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कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बाद डूंगरपुर पुलिस ने रिजर्व लाइन में मनाई होली, एसपी मनीष कुमार जवानों के साथ झूमे डूंगरपुर । होली पर्व को लेकर जिलेभर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के बाद डूंगरपुर पुलिस ने रिजर्व लाइन परिसर में उत्साह और उमंग के साथ होली उत्सव मनाया। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के बाद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार भी पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचे। जवानों ने एसपी को कंधों पर उठाकर होली की बधाई दी। ढोल, नगाड़ों और टूल-कुंडी की थाप पर पुलिस अधिकारी व जवान जमकर थिरकते नजर आए। एसपी मनीष कुमार ने भी जवानों के साथ नृत्य कर उत्सव में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, जिले के सभी थानों के थाना अधिकारी, पुलिस जवान और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस परिवार ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंगों का त्योहार मनाया। रिजर्व लाइन परिसर रंग-गुलाल और उत्साह से सराबोर नजर आया।

7 hrs ago
user_Naresh Bhoi
Naresh Bhoi
पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
7 hrs ago

कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बाद डूंगरपुर पुलिस ने रिजर्व लाइन में मनाई होली, एसपी मनीष कुमार जवानों के साथ झूमे डूंगरपुर । होली पर्व को लेकर जिलेभर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के बाद डूंगरपुर पुलिस ने रिजर्व लाइन परिसर में उत्साह और उमंग के साथ होली उत्सव मनाया। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के बाद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार भी पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचे। जवानों ने

एसपी को कंधों पर उठाकर होली की बधाई दी। ढोल, नगाड़ों और टूल-कुंडी की थाप पर पुलिस अधिकारी व जवान जमकर थिरकते नजर आए। एसपी मनीष कुमार ने भी जवानों के साथ नृत्य कर उत्सव में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, जिले के सभी थानों के थाना अधिकारी, पुलिस जवान और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस परिवार ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंगों का त्योहार मनाया। रिजर्व लाइन परिसर रंग-गुलाल और उत्साह से सराबोर नजर आया।

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  • डूंगरपुर । होली पर्व को लेकर जिलेभर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के बाद डूंगरपुर पुलिस ने रिजर्व लाइन परिसर में उत्साह और उमंग के साथ होली उत्सव मनाया। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के बाद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार भी पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचे। जवानों ने एसपी को कंधों पर उठाकर होली की बधाई दी। ढोल, नगाड़ों और टूल-कुंडी की थाप पर पुलिस अधिकारी व जवान जमकर थिरकते नजर आए। एसपी मनीष कुमार ने भी जवानों के साथ नृत्य कर उत्सव में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, जिले के सभी थानों के थाना अधिकारी, पुलिस जवान और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस परिवार ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंगों का त्योहार मनाया। रिजर्व लाइन परिसर रंग-गुलाल और उत्साह से सराबोर नजर आया।
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    डूंगरपुर । होली पर्व को लेकर जिलेभर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के बाद डूंगरपुर पुलिस ने रिजर्व लाइन परिसर में उत्साह और उमंग के साथ होली उत्सव मनाया। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के बाद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार भी पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचे। जवानों ने एसपी को कंधों पर उठाकर होली की बधाई दी। ढोल, नगाड़ों और टूल-कुंडी की थाप पर पुलिस अधिकारी व जवान जमकर थिरकते नजर आए। एसपी मनीष कुमार ने भी जवानों के साथ नृत्य कर उत्सव में उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, जिले के सभी थानों के थाना अधिकारी, पुलिस जवान और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस परिवार ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंगों का त्योहार मनाया। रिजर्व लाइन परिसर रंग-गुलाल और उत्साह से सराबोर नजर आया।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by VAGAD news24
    1
    Post by VAGAD news24
    user_VAGAD news24
    VAGAD news24
    Farmer आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Kamlesh tabiyar Tabiyar
    1
    Post by Kamlesh tabiyar Tabiyar
    user_Kamlesh tabiyar Tabiyar
    Kamlesh tabiyar Tabiyar
    Nurse अरथुना, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Rajendra Tabiyar
    1
    Post by Rajendra Tabiyar
    user_Rajendra Tabiyar
    Rajendra Tabiyar
    Actor गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • खाखड़ी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विवाद, भेदभाव के आरोप लेकर एसडीएम के पास पहुंचे ग्रामीण
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    खाखड़ी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विवाद, भेदभाव के आरोप लेकर एसडीएम के पास पहुंचे ग्रामीण
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • राजस्थान को खड्डा मुक्त, गंदगी मुक्त और प्लास्टिक मुक्त बनाएंगे : केके गुप्ता डूंगरपुर/उदयपुर। स्वच्छ भारत मिशन शहर के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय श्री भजनलाल शर्मा साहब के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्वच्छता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शहरी निकाय अथवा ग्राम स्तर पर एसबीएम से संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही और काम में बहानेबाजी को बर्दाश्त नहीं करते हुए सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति में गुप्ता ने बताया कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन को लेकर अत्यंत गंभीरता के साथ में प्रत्येक जिले की एसबीएम गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री महोदय के निर्देश अनुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले के आधिकारिक एसबीएम व्हाट्सएप ग्रुप में स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण के निदेशक महोदय तथा प्रमुख शासन सचिव महोदय जुड़े हुए हैं। उनके द्वारा भी दैनिक क्रियाकलापों पर मॉनिटरिंग की जा रही है। गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री महोदय का संकल्प है कि राजस्थान प्रदेश को स्वच्छ बनाना है। प्रदेश की जनता स्वच्छता के वातावरण में निवास करेगी तो स्वास्थ्य अनुकूल होगा इस प्रकार हम स्वच्छ राजस्थान स्वस्थ राजस्थान की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। अभी आयुष्मान बीमा योजना में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपया व्यय किया जा रहा है वहीं यदि लोग स्वस्थ रहेंगे तो यह सरकारी रुपया अन्य आधारभूत विकास कार्यों में उपयोग में लिया जा सकता है। राजस्थान प्रदेश को खड्डा मुक्त, गंदगी मुक्त और प्लास्टिक मुक्त बनाएंगे ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने बताया कि डूंगरपुर नगर स्वच्छता के मॉडल के रूप में जाना पहचाना जाता है और आज सरकार द्वारा मुझे यह दायित्व दिया गया है इसके पीछे भी डूंगरपुर स्वच्छता मॉडल का ही योगदान है। मेरे सभापति कार्यकाल वर्ष 2015 से 2020 के दौरान डूंगरपुर नगर के प्रत्येक निवासी और टीम नगर परिषद के प्रत्येक कर्मचारी ने दिन-रात एक करके समर्पित भाव से स्वच्छता में अपना योगदान दिया उसी की बदौलत आज डूंगरपुर निकाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता में अपना नाम रखता है। वर्तमान में मेरे पास पूरे राजस्थान प्रदेश का स्वच्छता का दायित्व है लेकिन प्राथमिकता में डूंगरपुर शहर रहेगा। वर्तमान में डूंगरपुरवासी अवस्थाओं को झेल रहे हैं, लेकिन अब स्थिति में सुधार होगा।  डूंगरपुर नगर में पिछले तीन वर्षों से सीवरेज लाइन का कार्य चल रहा है। संबंधित ठेकेदार को अब पाबंद किया गया है कि जहां-जहां सड़क खोद दी गई है उसे पहले रिपेयर करें उसके बाद में काम आगे बढ़ाएं और नए काम शुरू करने के लिए भी कुछ मीटर खुदाई करके पाइपलाइन वह अन्य कार्य पूरा करते हुए तुरंत ही खोदी गई सड़क की मरम्मत कार्य करने के लिए पाबंद किया गया है। डूंगरपुर नगर में प्लास्टिक के थैलियों का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इसकी रोकथाम के लिए नगर परिषद टीम को निर्देश दिए गए हैं कि प्लास्टिक थैली उपयोग रोकथाम के लिए छापेमार कार्यवाही की जाए। प्लास्टिक दिखना गंदगी की सबसे पहले पहचान होती है। इससे बढ़कर प्लास्टिक की थैली गौ माता खाती है और अकाल मृत्यु को प्राप्त होती है जिसका पाप हमें भी लगता है। अब नगर में प्लास्टिक थैली खुले में कहीं देखने नहीं मिलनी चाहिए।  नगर परिषद के बगीचों के प्रभारियों की बैठक ली नगर परिषद के बगीचों के प्रभारी की बैठक लेकर उनकी समस्या का समाधान करते हुए पाबंद किया गया है कि बगीचे प्रातः 6 बजे ही साफ हो जाने चाहिए। खुले में कचरा दिखेगा तो कचरा संग्रहण ठेकेदार पर पेनल्टी लगेगी। इसके साथ ही सड़कों पर हर इलेक्ट्रिक पोल पर लाइट जलनी चाहिए और खाली प्लॉट को लेकर भी बैठक में निर्देश दिए गए कि प्लॉट गंदगी से अटे पड़े हुए हैं, उन प्लॉट पर कार्यवाही निरंतर चलती रहनी चाहिए। 90 ए के संबंध में भी दिए निर्देश 90 ए के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही में जब पूर्ण की जाए कॉलोनी के अंदर संबंधित जमीन मालिक द्वारा सड़क, पानी, लाइट, बगीचा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद ही 90 ए किया जाए और गैप सागर झील के पास कॉलोनी के अंतर्गत 90 ए करने से पहले वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के बाद ही 90 ए दिया जाए। इस संदर्भ में सरकार द्वारा भी गाइडलाइन जारी की गई है। अन्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता अन्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जिसमें लाइब्रेर, जिम, बेबी गेम जोन, स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मैरिज हॉल और अटल बिहारी वाजपेई भवनों पर रंग रोगन, लाइट, मरम्मत कार्य और अन्य सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
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    राजस्थान को खड्डा मुक्त, गंदगी मुक्त और प्लास्टिक मुक्त बनाएंगे : केके गुप्ता
डूंगरपुर/उदयपुर। स्वच्छ भारत मिशन शहर के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय श्री भजनलाल शर्मा साहब के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्वच्छता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शहरी निकाय अथवा ग्राम स्तर पर एसबीएम से संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही और काम में बहानेबाजी को बर्दाश्त नहीं करते हुए सख्त कार्यवाही की जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति में गुप्ता ने बताया कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन को लेकर अत्यंत गंभीरता के साथ में प्रत्येक जिले की एसबीएम गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री महोदय के निर्देश अनुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले के आधिकारिक एसबीएम व्हाट्सएप ग्रुप में स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण के निदेशक महोदय तथा प्रमुख शासन सचिव महोदय जुड़े हुए हैं। उनके द्वारा भी दैनिक क्रियाकलापों पर मॉनिटरिंग की जा रही है।
गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री महोदय का संकल्प है कि राजस्थान प्रदेश को स्वच्छ बनाना है। प्रदेश की जनता स्वच्छता के वातावरण में निवास करेगी तो स्वास्थ्य अनुकूल होगा इस प्रकार हम स्वच्छ राजस्थान स्वस्थ राजस्थान की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। अभी आयुष्मान बीमा योजना में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपया व्यय किया जा रहा है वहीं यदि लोग स्वस्थ रहेंगे तो यह सरकारी रुपया अन्य आधारभूत विकास कार्यों में उपयोग में लिया जा सकता है।
राजस्थान प्रदेश को खड्डा मुक्त, गंदगी मुक्त और प्लास्टिक मुक्त बनाएंगे
ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने बताया कि डूंगरपुर नगर स्वच्छता के मॉडल के रूप में जाना पहचाना जाता है और आज सरकार द्वारा मुझे यह दायित्व दिया गया है इसके पीछे भी डूंगरपुर स्वच्छता मॉडल का ही योगदान है। मेरे सभापति कार्यकाल वर्ष 2015 से 2020 के दौरान डूंगरपुर नगर के प्रत्येक निवासी और टीम नगर परिषद के प्रत्येक कर्मचारी ने दिन-रात एक करके समर्पित भाव से स्वच्छता में अपना योगदान दिया उसी की बदौलत आज डूंगरपुर निकाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता में अपना नाम रखता है। वर्तमान में मेरे पास पूरे राजस्थान प्रदेश का स्वच्छता का दायित्व है लेकिन प्राथमिकता में डूंगरपुर शहर रहेगा। वर्तमान में डूंगरपुरवासी अवस्थाओं को झेल रहे हैं, लेकिन अब स्थिति में सुधार होगा। 
डूंगरपुर नगर में पिछले तीन वर्षों से सीवरेज लाइन का कार्य चल रहा है। संबंधित ठेकेदार को अब पाबंद किया गया है कि जहां-जहां सड़क खोद दी गई है उसे पहले रिपेयर करें उसके बाद में काम आगे बढ़ाएं और नए काम शुरू करने के लिए भी कुछ मीटर खुदाई करके पाइपलाइन वह अन्य कार्य पूरा करते हुए तुरंत ही खोदी गई सड़क की मरम्मत कार्य करने के लिए पाबंद किया गया है।
डूंगरपुर नगर में प्लास्टिक के थैलियों का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इसकी रोकथाम के लिए नगर परिषद टीम को निर्देश दिए गए हैं कि प्लास्टिक थैली उपयोग रोकथाम के लिए छापेमार कार्यवाही की जाए। प्लास्टिक दिखना गंदगी की सबसे पहले पहचान होती है। इससे बढ़कर प्लास्टिक की थैली गौ माता खाती है और अकाल मृत्यु को प्राप्त होती है जिसका पाप हमें भी लगता है। अब नगर में प्लास्टिक थैली खुले में कहीं देखने नहीं मिलनी चाहिए। 
नगर परिषद के बगीचों के प्रभारियों की बैठक ली
नगर परिषद के बगीचों के प्रभारी की बैठक लेकर उनकी समस्या का समाधान करते हुए पाबंद किया गया है कि बगीचे प्रातः 6 बजे ही साफ हो जाने चाहिए। खुले में कचरा दिखेगा तो कचरा संग्रहण ठेकेदार पर पेनल्टी लगेगी। इसके साथ ही सड़कों पर हर इलेक्ट्रिक पोल पर लाइट जलनी चाहिए और खाली प्लॉट को लेकर भी बैठक में निर्देश दिए गए कि प्लॉट गंदगी से अटे पड़े हुए हैं, उन प्लॉट पर कार्यवाही निरंतर चलती रहनी चाहिए।
90 ए के संबंध में भी दिए निर्देश
90 ए के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही में जब पूर्ण की जाए कॉलोनी के अंदर संबंधित जमीन मालिक द्वारा सड़क, पानी, लाइट, बगीचा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद ही 90 ए किया जाए और गैप सागर झील के पास कॉलोनी के अंतर्गत 90 ए करने से पहले वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के बाद ही 90 ए दिया जाए। इस संदर्भ में सरकार द्वारा भी गाइडलाइन जारी की गई है।
अन्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता
अन्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जिसमें लाइब्रेर, जिम, बेबी गेम जोन, स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मैरिज हॉल और अटल बिहारी वाजपेई भवनों पर रंग रोगन, लाइट, मरम्मत कार्य और अन्य सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
    user_Santosh vyas
    Santosh vyas
    Local News Reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • डूंगरपुर।आठवीं बोर्ड परीक्षा देने जा रहे बच्चों से भरे ऑटो को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में 14 बच्चे और एक शिक्षक सहित 16 लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे हिम्मत दिखाते हुए परीक्षा देने सेंटर पहुंचे। जानकारी के अनुसार बलवाड़ा स्थित मुस्कान संस्थान के 14 बच्चे बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक शिक्षक के साथ ऑटो में सवार होकर डूंगरपुर शहर स्थित किशनलाल गर्ग स्कूल परीक्षा केंद्र पर आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे थे। जैसे ही ऑटो बलवाड़ा पेट्रोल पंप मोड़ पर पहुंचा, सामने से आई एक तेज रफ्तार कार ने बच्चों से भरे ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। ऑटो में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई।हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सड़क से गुजर रहे लोगों ने तुरंत मदद करते हुए ऑटो में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पायलट शांतिलाल और ईएमटी चेतन मौके पर पहुंचे और घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर मुस्कान संस्थान के निर्देशक भरत नागदा भी अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को शहर के किशनलाल गर्ग स्कूल परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दिलाने के लिए रवाना किया गया। भरत नागदा ने बताया कि सभी बच्चाें का बुधवार काे संस्कृत का पेपर था। जिनका सेंटर किशनलाल गर्ग स्कूल में हाेने से अाॅटाे में सवार हाेकर एग्जाम सेंटर पर परीक्षा देने के लिए जा रहे थे।
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    डूंगरपुर।आठवीं बोर्ड परीक्षा देने जा रहे बच्चों से भरे ऑटो को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में 14 बच्चे और एक शिक्षक सहित 16 लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे हिम्मत दिखाते हुए परीक्षा देने सेंटर पहुंचे। जानकारी के अनुसार बलवाड़ा स्थित मुस्कान संस्थान के 14 बच्चे बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक शिक्षक के साथ ऑटो में सवार होकर डूंगरपुर शहर स्थित किशनलाल गर्ग स्कूल परीक्षा केंद्र पर आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे थे। जैसे ही ऑटो बलवाड़ा पेट्रोल पंप मोड़ पर पहुंचा, सामने से आई एक तेज रफ्तार कार ने बच्चों से भरे ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। ऑटो में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई।हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सड़क से गुजर रहे लोगों ने तुरंत मदद करते हुए ऑटो में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पायलट शांतिलाल और ईएमटी चेतन मौके पर पहुंचे और घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर मुस्कान संस्थान के निर्देशक भरत नागदा भी अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को शहर के किशनलाल गर्ग स्कूल परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दिलाने के लिए रवाना किया गया। भरत नागदा ने बताया कि सभी बच्चाें का बुधवार काे संस्कृत का पेपर था। जिनका सेंटर किशनलाल गर्ग स्कूल में हाेने से अाॅटाे में सवार हाेकर एग्जाम सेंटर पर परीक्षा देने के लिए जा रहे थे।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • रंगों के उत्सव होली के रंग में सभी रंगे हुए हैं. अलग अलग जगहों पर अलग अलग मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार होली मनाई जाती है. लेकिन मेवाड़ में एक ऐसी जगह है जहां पर रंगों के साथ बारूद की होली खेली जाती है. उदयपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर चित्तौड़गढ़ हाईवे पर स्थिति मेनार में होली के तीसरे दिन चैत्र कृष्ण द्वितीया को यह होली खेली जाती है. जहां देर रात तक बंदूके बारूद उगलती है और तोपों की गर्जन से पूरा मेनार धधक उठता है. यह होली 4 मार्च को जमरा बीज को मनाई जाएगी. यह परंपरा मेनार के लोग 500 साल से निभाते आ रहे हैं. शाम होते ही बजता है युद्ध का बिगुल जमारबिज की सुबह तलवारों की गेर से पहले गांव के ओंकारेश्वर चबूतरे पर लाल जाजम बिछाई जाती और इसके साथ ही ग्रामीणों अमल कसूंबे की रस्म अदा की जाती है. फिर दिनभर गांव में अन्य जगहों से आने वाले मेहमानों का स्वागत किया जाता है और होली के पहले बना विशेष खाना खिलाया जाता है. शाम होते ही युवा युद्ध की तैयारी में जुट जाते हैं. युद्ध का बिगुल बजता है. इसमें मशालचियों की अगुवाई में सफेद धोती-कुर्ता और कसूमल पाग पहने ग्रामीणों के पांच दल पांच रास्तों से गांव के चारभुजा मंदिर के सामने चौराहा पहुंचते और फेरावत के इशारे पर एक साथ सभी रणबांकुर बंदूको से हवाई फायर करते हैं. चारों तरह आग की लपटे दिखाई देती है. साथ में पटाखे भी छूटते रहते हैं. एक सैकंड ऐसा नहीं होता कि कही से बंदूकों, तोपों या पटाखों की आवाजें ना आए. यह भी कुछ देर तक नहीं शाम को शुरू होने के बाद आधी रात के आगे भी चलता रहता है. मेनार के लोगों ने बताया कि बात तब की है जब मेवाड़ पर महाराणा अमर सिंह का राज था. उस समय मेवाड़ की पावन धरा पर जगह जगह मुगलों की छावनिया पड़ी हुई थी. इसी तरह मेनार में भी गाँव के पूर्व दिशा में मुगलों ने अपनी छावनी बना रखी थी. इन छावनियो के आतंक से नर नारी दुखी हो उठे थे. इस पर मेनारवासी मेनारिया ब्राह्मण भी मुग़ल छावनी के आतंक से त्रस्त हो चुके. जब मेनारवासियों को वल्लभनगर छावनी पर विजय का समाचार मिला तो गाँव के लोग ओंकारेश्वर चबूतरे पर इकट्ठे हुए और युद्ध की योजना बनाई गई. उस समय गांव छोटा और छावनी बड़ी थी. समय की नजाकत को ध्यान में रखते हुए कूटनीति से काम लिया. इस कूटनीति के तहत होली का त्यौहार छावनी वालो के साथ मनाना तय हुआ. होली और धुलंडी साथ साथ मनाई गई. विक्रम संवंत 1657 किया गया था आयोजन चेत्र माघ कृष्ण पक्ष द्वितीय विक्रम संवंत 1657 की रात्रि को राजवादी गैर का आयोजन किया गया. गैर देखने के लिए छावनी वालो को आमंत्रित किया गया. ढोल ओंकारेश्वर चबूतरे पर बजाया गया. नंगी तलवारों, ढालो तथा हेनियो की सहायता से गैर खेलनी शुरू हुई. अचानक ढोल की आवाज ने रणभेरी का रूप ले लिया. गाँव के वीर छावनी के सैनिको पर टूट पड़े. रात भर भयंकर युद्ध चला. ओंकार माराज के चबूतरे से शुरु हुई लड़ाई छावनी तक पहुँच गई और मुगलों को मार गिराया और मेवाड़ को मुगलो के आतंक से बचाया. मेनार के इस ऐतिहासिक जमराबिज के पर्व पर ग्रामीण स्वयं व्यवस्था को बनाये रखते है और हर कार्य को बखूबी अपने घर का समझ कर करते है. इसलिए इस दिन पुलिस जाप्ते की भी आवश्यकता नहीं रहती है और ना ही प्रशासन का कोई कार्य रहता है. ग्रामीण युवा अपने स्तर पर ही सारी जिम्मेदारियां निभाते है और खास बात यह रहती है कि जमराबिज के दिन इतना बारूद बंदूकों से दागा जाता है और तलवारों से गैर नृत्य किया जाता है. लेकिन किसी भी व्यक्ति को कोई आंच तक नहीं आती है.
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    रंगों के उत्सव होली के रंग में सभी रंगे हुए हैं. अलग अलग जगहों पर अलग अलग मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार होली मनाई जाती है. लेकिन मेवाड़ में एक ऐसी जगह है जहां पर रंगों के  साथ बारूद की होली खेली जाती है. उदयपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर चित्तौड़गढ़ हाईवे पर स्थिति मेनार में होली के तीसरे दिन चैत्र कृष्ण द्वितीया को यह होली खेली जाती है. जहां देर रात तक बंदूके बारूद उगलती है और तोपों की गर्जन से पूरा मेनार धधक उठता है. यह होली 4 मार्च को जमरा बीज को मनाई जाएगी. यह परंपरा मेनार के लोग 500 साल से निभाते आ रहे हैं.
शाम होते ही बजता है युद्ध का बिगुल
जमारबिज की सुबह तलवारों की गेर से पहले गांव के ओंकारेश्वर चबूतरे पर लाल जाजम बिछाई जाती और इसके साथ ही ग्रामीणों अमल कसूंबे की रस्म अदा की जाती है. फिर दिनभर गांव में अन्य जगहों से आने वाले मेहमानों का स्वागत किया जाता है और होली के पहले बना विशेष खाना खिलाया जाता है. शाम होते ही युवा युद्ध की तैयारी में जुट जाते हैं. युद्ध का बिगुल बजता है. इसमें मशालचियों की अगुवाई में सफेद धोती-कुर्ता और कसूमल पाग पहने ग्रामीणों के पांच दल पांच रास्तों से गांव के चारभुजा मंदिर के सामने चौराहा पहुंचते और फेरावत के इशारे पर एक साथ सभी रणबांकुर बंदूको से हवाई फायर करते हैं. चारों तरह आग की लपटे दिखाई देती है. साथ में पटाखे भी छूटते रहते हैं. एक सैकंड ऐसा नहीं होता कि कही से बंदूकों, तोपों या पटाखों की आवाजें ना आए. यह भी कुछ देर तक नहीं शाम को शुरू होने के बाद आधी रात के आगे भी चलता रहता है.
मेनार के लोगों ने बताया कि बात तब की है जब मेवाड़ पर महाराणा अमर सिंह का राज था. उस समय मेवाड़ की पावन धरा पर जगह जगह मुगलों की छावनिया पड़ी हुई थी. इसी तरह मेनार में भी गाँव के पूर्व दिशा में मुगलों ने अपनी छावनी बना रखी थी. इन छावनियो के आतंक से नर नारी दुखी हो उठे थे. इस पर मेनारवासी मेनारिया ब्राह्मण भी मुग़ल छावनी के आतंक से त्रस्त हो चुके. जब मेनारवासियों को वल्लभनगर छावनी पर विजय का समाचार मिला तो गाँव के लोग ओंकारेश्वर चबूतरे पर इकट्ठे हुए और युद्ध की योजना बनाई गई. उस समय गांव छोटा और छावनी बड़ी थी. समय की नजाकत को ध्यान में रखते हुए कूटनीति से काम लिया. इस कूटनीति के तहत होली का त्यौहार छावनी वालो के साथ मनाना तय हुआ. होली और धुलंडी साथ साथ मनाई गई. 
विक्रम संवंत 1657 किया गया था आयोजन
चेत्र माघ कृष्ण पक्ष द्वितीय विक्रम संवंत 1657 की रात्रि को राजवादी गैर का आयोजन किया गया. गैर देखने के लिए छावनी वालो को आमंत्रित किया गया. ढोल ओंकारेश्वर चबूतरे पर बजाया गया. नंगी तलवारों, ढालो तथा हेनियो की सहायता से गैर खेलनी शुरू हुई. अचानक ढोल की आवाज ने रणभेरी का रूप ले लिया. गाँव के वीर छावनी के सैनिको पर टूट पड़े. रात भर भयंकर युद्ध चला. ओंकार माराज के चबूतरे से शुरु हुई लड़ाई छावनी तक पहुँच गई और मुगलों को मार गिराया और मेवाड़ को मुगलो के आतंक से बचाया.
मेनार के इस ऐतिहासिक जमराबिज के पर्व पर ग्रामीण स्वयं व्यवस्था को बनाये रखते है और हर कार्य को बखूबी अपने घर का समझ कर करते है. इसलिए इस दिन पुलिस जाप्ते की भी आवश्यकता नहीं रहती है और ना ही प्रशासन का कोई कार्य रहता है. ग्रामीण युवा अपने स्तर पर ही सारी जिम्मेदारियां निभाते है और खास बात यह रहती है कि जमराबिज के दिन इतना बारूद बंदूकों से दागा जाता है और तलवारों से गैर नृत्य किया जाता है. लेकिन किसी भी व्यक्ति को कोई आंच तक नहीं आती है.
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    VAGAD news24
    Farmer आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
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