Shuru
Apke Nagar Ki App…
छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता दी जा रही है।"SVEP SCHEME BIG UPDATE स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है। योजना का उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना है।SVEP SCHEME BIG UPDATE
Dilip Kumar Bharti
छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता दी जा रही है।"SVEP SCHEME BIG UPDATE स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है। योजना का उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना है।SVEP SCHEME BIG UPDATE
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है। योजना का उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना है।SVEP SCHEME BIG UPDATE1
- छोटे-छोटे बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, जिसे देखकर उपस्थित सभी लोगों ने प्रसन्नता का अनुभव किया। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारने का मंच बना, बल्कि उनके आत्मबल को बढ़ाने का भी एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ।1
- मारका थाना क्षेत्र के अरमार गांव में 45 वर्षीय महिला को दबंगों ने मारी गोली,मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती।1
- Writing 🔥 ब्रेकिंग न्यूज़ | सतना नागौद ब्लॉक के सिंहपुर में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी, 50 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलकर खाक सतना जिले के नागौद ब्लॉक अंतर्गत सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना हार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लगभग पचासों एकड़ फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे नुकसान और बढ़ गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मौके पर पहुंचे नागौद के नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में भारी मायूसी है, क्योंकि उनकी मेहनत की पूरी फसल कुछ ही समय में राख में बदल गई। सिंहपुर से N.D. न्यूज चैनल के लिए पुष्पेंद्र शर्मा की रिपोर्ट4
- बांदा।गिरवां थाना क्षेत्र के मसुरी खेरवा गांव में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत ने अब गंभीर सवालों का रूप ले लिया है। घटना के एक सप्ताह बाद प्रशासन द्वारा शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने का निर्णय न केवल इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि उस चुप्पी को भी तोड़ता है, जो अक्सर सच को दफना देती है।बताया जाता है कि 2 और 3 अप्रैल की रात नाबालिग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके घर में मिला था। किंतु आश्चर्यजनक रूप से उस समय न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही किसी प्रकार की विधिक प्रक्रिया अपनाई गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया—एक ऐसा कदम, जो अनजाने में या जानबूझकर, साक्ष्यों को मिटाने का कारण बन सकता है।समय बीतने के साथ जब मृतका की मां ने साहस जुटाया और जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर पोस्टमार्टम की मांग की, तब यह मामला एक निजी त्रासदी से निकलकर न्याय की मांग में परिवर्तित हो गया। प्रशासन ने भी तत्परता दिखाते हुए दफनाए गए शव को निकलवाने और पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए।पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में कब्र से शव का बाहर निकाला जाना एक असहज, किन्तु आवश्यक प्रक्रिया थी—क्योंकि न्याय की राह में सत्य की खोज सर्वोपरि होती है। प्रशासन के अनुसार पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के साक्ष्य से समझौता न हो।यह घटना केवल एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था और समाज दोनों के लिए एक आईना है। प्रश्न यह है कि आखिर क्यों ऐसी घटनाओं में प्रारंभिक स्तर पर पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं होता? क्या यह भय, सामाजिक दबाव या किसी सच्चाई को छिपाने का प्रयास है?फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्य से पर्दा उठाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। यह घटना पुनः स्मरण कराती है कि न्याय भले ही देर से मिले, लेकिन उसकी दिशा में उठाया गया हर कदम समाज में विश्वास की पुनर्स्थापना करता है।1
- “बांदा में दफन सच बाहर आएगा! नाबालिग की मौत पर अब पोस्टमॉर्टम, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई” बांदा के गिरवां थाना क्षेत्र के मसूरी गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है… जहां 2-3 अप्रैल की रात एक नाबालिग लड़की का शव उसके ही घर में मिला था… परिवार ने बिना किसी शक और बिना पुलिस को सूचना दिए… गांव वालों की मौजूदगी में शव को दफना दिया… अब उसी मां ने प्रशासन को आवेदन देकर अपनी बेटी की मौत की सच्चाई जानने की मांग की है… जिलाधिकारी की अनुमति के बाद अब दफनाए गए शव को बाहर निकाला जाएगा… और डॉक्टरों की टीम वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम करेगी… पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट और पुलिस की निगरानी में होगी… प्रशासन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी… इस पूरे मामले पर क्षेत्राधिकारी नरैनी कृष्ण कांत त्रिपाठी ने भी जानकारी दी है… अब सवाल ये है… आखिर पहले बिना सूचना शव क्यों दफनाया गया… और क्या पोस्टमॉर्टम से मौत की असली वजह सामने आएगी? बाइट : मृतका की मां बाइट : क्षेत्राधिकारी नरैनी कृष्ण कांत त्रिपाठी1
- टी ई टी परीक्षा के विरोध में शिक्षकों ने दिया ज्ञापन अजयगढ़:- आज अजयगढ़ के तहसील परिसर में सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने एकत्रित होकर टी ई टी परीक्षा के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।ज्ञापन में लेख किया गया कि माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय द्वारा वर्ष 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संदर्भ में टी ई टी परीक्षा का निर्णय दिया गया जो अन्याय पूर्ण है इस संदर्भ में सभी प्रभावित शिक्षक अत्यंत परेशान है क्योंकि 25 वर्षों से अधिक तक शिक्षा विभाग में सेवाएं देने के बाद अब टीईटी परीक्षा देने में असमर्थ हैं इसलिए हम सभी का निवेदन है कि उक्त निर्णय में पुनर्विचार करने के लिए मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग के द्वारा माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय में समस्त शिक्षकों के हितों की सुरक्षा के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल कराए जाने की कृपा करे।साथ ही उक्त संदर्भ में मध्यप्रदेश स्कूल शासन विभाग द्वारा शिक्षकों के हितों एवं सम्मान की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने एवं 2009 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की टी ई टी परीक्षा अनिवार्यता समाप्त कराने की कृपा की जावे।ज्ञापन देने में मुख्य रूप से मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दीपक तिवारी,राज्यपत्रित कर्मचारी संघ विनोद गुप्ता,आजाद अध्यापक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण पांडे,मॉडल प्राचार्य वीरेंद्र मिश्रा,रामनरेश शिवहरे,अशोक पटेल,कृष्ण कुमार पीडिया,मुकेश धुरिया,अफजल खान,रवींद्र गर्ग,रवि यादव, शिवदत्त शुक्ला,रामपाल यादव,शिवबरन सिंह,शिवनारायण सिंह,अमीन,भानू,जितेंद्र,अरविंद,मुकुल सिंह,वर्षा धुरिया, राजदेवी,मंजू यादव,राजाभईया,अनारी लाल,कमलेश,पंकज , ब्रजेश तिवारी,श्यामसुंदर,रमाशंकर,मिट्ठूलाल,महेश,राजा सिंह, रामबाबू गुप्ता,ओमप्रकाश तिवारी,घनश्याम,रामदेव, रामनारायण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक सम्मिलित रहे।4
- डॉक्टरों की सूझबूझ से डेढ़ साल के मासूम की जान बचाई,गले में फंसा लाकेट ।1