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जबलपुर में ट्रेनिंग के दौरान अनियंत्रित हुआ सेना का पैराशूट, 30 किमी दूर हृदय नगर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग। 🪂 #news #Jabalpur #sihora #madhyapradesh
SHIVAAY VISHWAKARMA (SHARAD)
जबलपुर में ट्रेनिंग के दौरान अनियंत्रित हुआ सेना का पैराशूट, 30 किमी दूर हृदय नगर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग। 🪂 #news #Jabalpur #sihora #madhyapradesh
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- 🔴 योगी समर्थन के बाद GST डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा, फूट-फूटकर रोते हुए वीडियो वायरल _ अयोध्या से एक भावुक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां डिप्टी GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे फोन पर बात करते हुए फूट-फूटकर रोते हुए नजर आ रहे हैं। _ यह मामला शंकराचार्य से जुड़े विवाद और योगी आदित्यनाथ के समर्थन से जोड़ा जा रहा है, जिसके बाद अधिकारी ने अपना पद छोड़ने का निर्णय लिया। --- रोते हुए अफसर का बयान हुआ वायरल वायरल वीडियो में प्रशांत कुमार सिंह भावुक स्वर में कहते सुनाई दे रहे हैं: > "मैंने इस्तीफा दे दिया है… मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ। जिसका नमक खाते हैं, उसका हक अदा करना चाहिए।" उनका यह बयान सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। --- भावनात्मक फैसला या वैचारिक संदेश? इस इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे नैतिक और वैचारिक साहस बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे भावनात्मक और राजनीतिक दबाव का परिणाम मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना सरकारी अधिकारियों की व्यक्तिगत विचारधारा, दबाव और राजनीतिक प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। --- बड़े सवाल जो देश पूछ रहा है क्या एक सरकारी अधिकारी का इस्तीफा राजनीतिक संदेश बन गया है? क्या यह फैसला भावनात्मक था या वैचारिक? क्या प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे? क्या आने वाले समय में यह मामला और बड़ा विवाद बनेगा? --- सोशल मीडिया पर तेज़ प्रतिक्रियाएं यह वीडियो सामने आने के बाद ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हजारों प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं। कुछ यूजर्स अधिकारी की ईमानदारी और भावना की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक ड्रामा बता रहे हैं। --- रिपोर्ट 📍 स्थान: अयोध्या, उत्तर प्रदेश 🗣️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा 📰 Sach Tak Patrika News1
- जबलपुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय से तीन नाबालिग छात्रों के लापता होने का मामला पूरे शहर को सोचने पर मजबूर कर रहा है। 26 जनवरी की रात से गायब इन बच्चों को लेकर परिजन परेशान हैं और कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। आखिर बच्चे हॉस्टल से कैसे निकले? वे गए कहाँ? क्या यह लापरवाही है या कुछ और? पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन जब तक बच्चे सुरक्षित नहीं मिल जाते, तब तक चिंता खत्म नहीं होती। यह वीडियो सिर्फ खबर नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा सवाल है। आपकी राय क्या है? कमेंट में ज़रूर बताएं और इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें ताकि सच सामने आ सके। ऐसी ही ज़मीनी और सच्ची खबरों के लिए शिवाय विश्वकर्मा की प्रोफाइल को फॉलो करें। #news #jabalpur #mp1
- yahan per kachra gadi nahin aati hai1
- सिंग्रामपुर /// ग्राम सिंग्रामपुर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा पुराण का आज अंतिम दिन अत्यंत भावपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ। कथा के समापन अवसर पर कथा वाचक पंडित नितिन देव जी महाराज ने सुदामा चरित्र की मार्मिक कथा का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पंडित नितिन देव जी महाराज ने बताया कि सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, निष्काम भक्ति, विनम्रता और भगवान की करुणा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन थे, किंतु उनके हृदय में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपार प्रेम और श्रद्धा थी। निर्धनता के कारण वे वर्षों तक श्रीकृष्ण से मिलने नहीं गए, लेकिन पत्नी के आग्रह पर वे अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुँचे। भेंट स्वरूप उनके पास केवल थोड़े से चावल थे, जिन्हें वे संकोचवश छिपाकर ले गए। कथा के दौरान महाराज श्री ने भावपूर्ण प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जैसे ही श्रीकृष्ण ने सुदामा जी को देखा, वे सिंहासन से उतरकर उन्हें गले लगा लेते हैं, उनके चरण धोते हैं और अत्यंत प्रेमपूर्वक उनका सत्कार करते हैं। यह दृश्य दर्शाता है कि भगवान अपने भक्त की हैसियत या संपत्ति नहीं, बल्कि उसके भाव को देखते हैं। श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा के लाए चावल प्रेमपूर्वक खाने का प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं। पंडित नितिन देव जी महाराज ने कहा कि सुदामा ने भगवान से कभी धन या वैभव की कामना नहीं की। उनकी निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने बिना मांगे ही सुदामा का जीवन बदल दिया। जब सुदामा जी द्वारका से लौटे, तो उनकी कुटिया भव्य महल में परिवर्तित हो चुकी थी। महाराज श्री ने समझाया कि यह प्रसंग सिखाता है कि जो भक्त बिना स्वार्थ के ईश्वर का स्मरण करता है, उसकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान भगवान स्वयं रखते हैं। कथा के समापन पर महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि हमें सुदामा जैसे सरल, विनम्र और सच्चे भक्त बनने का प्रयास करना चाहिए। जीवन में अहंकार, लोभ और स्वार्थ को त्यागकर यदि हम सच्चे मन से भगवान का स्मरण करें, तो जीवन स्वयं सुंदर और सार्थक हो जाता है। अंतिम दिन कथा के उपरांत पूर्णाहुति, आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और ग्राम में भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बना रहा। सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन भक्तों के लिए अविस्मरणीय अनुभूति बन गया। 🙏8
- गोटेगांव के झांसी घाट पर नर्मदा जयंती में उमड़ा आस्था का सैलाब कैलाश गुप्ता नई दुनिया मो 93294465061
- जिला कटनी बहुमूल्य आदिवासी क्षेत्र ढीमरखेड़ा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटरिया में बच्चियों के द्वारा नाटक की प्रस्तुति शिक्षा और अपने अधिकारों को लेकर साला प्रांगण में सभी दर्शकों और मां-बापों को समझने की कोशिश करती हैं उनके साथ किस प्रकार भेदभाव किया जाता है बच्ची और बच्चों में क्या फर्क किया जाता है जबकि हमेशा नहीं करना चाहिए हमारा दायित्व बनता है कि हमारा बेटा हो या बेटी हमें एक समान एक नजरिया से देखना चाहिए है आइऐ हम सब मिलकर जाने बच्चियों का अधिकार मैं मुकेश कुमार यादव ग्राम उमर पानी से हमेशा आपके साथ1
- *विश्व शांति भवन में ब्रह्माकुमारीज मंडला के मुख्य सेवाकेंद्र "विश्व शांति भवन" में हल्दीकुमकुम का किया गया कार्यक्रम* मंडला– प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मंडला के द्वारा मंगलवार को शाम 5:00 बजे महिलाओं के लिए विशेष हल्दीकुमकुम का कार्यक्रम किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत परमपिता परमात्मा शिव की याद से किया गया। उसके बाद ब्रह्माकुमारी बहनों ने मंचासीन अतिथियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं का हल्दी कुमकुम लगाकर एवं गुलदस्ते देकर स्वागत किया। कुमारी बहन के द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी ममता दीदी ने सभी को हल्दीकुमकुम कार्यक्रम की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हल्दी कुमकुम का त्यौहार स्नेह का प्रतीक है, हम आपस में एक दूसरे के साथ मिलकर रहें। ब्रह्माकुमारी ओमलता दीदी ने बताया कि हमारा यह विशाल परिवार है, जिसे वसुधैव कुटुंबकम् का जाता है, यह भगवान का परिवार है, हम आपस में भगवान के बच्चे हैं। सतयुग में ऐसी दुनिया थीं जहां राजा, रानी और पूरी प्रजा एक परिवार की तरह रहते थे, इसी दुनिया निकट भविष्य में जल्द ही आने वाली है जिसे स्वर्णिम दुनिया कहा जाता है। हल्दीकुमकुम के अवसर में बहन नीलम खरे ने सभी को शुभकामनाएं दीं और सभी को अपने परिवार में साथ मिलकर चलने और एक दूसरे का सम्मान करने की बात कही। इसके साथ उन्होंने बहुत ही सुन्दर गीत गाया। यह कार्यक्रम में मंडला जिला संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी ममता दीदी, सुभाष वार्ड सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी ओमलता दीदी, समाजसेविका एवं गायिका बहन नीलम खरे, गायिका बहन जया सराफ, शिक्षक बहन प्रीति दुबे, शिक्षक एवं लेखिका बहन कल्पना पांडे, शिक्षक साधना श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।1
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