बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। वन विभाग की मिली भगत से चलती है यह आरामशीने बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्री के आदेशो को ठेंगा। आखिर किस दंबग की सब पर काटे जा रहे हरे भरे पेड। कस्बे के अलग अलग स्थान पर चलती है अवैध आरा मशीन । खादी से लेकर खाकी तक का है आशिर्वाद सूत्र क्या वन विभाग कार्यवाही कर अवैध आरा मशीन बंद करा पायेगा ? जहा हर वर्ष सरकार पेड लगाने मे करोड़ो अरबो खर्च करती है वही ।दंबगो की दंबता से क्षेत्र मे सरकार के आदेशो का उलटा पुलटा कर हरे भरे छाया व फलदार पेडों का कटान होना ऐक आम बात हो गयी है । वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी की मिली भगत से यह हरे भरे पैडो का कटान जहा पर जारी है वही यह आरा मशीनें भी सब लेन देन कर चलवाया जा रही है ।जहां करोना काल मे ऑक्सीजन कम होने की वजह से न जाने कितने मासूम नौजवानो तथा महिलाओं पुरुषो ने अपनी मोत को गले लगाया था । ओर ऑक्सीजन की कमी पूरी नही हो सकी थी । जिसके चलते भारत व राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष देश व राज्य की जनता को जीवित रखने के लिए करोड़ो अरबो रूपये खर्च कर पैड लगाने का कार्य कराया जाता है । लेकिन अफसोस यह है कि क्या सरकार से बडे व लम्बे इन दंबगो व वन विभाग के अधिकारियो के हाथ हो गये है जो सरकार के आदेशो को ठेंगा दिखा कर हरे भरे पैडो का कटान करा कर आरा मशीनो को चलाने की अनुमति दे रहे है । क्या इस खेल का वन विभाग के डी एफ ओ नही मालूम है कि उनके क्षेत्र मे चल रहा है । ऐक ओर सरकार का नारा सुनाई देता है कि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ वही वन विभाग व दंबगो का नारा है कि पेड काटो खूब कमाओ । जबकि पेड भी सजीव होते है मनुष्य की तरह पेड भी सजीव होते है उसके बावजूद भी पेडों को काटने मे कोई कमी पेशी नही छोडी जाती ।जबकि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ का नारा देने वाली सरकार इन पेडों के रख रखाव के लिऐ मोटी धन राशि उपलब्ध कराती है लेकिन न जाने कोन इस मोटी धन राशी को डकार जाता है जिसका कोई हिसाब भी सामने नही आता । यह भी एक सवाल खडा करने वाली बात है । कस्बे के बंजारा बस्ती मे ऐक आरा मशीन बहुत ही चर्चा का विषय बनी हुई है ।जो अवैध रूप से रात्री के समय चलती नजर आती है न कि दिन मे यह आरा मशीन रात को इसलिए चलाया जाती है कि इस पर सभी अवैध पैडो का चिरान भलि भांति किया जाता है । क्योकि रात्री के समय कोई दिक्कत सामने नही आती ओर दंबगो की दंबता व वन विभाग के अधिकारियो की जेब भरने मे कोई परेशानी भी रात्री के समय नही आती ।सूत्र तो यह बताते है कि यह आरा मशीन लम्बे समय यानी कई वर्षो से चलती रहती है लेकिन वन विभाग ने आज तक यह मामला गम्भीरता से नही लिया क्योकि अगर वन विभाग मामला गम्भीरता से ले लेगा तो फिर जेब कोन भरेगा यह भी ऐक बडा सवाल जनता के मुह से सुनाई देता है । क्या वन विभाग इस ओर ध्यान देकर इन अवैध आरा मशीनो पर अंकुश लगा पायेगा या नही यह तो आने वाला समय ही तय कर पायेगा
बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। वन विभाग की मिली भगत से चलती है यह आरामशीने बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्री के आदेशो को ठेंगा। आखिर किस दंबग की सब पर काटे जा रहे हरे भरे पेड। कस्बे के अलग अलग स्थान पर चलती है अवैध आरा मशीन । खादी से लेकर खाकी तक का है आशिर्वाद सूत्र क्या वन विभाग कार्यवाही कर अवैध आरा मशीन बंद करा पायेगा ? जहा हर वर्ष सरकार पेड लगाने मे करोड़ो अरबो खर्च करती है वही ।दंबगो की दंबता से क्षेत्र मे सरकार के आदेशो का उलटा पुलटा कर हरे भरे छाया व फलदार पेडों का कटान होना ऐक आम बात हो गयी है । वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी की मिली भगत से यह हरे भरे पैडो का कटान जहा पर जारी है वही यह आरा मशीनें भी सब लेन देन कर चलवाया जा रही है ।जहां करोना काल मे ऑक्सीजन कम होने की वजह से न जाने कितने मासूम नौजवानो तथा महिलाओं पुरुषो ने अपनी मोत को गले लगाया था । ओर ऑक्सीजन की कमी पूरी नही हो सकी थी ।
जिसके चलते भारत व राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष देश व राज्य की जनता को जीवित रखने के लिए करोड़ो अरबो रूपये खर्च कर पैड लगाने का कार्य कराया जाता है । लेकिन अफसोस यह है कि क्या सरकार से बडे व लम्बे इन दंबगो व वन विभाग के अधिकारियो के हाथ हो गये है जो सरकार के आदेशो को ठेंगा दिखा कर हरे भरे पैडो का कटान करा कर आरा मशीनो को चलाने की अनुमति दे रहे है । क्या इस खेल का वन विभाग के डी एफ ओ नही मालूम है कि उनके क्षेत्र मे चल रहा है । ऐक ओर सरकार का नारा सुनाई देता है कि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ वही वन विभाग व दंबगो का नारा है कि पेड काटो खूब कमाओ । जबकि पेड भी सजीव होते है मनुष्य की तरह पेड भी सजीव होते है उसके बावजूद भी पेडों को काटने मे कोई कमी पेशी नही छोडी जाती ।जबकि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ का नारा देने वाली सरकार इन पेडों के रख रखाव के लिऐ मोटी धन राशि उपलब्ध कराती है लेकिन न जाने कोन इस मोटी धन राशी को
डकार जाता है जिसका कोई हिसाब भी सामने नही आता । यह भी एक सवाल खडा करने वाली बात है । कस्बे के बंजारा बस्ती मे ऐक आरा मशीन बहुत ही चर्चा का विषय बनी हुई है ।जो अवैध रूप से रात्री के समय चलती नजर आती है न कि दिन मे यह आरा मशीन रात को इसलिए चलाया जाती है कि इस पर सभी अवैध पैडो का चिरान भलि भांति किया जाता है । क्योकि रात्री के समय कोई दिक्कत सामने नही आती ओर दंबगो की दंबता व वन विभाग के अधिकारियो की जेब भरने मे कोई परेशानी भी रात्री के समय नही आती ।सूत्र तो यह बताते है कि यह आरा मशीन लम्बे समय यानी कई वर्षो से चलती रहती है लेकिन वन विभाग ने आज तक यह मामला गम्भीरता से नही लिया क्योकि अगर वन विभाग मामला गम्भीरता से ले लेगा तो फिर जेब कोन भरेगा यह भी ऐक बडा सवाल जनता के मुह से सुनाई देता है । क्या वन विभाग इस ओर ध्यान देकर इन अवैध आरा मशीनो पर अंकुश लगा पायेगा या नही यह तो आने वाला समय ही तय कर पायेगा
- बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। वन विभाग की मिली भगत से चलती है यह आरामशीने बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्री के आदेशो को ठेंगा। आखिर किस दंबग की सब पर काटे जा रहे हरे भरे पेड। कस्बे के अलग अलग स्थान पर चलती है अवैध आरा मशीन । खादी से लेकर खाकी तक का है आशिर्वाद सूत्र क्या वन विभाग कार्यवाही कर अवैध आरा मशीन बंद करा पायेगा ? जहा हर वर्ष सरकार पेड लगाने मे करोड़ो अरबो खर्च करती है वही ।दंबगो की दंबता से क्षेत्र मे सरकार के आदेशो का उलटा पुलटा कर हरे भरे छाया व फलदार पेडों का कटान होना ऐक आम बात हो गयी है । वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी की मिली भगत से यह हरे भरे पैडो का कटान जहा पर जारी है वही यह आरा मशीनें भी सब लेन देन कर चलवाया जा रही है ।जहां करोना काल मे ऑक्सीजन कम होने की वजह से न जाने कितने मासूम नौजवानो तथा महिलाओं पुरुषो ने अपनी मोत को गले लगाया था । ओर ऑक्सीजन की कमी पूरी नही हो सकी थी । जिसके चलते भारत व राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष देश व राज्य की जनता को जीवित रखने के लिए करोड़ो अरबो रूपये खर्च कर पैड लगाने का कार्य कराया जाता है । लेकिन अफसोस यह है कि क्या सरकार से बडे व लम्बे इन दंबगो व वन विभाग के अधिकारियो के हाथ हो गये है जो सरकार के आदेशो को ठेंगा दिखा कर हरे भरे पैडो का कटान करा कर आरा मशीनो को चलाने की अनुमति दे रहे है । क्या इस खेल का वन विभाग के डी एफ ओ नही मालूम है कि उनके क्षेत्र मे चल रहा है । ऐक ओर सरकार का नारा सुनाई देता है कि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ वही वन विभाग व दंबगो का नारा है कि पेड काटो खूब कमाओ । जबकि पेड भी सजीव होते है मनुष्य की तरह पेड भी सजीव होते है उसके बावजूद भी पेडों को काटने मे कोई कमी पेशी नही छोडी जाती ।जबकि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ का नारा देने वाली सरकार इन पेडों के रख रखाव के लिऐ मोटी धन राशि उपलब्ध कराती है लेकिन न जाने कोन इस मोटी धन राशी को डकार जाता है जिसका कोई हिसाब भी सामने नही आता । यह भी एक सवाल खडा करने वाली बात है । कस्बे के बंजारा बस्ती मे ऐक आरा मशीन बहुत ही चर्चा का विषय बनी हुई है ।जो अवैध रूप से रात्री के समय चलती नजर आती है न कि दिन मे यह आरा मशीन रात को इसलिए चलाया जाती है कि इस पर सभी अवैध पैडो का चिरान भलि भांति किया जाता है । क्योकि रात्री के समय कोई दिक्कत सामने नही आती ओर दंबगो की दंबता व वन विभाग के अधिकारियो की जेब भरने मे कोई परेशानी भी रात्री के समय नही आती ।सूत्र तो यह बताते है कि यह आरा मशीन लम्बे समय यानी कई वर्षो से चलती रहती है लेकिन वन विभाग ने आज तक यह मामला गम्भीरता से नही लिया क्योकि अगर वन विभाग मामला गम्भीरता से ले लेगा तो फिर जेब कोन भरेगा यह भी ऐक बडा सवाल जनता के मुह से सुनाई देता है । क्या वन विभाग इस ओर ध्यान देकर इन अवैध आरा मशीनो पर अंकुश लगा पायेगा या नही यह तो आने वाला समय ही तय कर पायेगा3
- शामली(थानाभवन)। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी गिरफ्तार। शामली जनपद के थानाभवन में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में थानाभवन पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने थाना थानाभवन में तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बहन को चाँद पुत्र तहसीन, निवासी मोहल्ला सफीपुर पट्टी, कस्बा एवं थाना बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर, बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना थानाभवन में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह ने प्रभारी निरीक्षक थाना थानाभवन को आरोपी की गिरफ्तारी और किशोरी की सकुशल बरामदगी के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। इसी क्रम में महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी थानाभवन के नेतृत्व में थाना थानाभवन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी चाँद पुत्र तहसीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- शामली पुलिस ने अवैध हथियारों से जुड़े दो तस्करों को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं।1
- किसी का डेरा नहीं बंद करा सकते, धर्मेंद्र हुड्डा ने किए हाथ खड़े किसी का डेरा नहीं बंद करा सकते, धर्मेंद्र हुड्डा ने किए हाथ खड़े1
- शामली: कैराना मे ट्रांसफार्मर मे लगी आग,आग ने किया विकराल रूप, कड़ी मस्क़त के बाद आग पर काबू पाया।1
- Last Stage रोगी जरुर मिले | कैस@र का ई#लाज मिल गया | #tranding #viralpost2024 #reportervlog #BreakingNews Last Stage रोगी जरुर मिले | कैस@र का ई#लाज मिल गया | #tranding #viralpost2024 #reportervlog #BreakingNews1
- फैजुल्लापुर में 100 केवी ट्रांसफार्मर जमीन पर, 13 ट्यूबवेल बंद: किसानो ने सुरक्षित स्थान पर लगाने की मांग की, सिंचाई बाधित बागपत के फैजुल्लापुर गांव में ग्रामीणो ने जमीन पर रखे 100 केवी क्षमता के विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणो ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणो का कहना है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय से जमीन पर है और इसके जर्जर जॉइंट के कारण इसे ऊंचाई पर स्थापित नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि ट्रांसफार्मर के आसपास खुले में विद्युत व्यवस्था होने से चोरी का खतरा बना हुआ है। यदी ट्रांसफार्मर चोरी हो जाता है, तो विद्युत विभाग को आर्थिक नुकसान होगा और किसानों को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणो के अनुसार, ट्रांसफार्मर के तीनों ओर से लगभग 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइने गुजर रही हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानो के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ गया है। इसके अतिरिक्त, इसी ट्रांसफार्मर से जुड़े लगभग 13 ट्यूबवेल बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद पड़े हैं। वर्तमान मे धान की फसल को सिंचाई की अत्यधिक आवश्यकता है। बिजली आपूर्ति सुचारु न होने के कारण किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणो ने मौके का निरीक्षण कर ट्रांसफार्मर को जमीन से हटाकर सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनो की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 13 ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की भी मांग की है, ताकि किसानो की फसल को नुकसान से बचाया जा सके। विद्युत विभाग के कर्मचारियो ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है।1
- शामली(झिंझाना)। झिंझाना पुलिस ने अवैध हथियार व कारतूस के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार। शामली जनपद में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना झिंझाना पुलिस ने एक आरोपी को अवैध हथियार व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह के आदेश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान थाना झिंझाना पुलिस ने रामसेवक पुत्र बीदल निवासी ग्राम खानपुर कला, थाना झिंझाना, जनपद शामली को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध पौना 12 बोर तथा एक जिंदा कारतूस 12 बोर बरामद किया गया। पुलिस ने हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ थाना झिंझाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1