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arthuna me aadivashi ger narty me hamre bhil bhai ki kalchar
Kamlesh tabiyar Tabiyar
arthuna me aadivashi ger narty me hamre bhil bhai ki kalchar
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Rajendra Tabiyar1
- Post by Bapulal Ahari1
- Post by Kantilal Makvana1
- वागड़ केसरी व वागड़ गौरव आचार्य 108 चंद्रगुप्त गुरुदेव का मंगल विहार वागोल जैन तीर्थ एवं अन्देश्वर तीर्थ की ओर श्रद्धा और भावनाओं के बीच प्रारंभ हुआ। विदाई के दौरान भक्तों की आंखों में आंसू छलक उठे और वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। दिगंबर बीस पंथी जैन समाज के अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ ने बताया कि गुरुदेव के सानिध्य में मूलनायक आदिनाथ भगवान का प्रातः बेला में विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक हुआ। सायंकाल गुरुदेव का विहार वागोल जैन तीर्थ के लिए हुआ, जहां समाजजनों ने नंगे पांव चलकर सहभागिता की तथा मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान की आरती व गुरुभक्ति का आयोजन किया। महामंत्री हंसमुख लाल सेठ ने बताया कि गुरुदेव का अगला विहार अन्देश्वर तीर्थ की ओर रहेगा तथा 10 मार्च को भिलूड़ा में उनका मंगल प्रवेश होगा, जहां पूज्य गुरु गुप्तुनंदी गुरुदेव से गुरु-शिष्य मिलन होगा। गुरुदेव ने संदेश दिया कि संयम, करुणा और क्षमा ही सच्चा धर्म है।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (भारत माता मंदिर परिसर में गैर नूत्य की रहीं धुम दुर दराज व अनेक गांवों से आए लोगों ने लिया भाग) राजस्थान के बांसवाड़ा में स्थित विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में भारत माता मंदिर परिसर राती तलाई में आज होली के पर्व पर गैर नूत्य का आयोजन किया गया जिसमें दुर दराज व अलग-अलग गांवों से संगठन के लोग आए और जम कर गैर नूत्य किया जीसे बांसवाड़ा नगर सहित अन्य लोग भी इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल रहे2
- 3 साल के मासूम निसार ने रखा अपना पहला रोजा, संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। इबादत के मुकद्दस महीने में जहां बड़े-बुजुर्ग पूरी शिद्दत के साथ रोजे रख रहे हैं, वहीं डूंगरपुर में एक साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे ने अपनी भक्ति और दृढ़ निश्चय से सभी को हैरान कर दिया है। एमएमबी ग्रुप डूंगरपुर के सदर नूर मोहम्मद मकरानी के नवासे मोहम्मद निसार मकरानी ने महज 3 साल 11 माह की नन्ही उम्र में अपना पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। मासूम की इस हिम्मत और लगन को देखकर न सिर्फ मकरानी परिवार बल्कि पूरे समाज में चर्चा हो रही है। मकरानी ने बताया कि नन्हे निसार ने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी और उत्साह के साथ सेहरी के वक्त उठकर रोजा रखने की जिद की। निसार ने परिवार के सभी सदस्यों से स्पष्ट कहा कि आज वह भी रोजा रखेगा। इतनी कम उम्र में बच्चे के इस फैसले ने एक पल के लिए सबको हैरत में डाल दिया, लेकिन उसके जज्बे को देखते हुए परिजनों ने खुशी-खुशी उसका साथ दिया। निसार के लिए प्रेरणा का स्रोत घर का माहौल रहा है, उनके भाई अब्दुल हाफिज इस साल के अपने सभी रोजे मुकम्मल कर रहे हैं और बहन मेहरीन फातिमा भी नियमित रूप से रोजे रख रही हैं। अपने भाई-बहनों को इबादत करते देख निसार के मन में भी रोजा रखने की इच्छा जागी। इस नेक और बरकत वाले मौके पर निसार के वालिद मोहम्मद वसीम, वालिदा मखदूमा मकरानी और दादी अनिसा मकरानी सहित पूरे मकरानी परिवार ने फूल-मालाओं और दुआओं के साथ मासूम को मुबारकबाद दी। परिजनों का कहना है कि नन्ही उम्र में दीन के प्रति ऐसा लगाव वाकई काबिले-तारीफ है। दिन भर चले इस सिलसिले के बाद शाम को इफ्तार के वक्त मासूम के चेहरे पर एक अलग ही रौनक और खुशी देखने को मिली। सोशल मीडिया और क्षेत्र में भी इस छोटे से रोजेदार की खूब सराहना की जा रही है।4
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- Post by Rajendra Tabiyar1
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