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भरतपुर के लुधावई में NH 21 पर रेडीमेड दीवारें लगवाने के लिए 8572994795 पर संपर्क किया जा सकता है। यहाँ सीमेंटेड गमला, सीमेंटेड मुद्दी, सीमेंटेड ब्रांच, सीमेंटेड पानी की टंकी और सीमेंटेड चूड़ी जैसे विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध हैं। ये सभी सेवाएँ हमजा आरसीसी वॉल कंपाउंड द्वारा प्रदान की जाती हैं।
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भरतपुर के लुधावई में NH 21 पर रेडीमेड दीवारें लगवाने के लिए 8572994795 पर संपर्क किया जा सकता है। यहाँ सीमेंटेड गमला, सीमेंटेड मुद्दी, सीमेंटेड ब्रांच, सीमेंटेड पानी की टंकी और सीमेंटेड चूड़ी जैसे विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध हैं। ये सभी सेवाएँ हमजा आरसीसी वॉल कंपाउंड द्वारा प्रदान की जाती हैं।
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- यह जानकारी विश्व के सबसे ऊँचे शिव मंदिर, तुंगनाथ महादेव, के अद्भुत रहस्य और उसकी असाधारण कहानी पर केंद्रित है।1
- अपामार्ग के सूखे पत्तों को हुक्के में रखकर पीने से श्वांस रोग में लाभ पहुँचता है। इस पौधे की जड़ में कफ की खांसी और दमे को नष्ट करने का एक चमत्कारिक गुण मौजूद है। इसके पूरे झाड़ को जड़ सहित उखाड़कर जलाने के बाद, उसकी राख से विशेष औषधि तैयार की जाती है। कफ की खांसी के लिए, दस रुपये भर राख में दो-दो तोला सज्जीखार, यवक्षार, नौसादर, तीन तोला हल्दी और दस तोला अजवायन मिलाकर चूर्ण बनाना होता है। इस चूर्ण को प्रतिदिन डेढ़ माशे के करीब सुबह-शाम लेने से कफ की खांसी में बहुत लाभ मिलता है। दमे के रोग के लिए, अपामार्ग की जड़ का आधा तोला चूर्ण लेकर उसमें सात काली मिर्च का चूर्ण मिलाना चाहिए। इस मिश्रण को दोनों शाम ठंडे पानी के साथ फंकी लेने से दो साल पुराना दमे का रोग भी ठीक हो सकता है। यह दवा सात दिनों तक पथ्यपूर्वक लेने से नब्बे प्रतिशत तक लाभ होता है। दवा के सेवन के दौरान गेहूँ की रोटी, भात आदि खाना चाहिए और छाती तथा कंठ पर घी से मालिश करते रहना चाहिए। यदि इस प्रयोग के दौरान कभी उल्टी हो, तो उससे घबराना नहीं चाहिए।1
- 84 कोस परिक्रमा के दौरान हुए फायरिंग कांड के संबंध में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के साथ-साथ दो तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, सात खोखे और कुछ डंडे भी बरामद किए हैं।1
- मथुरा में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि यमुना नदी में कुछ ऐसा पाया गया है जिससे कई बीमारियाँ फैल सकती हैं। यह गंभीर स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब ₹234 करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल पा रहा है।1
- डीग जिले में भारी बारिश और आंधी तूफान का एक भयानक मंजर देखने को मिला है।1
- शाम के समय मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है और तूफानी मौसम होने की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहें।1
- डीग जिले में आयोजित हो रही बृज चौरासी कोस परिक्रमा के मद्देनजर, राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुरूप, ऐतिहासिक डीग किले में परिक्रमार्थियों का प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क कर दिया गया है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पत्र के आधार पर, राजस्थान के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने 29 मई 2026 को इस संबंध में प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार, 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक चलने वाले अधिक मास मेले की अवधि के दौरान सभी बृज चौरासी कोस परिक्रमा श्रद्धालुओं को किले में बिना शुल्क के प्रवेश मिलेगा। कलेक्टर ने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु, जिनमें अधिकांश ग्रामीण और सामान्य आर्थिक वर्ग से हैं, प्रवेश शुल्क के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना कर रहे थे, जिसके चलते जनहित में इस शुल्क को हटाने की प्रबल अनुशंसा की गई थी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने बताया कि पूर्व में किले का गेट बंद होने और प्रवेश शुल्क लागू होने के कारण स्थानीय लोगों और समाज सेवी यादराम चौधरी सहित श्रद्धालुओं द्वारा इसे खोलने की लगातार मांग की जा रही थी। किले के अंदर कुल देवी चामड़ माता के दर्शन के लिए हजारों महिलाएं सुबह जाती हैं, और इस विषय को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए त्वरित उच्च स्तरीय वार्ता की। एडीएम राजकुमार कस्वां ने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री का निर्देश और मंशा है कि परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ डीग के इस ऐतिहासिक किले का भी आसानी से अवलोकन कर सकें। अब देश-विदेश और अन्य प्रदेशों से आने वाले सभी परिक्रमार्थी बिना किसी शुल्क के इस ऐतिहासिक धरोहर के दर्शन कर सकेंगे।3
- डीग जिले में राज्य सरकार के 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के तहत जल एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास, पशुपालक कल्याण और गोवंश संवर्धन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में, ग्राम शीशवाड़ा निवासी पशुपालक धर्मेन्द्र सिंह को 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत ₹40 हजार की आर्थिक सहायता मिली है, जिसके लिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। धर्मेन्द्र सिंह ने मई 2024 में अपने गोवंश का बीमा करवाया था। दुर्भाग्यवश, कुछ समय बाद एक अज्ञात बीमारी के कारण उनके गोवंश की आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिससे उन पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया। 'वन्दे गंगा अभियान' के तहत ग्रामीण और पशुपालक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध पशुपालन विभाग ने इस प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभागीय प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया। परिणामस्वरूप, बीमा क्लेम के रूप में ₹40 हजार की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई। योजना का त्वरित लाभ मिलने पर धर्मेन्द्र सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि गोवंश की मृत्यु से उन्हें भारी आघात लगा था, लेकिन 'वन्दे गंगा अभियान' में प्रशासन की मुस्तैदी और 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' से समय पर मिले क्लेम ने उन्हें बड़ा आर्थिक संबल प्रदान किया है। उन्होंने इस सहायता के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' केवल जल सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पशुपालकों को संकट के समय सुरक्षा कवच प्रदान करने का भी एक सशक्त माध्यम बन रहा है। विभाग ने आमजन और कृषक वर्ग से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर जल संरक्षण के साथ-साथ राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का भी भरपूर लाभ उठाएं।1
- बरसाना में एक श्रद्धालु पर सिक्योरिटी गार्ड्स ने बेरहमी से हमला कर दिया। घटना के दौरान, बच्चे 'पापा को छोड़ दो...' कहकर चीखते रहे, उन्हीं चीखों के बीच गार्ड्स श्रद्धालु पर टूट पड़े। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1