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मथुरा में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि यमुना नदी में कुछ ऐसा पाया गया है जिससे कई बीमारियाँ फैल सकती हैं। यह गंभीर स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब ₹234 करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल पा रहा है।
कैलाश खटीक
मथुरा में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि यमुना नदी में कुछ ऐसा पाया गया है जिससे कई बीमारियाँ फैल सकती हैं। यह गंभीर स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब ₹234 करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल पा रहा है।
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- एक ही प्रदेश और सरकार के अंतर्गत दो पवित्र धामों से जुड़ी नदियों की स्थिति में भारी विषमता पर सवाल उठाए गए हैं। जहाँ एक ओर अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर सरयू नदी की निर्मल धारा बह रही है, वहीं दूसरी ओर मथुरा-वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली पर यमुना मैया आज भी प्रदूषण और गंदगी से कराह रही हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसा क्यों है, जब यमुना शुद्धिकरण के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी आज भी यमुना का जल दूषित क्यों है? मथुरा की जनता और श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि क्या यमुना मैया को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए किए गए दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, और यमुना की सफाई के लिए आवंटित धन आखिर कहां चला गया। RPRNEWSTV DIGITAL के अनुसार, यह केवल एक नदी का सवाल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का गहरा प्रश्न है, जिस पर सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।1
- यह जानकारी विश्व के सबसे ऊँचे शिव मंदिर, तुंगनाथ महादेव, के अद्भुत रहस्य और उसकी असाधारण कहानी पर केंद्रित है।1
- अपामार्ग के सूखे पत्तों को हुक्के में रखकर पीने से श्वांस रोग में लाभ पहुँचता है। इस पौधे की जड़ में कफ की खांसी और दमे को नष्ट करने का एक चमत्कारिक गुण मौजूद है। इसके पूरे झाड़ को जड़ सहित उखाड़कर जलाने के बाद, उसकी राख से विशेष औषधि तैयार की जाती है। कफ की खांसी के लिए, दस रुपये भर राख में दो-दो तोला सज्जीखार, यवक्षार, नौसादर, तीन तोला हल्दी और दस तोला अजवायन मिलाकर चूर्ण बनाना होता है। इस चूर्ण को प्रतिदिन डेढ़ माशे के करीब सुबह-शाम लेने से कफ की खांसी में बहुत लाभ मिलता है। दमे के रोग के लिए, अपामार्ग की जड़ का आधा तोला चूर्ण लेकर उसमें सात काली मिर्च का चूर्ण मिलाना चाहिए। इस मिश्रण को दोनों शाम ठंडे पानी के साथ फंकी लेने से दो साल पुराना दमे का रोग भी ठीक हो सकता है। यह दवा सात दिनों तक पथ्यपूर्वक लेने से नब्बे प्रतिशत तक लाभ होता है। दवा के सेवन के दौरान गेहूँ की रोटी, भात आदि खाना चाहिए और छाती तथा कंठ पर घी से मालिश करते रहना चाहिए। यदि इस प्रयोग के दौरान कभी उल्टी हो, तो उससे घबराना नहीं चाहिए।1
- 84 कोस परिक्रमा के दौरान हुए फायरिंग कांड के संबंध में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के साथ-साथ दो तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, सात खोखे और कुछ डंडे भी बरामद किए हैं।1
- मथुरा में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि यमुना नदी में कुछ ऐसा पाया गया है जिससे कई बीमारियाँ फैल सकती हैं। यह गंभीर स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब ₹234 करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल पा रहा है।1
- भरतपुर स्थित बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था की जा रही है। यह सेवा 'श्री जी रसोई' द्वारा संचालित की जा रही है, जिसके तहत भक्तों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।1
- मथुरा के प्रसिद्ध राधा रानी मंदिर में चढ़ावे के पैसों के बंटवारे को लेकर दो पुजारियों के बीच उस समय झगड़ा हो गया, जब दर्शनार्थी राधा रानी के दर्शन कर रहे थे। काफी मशक्कत के बाद दोनों पुजारियों को एक-दूसरे से अलग किया जा सका। इस घटना का वीडियो श्रद्धालुओं ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।1