फैजुल्लापुर में 100 केवी ट्रांसफार्मर जमीन पर, 13 ट्यूबवेल बंद: किसानो ने सुरक्षित स्थान पर लगाने की मांग की, सिंचाई बाधित बागपत के फैजुल्लापुर गांव में ग्रामीणो ने जमीन पर रखे 100 केवी क्षमता के विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणो ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणो का कहना है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय से जमीन पर है और इसके जर्जर जॉइंट के कारण इसे ऊंचाई पर स्थापित नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि ट्रांसफार्मर के आसपास खुले में विद्युत व्यवस्था होने से चोरी का खतरा बना हुआ है। यदी ट्रांसफार्मर चोरी हो जाता है, तो विद्युत विभाग को आर्थिक नुकसान होगा और किसानों को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणो के अनुसार, ट्रांसफार्मर के तीनों ओर से लगभग 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइने गुजर रही हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानो के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ गया है। इसके अतिरिक्त, इसी ट्रांसफार्मर से जुड़े लगभग 13 ट्यूबवेल बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद पड़े हैं। वर्तमान मे धान की फसल को सिंचाई की अत्यधिक आवश्यकता है। बिजली आपूर्ति सुचारु न होने के कारण किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणो ने मौके का निरीक्षण कर ट्रांसफार्मर को जमीन से हटाकर सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनो की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 13 ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की भी मांग की है, ताकि किसानो की फसल को नुकसान से बचाया जा सके। विद्युत विभाग के कर्मचारियो ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है।
फैजुल्लापुर में 100 केवी ट्रांसफार्मर जमीन पर, 13 ट्यूबवेल बंद: किसानो ने सुरक्षित स्थान पर लगाने की मांग की, सिंचाई बाधित बागपत के फैजुल्लापुर गांव में ग्रामीणो ने जमीन पर रखे 100 केवी क्षमता के विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणो ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणो का कहना है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय से जमीन पर है और इसके जर्जर जॉइंट के कारण इसे ऊंचाई पर स्थापित नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि ट्रांसफार्मर के आसपास खुले में विद्युत व्यवस्था होने से चोरी का खतरा बना हुआ है। यदी ट्रांसफार्मर चोरी हो जाता है, तो विद्युत विभाग को आर्थिक नुकसान होगा और किसानों को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणो के अनुसार, ट्रांसफार्मर के तीनों ओर से लगभग 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइने गुजर रही हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानो के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ गया है। इसके अतिरिक्त, इसी ट्रांसफार्मर से जुड़े लगभग 13 ट्यूबवेल बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद पड़े हैं। वर्तमान मे धान की फसल को सिंचाई की अत्यधिक आवश्यकता है। बिजली आपूर्ति सुचारु न होने के कारण किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणो ने मौके का निरीक्षण कर ट्रांसफार्मर को जमीन से हटाकर सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनो की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 13 ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की भी मांग की है, ताकि किसानो की फसल को नुकसान से बचाया जा सके। विद्युत विभाग के कर्मचारियो ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है।
- फैजुल्लापुर में 100 केवी ट्रांसफार्मर जमीन पर, 13 ट्यूबवेल बंद: किसानो ने सुरक्षित स्थान पर लगाने की मांग की, सिंचाई बाधित बागपत के फैजुल्लापुर गांव में ग्रामीणो ने जमीन पर रखे 100 केवी क्षमता के विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणो ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणो का कहना है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय से जमीन पर है और इसके जर्जर जॉइंट के कारण इसे ऊंचाई पर स्थापित नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि ट्रांसफार्मर के आसपास खुले में विद्युत व्यवस्था होने से चोरी का खतरा बना हुआ है। यदी ट्रांसफार्मर चोरी हो जाता है, तो विद्युत विभाग को आर्थिक नुकसान होगा और किसानों को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणो के अनुसार, ट्रांसफार्मर के तीनों ओर से लगभग 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइने गुजर रही हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानो के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ गया है। इसके अतिरिक्त, इसी ट्रांसफार्मर से जुड़े लगभग 13 ट्यूबवेल बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद पड़े हैं। वर्तमान मे धान की फसल को सिंचाई की अत्यधिक आवश्यकता है। बिजली आपूर्ति सुचारु न होने के कारण किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणो ने मौके का निरीक्षण कर ट्रांसफार्मर को जमीन से हटाकर सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनो की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 13 ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की भी मांग की है, ताकि किसानो की फसल को नुकसान से बचाया जा सके। विद्युत विभाग के कर्मचारियो ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है।1
- बागपत किसान दिवस में हंगामा, किसान दिवस में सर्पदंश मरीजों के इलाज का मुद्दा भी उठा BAGHPAT DESK : बागपत के विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान भारतीय किसान संघ और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा और कहासुनी हो गई। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। सीट से उठकर अधिकारियों के पास पहुंचने पर हुआ विवाद किसान दिवस के दौरान भारतीय किसान संघ के कुछ कार्यकर्ता अपनी कुर्सियों से उठकर अधिकारियों के पास पहुंच गए। इस पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें सीट पर बैठकर ही अपनी समस्या रखने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। अपनी समस्या पहले रखने को लेकर भी किसानों के बीच नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। लंपी वायरस का टीका और फसल मुआवजे की मांग बैठक में किसानों ने पशुओं को लंपी वायरस से बचाव का टीका लगाने और हिंडन नदी से प्रभावित किसानों को फसल का मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने क्षेत्र की अन्य समस्याओं से भी अधिकारियों को अवगत कराया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने बैठक में नगर पालिका के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर नाराजगी जताई। किसानों ने सर्पदंश के मरीजों को जिला अस्पताल में समुचित उपचार नहीं मिलने और उन्हें मेरठ रेफर किए जाने की शिकायत भी की। अधूरे नाले और खराब सड़क का मुद्दा उठा किसानों ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में विकास कार्य और साफ-सफाई प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया। ईदगाह रोड पर अधूरे नाला निर्माण के कारण जलभराव और गंदगी की समस्या बताई गई। इसके अलावा खतौनियों में अंश संशोधन से जुड़े विवाद और टटीरी बाईपास से मेरठ रोड तक बनी सड़क के करीब एक महीने में खराब होने की शिकायत की गई। किसानों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीडीओ ने समाधान का दिया आश्वासन मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार ने किसानों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।1
- Sonipat News: मोमोज की लाल चटनी का तीखा स्वाद कहीं आपकी सेहत पर भारी मोमोज की लाल चटनी का तीखा स्वाद कहीं आपकी सेहत पर भारी तो नहीं पड़ रहा? कानपुर में 115 किलो चटनी नष्ट होने के बाद उठे सवाल... जानिए क्या है इस लाल चटनी का सच1
- शामली(थानाभवन)। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी गिरफ्तार। शामली जनपद के थानाभवन में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में थानाभवन पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने थाना थानाभवन में तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग बहन को चाँद पुत्र तहसीन, निवासी मोहल्ला सफीपुर पट्टी, कस्बा एवं थाना बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर, बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना थानाभवन में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह ने प्रभारी निरीक्षक थाना थानाभवन को आरोपी की गिरफ्तारी और किशोरी की सकुशल बरामदगी के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। इसी क्रम में महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी थानाभवन के नेतृत्व में थाना थानाभवन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी चाँद पुत्र तहसीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- दिल्ली: कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने CWC की बैठक के बाद कहा, "विस्तार से चर्चा हुई है। हमें मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मार्गदर्शन मिला। दिल्ली: कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने CWC की बैठक के बाद कहा, "विस्तार से चर्चा हुई है। हमें मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मार्गदर्शन मिला। लोगों ने अपने विचार रखे। जो कुछ भी हुआ है, चाहे वह छात्रों के साथ हुआ हो, NEET परीक्षा हो, 'छात्रों की गूंज' हो, ऐसी कई बातें हैं। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का जिस प्रकार से अपमान किया गया, इस सरकार और भाजपा को शर्म आनी चाहिए और उन्हें माफी मांगनी चाहिए..."1
- जनसेवा का संकल्प, पारदर्शिता का विस्तार, प्रतिभाओं का सम्मान यही तो है नए उत्तर प्रदेश की नई पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सेवा, सुशासन और युवा सशक्तीकरण की नई मिसाल स्थापित कर रहा है।1
- बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। वन विभाग की मिली भगत से चलती है यह आरामशीने बिना लायसेंस सेटिंग के खेल से चल रही आरा मशीनें। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्री के आदेशो को ठेंगा। आखिर किस दंबग की सब पर काटे जा रहे हरे भरे पेड। कस्बे के अलग अलग स्थान पर चलती है अवैध आरा मशीन । खादी से लेकर खाकी तक का है आशिर्वाद सूत्र क्या वन विभाग कार्यवाही कर अवैध आरा मशीन बंद करा पायेगा ? जहा हर वर्ष सरकार पेड लगाने मे करोड़ो अरबो खर्च करती है वही ।दंबगो की दंबता से क्षेत्र मे सरकार के आदेशो का उलटा पुलटा कर हरे भरे छाया व फलदार पेडों का कटान होना ऐक आम बात हो गयी है । वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी की मिली भगत से यह हरे भरे पैडो का कटान जहा पर जारी है वही यह आरा मशीनें भी सब लेन देन कर चलवाया जा रही है ।जहां करोना काल मे ऑक्सीजन कम होने की वजह से न जाने कितने मासूम नौजवानो तथा महिलाओं पुरुषो ने अपनी मोत को गले लगाया था । ओर ऑक्सीजन की कमी पूरी नही हो सकी थी । जिसके चलते भारत व राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष देश व राज्य की जनता को जीवित रखने के लिए करोड़ो अरबो रूपये खर्च कर पैड लगाने का कार्य कराया जाता है । लेकिन अफसोस यह है कि क्या सरकार से बडे व लम्बे इन दंबगो व वन विभाग के अधिकारियो के हाथ हो गये है जो सरकार के आदेशो को ठेंगा दिखा कर हरे भरे पैडो का कटान करा कर आरा मशीनो को चलाने की अनुमति दे रहे है । क्या इस खेल का वन विभाग के डी एफ ओ नही मालूम है कि उनके क्षेत्र मे चल रहा है । ऐक ओर सरकार का नारा सुनाई देता है कि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ वही वन विभाग व दंबगो का नारा है कि पेड काटो खूब कमाओ । जबकि पेड भी सजीव होते है मनुष्य की तरह पेड भी सजीव होते है उसके बावजूद भी पेडों को काटने मे कोई कमी पेशी नही छोडी जाती ।जबकि वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ का नारा देने वाली सरकार इन पेडों के रख रखाव के लिऐ मोटी धन राशि उपलब्ध कराती है लेकिन न जाने कोन इस मोटी धन राशी को डकार जाता है जिसका कोई हिसाब भी सामने नही आता । यह भी एक सवाल खडा करने वाली बात है । कस्बे के बंजारा बस्ती मे ऐक आरा मशीन बहुत ही चर्चा का विषय बनी हुई है ।जो अवैध रूप से रात्री के समय चलती नजर आती है न कि दिन मे यह आरा मशीन रात को इसलिए चलाया जाती है कि इस पर सभी अवैध पैडो का चिरान भलि भांति किया जाता है । क्योकि रात्री के समय कोई दिक्कत सामने नही आती ओर दंबगो की दंबता व वन विभाग के अधिकारियो की जेब भरने मे कोई परेशानी भी रात्री के समय नही आती ।सूत्र तो यह बताते है कि यह आरा मशीन लम्बे समय यानी कई वर्षो से चलती रहती है लेकिन वन विभाग ने आज तक यह मामला गम्भीरता से नही लिया क्योकि अगर वन विभाग मामला गम्भीरता से ले लेगा तो फिर जेब कोन भरेगा यह भी ऐक बडा सवाल जनता के मुह से सुनाई देता है । क्या वन विभाग इस ओर ध्यान देकर इन अवैध आरा मशीनो पर अंकुश लगा पायेगा या नही यह तो आने वाला समय ही तय कर पायेगा3
- आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की रेड: 10 ठिकानो पर टीम पहुंची, अखिलेश बोले- भ्रष्टाचारियो पर छापा क्यो नहीं? रामपुर जेल मे बंद सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े 10 ठिकानो पर बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापा मारा। रामपुर में सुबह 7 बजे 6 गाड़ियो से 15 अफसरों की टीम यूनिवर्सिटी के अंदर दाखिल हुई। टीम दस्तावेज खंगाल रही है। बाहर 100 से ज्यादा पुलिसवाले तैनात हैं। इस बीच यूनिवर्सिटी में क्लासेज भी चलीं। रामपुर के अलावा सहारनपुर और दिल्ली मे भी रेड चल रही है। इनमें सहारनपुर के CA दीपक गुप्ता का ऑफिस और घर भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, ED प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसियो के मुताबिक, सरकारी ठेकों से मिले पैसों को कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट तक पहुंचाया गया। आरोप है कि इन पैसो का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की संपत्तिया बनाने और दूसरे कामो में किया गया। अब यह पता लगाया जा रहा कि सरकारी ठेकों का पैसा किन लोगों और कंपनियो के जरिए ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंचा। पिछले कुछ दिनो 8से जौहर यूनिवर्सिटी सुर्खियो में है। 15 जुलाई को रामपुर डीएम ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को ढहाने का आदेश दिया था। कहा था- यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना नक्शा पास कराए इमारतों का निर्माण कराया। हालांकि, मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह के कोर्ट ने रामपुर डीएम के आदेश पर रोक लगा दी थी। मामला फिलहाल कोर्ट मे है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने छापेमारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण, एक्सप्रेसवे, पुल, सड़क, टंकी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओ में कथित भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे गिनाए और सरकार से सवाल किया कि इन मामलो में ED की कार्रवाई क्यों नही होती।1