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श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत धौरेरा में शायक सेकेट्री के काम करने के तरीके को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, शायक सेकेट्री सही ढंग से अपना काम नहीं कर रहा है और अपने मनमानी तरीके से बर्ताव करता है। उस पर यह आरोप भी है कि वह कहता है कि वह वही करेगा जो उसका मन करेगा, जिससे उसके मनमाने रवैये और जवाबदेही की कमी स्पष्ट होती है।
Neelesh Singh Dhakad
श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत धौरेरा में शायक सेकेट्री के काम करने के तरीके को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, शायक सेकेट्री सही ढंग से अपना काम नहीं कर रहा है और अपने मनमानी तरीके से बर्ताव करता है। उस पर यह आरोप भी है कि वह कहता है कि वह वही करेगा जो उसका मन करेगा, जिससे उसके मनमाने रवैये और जवाबदेही की कमी स्पष्ट होती है।
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- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के ग्राम पांडोला में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक शानदार ढंग से आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर एक भव्य कव्वाली महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने बताया कि इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को और भी भव्य, यादगार और सफल बनाया। उनकी मौजूदगी ने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और समाज तक आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश पहुँचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और ओमप्रकाश टैगोर जी एवं बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद दी गई।4
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित जटावार गाँव में नलियाँ बंद पड़ी हैं। यह समस्या जिले के जटावार गाँव में सामने आई है।1
- केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने के वादे के बावजूद, कोई कानून नहीं बनाया गया है। किसानों का आरोप है कि घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% नहीं है, बल्कि A2 प्लस FL प्लस 50% है, जिसे वे पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध मानते हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, खाद, डीजल, बीज और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बावजूद एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है। इसी आक्रोश के चलते, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हजारों गांवों में एमएसपी घोषणा प्रपत्र की प्रतियां जलाई गईं। मुरैना जिले के कैलारस उपखंड में ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा जैसे कई गांवों में अब तक प्रतियों का दहन हो चुका है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और ब्रजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। जिले के अन्य स्थानों से भी प्रतियों के दहन की कार्रवाई के समाचार प्राप्त हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा।1
- केंद्र सरकार द्वारा खरीफ की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा के बाद देशभर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के हजारों गांवों में एमएसपी के घोषणा परिपत्र की प्रतियां जलाई जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि दिल्ली आंदोलन के दौरान सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी की गारंटी का कानून बनाने का वायदा किया था, लेकिन वह इस कानून को नहीं बना रही है। साथ ही, किसानों के अनुसार, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2 प्लस 50% एमएसपी भी घोषित नहीं किया गया है; इसके बजाय वर्तमान में A2 प्लस FL प्लस 50% का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, जिसे किसान 'पूरी तरह से अनुचित एवं अवैध' बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है — खाद महंगा हो गया है और उपलब्ध नहीं है, डीजल की कीमतें बढ़ी हैं, और बीज तथा कीटनाशकों के दाम आसमान छू रहे हैं। लागत में कई गुना वृद्धि के बावजूद, एमएसपी को स्वामीनाथन की सिफारिशों के अनुरूप घोषित नहीं किया गया है। इसी क्रम में, कैलारस के ग्राम निरारा, महादेव पुरा, खेरा मानगढ़, बस्तौली, जयराम पुरा, वडमन, माधोगढ़, खेड़ा कलां, तोर, लुधाया और हटीपुरा सहित जिले के अन्य स्थानों पर भी घोषणा पत्रों की प्रतियां जलाई गईं। इस कार्रवाई का नेतृत्व सर्वश्री गयाराम सिंह धाकड़ (जिला कोषाध्यक्ष), ब्रजवीर सिंह सिकरवार (तहसील अध्यक्ष), बाबूलाल धाकड़ (तहसील महासचिव), बनवारी लाल धाकड़, सियाराम नीरा, सियाराम बस्तौली, रामकुमार श्रीवास और बृजराज सिंह सिकरवार जैसे किसान नेताओं ने किया। यह विरोध प्रदर्शन 27 मई से जारी है और किसानों ने इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया है। यह जानकारी मध्य प्रदेश किसान सभा कैलारस के गया राम सिंह धाकड़ द्वारा प्रेषित की गई है।4
- करौली में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कलेक्ट्रेट सर्किल से शुरू होकर, यह साइकिल रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। रविवार दोपहर 2:00 बजे, रैली के प्रतिभागियों ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, जल की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक दर्शन सिंह गुर्जर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित सरमथुरा में, 1 जून 2026 को दोपहर 12 बजे सैकड़ों की संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रबुद्ध जन, युवा और छात्र-छात्राएं एकत्रित होकर उपखंड कार्यालय सरमथुरा में उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे। यह ज्ञापन सरमथुरा उपखंड अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारवाड़ी भाषा थोपे जाने के विरोध में सौंपा जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन बसेड़ी, बाड़ी और सैपऊ के बाद हो रहा है, जहाँ पहले भी इसी तरह की गतिविधियां हुई हैं। आयोजकों ने सभी की उपस्थिति का सादर आह्वान किया है, ताकि इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई जा सके।1
- शिवपुरी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंवरपुर के कुंवरपुर गांव में एक वृद्ध व्यक्ति पहलू आदिवासी को अपनी वृद्धा पेंशन जुड़वाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। वह अपनी वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।1
- श्योपुर जिले के पांडोला गाँव में हज़रत बाबा दावल पीर शाह रह.अ. का 43वां उर्स मुबारक बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर एक शानदार कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले माननीय विधायक बाबू जंडेल जी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी जी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभारत मीणा जी, चिनी कुरैशी जी, डॉ. शहज़ाद खान जी सहित सभी सम्मानित अतिथियों का दिल की गहराइयों से हार्दिक आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से भी सभी को शुभकामनाएं और मुबारकबाद दी गई। इन गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन और अधिक भव्य, यादगार व सफल बना, जिसने महफ़िल की शान में चार चांद लगा दिए और आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सद्भाव का सुंदर संदेश समाज तक पहुंचाया। उर्स कमेटी के सदर जनाब असफ़ाख़ हुसैन साहब का विशेष धन्यवाद किया गया, जिनकी अथक मेहनत, समर्पण, बेहतरीन प्रबंधन और दिन-रात की लगन से यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने हर मेहमान की खिदमत, व्यवस्थाओं की देखरेख और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए पूरी उर्स कमेटी और ग्राम पांडोला ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह उर्स मुबारक केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का प्रतीक है, जो समाज को सद्भाव और मेल-मिलाप का संदेश देता है। उर्स कमेटी ग्राम पांडोला, जिला श्योपुर (म.प्र.) और बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश की ओर से सभी को उर्स मुबारक कहा गया।1