एक ही प्रदेश और सरकार के अंतर्गत दो पवित्र धामों से जुड़ी नदियों की स्थिति में भारी विषमता पर सवाल उठाए गए हैं। जहाँ एक ओर अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर सरयू नदी की निर्मल धारा बह रही है, वहीं दूसरी ओर मथुरा-वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली पर यमुना मैया आज भी प्रदूषण और गंदगी से कराह रही हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसा क्यों है, जब यमुना शुद्धिकरण के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी आज भी यमुना का जल दूषित क्यों है? मथुरा की जनता और श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि क्या यमुना मैया को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए किए गए दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, और यमुना की सफाई के लिए आवंटित धन आखिर कहां चला गया। RPRNEWSTV DIGITAL के अनुसार, यह केवल एक नदी का सवाल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का गहरा प्रश्न है, जिस पर सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।
एक ही प्रदेश और सरकार के अंतर्गत दो पवित्र धामों से जुड़ी नदियों की स्थिति में भारी विषमता पर सवाल उठाए गए हैं। जहाँ एक ओर अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर सरयू नदी की निर्मल धारा बह रही है, वहीं दूसरी ओर मथुरा-वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली पर यमुना मैया आज भी प्रदूषण और गंदगी से कराह रही हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसा क्यों है, जब यमुना शुद्धिकरण के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी आज भी यमुना का जल दूषित क्यों है? मथुरा की जनता और श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि क्या यमुना मैया को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए किए गए दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, और यमुना की सफाई के लिए आवंटित धन आखिर कहां चला गया। RPRNEWSTV DIGITAL के अनुसार, यह केवल एक नदी का सवाल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का गहरा प्रश्न है, जिस पर सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।
- ब्रज धाम 84 कोस की परिक्रमा चल रही है, जिसके तहत बाजना में विशेष आयोजन हो रहे हैं। इस दौरान बाजना में जगह-जगह भंडारे चल रहे हैं और कथा भास्कर का आयोजन किया जा रहा है। यह भक्तिमय माहौल भक्तों को आकर्षित कर रहा है और सभी को इन आयोजनों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हाथरस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अचानक अपनी प्रेसवार्ता बीच में ही छोड़ दी। यह घटना तब हुई जब वार्ता के दौरान 'कॉकरोच पार्टी' का नाम लिया गया। इस पूरे वाकये का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- भरतपुर के लुधावई में NH 21 पर रेडीमेड दीवारें लगवाने के लिए 8572994795 पर संपर्क किया जा सकता है। यहाँ सीमेंटेड गमला, सीमेंटेड मुद्दी, सीमेंटेड ब्रांच, सीमेंटेड पानी की टंकी और सीमेंटेड चूड़ी जैसे विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध हैं। ये सभी सेवाएँ हमजा आरसीसी वॉल कंपाउंड द्वारा प्रदान की जाती हैं।1
- डीग जिले में हुई भयंकर बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस बारिश के कारण ब्रज चौरासी कोस की प्याऊ के सभी तंबू उड़ गए और सभी प्याऊ को भी काफी नुकसान पहुंचा है।1
- राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित मार्बल औद्योगिक क्षेत्र में खनन माफियाओं द्वारा कब्ज़े, अवैध खनन और सीमा विवाद के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि मकराना विधायक के भाई के नाम किए गए एक अग्रीमेंट की आड़ में अवैध खनन का खेल चल रहा है, जिससे न्यायालय के आदेशों की खुली अवमानना हो रही है। दरअसल, मकराना की अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने मार्बल खान संख्या 70/2 उलोड़ी रेंज से जुड़े 20 वर्षों से लंबित प्रकरण में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। न्यायालय ने वादी अब्दुल जब्बार बनाम राज्य व अन्य और समेकित दीवानी मूल वाद जाबिर हुसैन बनाम राजस्थान में निर्णय पारित करते हुए खान संख्या 70/2 उलोड़ी रेंज के लाइसेंस की पुश्त पर किए गए एंडोर्समेंट को अवैध एवं शून्य घोषित कर दिया। अदालत ने प्रतिवादी को यह भी आदेश दिया था कि संबंधित रिकॉर्ड रजिस्टर से प्रतिवादी संख्या पांच जाबिर हुसैन का नाम हटाकर वादी अब्दुल जब्बार या उनकी मृत्यु के बाद उनके विधिक वारिसों का नाम अंकित किया जाए। साथ ही, यह भी आदेश था कि जाबिर हुसैन खान संख्या 70/2 पर कोई खनन कार्य न करें। इसके बावजूद, वादी जावेद आलम ने मीडिया को बताया कि जाबिर अली पुत्र शौकत अली न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर माफियाओं से मिलीभगत कर अवैध खनन की गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। उनका आरोप है कि इस खान पर मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत के भाई फरान अहमद गैसावत पुत्र रमजान गैसावत और उगमाराम पुत्र हरदीन राम जाट के नाम पर 5 फरवरी 2022 को सात वर्षों के लिए खनन कार्य हेतु स्टांप पर एक अग्रीमेंट किया गया है। इसी अग्रीमेंट की आड़ में अवैध खनन करने की कोशिश की जा रही है, जिससे मौके पर शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जावेद आलम ने बताया कि न्यायालय के फैसले से पहले भी तथाकथित लोगों ने खान पर जबरन अवैध खनन कर ब्लास्टिंग के ज़रिए असुरक्षित खनन किया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई। वर्तमान में यह खान खनिज विभाग के अधीनस्थ है। असुरक्षित खनन की शिकायत के बाद खनिज विभाग के फोरमैन मौके पर पहुंचे थे और क्रेन पर तालाबंदी कर जाबिर अली को अवैध खनन नहीं करने का नोटिस भी दिया था। इसके बावजूद, जाबिर अली अभी भी खान माफियाओं से मिलीभगत कर खनन कार्य करने पर उतारू हैं। जावेद आलम ने खनिज अभियंता मकराना और खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर खान पर जबरन अवैध खनन गतिविधि करने वालों के खिलाफ पुलिस थाने में फौजदारी प्रकरण दर्ज कराने, खान संख्या 70/2 में वादी अब्दुल जब्बार के वारिसों का नाम लाइसेंस में तत्काल अंकित करने और न्यायालय के आदेशों की अवमानना करने के मामले में खनिज विभाग से आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगाई है।1
- रूपबास राजपूत विकास कल्याण संस्थान के तहसील अध्यक्ष पद का चुनाव बलदाऊजी मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव में इब्राहिमपुर निवासी ठाकुर विजय सिंह राजावत को सर्वसम्मति से निर्विरोध तहसील अध्यक्ष चुना गया। कार्यक्रम में प्रधान रविंद्र सिंह परमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष बजरंग सिंह कोतवाल, बंसी पहाड़पुर के जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परमार और भरतपुर के महामंत्री देवेंद्र सिंह परमार समेत कई अन्य पदाधिकारियों तथा समाज के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष ठाकुर विजय सिंह राजावत ने समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे समाज के हित और संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।1
- स्वराज भारतीय न्याय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामदास मथुरा में उपस्थित रहे।1
- हाथरस में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में, जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को भुगतान और मंत्रा ऐप पर डेटा फीडिंग की प्रगति को असंतोषजनक पाया, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्रों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से बनाने पर जोर दिया। डीएम ने जिला अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी, वार्ड और प्रसव कक्षों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और फ्लाई कैचर लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रसव कराने वाले अपंजीकृत अस्पतालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि जनसामान्य के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान निर्देशों का पालन न पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, आरबीएसके, परिवार नियोजन, टीबी उन्मूलन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 108-102 एंबुलेंस सेवा, पीएम मातृ वंदना योजना, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, टीकाकरण और जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित पीसीपीएनडीटी अधिनियम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में सीएमओ, सीएमएस, बीएसए, डीएसओ, डीपीओ, एसीएमओ और सभी एमओआईसी मौजूद रहे।4
- अलीगढ़ जिले के गोंडा ब्लॉक में लगातार हो रही तेज़ बारिश और आंधी ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सड़कें पानी से लबालब भर गई हैं और आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। तेज़ हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके साथ ही, किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और रास्तों पर बारिश का सर्वाधिक प्रभाव देखा गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने उनके दैनिक जीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बीच, मौसम विभाग ने भी उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों के लिए तेज़ बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। भले ही लगातार बारिश से मौसम में थोड़ी ठंडक और सुहावनापन आया है, लेकिन इसके साथ ही लोगों की परेशानियाँ भी काफी बढ़ गई हैं।1