जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट पर टिका है।
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    रायसेन जिले के बाड़ी थाना वायरल ऑडियो मामले में बड़ा मोड़ आया है। नाबालिग के दो अलग-अलग आवेदन सामने आने से केस उलझ गया है। पहले आरोप, अब खंडन—सच क्या है, यह फैसला अब फॉरेंसिक जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट पर टिका है।
    user_KKREPORTER
    KKREPORTER
    पत्रकार रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Raisen, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • भोपाल विवाहिता के साथ बनाया संबंध पति ने प्रेमी को पिलाया पेशाब भोपाल में कोलार रोड स्थित एक गांव में एक युवक को जबरदस्ती पेशाब पिलाने का मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि.. युवक का किसी विवाहित महिला के साथ संबंध था इसकी जानकारी महिला के पति को लगी तो महिला के ऊपर दबाव बनाकर महिला के प्रेमी को बुलाया गया फिर उसके बाद युवक के साथ मारपीट कर उसे जबरन पेशाब पिलाया जिसका वीडियो भी सामने आया है वहीं आरोपियों ने युवक के पिता से युवक को छोड़ने के बदले पैसों की मांग की है।
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    भोपाल विवाहिता के साथ बनाया संबंध पति ने प्रेमी को पिलाया पेशाब भोपाल में कोलार रोड स्थित एक गांव में एक युवक को जबरदस्ती पेशाब पिलाने का मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि.. युवक का किसी विवाहित महिला के साथ संबंध था इसकी जानकारी महिला के पति को लगी तो महिला के ऊपर दबाव बनाकर महिला के प्रेमी को बुलाया गया फिर उसके बाद युवक के साथ मारपीट कर उसे जबरन पेशाब पिलाया जिसका वीडियो भी सामने आया है वहीं आरोपियों ने युवक के पिता से युवक को छोड़ने के बदले पैसों की मांग की है।
    user_Manju chouhan
    Manju chouhan
    News Berasia, Bhopal•
    4 hrs ago
  • Post by Nidha Khan
    1
    Post by Nidha Khan
    user_Nidha Khan
    Nidha Khan
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Manish
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    Post by Manish
    user_Manish
    Manish
    Kolar, Bhopal•
    9 hrs ago
  • Post by AM NEWS
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    Post by AM   NEWS
    user_AM   NEWS
    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं। घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है— सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता। धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं। न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं। अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है। परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं। वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रमुख माँगें माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं— सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए। तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए। परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो। नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए। घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों। अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं।
घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है—
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ।
वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता।
धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं।
न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं।
अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है।
परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं।
वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्रमुख माँगें
माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं—
सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए।
शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए।
तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो।
परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए।
परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो।
नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए।
घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों।
अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Huzur, Bhopal•
    19 min ago
  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Berasia, Bhopal•
    6 hrs ago
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