Shuru
Apke Nagar Ki App…
बाबा प्रेमा नंद महाराज की मुख से सुने सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र l प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन के एक प्रसिद्ध राधावल्लभी संत और आध्यात्मिक गुरु हैं, जो अपनी भक्तिपूर्ण सत्संग और राधा रानी के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते हैं। कानपुर के एक साधारण ब्राह्मण परिवार में जन्मे, महाराज जी ने बहुत कम उम्र में सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास ले लिया था। वे बिना किडनी के भी भगवान की कृपा से जीवित रहने के लिए भी चर्चित हैं। पूज्य महाराज जी का जन्म एक साधारण और अत्यंत धर्मनिष्ठ ब्राह्मण (पांडेय) परिवार में हुआ था और उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे रखा गया था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसोल ब्लॉक के अखरी गाँव में हुआ था। उनके दादा संन्यासी थे और घर का पूरा वातावरण अत्यंत भक्तिमय, पवित्र और शांत था।
Ramashankar sharma
बाबा प्रेमा नंद महाराज की मुख से सुने सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र l प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन के एक प्रसिद्ध राधावल्लभी संत और आध्यात्मिक गुरु हैं, जो अपनी भक्तिपूर्ण सत्संग और राधा रानी के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते हैं। कानपुर के एक साधारण ब्राह्मण परिवार में जन्मे, महाराज जी ने बहुत कम उम्र में सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास ले लिया था। वे बिना किडनी के भी भगवान की कृपा से जीवित रहने के लिए भी चर्चित हैं। पूज्य महाराज जी का जन्म एक साधारण और अत्यंत धर्मनिष्ठ ब्राह्मण (पांडेय) परिवार में हुआ था और उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे रखा गया था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसोल ब्लॉक के अखरी गाँव में हुआ था। उनके दादा संन्यासी थे और घर का पूरा वातावरण अत्यंत भक्तिमय, पवित्र और शांत था।
More news from झारखंड and nearby areas
- होटल में रेड पड़ी रेड की नाम रिलेशनशिप में दे दिया गया गढ़वा1
- मॉडल फार्मिंग (Model Farming) या आधुनिक खेती का अर्थ उन्नत तकनीकों, वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक मशीनों का उपयोग करके कम संसाधनों (जैसे पानी, खाद, श्रम) में अधिक और बेहतर गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त करना है। यह टिकाऊ खेती है जो पर्यावरण की रक्षा करते हुए आय बढ़ाती है। मॉडल फार्मिंग की मुख्य विशेषताएँ: उन्नत तकनीक: इसमें सटीक खेती (Precision Farming), हाइड्रोपोनिक्स, और वर्टिकल फार्मिंग जैसी तकनीकों का उपयोग होता है। मल्टीलेयर फार्मिंग: एक ही समय में एक ही खेत में विभिन्न ऊंचाई और समय पर तैयार होने वाली फसलें (जैसे अदरक, हल्दी, मूली) उगाना, जिससे जमीन और पानी का अधिकतम उपयोग हो सके। वैज्ञानिक दृष्टिकोण: फसल के स्वास्थ्य और कीटों के प्रबंधन के लिए डेटा और ऑटोमेशन का उपयोग। एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS): इसमें फसलों के साथ-साथ पशुपालन या अन्य संबंधित गतिविधियों को शामिल किया जाता है, जिससे आय के स्रोत बढ़ते हैं। स्थिरता (Sustainability): पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखते हुए दीर्घकालिक उत्पादन पर जोर।1
- Post by Sunil singh1
- अंबेडकर जयंती पर संबोधित करती डंडई पैराडाइज स्कूल की छात्रा साधना कुमारी1
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड मुख्यालय स्थित पैराडाइज पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उत्साह और जोश के साथ भव्य शोभा यात्रा सह जागरूकता रैली निकाली। मंगलवार सुबह निकली रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर समाज को शिक्षा, समानता और एकता का संदेश दिया। रैली बाजार समिति से शुरू होकर रविदास टोला, हनीफ शेख पेट्रोल पंप, थाना रोड और पुरानी बाजार होते हुए अंबेडकर चौक पहुंची। पूरे रास्ते “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”, “बेटा-बेटी एक समान”, “भेदभाव मिटाओ, भाईचारा बढ़ाओ” जैसे जोशीले नारों से माहौल गूंजता रहा। अंबेडकर चौक पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं ने बाबा साहेब सहित अन्य महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया। इसके बाद विद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जमुना प्रसाद रवि ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने और इतिहास से सीख लेने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। विद्यालय के निदेशक सिकंदर प्रजापति ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। वहीं पूर्व प्राचार्य आर.के. विश्वकर्मा ने उनके मूल मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। प्राचार्य बिंदु कुमार रवि ने भी छात्र-छात्राओं को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा वातावरण प्रेरणादायक बन गया।1
- Post by Soshil kumar singh1
- Palamu patan1
- प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन के एक प्रसिद्ध राधावल्लभी संत और आध्यात्मिक गुरु हैं, जो अपनी भक्तिपूर्ण सत्संग और राधा रानी के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते हैं। कानपुर के एक साधारण ब्राह्मण परिवार में जन्मे, महाराज जी ने बहुत कम उम्र में सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास ले लिया था। वे बिना किडनी के भी भगवान की कृपा से जीवित रहने के लिए भी चर्चित हैं। पूज्य महाराज जी का जन्म एक साधारण और अत्यंत धर्मनिष्ठ ब्राह्मण (पांडेय) परिवार में हुआ था और उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे रखा गया था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसोल ब्लॉक के अखरी गाँव में हुआ था। उनके दादा संन्यासी थे और घर का पूरा वातावरण अत्यंत भक्तिमय, पवित्र और शांत था।1