मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा के नेतृत्व में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण, चार प्रखंडों के पेशा मोबिलाइजर हुए शामिल रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत पेशा मोबिलाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार से ग्राम पंचायत चैनपुर कार्यालय के सभागार कक्ष में विधिवत रूप से शुरू हो गया। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायडीह, चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के सभी पेशा मोबिलाइजर शामिल हुए हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी, चैनपुर के निर्देशानुसार आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो प्रतिभागियों को पंचायत प्रणाली, ग्राम स्वराज की अवधारणा तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, योजनाओं की सही जानकारी पेशा मोबिलाइजरों तक पहुंचाना तथा ग्रामीण विकास कार्यों को गति देना है। प्रशिक्षण के प्रथम दिन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा ने पेशा मोबिलाइजरों को उनकी भूमिका, जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पेशा मोबिलाइजर पंचायत और ग्रामीण जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी सक्रियता और जागरूकता से ही सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सकता है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान पंचायत सशक्तिकरण, ग्राम सभा की भूमिका, पारदर्शिता, सामाजिक सहभागिता तथा विकास योजनाओं की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर ने जोर देते हुए कहा कि ग्राम सभा को मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने मोबिलाइजरों को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने, योजनाओं की जानकारी देने और ग्रामीण समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा प्रशिक्षण में अभिलेख संधारण, प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया, योजनाओं की नियमित समीक्षा, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा सरकारी दिशा-निर्देशों के पालन पर भी विशेष बल दिया गया। मोबिलाइजरों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मास्टर ट्रेनर ने यह भी बताया कि रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों की क्षमता का विकास करना है, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बन सके। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पेशा मोबिलाइजरों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और वे ग्रामीण विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु संबंधित एजेंसी को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं प्रशिक्षण में शामिल पेशा मोबिलाइजरों से समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने, पूरे सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने की अपील की गई है। उल्लेखनीय है कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बारह फरवरी से चौदह फरवरी दो हजार छब्बीस तक संचालित किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से पंचायतों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा और ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर इस प्रशिक्षण को पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा के नेतृत्व में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण, चार प्रखंडों के पेशा मोबिलाइजर हुए शामिल रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत पेशा मोबिलाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार से ग्राम पंचायत चैनपुर कार्यालय के सभागार कक्ष में विधिवत रूप से शुरू हो गया। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायडीह, चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के सभी पेशा मोबिलाइजर शामिल हुए हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी, चैनपुर के निर्देशानुसार आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो प्रतिभागियों को पंचायत प्रणाली, ग्राम स्वराज की अवधारणा तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, योजनाओं की सही जानकारी पेशा मोबिलाइजरों तक पहुंचाना तथा ग्रामीण विकास कार्यों को गति देना है। प्रशिक्षण के प्रथम दिन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा ने पेशा मोबिलाइजरों को उनकी भूमिका, जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि
पेशा मोबिलाइजर पंचायत और ग्रामीण जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी सक्रियता और जागरूकता से ही सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सकता है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान पंचायत सशक्तिकरण, ग्राम सभा की भूमिका, पारदर्शिता, सामाजिक सहभागिता तथा विकास योजनाओं की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर ने जोर देते हुए कहा कि ग्राम सभा को मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने मोबिलाइजरों को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने, योजनाओं की जानकारी देने और ग्रामीण समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा प्रशिक्षण में अभिलेख संधारण, प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया, योजनाओं की नियमित समीक्षा, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा सरकारी दिशा-निर्देशों के पालन पर भी विशेष बल दिया गया। मोबिलाइजरों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मास्टर ट्रेनर ने यह भी बताया
कि रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों की क्षमता का विकास करना है, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बन सके। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पेशा मोबिलाइजरों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और वे ग्रामीण विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु संबंधित एजेंसी को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं प्रशिक्षण में शामिल पेशा मोबिलाइजरों से समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने, पूरे सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने की अपील की गई है। उल्लेखनीय है कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बारह फरवरी से चौदह फरवरी दो हजार छब्बीस तक संचालित किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से पंचायतों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा और ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर इस प्रशिक्षण को पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- डुमरी प्रखंड स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल टांगीनाथ धाम से मुंडन कार्यक्रम कर लौट रही सवारी बस रायडीह थाना क्षेत्र के शंखमोड़ मांझाटोली के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जानकारी देते हुए गुरुवार सुबह दस बजे बताया गया कि हादसे में पांच वर्षीय मासूम शिवम केशरी एवं वाहन में दबे एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार सिमडेगा जिला के ठेठईठांगर से एक ही परिवार के रिश्तेदार बस रिजर्व कर मुंडन कार्यक्रम के लिए टांगीनाथ धाम पहुंचे थे। धार्मिक अनुष्ठान विधिवत तरीके से पूरा करने के बाद सभी श्रद्धालु बस से सिमडेगा लौट रहे थे। इसी दौरान पुराने शंख घाट मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। घायलों में सरस्वती देवी (अट्ठाईस वर्ष), मनीषा कुमारी (पंद्रह वर्ष), संध्या देवी (तीस वर्ष), ज्योति केशरी (बयालीस वर्ष), संगीता देवी (पैंतीस वर्ष), आर्यन केशरी (अठारह वर्ष), प्रशांत कुमार (बाईस वर्ष), कृष्णा बड़ाईक (पच्चीस वर्ष), सोमरा सिंह (पैंतालीस वर्ष), अयोध्या प्रसाद केशरी (सत्तर वर्ष), मीरा देवी (पचपन वर्ष), किशोर प्रसाद केशरी (पचास वर्ष), राहुल केशरी (चालीस वर्ष), सुनेना देवी (साठ वर्ष), सबिता केशरी (पैंतीस वर्ष), रूपा देवी (सत्ताईस वर्ष), आरती देवी (इकतीस वर्ष), शशि कुजूर (तीस वर्ष), फुलकुमारी देवी (चालीस वर्ष), प्रियंका कुमारी (तीस वर्ष), अनिता देवी (पचास वर्ष) सहित अन्य शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह में डॉ. राजीव कुमार एवं एएनएम टीम द्वारा किया गया। हादसे के बाद घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। गुमला सिविल सर्जन के नेतृत्व में एंबुलेंस भेजी गई, जबकि स्थानीय वाहन चालकों और रायडीह पुलिस के वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों में तमड़ा गांव निवासी पांच वर्षीय शिवम केशरी, पिता राज केशरी शामिल हैं, जबकि मृत महिला की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी है।4
- गुमला: जिले में नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास को लेकर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल से आंगनवाड़ी केंद्रों में हैबिट चेंज अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य बच्चों एवं अभिभावकों की रोजमर्रा की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाकर सुरक्षित एवं स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव रखना है। उपायुक्त के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, साफ-सफाई, हाथ धोने की आदत, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित भोजन एवं स्वास्थ्यकर दिनचर्या को व्यवहार में लाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह माना गया है कि आदतों में सुधार से ही बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है और उनका शारीरिक व मानसिक विकास बेहतर रूप से संभव हो पाता है। हैबिट चेंज अभियान के पहले चरण की सफलता के पश्चात इसका दूसरा चरण जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से जारी है, जो 15 फरवरी तक चलाई जाएगी। लगभग 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में प्रतिदिन LS, CDPO एवं समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा एक-एक आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण कर केंद्र की स्वच्छता, बच्चों की आदतों में बदलाव तथा अभिभावकों की सहभागिता की स्वयं मॉनिटरिंग की जा रही है। बच्चों के साथ संवाद, व्यवहारिक गतिविधियाँ एवं अभिभावकों को परामर्श के माध्यम से स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि स्वस्थ बचपन हर बच्चे का अधिकार है। बच्चों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर आदतों का विकास तभी संभव है, जब घर और आंगनबाड़ी केंद्र दोनों स्तरों पर समान रूप से प्रयास किए जाएँ। इस क्रम में उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से संवेदनशील अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए घर में साफ-सफाई रखें, स्वच्छ आदतें अपनाएँ एवं बच्चों को भी नियमित रूप से अच्छी आदतों के लिए प्रेरित करें। आपकी छोटी-सी पहल आपके बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकती है। क्योंकि आदत बदलेगी, तभी तो भविष्य बदलेगा।2
- गुमला जिले से राहत भरी खबर है। चैनपुर पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवतियों को सकुशल बरामद किया है। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर एक युवती को राजस्थान से, जबकि दूसरी किशोरी को दिल्ली से सुरक्षित रेस्क्यू किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। लंबे समय से लापता बेटियों को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और चैनपुर पुलिस की सराहना की। थाना प्रभारी अरविंद कुमार के अनुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी कर युवतियों को परिजनों को सौंपा जाएगा। मानव तस्करी के खिलाफ चैनपुर पुलिस की यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश है।1
- गुमला: जिले में नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास को लेकर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल से आंगनवाड़ी केंद्रों में हैबिट चेंज अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य बच्चों एवं अभिभावकों की रोजमर्रा की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाकर सुरक्षित एवं स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव रखना है।उपायुक्त के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, साफ-सफाई, हाथ धोने की आदत, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित भोजन एवं स्वास्थ्यकर दिनचर्या को व्यवहार में लाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह माना गया है कि आदतों में सुधार से ही बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है और उनका शारीरिक व मानसिक विकास बेहतर रूप से संभव हो पाता है।हैबिट चेंज अभियान के पहले चरण की सफलता के पश्चात इसका दूसरा चरण जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से जारी है, जो 15 फरवरी तक चलाई जाएगी। लगभग 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में प्रतिदिन LS, CDPO एवं समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा एक-एक आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण कर केंद्र की स्वच्छता, बच्चों की आदतों में बदलाव तथा अभिभावकों की सहभागिता की स्वयं मॉनिटरिंग की जा रही है। बच्चों के साथ संवाद, व्यवहारिक गतिविधियाँ एवं अभिभावकों को परामर्श के माध्यम से स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि स्वस्थ बचपन हर बच्चे का अधिकार है। बच्चों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर आदतों का विकास तभी संभव है, जब घर और आंगनबाड़ी केंद्र दोनों स्तरों पर समान रूप से प्रयास किए जाएँ।इस क्रम में उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से संवेदनशील अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए घर में साफ-सफाई रखें, स्वच्छ आदतें अपनाएँ एवं बच्चों को भी नियमित रूप से अच्छी आदतों के लिए प्रेरित करें। आपकी छोटी-सी पहल आपके बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकती है।क्योंकि आदत बदलेगी, तभी तो भविष्य बदलेगा।1
- सभी को प्राथमिक ऊपरचर के लिए हॉस्पिटल बगीचा लिया गया है1
- गुमला प्रखंड के बृंदा पंचायत की मुखिया सत्यवती देवी ने पंचायत के विभिन्न गांव कोयनारा, महुआटोली, अंबाटोली, चरकाटांगर, जामटोली आदि का डोर टू डोर दौरा किया । पंचायत के जनता की समस्या नजदीक से जानी। कोयनारा महुआटोली निवासी बालकिशुन साहु के 48 वर्षीय पत्नी गांगी देवी पिछले 6-7 महीना से हृदय के गंभीर बीमार से पीड़ित है उनके हृदय में पानी भर जाता है । बालकिशुन साहु गरीब किसान है किसी तरह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है परंतु बीमारी के कारण उसके सारी गाढ़ी कमाई समाप्त हो गई ।अब पत्नी का इलाज करा पाने में असमर्थ हो गया है किसान ने मुखिया और जिला प्रशासन से मदद का अनुरोध किया ।। मुखिया ने पीड़ित के घर पहुंच बीमारी से संबंधित सारे कागजात की जांच की और जिला से बीमार पीड़ित को मुख्यमंत्री स्वास्थ योजना से मदद दिलाने का भरोसा दिया । मुखिया और लोगों से भी मिल उनके भी हाल चाल जाना ।2
- घाघरा: घाघरा स्थित चांदनी चौक पर गुरुवार को झारखंड कामगार यूनियन के बैनर तले केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। केंद्रीय उपाध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष सानिया उरांव के नेतृत्व में एकजुट हुए दर्जनों मजदूरों और यूनियन सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नए श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताया। मौके पर उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए सानिया उरांव ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत सरकार द्वारा लाए गए चार नए श्रम कानून पूरी तरह से मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने मांग की कि इन नए कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए और मजदूरों के कल्याण के लिए पुराने कानूनों को ही पुनः लागू किया जाए। उरांव ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आज का यह विरोध प्रदर्शन केवल एक झलक है। यदि सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं और उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यूनियन के हजारों सदस्य सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे। इस पुतला दहन कार्यक्रम में झारखंड मजदूर कामगार यूनियन के सभी सक्रिय सदस्य और स्थानीय मजदूर भारी संख्या में उपस्थित थे।4
- पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत महिला निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए ‘सशक्त पंचायत नेत्री अभियान’ विषय पर तीन दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से शुरू हो गया है। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना और पंचायतों में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है। एक बैच प्रखंड पुस्तकालय भवन, चैनपुर में जबकि दूसरा बैच कौशल विकास केंद्र, चैनपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। बारह फरवरी से चौदह फरवरी दो हजार छब्बीस तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में जारी, चैनपुर और डुमरी प्रखंड की महिला जनप्रतिनिधि भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण में सभी पंचायतों की मुखिया, वार्ड पार्षद, पंचायत समिति सदस्य सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण का संचालन कल्याणी कुमारी और कुंज देवी द्वारा किया जा रहा है। दोनों प्रशिक्षक प्रतिभागियों को पंचायत संचालन, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और जनसमस्याओं के समाधान जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दे रही हैं। साथ ही महिला जनप्रतिनिधियों को नेतृत्व कौशल विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशिक्षकों ने बताया कि सशक्त पंचायत का निर्माण तभी संभव है जब महिला जनप्रतिनिधि जागरूक और सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें निर्णय लेने की क्षमता, प्रशासनिक समझ और योजनाओं की निगरानी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से महिला जनप्रतिनिधियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी और वे पंचायत स्तर पर मजबूत नेतृत्व प्रदान कर सकेंगी। इससे पंचायत व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। स्थानीय स्तर पर इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशिक्षण के बाद महिला जनप्रतिनिधि अधिक जागरूक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी और पंचायतों को विकास की नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगी।4