पन्ना के अमानगंज में स्थित गांधी चौक चौराहे पर पारिवारिक विवाद को लेकर एक मां और उसकी दो बेटियों द्वारा एक लड़के की सरेराह बेरहमी से की जा रही पिटाई के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय युवक गोलू लहगेरे पर ही अमानगंज पुलिस ने जल्दबाजी में एकतरफा कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर दी है। सरेराह हुए इस हंगामे के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई थी और वहां मौजूद दर्जनों लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, लेकिन मानवता दिखाने वाले युवक को ही आरोपी बना दिया गया। विवाद के दौरान जब मां-बेटियों द्वारा लड़के को पीटा जा रहा था, तब गोलू लहगेरे ने इंसानियत दिखाते हुए बीच-बचाव की कोशिश की थी। इस पर आरोपी मां और बेटियों ने पीड़ित लड़के को छोड़कर गोलू पर ही हमला बोल दिया था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने या प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने के बजाय उल्टा बीच-बचाव करने वाले गोलू पर ही मुकदमा ठोंक दिया। पुलिस की इस दमनकारी और जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस की इस कार्रवाई से आहत पीड़ित गोलू लहगेरे ने मीडिया को अपनी आपबीती सुनाते हुए दर्द जाहिर किया है। गोलू ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इंसानियत के नाते विवाद शांत कराने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने बिना सच्चाई जाने उन पर ही मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समाज में किसी की मदद करना गुनाह है और क्या इसी को न्याय कहते हैं? इस पूरे घटनाक्रम ने व्यस्ततम चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद रहने और अमानगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे समाज में मददगारों का भरोसा टूटने का खतरा पैदा हो गया है।
पन्ना के अमानगंज में स्थित गांधी चौक चौराहे पर पारिवारिक विवाद को लेकर एक मां और उसकी दो बेटियों द्वारा एक लड़के की सरेराह बेरहमी से की जा रही पिटाई के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय युवक गोलू लहगेरे पर ही अमानगंज पुलिस ने जल्दबाजी में एकतरफा कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर दी है। सरेराह हुए इस हंगामे के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई थी और वहां मौजूद दर्जनों लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, लेकिन मानवता दिखाने वाले युवक को ही आरोपी बना दिया गया। विवाद के दौरान जब मां-बेटियों द्वारा लड़के को पीटा जा रहा था, तब गोलू लहगेरे ने इंसानियत दिखाते हुए बीच-बचाव की कोशिश की थी। इस पर आरोपी मां और बेटियों ने पीड़ित लड़के को छोड़कर गोलू पर ही हमला बोल दिया था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने या प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने के बजाय उल्टा बीच-बचाव करने वाले गोलू पर ही मुकदमा ठोंक दिया। पुलिस की इस दमनकारी और जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस की इस कार्रवाई से आहत पीड़ित गोलू लहगेरे ने मीडिया को अपनी आपबीती सुनाते हुए दर्द जाहिर किया है। गोलू ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इंसानियत के नाते विवाद शांत कराने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने बिना सच्चाई जाने उन पर ही मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समाज में किसी की मदद करना गुनाह है और क्या इसी को न्याय कहते हैं? इस पूरे घटनाक्रम ने व्यस्ततम चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद रहने और अमानगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे समाज में मददगारों का भरोसा टूटने का खतरा पैदा हो गया है।
- मध्य प्रदेश के पन्ना में पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वंदना सिंह चौहान ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान की शुरुआत के अवसर पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस अभियान के तहत आगामी 15 से 30 जुलाई तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पूरे जिले में रैली, नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद, विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम और विशेष अभियान आयोजित किए जाएंगे।1
- मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ 15 जुलाई 2026 से हो गया है। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज और विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर नशा-मुक्त समाज व देश के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में पन्ना पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वंदना सिंह चौहान द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पन्ना से इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को जागरूक करने की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद पन्ना शहर में जागरूकता रैली आयोजित कर नागरिकों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसानों की जानकारी दी गई। अभियान के पहले दिन ही जिले के सभी थानों और चौकियों के स्तर पर स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। आने वाले दिनों में जिलेभर में जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियां, ग्राम स्तरीय कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से सघन जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। पन्ना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे खुद नशे से दूर रहें, अपने परिवार व समाज को जागरूक करें और मादक पदार्थों के किसी भी अवैध कारोबार या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस और जनता के इस संयुक्त प्रयास से ही नशा-मुक्त पन्ना और नशा-मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो सकेगा।4
- मध्य प्रदेश के पन्ना में स्थित श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार धाम में श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ, श्रीभक्तमाल कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य कलश यात्रा के साथ ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ है। इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की, जिससे पूरा नगर भक्ति और जयघोषों से गूंज उठा। मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह कलश यात्रा पुनः मंदिर परिसर पहुंची। पीले वस्त्र पहने हजारों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रखकर इस यात्रा की शोभा बढ़ाई, जबकि शंखनाद, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस भव्य आयोजन में संत-महात्माओं के साथ खजुराहो सांसद विष्णुदत्त (वी.डी.) शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने इस मौके पर कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य जुगल किशोर सरकार धाम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पहचान दिलाना है। नगरवासियों का भी दृढ़ विश्वास है कि यह भव्य धार्मिक महोत्सव पन्ना की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। यह महोत्सव 15 से 29 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा, भक्तमाल कथा, रासलीला, भजन संध्या और संत प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। इस क्रम में 16 जुलाई से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाएगा।4
- Post by Sitaram rai1
- पन्ना जिले की गुनौर पुलिस ने अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एक निगरानीशुदा बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओपी के मार्गदर्शन में की गई है। थाना गुनौर की पुलिस टीम जब 14 जुलाई 2026 को गश्त पर थी, तभी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बलबीर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति टिकरिया से पटना की ओर अवैध देशी कट्टा लेकर जा रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और भागने का प्रयास कर रहे संदिग्ध को मुस्तैदी से पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्राम डोभा निवासी खिलाड़ी उर्फ रामखिलावन (46 वर्ष) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसकी कमर से एक अवैध देशी कट्टा (.315 बोर) और जेब से दो जिंदा .315 बोर के कारतूस बरामद किए गए, जिनका वह कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब एक साल पहले अमानगंज के साप्ताहिक बाजार में एक अज्ञात व्यक्ति से यह कट्टा खरीदा था और हाल ही में हुए एक आपसी विवाद के बाद खुद की सुरक्षा के लिए इसे साथ लेकर घूम रहा था। गुनौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बलबीर सिंह, मुख्य आरक्षक मुकेश शर्मा, चालक मुख्य आरक्षक मुन्नालाल कोल, आरक्षक नीलेश, श्यामसुंदर और गौरव सिंह का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।3
- पन्ना में आस्था के महासागर के बीच एक ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ 15 दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस भव्य शुरुआत के साथ ही पूरा पन्ना आस्था के महासागर में डूबा नजर आ रहा है।1
- जनसहायता मानवाधिकार लोक सेवा परिषद ने पन्ना जिले में संगठन की मीडिया गतिविधियों के संचालन के लिए युवा पत्रकार मनीष विश्वकर्मा को जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सु श्री संगीता जायसवाल जी की अनुशंसा पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंह जी द्वारा की गई है। संस्था द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पहचान-पत्र के अनुसार, नवनियुक्त जिला मीडिया प्रभारी मनीष विश्वकर्मा का कार्यकाल जुलाई 2027 तक रहेगा। जनसहायता मानवाधिकार लोक सेवा परिषद सामाजिक सेवा, मानवाधिकार संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था का कहना है कि वह नीति आयोग से संबद्ध है और भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में पंजीकृत है। संगठन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और जनसेवा से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना है। अपनी नियुक्ति पर मनीष विश्वकर्मा ने कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ सेवा का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों में सभी की सहभागिता आवश्यक है।1
- पन्ना के अमानगंज में स्थित गांधी चौक चौराहे पर पारिवारिक विवाद को लेकर एक मां और उसकी दो बेटियों द्वारा एक लड़के की सरेराह बेरहमी से की जा रही पिटाई के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय युवक गोलू लहगेरे पर ही अमानगंज पुलिस ने जल्दबाजी में एकतरफा कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर दी है। सरेराह हुए इस हंगामे के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई थी और वहां मौजूद दर्जनों लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, लेकिन मानवता दिखाने वाले युवक को ही आरोपी बना दिया गया। विवाद के दौरान जब मां-बेटियों द्वारा लड़के को पीटा जा रहा था, तब गोलू लहगेरे ने इंसानियत दिखाते हुए बीच-बचाव की कोशिश की थी। इस पर आरोपी मां और बेटियों ने पीड़ित लड़के को छोड़कर गोलू पर ही हमला बोल दिया था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने या प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने के बजाय उल्टा बीच-बचाव करने वाले गोलू पर ही मुकदमा ठोंक दिया। पुलिस की इस दमनकारी और जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस की इस कार्रवाई से आहत पीड़ित गोलू लहगेरे ने मीडिया को अपनी आपबीती सुनाते हुए दर्द जाहिर किया है। गोलू ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इंसानियत के नाते विवाद शांत कराने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने बिना सच्चाई जाने उन पर ही मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समाज में किसी की मदद करना गुनाह है और क्या इसी को न्याय कहते हैं? इस पूरे घटनाक्रम ने व्यस्ततम चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद रहने और अमानगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे समाज में मददगारों का भरोसा टूटने का खतरा पैदा हो गया है।1