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डीग जिले में हुई भयंकर बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस बारिश के कारण ब्रज चौरासी कोस की प्याऊ के सभी तंबू उड़ गए और सभी प्याऊ को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
Rajesh Kumar
डीग जिले में हुई भयंकर बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस बारिश के कारण ब्रज चौरासी कोस की प्याऊ के सभी तंबू उड़ गए और सभी प्याऊ को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
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- डीग जिले में हुई भयंकर बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस बारिश के कारण ब्रज चौरासी कोस की प्याऊ के सभी तंबू उड़ गए और सभी प्याऊ को भी काफी नुकसान पहुंचा है।1
- भरतपुर के लुधावई में NH 21 पर रेडीमेड दीवारें लगवाने के लिए 8572994795 पर संपर्क किया जा सकता है। यहाँ सीमेंटेड गमला, सीमेंटेड मुद्दी, सीमेंटेड ब्रांच, सीमेंटेड पानी की टंकी और सीमेंटेड चूड़ी जैसे विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध हैं। ये सभी सेवाएँ हमजा आरसीसी वॉल कंपाउंड द्वारा प्रदान की जाती हैं।1
- राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित मार्बल औद्योगिक क्षेत्र में खनन माफियाओं द्वारा कब्ज़े, अवैध खनन और सीमा विवाद के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि मकराना विधायक के भाई के नाम किए गए एक अग्रीमेंट की आड़ में अवैध खनन का खेल चल रहा है, जिससे न्यायालय के आदेशों की खुली अवमानना हो रही है। दरअसल, मकराना की अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने मार्बल खान संख्या 70/2 उलोड़ी रेंज से जुड़े 20 वर्षों से लंबित प्रकरण में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। न्यायालय ने वादी अब्दुल जब्बार बनाम राज्य व अन्य और समेकित दीवानी मूल वाद जाबिर हुसैन बनाम राजस्थान में निर्णय पारित करते हुए खान संख्या 70/2 उलोड़ी रेंज के लाइसेंस की पुश्त पर किए गए एंडोर्समेंट को अवैध एवं शून्य घोषित कर दिया। अदालत ने प्रतिवादी को यह भी आदेश दिया था कि संबंधित रिकॉर्ड रजिस्टर से प्रतिवादी संख्या पांच जाबिर हुसैन का नाम हटाकर वादी अब्दुल जब्बार या उनकी मृत्यु के बाद उनके विधिक वारिसों का नाम अंकित किया जाए। साथ ही, यह भी आदेश था कि जाबिर हुसैन खान संख्या 70/2 पर कोई खनन कार्य न करें। इसके बावजूद, वादी जावेद आलम ने मीडिया को बताया कि जाबिर अली पुत्र शौकत अली न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर माफियाओं से मिलीभगत कर अवैध खनन की गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। उनका आरोप है कि इस खान पर मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत के भाई फरान अहमद गैसावत पुत्र रमजान गैसावत और उगमाराम पुत्र हरदीन राम जाट के नाम पर 5 फरवरी 2022 को सात वर्षों के लिए खनन कार्य हेतु स्टांप पर एक अग्रीमेंट किया गया है। इसी अग्रीमेंट की आड़ में अवैध खनन करने की कोशिश की जा रही है, जिससे मौके पर शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जावेद आलम ने बताया कि न्यायालय के फैसले से पहले भी तथाकथित लोगों ने खान पर जबरन अवैध खनन कर ब्लास्टिंग के ज़रिए असुरक्षित खनन किया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई। वर्तमान में यह खान खनिज विभाग के अधीनस्थ है। असुरक्षित खनन की शिकायत के बाद खनिज विभाग के फोरमैन मौके पर पहुंचे थे और क्रेन पर तालाबंदी कर जाबिर अली को अवैध खनन नहीं करने का नोटिस भी दिया था। इसके बावजूद, जाबिर अली अभी भी खान माफियाओं से मिलीभगत कर खनन कार्य करने पर उतारू हैं। जावेद आलम ने खनिज अभियंता मकराना और खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर खान पर जबरन अवैध खनन गतिविधि करने वालों के खिलाफ पुलिस थाने में फौजदारी प्रकरण दर्ज कराने, खान संख्या 70/2 में वादी अब्दुल जब्बार के वारिसों का नाम लाइसेंस में तत्काल अंकित करने और न्यायालय के आदेशों की अवमानना करने के मामले में खनिज विभाग से आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगाई है।1
- रूपबास राजपूत विकास कल्याण संस्थान के तहसील अध्यक्ष पद का चुनाव बलदाऊजी मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव में इब्राहिमपुर निवासी ठाकुर विजय सिंह राजावत को सर्वसम्मति से निर्विरोध तहसील अध्यक्ष चुना गया। कार्यक्रम में प्रधान रविंद्र सिंह परमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष बजरंग सिंह कोतवाल, बंसी पहाड़पुर के जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परमार और भरतपुर के महामंत्री देवेंद्र सिंह परमार समेत कई अन्य पदाधिकारियों तथा समाज के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष ठाकुर विजय सिंह राजावत ने समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे समाज के हित और संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।1
- डीग जिले में भारी बारिश और आंधी तूफान का एक भयानक मंजर देखने को मिला है।1
- डीग जिले में आयोजित हो रही बृज चौरासी कोस परिक्रमा के मद्देनजर, राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुरूप, ऐतिहासिक डीग किले में परिक्रमार्थियों का प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क कर दिया गया है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पत्र के आधार पर, राजस्थान के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने 29 मई 2026 को इस संबंध में प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार, 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक चलने वाले अधिक मास मेले की अवधि के दौरान सभी बृज चौरासी कोस परिक्रमा श्रद्धालुओं को किले में बिना शुल्क के प्रवेश मिलेगा। कलेक्टर ने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु, जिनमें अधिकांश ग्रामीण और सामान्य आर्थिक वर्ग से हैं, प्रवेश शुल्क के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना कर रहे थे, जिसके चलते जनहित में इस शुल्क को हटाने की प्रबल अनुशंसा की गई थी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने बताया कि पूर्व में किले का गेट बंद होने और प्रवेश शुल्क लागू होने के कारण स्थानीय लोगों और समाज सेवी यादराम चौधरी सहित श्रद्धालुओं द्वारा इसे खोलने की लगातार मांग की जा रही थी। किले के अंदर कुल देवी चामड़ माता के दर्शन के लिए हजारों महिलाएं सुबह जाती हैं, और इस विषय को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए त्वरित उच्च स्तरीय वार्ता की। एडीएम राजकुमार कस्वां ने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री का निर्देश और मंशा है कि परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ डीग के इस ऐतिहासिक किले का भी आसानी से अवलोकन कर सकें। अब देश-विदेश और अन्य प्रदेशों से आने वाले सभी परिक्रमार्थी बिना किसी शुल्क के इस ऐतिहासिक धरोहर के दर्शन कर सकेंगे।3
- डीग जिले में राज्य सरकार के 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के तहत जल एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास, पशुपालक कल्याण और गोवंश संवर्धन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में, ग्राम शीशवाड़ा निवासी पशुपालक धर्मेन्द्र सिंह को 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत ₹40 हजार की आर्थिक सहायता मिली है, जिसके लिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। धर्मेन्द्र सिंह ने मई 2024 में अपने गोवंश का बीमा करवाया था। दुर्भाग्यवश, कुछ समय बाद एक अज्ञात बीमारी के कारण उनके गोवंश की आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिससे उन पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया। 'वन्दे गंगा अभियान' के तहत ग्रामीण और पशुपालक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध पशुपालन विभाग ने इस प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभागीय प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया। परिणामस्वरूप, बीमा क्लेम के रूप में ₹40 हजार की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई। योजना का त्वरित लाभ मिलने पर धर्मेन्द्र सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि गोवंश की मृत्यु से उन्हें भारी आघात लगा था, लेकिन 'वन्दे गंगा अभियान' में प्रशासन की मुस्तैदी और 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' से समय पर मिले क्लेम ने उन्हें बड़ा आर्थिक संबल प्रदान किया है। उन्होंने इस सहायता के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' केवल जल सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पशुपालकों को संकट के समय सुरक्षा कवच प्रदान करने का भी एक सशक्त माध्यम बन रहा है। विभाग ने आमजन और कृषक वर्ग से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर जल संरक्षण के साथ-साथ राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का भी भरपूर लाभ उठाएं।1
- रूपबास क्षेत्र में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, बिजली और पानी की समस्या, बढ़ती बेरोजगारी, और NEET पेपर लीक व रद्द होने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका और अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने एक ऊंट गाड़ी पर बाइक रैली भी निकाली, जो इस प्रदर्शन का एक अनूठा हिस्सा रही। अपनी मांगों को लेकर, कांग्रेस पार्टी के रूपबास ब्लॉक महामंत्री सुरेश राजावत और अन्य कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन रूपबास उपखंड अधिकारी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा सरकार में लगातार बढ़ रही महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई।1