मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति और विधि-व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने इस दौरान सभी समुदायों से आपसी एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की और जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन करने तथा अनुशासन व आत्मसंयम बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था कायम रखना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें आम जनता पुलिस व प्रशासनिक तंत्र का पूरा सहयोग करे। बैठक में उपायुक्त ने कटकमसांडी के छड़वा डैम में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले सहित जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा और मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने और जिला नियंत्रण कक्ष के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा। त्योहार के दौरान हुड़दंग मचाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के गठन का निर्देश भी दिया गया है। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो, शॉर्ट्स या भ्रामक फोटो साझा करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही त्योहार के दौरान प्री-रिकॉर्डेड भड़काऊ गीतों और डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट या फॉरवर्ड न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर पैनी नजर रखने के लिए जिले के साइबर थाना को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। एसपी ने सभी अखाड़ाधारियों और कमेटियों से निर्धारित रूट और तय समय सीमा के भीतर ही जुलूस निकालने का आग्रह किया। उन्होंने मातहत पुलिस अफसरों को संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) के साथ मिलकर जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए। पीसीआर वाहनों को जीवन रक्षक और सुरक्षा उपकरणों से लैस रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले संदिग्धों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 107 और 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त और एसपी ने शांति समिति सदस्यों द्वारा उठाए गए जुलूस मार्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। विद्युत विभाग को सभी जुलूस मार्गों से गुजरने वाले झूलते और जर्जर बिजली तारों को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम और पेयजल स्वच्छता प्रमंडल को सभी रूटों पर टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन को प्रमुख और संवेदनशील जगहों पर डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाओं और एम्बुलेंस के साथ मेडिकल कैंप स्थापित करने का निर्देश मिला है। आम जनता की सहूलियत के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं: जिला नियंत्रण कक्ष के लिए 8002529348 या 8002529349, और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत के लिए साइबर सेल का हेल्पलाइन नंबर 9430165939। बैठक में सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, बरही एसडीओ जोहन टुडू सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति और विधि-व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने इस दौरान सभी समुदायों से आपसी एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की और जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन करने तथा अनुशासन व आत्मसंयम बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था कायम रखना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें आम जनता पुलिस व प्रशासनिक तंत्र का पूरा सहयोग करे। बैठक में उपायुक्त ने कटकमसांडी के छड़वा डैम में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले सहित जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा और मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने और जिला नियंत्रण कक्ष के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा। त्योहार के दौरान हुड़दंग मचाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के गठन का निर्देश भी दिया गया है। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो, शॉर्ट्स या भ्रामक फोटो साझा करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही त्योहार के दौरान प्री-रिकॉर्डेड भड़काऊ गीतों और डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट या फॉरवर्ड न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर पैनी नजर रखने के लिए जिले के साइबर थाना को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। एसपी ने सभी अखाड़ाधारियों और कमेटियों से निर्धारित रूट और तय समय सीमा के भीतर ही जुलूस निकालने का आग्रह किया। उन्होंने मातहत पुलिस अफसरों को संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) के साथ मिलकर जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए। पीसीआर वाहनों को जीवन रक्षक और सुरक्षा उपकरणों से लैस रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले संदिग्धों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 107 और 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त और एसपी ने शांति समिति सदस्यों द्वारा उठाए गए जुलूस मार्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। विद्युत विभाग को सभी जुलूस मार्गों से गुजरने वाले झूलते और जर्जर बिजली तारों को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम और पेयजल स्वच्छता प्रमंडल को सभी रूटों पर टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन को प्रमुख और संवेदनशील जगहों पर डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाओं और एम्बुलेंस के साथ मेडिकल कैंप स्थापित करने का निर्देश मिला है। आम जनता की सहूलियत के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं: जिला नियंत्रण कक्ष के लिए 8002529348 या 8002529349, और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत के लिए साइबर सेल का हेल्पलाइन नंबर 9430165939। बैठक में सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, बरही एसडीओ जोहन टुडू सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।
- मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति और विधि-व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने इस दौरान सभी समुदायों से आपसी एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की और जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन करने तथा अनुशासन व आत्मसंयम बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था कायम रखना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें आम जनता पुलिस व प्रशासनिक तंत्र का पूरा सहयोग करे। बैठक में उपायुक्त ने कटकमसांडी के छड़वा डैम में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले सहित जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा और मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने और जिला नियंत्रण कक्ष के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा। त्योहार के दौरान हुड़दंग मचाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के गठन का निर्देश भी दिया गया है। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो, शॉर्ट्स या भ्रामक फोटो साझा करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही त्योहार के दौरान प्री-रिकॉर्डेड भड़काऊ गीतों और डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट या फॉरवर्ड न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर पैनी नजर रखने के लिए जिले के साइबर थाना को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। एसपी ने सभी अखाड़ाधारियों और कमेटियों से निर्धारित रूट और तय समय सीमा के भीतर ही जुलूस निकालने का आग्रह किया। उन्होंने मातहत पुलिस अफसरों को संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) के साथ मिलकर जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए। पीसीआर वाहनों को जीवन रक्षक और सुरक्षा उपकरणों से लैस रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले संदिग्धों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 107 और 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त और एसपी ने शांति समिति सदस्यों द्वारा उठाए गए जुलूस मार्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। विद्युत विभाग को सभी जुलूस मार्गों से गुजरने वाले झूलते और जर्जर बिजली तारों को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम और पेयजल स्वच्छता प्रमंडल को सभी रूटों पर टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन को प्रमुख और संवेदनशील जगहों पर डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाओं और एम्बुलेंस के साथ मेडिकल कैंप स्थापित करने का निर्देश मिला है। आम जनता की सहूलियत के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं: जिला नियंत्रण कक्ष के लिए 8002529348 या 8002529349, और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत के लिए साइबर सेल का हेल्पलाइन नंबर 9430165939। बैठक में सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, बरही एसडीओ जोहन टुडू सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।1
- झारखंड के सरुखुदार गाँव में स्थानीय जनता ने मुखिया जी के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। यह विरोध गाँव की जर्जर सड़क को लेकर है, जिससे नाराज होकर लोगों ने मुखिया जी को सीधा अल्टीमेटम दिया है। जनता ने 'अबकी बार, मुखिया जी बाहर!' के नारे लगाए, साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि 'रोड नहीं तो वोट नहीं!'। इस जनाक्रोश के चलते मुखिया जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- मोहर्रम की आठवीं तारीख को कटकम सांडी (हजारीबाग) में छड़वा मोहर्रम मेला शुरू हुआ, जिसमें तेरह गावों का एक भव्य जुलूस अपने आकाश छूते निशानों के साथ छड़वा मोहर्रम मैदान पहुँचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने पारंपरिक औजारों का उपयोग कर खेल का अद्भुत प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। बुधवार को खुटरा, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर वन, गदोखर टु, पबरा, लुपूंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु और नवादा गांव के जुलूस अपने आखड़ों के साथ दोपहर 12 बजे छड़वा मैदान में प्रवेश किया। इस विशाल आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और छड़वा मोहर्रम कमिटी के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, और पेलावल ओपी के थाना प्रभारी बिट्टू रजक ने मौके पर पहुँचकर मेले का जायजा लिया। इस अवसर पर छड़वा मोहर्रम कमिटी के नवनियुक्त अध्यक्ष नौशाद खान उर्फ डिस्को, उपाध्यक्ष बाबर अंसारी, सचिव कमालउद्दीन इराकी, अजमल अंसारी, कोषाध्यक्ष शेख इंत्तेफाक, प्रवक्ता निसार खान, संरक्षक अनवारूल हक, अंतू साव, मिस्बाहुल हक, साजिद अली खान, मोहम्मद रब्बानी, सहित मोहम्मद सिराजुद्दीन, कलाम अंसारी, असलम खान जैसे आखाड़ाधारी और राजा मोहम्मद, फिरोज खान, महबूब अंसारी, जमशेद खान, महमूद अंसारी सहित सैकड़ों गण्यमान्य समाजसेवी और लोग उपस्थित थे।4
- हजारीबाग पुलिस ने मोहर्रम के त्योहार से पहले एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने हजारों लीटर जावा महुआ नष्ट किया। यह अभियान हजारीबाग जिले में संपन्न हुआ।1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत पेलावल गांव में सातवीं मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। इस दौरान गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। पेलावल गांव पूरे जिले में मोहर्रम पर निकलने वाले अपने विशाल जुलूस के लिए विशेष पहचान रखता है। हाल ही में गठित पेलावल मोहर्रम कमेटी के सदर हैदर अली के नेतृत्व में पारंपरिक पगड़ीपोशी रस्म और अखाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव के गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक पदाधिकारियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें मोहर्रम आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। इस कार्यक्रम में पेलावल थाना प्रभारी बिट्टू रजक, पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मिसबाहुल इस्लाम, कटकमसांडी पूर्वी जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मनीष ठाकुर, प्रेम कुमार, मुनीश ठाकुर, कुंदन पाठक, कब्रिस्तान कमेटी के सदर मोहम्मद मुमताज, पेलावल दक्षिणी पंचायत समिति सदस्य सलाउद्दीन उर्फ बबलू, मोहम्मद रमजान, महमूद, मोहम्मद असलम, मोहम्मद फरीद, मंजर, शमीम, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद नवाब, मोहम्मद कैयूम, मोहम्मद मासूम, मोहम्मद शाहिद, एजाज अहमद, इमरान खान और मोहम्मद रेहान, मोहम्मद अकबर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पगड़ीपोशी के उपरांत सभी सम्मानित अतिथि और ग्रामीण जुलूस में शामिल हुए। मोहर्रम जुलूस के दौरान पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के खेल और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि पेलावल गांव का यह जुलूस हजारीबाग जिले में अपनी विशाल भागीदारी और अनुशासित आयोजन के लिए विशेष पहचान रखता है, जिसके मद्देनजर व्यापक तैयारियां की गई थीं। इस आयोजन ने एक बार फिर धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया, जो क्षेत्र की साझा संस्कृति और परंपरा को मजबूती प्रदान करता है।4
- बगोदर के अटका स्थित प्रसिद्ध लच्छीबागी छठ घाट पर पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार को इसका शिलान्यास किया गया। जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस कार्य का शिलान्यास किया। यह योजना छठव्रतियों की एक लंबे समय से चली आ रही मांग पर मंजूर की गई है, जिससे उन्हें और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। लच्छीबागी क्षेत्र का एक प्रमुख छठ घाट माना जाता है, जहाँ छठ पर्व और बड़का पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस पुलिया के निर्माण से छठव्रतियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों के आवागमन में सहूलियत होगी। जिप सदस्य ने कार्यकारी संवेदक से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस अवसर पर मुखिया संतोष कुमार ने इस पहल को जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। इस दौरान कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- कोडरमा के चाराडीह स्थित बीआर इंटरनेशनल स्कूल ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत विभिन्न पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरनानगर पंचायत के लोचनपुर गांव, छतरबर पंचायत और करमा पंचायत के झंडा चौक में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक और प्रेरक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसानों को दर्शाया गया, जिसने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें सोचने पर मजबूर किया। इस पहल में विद्यालय के निदेशक ओपी राय, प्रशासक सुनील कुमार, शिक्षक विकास कुमार, तथा शिक्षिकाएं लक्ष्मी कुमारी, इंद्रमणि कुमारी और रिया बॉस ने सक्रिय भूमिका निभाई। निदेशक ओपी राय ने जोर देकर कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और नशा उनके भविष्य को अंधकारमय बना सकता है। प्रशासक सुनील कुमार ने शिक्षा और जागरूकता को नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताया। कार्यक्रम में उपस्थित पंचायत मुखिया अनीता देवी, अन्य जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना की, इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- हजारीबाग नगर निगम शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं, निर्बाध जलापूर्ति और मुकम्मल स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गया है। छड़वा डैम के विस्तृत निरीक्षण के तुरंत बाद, महापौर अरविंद कुमार राणा और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न वार्डों, कचरा उठाव केंद्रों और जलापूर्ति से जुड़े प्रमुख स्थलों का सघन औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर मौजूद खामियों का जायजा लिया और व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के लिए मातहत अधिकारियों व कर्मचारियों को कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। निरीक्षण में शहर के जलापूर्ति तंत्र पर विशेष रूप से मंथन किया गया, जहाँ नगर निगम आयुक्त ने गर्मी और जनआकांक्षाओं को देखते हुए हर नागरिक को नियमित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने पूरे वाटर सप्लाई सिस्टम की चौबीसों घंटे कड़ाई से निगरानी के निर्देश दिए और बताया कि छड़वा डैम के गेटों की मरम्मत तथा पानी की राह में आ रही सभी तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और भविष्य में शहर को पानी की कमी से बचाना है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'अमृत योजना' के तहत संचालित वृहत जलापूर्ति परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा भी की जा रही है, ताकि हजारीबाग के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँच सके। अधिकारियों ने डैम के निरीक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था का भी बारीकी से जायजा लिया। महापौर अरविंद कुमार राणा और नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और उसके वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी वार्डों में बिना किसी लापरवाही के नियमित सफाई अभियान चलाने का अल्टीमेटम देते हुए सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी मुख्य सड़क, चौक-चौराहों या रिहायशी कॉलोनियों में कचरे का अंबार मिला, तो संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने यह भी संदेश दिया है कि आने वाले दिनों में जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने और शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाए रखने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण और कड़े निगरानी अभियान लगातार और पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहेंगे।1