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मथुरा जनपद के बरसाना धाम स्थित राधारानी मंदिर के रोपवे पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बरसाना के रोपवे पर हुई इस मारपीट में सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया।
Lokesh Garg
मथुरा जनपद के बरसाना धाम स्थित राधारानी मंदिर के रोपवे पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बरसाना के रोपवे पर हुई इस मारपीट में सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया।
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- कामां क्षेत्र के कलतरिया गाँव में सड़कों पर भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर जाता है और जल निकासी के लिए कोई जगह नहीं बचती, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस समस्या का संज्ञान लेने और उचित समाधान करने का आग्रह किया है।1
- ब्रज धाम 84 कोस की परिक्रमा चल रही है, जिसके तहत बाजना में विशेष आयोजन हो रहे हैं। इस दौरान बाजना में जगह-जगह भंडारे चल रहे हैं और कथा भास्कर का आयोजन किया जा रहा है। यह भक्तिमय माहौल भक्तों को आकर्षित कर रहा है और सभी को इन आयोजनों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।1
- एक ही प्रदेश और सरकार के अंतर्गत दो पवित्र धामों से जुड़ी नदियों की स्थिति में भारी विषमता पर सवाल उठाए गए हैं। जहाँ एक ओर अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर सरयू नदी की निर्मल धारा बह रही है, वहीं दूसरी ओर मथुरा-वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली पर यमुना मैया आज भी प्रदूषण और गंदगी से कराह रही हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसा क्यों है, जब यमुना शुद्धिकरण के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी आज भी यमुना का जल दूषित क्यों है? मथुरा की जनता और श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि क्या यमुना मैया को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए किए गए दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, और यमुना की सफाई के लिए आवंटित धन आखिर कहां चला गया। RPRNEWSTV DIGITAL के अनुसार, यह केवल एक नदी का सवाल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का गहरा प्रश्न है, जिस पर सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।1
- यह जानकारी विश्व के सबसे ऊँचे शिव मंदिर, तुंगनाथ महादेव, के अद्भुत रहस्य और उसकी असाधारण कहानी पर केंद्रित है।1
- अपामार्ग के सूखे पत्तों को हुक्के में रखकर पीने से श्वांस रोग में लाभ पहुँचता है। इस पौधे की जड़ में कफ की खांसी और दमे को नष्ट करने का एक चमत्कारिक गुण मौजूद है। इसके पूरे झाड़ को जड़ सहित उखाड़कर जलाने के बाद, उसकी राख से विशेष औषधि तैयार की जाती है। कफ की खांसी के लिए, दस रुपये भर राख में दो-दो तोला सज्जीखार, यवक्षार, नौसादर, तीन तोला हल्दी और दस तोला अजवायन मिलाकर चूर्ण बनाना होता है। इस चूर्ण को प्रतिदिन डेढ़ माशे के करीब सुबह-शाम लेने से कफ की खांसी में बहुत लाभ मिलता है। दमे के रोग के लिए, अपामार्ग की जड़ का आधा तोला चूर्ण लेकर उसमें सात काली मिर्च का चूर्ण मिलाना चाहिए। इस मिश्रण को दोनों शाम ठंडे पानी के साथ फंकी लेने से दो साल पुराना दमे का रोग भी ठीक हो सकता है। यह दवा सात दिनों तक पथ्यपूर्वक लेने से नब्बे प्रतिशत तक लाभ होता है। दवा के सेवन के दौरान गेहूँ की रोटी, भात आदि खाना चाहिए और छाती तथा कंठ पर घी से मालिश करते रहना चाहिए। यदि इस प्रयोग के दौरान कभी उल्टी हो, तो उससे घबराना नहीं चाहिए।1
- स्वराज भारतीय न्याय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामदास मथुरा में उपस्थित रहे।1
- मथुरा जनपद के बरसाना धाम स्थित राधारानी मंदिर के रोपवे पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बरसाना के रोपवे पर हुई इस मारपीट में सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया।1